विद्युत मोटरों की दुनिया में “रीपल्शन मोटर” एक ऐसा विशिष्ट और महत्वपूर्ण प्रकार की एसी मोटर है, जो विशेष रूप से उच्च प्रारंभिक टॉर्क (Starting Torque) प्रदान करने के लिए जानी जाती है। यह मोटर मुख्य रूप से परिवर्तनीय गति (Variable Speed) और नियंत्रित स्टार्टिंग स्थितियों में उपयोग की जाती है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि रीपल्शन मोटर क्या है, इसका कार्य सिद्धांत, इसके प्रकार, इसके भाग, उपयोग तथा इसके प्रमुख गुणधर्म क्या हैं।

- रीपल्शन मोटर क्या है और इसका कार्य सिद्धांत विस्तार से
- रीपल्शन मोटर के प्रकार, भाग तथा उपयोग की जानकारी
- रीपल्शन मोटर की परिभाषा (Definition of Repulsion Motor)
- रीपल्शन मोटर की संरचना (Construction of Repulsion Motor)
- रीपल्शन मोटर के भाग (Parts of Repulsion Motor)
- रीपल्शन इंडक्शन मोटर (Repulsion Induction Motor)
- रीपल्शन स्टार्ट इंडक्शन मोटर (Repulsion Start Induction Motor)
- रीपल्शन मोटर का कार्य सिद्धांत (Working Principle of Repulsion Motor)
- रीपल्शन मोटर के गुण (Characteristics of Repulsion Motor)
- रीपल्शन मोटर के उपयोग (Applications of Repulsion Motor)
- रीपल्शन मोटर से संबंधित 10 छोटे प्रश्न और उत्तर
रीपल्शन मोटर क्या है और इसका कार्य सिद्धांत विस्तार से
रीपल्शन मोटर एक ऐसी एक-फेज एसी मोटर है जिसमें प्रारंभिक टॉर्क उत्पन्न करने के लिए कम्यूटेटर और ब्रश का प्रयोग किया जाता है। यह मोटर विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांत पर कार्य करती है, लेकिन इसका बल उत्पन्न करने की प्रक्रिया अन्य सामान्य इंडक्शन मोटरों से थोड़ी भिन्न होती है। इसमें मुख्य रूप से पावर रोटर वाइंडिंग में प्रेरित धारा से उत्पन्न टॉर्क द्वारा प्राप्त किया जाता है।
इस मोटर में स्टेटर वाइंडिंग को एसी सप्लाई से जोड़ा जाता है, जबकि रोटर में कम्यूटेटर (Commutator) और ब्रश लगे होते हैं। जब स्टेटर वाइंडिंग में एसी धारा प्रवाहित होती है तो यह एक परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र (Alternating Magnetic Field) उत्पन्न करती है। यह क्षेत्र रोटर कंडक्टरों में प्रेरण के द्वारा धारा उत्पन्न करता है।
कार्य सिद्धांत के अनुसार, जब ब्रश को तटस्थ अक्ष (Neutral Axis) से कुछ हद तक विस्थापित किया जाता है, तब रोटर में ऐसी धारा प्रवाहित होती है जो स्टेटर के फ्लक्स के साथ परस्पर क्रिया करके घूमने वाला बल यानी टॉर्क उत्पन्न करती है। यही टॉर्क मोटर को चलाने में मदद करता है।
रीपल्शन मोटर के प्रकार, भाग तथा उपयोग की जानकारी
रीपल्शन मोटर के मुख्य प्रकार दो हैं—रीपल्शन इंडक्शन मोटर और रीपल्शन स्टार्ट इंडक्शन मोटर। दोनों में मूल सिद्धांत समान होता है, परंतु उनकी रचना और कार्यप्रणाली में थोड़े अंतर हैं। इन्हें मुख्य रूप से उन जगहों पर प्रयोग किया जाता है जहाँ उच्च प्रारंभिक टॉर्क की आवश्यकता होती है, जैसे कि कम्प्रेसर, पंखे, या घरेलू उपकरण।
इसके भागों में प्रमुखतः स्टेटर, रोटर, ब्रश, कम्यूटेटर, शाफ्ट और बेयरिंग शामिल होते हैं। स्टेटर का कार्य चुंबकीय क्षेत्र बनाना होता है, रोटर में प्रेरण धारा उत्पन्न होती है, और ब्रश- कम्यूटेटर संयोजन धारा की दिशा और परिमाण को नियंत्रित करता है।
इस मोटर के उपयोग के क्षेत्र बहुत व्यापक हैं। इसे मुख्यतः सिलाई की मशीनों, ब्लोअर, ग्राइंडर, लैथ मशीन तथा छोटे औद्योगिक सेटअपों में प्रयोग किया जाता है। इसका उच्च प्रारंभिक टॉर्क और समायोज्य गति नियंत्रण इसे विशेष बनाता है।
रीपल्शन मोटर की परिभाषा (Definition of Repulsion Motor)
रीपल्शन मोटर एक ऐसी एसी मोटर है जिसमें रोटर को डीसी मोटर की भाँति कम्यूटेटर और ब्रश से युक्त किया जाता है, जबकि स्टेटर में एसी सप्लाई दी जाती है। इसका टॉर्क विद्युत-चुंबकीय प्रेरण के आधार पर उत्पन्न होता है, जिसमें ब्रश की स्थिति टॉर्क की दिशा और परिमाण को निर्धारित करती है।
संक्षेप में, यह मोटर एसी की सहायता से चलने वाली कम्यूटेटर युक्त यूनिवर्सल मोटर का ही एक रूप है। इसमें कोई अतिरिक्त प्रारंभिक उपकरण की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि यह स्वयं उच्च टॉर्क उत्पन्न करने की क्षमता रखती है।
इस मोटर का नाम “Repulsion” इसलिए रखा गया क्योंकि रोटर और स्टेटर के बीच उत्पन्न विद्युत धारा के कारण एक प्रतिकर्षण बल (Repulsion Force) कार्य करता है जिससे रोटर घूमता है।
रीपल्शन मोटर की संरचना (Construction of Repulsion Motor)

रीपल्शन मोटर का निर्माण सामान्य इंडक्शन मोटर के समान होता है, बस इसमें रोटर की संरचना थोड़ी विशेष होती है। स्टेटर में सिंगल फेज सप्लाई वाइंडिंग लगाई जाती है, जो चुंबकीय फील्ड उत्पन्न करती है।
रोटर को लैमिनेशन शीट से बनाया जाता है जिससे एड्डी करेंट (Eddy Current) हानि कम हो। रोटर वाइंडिंग तथा कम्यूटेटर डीसी मशीन की तरह जुड़े होते हैं। ब्रश, कम्यूटेटर के संपर्क में रहते हुए धारा की दिशा को नियंत्रित करते हैं।
इसकी संरचना मजबूत और कॉम्पैक्ट होती है, जिससे यह छोटे आकार में भी उच्च टॉर्क प्रदान कर सके। अक्सर इस मोटर का फ्रेम कास्ट आयरन या स्टील शीट से निर्मित होता है।
रीपल्शन मोटर के भाग (Parts of Repulsion Motor)
रीपल्शन मोटर कई प्रमुख भागों से मिलकर बनती है, जिनमें प्रत्येक का अलग तकनीकी महत्व होता है:

- स्टेटर (Stator): यह बाहरी स्थिर भाग है जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
- रोटर (Rotor): यह घूमने वाला भाग है जिसमें प्रेरित धारा प्रवाहित होकर टॉर्क निर्मित करती है।
- कम्यूटेटर (Commutator): यह रोटर वाइंडिंग से जुड़ा भाग है जो धारा की दिशा निर्धारित करता है।
- ब्रश (Brush): ये कम्यूटेटर के संपर्क में रहते हैं और विद्युत कनेक्शन प्रदान करते हैं।
- शाफ्ट (Shaft): यह रोटेशनल मोशन को यांत्रिक रूप से ट्रांसफर करता है।
- बेयरिंग (Bearing): यह शाफ्ट की घर्षण को कम करते हैं और स्मूद ऑपरेशन सुनिश्चित करते हैं।
रीपल्शन इंडक्शन मोटर (Repulsion Induction Motor)

यह मोटर, रीपल्शन मोटर और इंडक्शन मोटर दोनों के गुणों का संयोजन होती है। इसमें शुरुआत में ब्रश और कम्यूटेटर होते हैं जो उच्च स्टार्टिंग टॉर्क प्रदान करते हैं। जैसे-जैसे गति बढ़ती है, रोटर के अंदर इंडक्शन प्रिंसिपल काम करने लगता है और यह सामान्य इंडक्शन मोटर की तरह चलने लगती है।
रीपल्शन इंडक्शन मोटर को अक्सर ऐसे उपकरणों में इस्तेमाल किया जाता है जहाँ परिवर्तनीय गति की आवश्यकता होती है। उदाहरण के तौर पर — ड्रिल मशीन, मिक्सर, पंखे आदि।
यह मोटर अपनी उत्कृष्ट क्षमता और समायोज्य गति नियंत्रण के लिए प्रसिद्ध है। इसका रखरखाव अपेक्षाकृत सरल होता है, लेकिन ब्रश और कम्यूटेटर के संपर्क के कारण समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक होता है।
रीपल्शन स्टार्ट इंडक्शन मोटर (Repulsion Start Induction Motor)

यह मोटर प्रारंभ होने के दौरान रीपल्शन मोटर की तरह कार्य करती है, परंतु जब यह अपनी तय गति के करीब पहुँचती है तो स्वचालित रूप से इंडक्शन मोटर मोड में बदल जाती है। इस प्रक्रिया को “Automatic Transition” कहा जाता है।
स्टार्टिंग के समय ब्रश और कम्यूटेटर उच्च टॉर्क उत्पन्न करते हैं जिससे मोटर तेजी से चलना शुरू कर देती है। बाद में एक सेंट्रीफ्यूगल स्विच के द्वारा ब्रश सर्किट को डिसकनेक्ट कर दिया जाता है, जिससे यह शुद्ध इंडक्शन मोटर के रूप में कार्य करने लगती है।
इस प्रकार की मोटर विशेष रूप से उन अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त होती है जहाँ प्रारंभिक टॉर्क की अत्यधिक आवश्यकता होती है, जैसे — एयर कंप्रेसर और रेफ्रिजरेटर।
रीपल्शन मोटर का कार्य सिद्धांत (Working Principle of Repulsion Motor)
रीपल्शन मोटर का कार्य सिद्धांत विद्युत चुंबकीय प्रेरण और प्रतिकर्षण बल पर आधारित है। जब स्टेटर वाइंडिंग में एसी विद्युत धारा दी जाती है, तो एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। यह क्षेत्र रोटर वाइंडिंग में प्रेरित धारा उत्पन्न करता है।
रोटर की प्रेरित धारा तथा स्टेटर के फ्लक्स के बीच इंटरैक्शन से एक टॉर्क उत्पन्न होता है। जब ब्रश तटस्थ स्थिति से विस्थापित किये जाते हैं, तो यह टॉर्क एक दिशा में घूमने लगता है, जिससे रोटर घूमती है।
यदि ब्रश की स्थिति बदली जाए तो मोटर की दिशा भी बदली जा सकती है। यह विशेषता इसे परिवर्तनीय गति वाले अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी बनाती है।
रीपल्शन मोटर के गुण (Characteristics of Repulsion Motor)
रीपल्शन मोटर के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्म निम्नलिखित हैं:
- उच्च प्रारंभिक टॉर्क प्रदान करने की क्षमता।
- गति का अच्छा नियंत्रण (Variable Speed Control) संभव है।
- कम शोर और कंपन के साथ स्मूद संचालन।
- ब्रश पोजिशन बदलकर रोटेशन दिशा बदली जा सकती है।
- लोड परिवर्तन के अनुसार टॉर्क स्वतः समायोजित होता है।
रीपल्शन मोटर की यह विशेषताएँ इसे बाजार में लोकप्रिय बनाती हैं, विशेषकर घरेलू उपकरणों और छोटे औद्योगिक उपयोगों के लिए।
रीपल्शन मोटर के उपयोग (Applications of Repulsion Motor)
रीपल्शन मोटर विभिन्न क्षेत्रों में प्रयोग की जाती है जहाँ उच्च प्रारंभिक टॉर्क और नियंत्रित गति की आवश्यकता होती है। कुछ प्रमुख उपयोग हैं:
- घरेलू उपकरण: सिलाई मशीन, वैक्यूम क्लीनर, मिक्सर।
- औद्योगिक उपकरण: ग्राइंडर, लैथ मशीनें, पंखे, ब्लोअर।
- यांत्रिक संयंत्र: एअर कंप्रेसर और पंप।
- परिवर्तनीय गति वाले उपकरण: प्रयोगशाला उपकरण तथा परीक्षण मशीनें।
इसके अलावा जहाँ भी बार-बार चालू-बंद होने की आवश्यकता होती है, वहाँ यह मोटर अत्यधिक उपयुक्त पाई जाती है।
रीपल्शन मोटर से संबंधित 10 छोटे प्रश्न और उत्तर
प्रश्न: रीपल्शन मोटर किस प्रकार की मोटर है?
उत्तर: यह एक सिंगल फेज एसी मोटर है जिसमें कम्यूटेटर और ब्रश होते हैं।प्रश्न: रीपल्शन मोटर का कार्य सिद्धांत क्या है?
उत्तर: यह विद्युत चुंबकीय प्रेरण व प्रतिकर्षण बल पर कार्य करती है।प्रश्न: रीपल्शन मोटर में कौन से मुख्य भाग होते हैं?
उत्तर: स्टेटर, रोटर, ब्रश, कम्यूटेटर, शाफ्ट और बेयरिंग।प्रश्न: रीपल्शन मोटर का प्रमुख लाभ क्या है?
उत्तर: उच्च प्रारंभिक टॉर्क और गति नियंत्रण की सुविधा।प्रश्न: रीपल्शन इंडक्शन मोटर का उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: ड्रिल मशीन, ब्लोअर और ग्राइंडर में।प्रश्न: रीपल्शन मोटर की गति किस पर निर्भर करती है?
उत्तर: ब्रश के तटस्थ स्थिति से विस्थापन पर।प्रश्न: रीपल्शन स्टार्ट इंडक्शन मोटर का संक्रमण कब होता है?
उत्तर: जब मोटर अपनी निर्धारित गति के पास पहुँच जाती है।प्रश्न: रीपल्शन मोटर का रखरखाव क्यों आवश्यक होता है?
उत्तर: क्योंकि ब्रश और कम्यूटेटर में नियमित घर्षण होता है।प्रश्न: रीपल्शन मोटर किस क्षेत्र में उपयुक्त है?
उत्तर: जहाँ हाई स्टार्टिंग टॉर्क और वैरिएबल स्पीड चाहिए।प्रश्न: क्या रीपल्शन मोटर की दिशा बदली जा सकती है?
उत्तर: हाँ, ब्रश की स्थिति बदलकर।
रीपल्शन मोटर एक उच्च दक्षता वाली, नियंत्रित गति और टॉर्क प्रदान करने वाली मोटर है जो छोटे औद्योगिक व घरेलू अनुप्रयोगों में अत्यधिक उपयोगी है। इसका कार्य सिद्धांत विद्युत चुंबकीय प्रेरण पर आधारित है, जो इसे तकनीकी रूप से सरल लेकिन प्रभावी बनाता है। यदि इसे सही तरीके से मेंटेन किया जाए, तो यह लंबी अवधि तक विश्वसनीय और स्थिर प्रदर्शन देने में सक्षम होती है।
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