बेसिक समझ – Orthographic Projection क्या है?
किसी 3D ऑब्जेक्ट (त्रिआयामी वस्तु) को जब हम 2D (दो आयाम) में दिखाते हैं,
यानि उसकी लंबाई (Length), चौड़ाई (Width) और ऊँचाई (Height) को अलग-अलग दृश्यों (views) में दिखाते हैं,
तो उसे Orthographic Projection कहते हैं।
इसमें हम मुख्य रूप से 3 views बनाते हैं:
- Front View (सामने का दृश्य)
- Top View (ऊपर से दृश्य)
- Side View (बाएँ या दाएँ का दृश्य)
Principle Planes (मुख्य तल)

Orthographic projection में दो काल्पनिक plane माने जाते हैं:
- Vertical Plane (VP) → जिस पर Front View बनती है।
- Horizontal Plane (HP) → जिस पर Top View बनती है।
इन दोनों के बीच 90° का कोण होता है।
जब हम किसी ऑब्जेक्ट को इन planes के बीच रखते हैं, तो हमें अलग-अलग projection systems मिलते हैं।
Projection Systems के प्रकार

मुख्य रूप से दो प्रकार के projection systems उपयोग किए जाते हैं:
- First Angle Projection (प्रथम कोण प्रक्षेपण)
- Third Angle Projection (तृतीय कोण प्रक्षेपण)
(Second और Fourth angle theoretically exist करते हैं पर प्रैक्टिकल में इस्तेमाल नहीं होते।)
1st Angle Projection (प्रथम कोण प्रक्षेपण)
🔹 Concept:
इसमें object को First Quadrant में रखा जाता है,
यानि कि object Vertical Plane और Horizontal Plane दोनों के सामने और ऊपर होता है।
Observer → Object → Plane
मतलब: देखने वाले की नज़र और ड्रॉइंग शीट के बीच object होता है।
🔹 View Arrangement (दृश्यों की स्थिति):
| View Type | कहाँ बनेगा (Drawing Sheet पर) |
|---|---|
| Front View | Center में (Vertical Plane पर) |
| Top View | Front View के नीचे |
| Right Side View | Front View के बाएँ |
🔹 पहचान का Symbol:
पहचानने के लिए Truncated Cone Symbol (ISO Symbol) होता है —
इसमें बड़ा सर्कल बाएँ और छोटा सर्कल दाएँ होता है।
→ यह बताता है कि यह First Angle Projection है।
3rd Angle Projection (तृतीय कोण प्रक्षेपण)
🔹 Concept:
इसमें object को Third Quadrant में रखा जाता है,
यानि कि object Plane के पीछे और नीचे होता है।
Observer → Plane → Object
मतलब: देखने वाले की नज़र और ड्रॉइंग शीट के बीच plane होता है, और object उसके पीछे।
🔹 View Arrangement (दृश्यों की स्थिति):
| View Type | कहाँ बनेगा (Drawing Sheet पर) |
|---|---|
| Front View | Center में |
| Top View | Front View के ऊपर |
| Right Side View | Front View के दाएँ |
🔹 पहचान का Symbol:
उसी Truncated Cone Symbol में
→ बड़ा सर्कल दाएँ और छोटा सर्कल बाएँ होता है।
यह दर्शाता है कि यह Third Angle Projection है।
दोनों के बीच मुख्य अंतर (Difference Table)
| विशेषता | 1st Angle Projection | 3rd Angle Projection |
|---|---|---|
| Quadrant | First Quadrant | Third Quadrant |
| View की स्थिति | Top view नीचे बनती है | Top view ऊपर बनती है |
| Side view की स्थिति | Right view बाएँ बनती है | Right view दाएँ बनती है |
| Object और Plane का संबंध | Object Plane के सामने | Object Plane के पीछे |
| Rule Symbol | बड़ा सर्कल बाएँ | बड़ा सर्कल दाएँ |
| Common in | India, Europe (ISO standard) | USA, Canada (ANSI standard) |
| Drawing sheet में देखने का तरीका | View उलट दिशा में रखे जाते हैं | View उसी दिशा में रखे जाते हैं |
| Visualization | थोड़ा complex | आसान और intuitive |
How to Draw Step-by-Step (According to BIS/ISO Rule)
✳ Step 1: Draw Reference Line (XY Line)
Horizontal line बनाइए —
इसके ऊपर Front View और नीचे या ऊपर (projection system के अनुसार) Top View बनेगा।
✳ Step 2: Draw Front View
- ऑब्जेक्ट को सामने से देखें।
- इसकी ऊँचाई और चौड़ाई से Front View बनाइए।
✳ Step 3: Draw Top View
- ऊपर से देखकर projection नीचे (1st angle) या ऊपर (3rd angle) ड्रॉ करें।
- Projection lines (light thin lines) का उपयोग करें।
✳ Step 4: Draw Side View
- Front View से 45° की projector line खींचें।
- इससे Side View की ऊँचाई और चौड़ाई match करें।
- Side View 1st angle में बाएँ, और 3rd angle में दाएँ बनेगा।
✳ Step 5: Dimensioning
- Dimension lines parallel to view edges होनी चाहिए।
- Use ISO/BIS dimensioning standard (SP 46:2003).
✳ Step 6: Projection Symbol
- Right bottom corner में proper projection symbol डालें
(यह बताता है कि drawing 1st angle है या 3rd angle)।
Professional Tips
✅ Always write projection type on title block —
“Projection: First Angle” or “Projection: Third Angle”
✅ Projection lines thin और construction lines faint रखें।
✅ Visible edges dark lines (thick continuous) से बनाएं।
✅ Hidden edges dashed lines से बनाएं।
✅ Center lines chain-dash से बनाएं।
✅ Always use proper scaling and labeling.
आसान याद रखने का तरीका
- 1st Angle → Front के नीचे Top View
- 3rd Angle → Front के ऊपर Top View
- 1st Angle → Right View बाएँ
- 3rd Angle → Right View दाएँ
👉 बस इतना याद रखिए, तो कभी गलती नहीं होगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
| बिंदु | सारांश |
|---|---|
| Orthographic Projection | 3D ऑब्जेक्ट को 2D में दिखाने की तकनीक |
| 1st Angle Projection | ISO/BIS Standard (India/Europe में प्रचलित) |
| 3rd Angle Projection | ANSI Standard (USA/Canada में प्रचलित) |
| Difference | Top और Side views की स्थिति में अंतर |
| Drawing Rule | ISO Symbol, Reference Line, Dimensions के अनुसार |