ITI CBT Exam 2024 Exam Schedule Time Table 2024 Now out Check Complete Post for know Exam Fees Date ITI Exam Date Exam Schedule Etc. Tentative schedule for Craftsman Training Scheme (CTS) All India Trade Test- 2024 (Mains Examinations) for the sessions 2022-24(2nd Year of two-year course), 2023-25(1st Year of two-year course) and 2023 -24 (one-year course and six months courses (batch l& )) for regular and private trainees is as follows. It is informed that all the examination processes for all sessions (from eligibility creation to result publication) will be carried out on examination module being newly developed on the Skill India Digital Hub (SIDH) Portal.
DGT has issued an official notice and published the notice of the date of the upcoming examination and complete information about fee payment, which you can see by clicking on the link given below. According to the official notice, the starting date for fee payment is from 30 June 2024 to 13 July 2024 and the mapping center for practical exam is from 13 July to 16 July and if we talk about CBT exam, then it is from 7 August 2024 to 27 August 2024, the result will be published on 5 September 2024.
Trainee Eligibility and Exam Fees Activity Schedule 2024
Event
Important Date
Formative Assessment Marks Upload
30/06/2024 – 08/07/2024
Attendance Upload
30/06/2024 – 08/07/2024
Practical Exam Fee Status Update
30/06/2024 – 13/07/2024
CBT Exam Fee Submission
30/06/2024 – 13/07/2024
ITI Practical Examination Activity Schedule 2024
ITI Practical Exam Date between 01/08/2024 – 05/08/2024 More information Please See Below
Event
Important Date
Practical Exam Center Mapping
13/07/2024 – 16/07/2024
Practical Examiner Registration & district preference update
30/07/2024 – Onwards
Practical Examiner Mapping and Approval
16/07/2024 – 30/07/2024
Practical Hall Ticket Download
17/07/2024 – 05/08/2024
Practical Examinations
01/08/2024 – 05/08/2024
Practical Mark Entry
01/08/2024 – 07/08/2024
Entered Practical Mark Approval by Nodal ITI
01/08/2024 – 15/08/2024
Entered Practical Mark Approval by State
01/08/2024 – 20/08/2024
ITI CBT Exam Date 2024
Event
Important Date
CBT Exam Center Mapping
14/07/2024 – 28/07/2024
ITI CBT Exam Admit Card Download
01/08/2024 – 27/08/2024
ITI CBT Exams Date
07/08/2024 – 27/08/2024
ITI Result Declared Date 2024
Event
Date
Result publication
05/09/2024
Download Exam Schedule Official Notice PDF 2024
The dates of ITI practical exam or CBT exam or admit card have been released and I have shown all the dates in detail in the post above. If you want to download the official notification also, then I am giving you the link below. You can download the official notification by clicking on the click here below.
हम किसी भी थ्री-फेज मोटर का कनेक्शन करते हैं तो हम दो तरीके से करते हैं या तो हम उसको स्टार कनेक्शन Star Connecion में जोड़ेंगे या फिर हम उसको डेल्टा कनेक्शन Delta Connection में जोड़ेंगे आज इस पोस्ट के अंदर मैं आपको यही डाउट क्लियर करूंगा कि हम मोटर का स्टार कनेक्शन कब करते हैं और कब हम उस मोटर का डेल्टा कनेक्शन करते हैं
स्टार कनेक्शन एंड डेल्टा कनेक्शन कैसे किया जाता है
How to make star connection of Motor
स्टार कनेक्शन और डेल्टा कनेक्शन कैसे किया जाता है काफी सिंपल होता है दोस्तों हमारी मोटर के अंदर जैसे ये छह टर्मिनल होते हैं एक 2 3 4 5 6 ये छह टर्मिनल है अगर हम 6 5 4 के तीनों पॉइंट को शॉर्ट कर देते हैं तीनों को यानी एक से जोड़ देते हैं और इधर हम दे देते हैं R,Y,B मतलब तीन Phase दे दिए तो उसे स्टार कनेक्शन कहते है| स्टार कनेक्शन में जो 3 टर्मिनल 4 5 6 को हमने शार्ट किया था वही हमारी नूट्रल टर्मिनल होती है इससे मोटर के प्रत्येक टर्मिनल में 220 वोल्ट की है सप्लाई रहती है|
How to make Delta connection of Motor
डेल्टा कनेक्शन जिसके अंदर हम क्या करते हैं Star Connection जैसे हमने R Y B दिया ठीक उसी प्रकार से इधर हमने R Y B दिया लकिन इधर हम क्या करेंगे इधर भी हम फेस ही देंगे इधर हम तीन ऐसे पत्ती लगा देते हैं जैसे टर्मिनल 6 को 1 से शार्ट कर देते है टर्मिनल 5 को 2 से और टर्मिनल 4 को 3 से ऐसे में क्या होता है की प्रत्येक वाइंडिंग के दोनों टर्मिनल में हम फेज की सप्लाई देते है और मोटर के हर टर्मिनल में 440 वोल्ट की सप्लाई मिलती है जैसा की मैंने आप को चित्र में दिखाया है की मोटर की वाइंडिंग और टर्मिनल से कैसे जुडी होती है
स्टार कनेक्शन और डेल्टा कनेक्शन कब करना चाहिए?
स्टार कनेक्शन (Y) और डेल्टा कनेक्शन (∆) दोनों ही तीन फेज की बिजली सप्लाई को मोटर या अन्य तीन फेजी उपकरणों से कनेक्ट करने के तरीके हैं, लेकिन इन दोनों में थोड़ा अंतर होता है। आपको किस कनेक्शन को करना है, यह आपके उपयोग के आधार पर निर्भर करता है।
स्टार कनेक्शन
साधारण या हलके लोड
अगर आपके पास हल्का लोड या साधारण उपयोग के लिए मोटर है, तो आमतौर पर स्टार कनेक्शन उपयोगी होती है।
इसमें प्राथमिक वाइंडिंग और स्टार्टिंग वाइंडिंग को पैरालल कनेक्ट किया जाता है।
डेल्टा कनेक्शन
उच्च लोड के लिए
अगर आपका मोटर हाई पावर या उच्च लोड में काम कर रहा है, तो डेल्टा कनेक्शन करना चाहिए ।
इसमें प्राथमिक और स्टार्टिंग वाइंडिंग को सीरियल कनेक्ट किया जाता है।
डेल्टा कनेक्शन के लिए कंपेक्ट वायरिंग की आवश्यकता होती है, जो उच्च पावर उपयोग के लिए उपयुक्त होता है।
इस लेख में जानें कि रिपल्शन मोटर (Repulsion Motor) क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके विभिन्न प्रकार और उपयोग क्या हैं। सरल हिंदी में पूरी तकनीकी जानकारी।
विद्युत मशीनों जैसे डीसी मोटर और डीसी जनरेटर का प्रदर्शन मुख्य रूप से उनके आर्मेचर वाइंडिंग पर निर्भर होता है। यह वाइंडिंग ही वह भाग है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में या यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने का कार्य करती है। इस लेख में हम जानेंगे कि आर्मेचर वाइंडिंग क्या … Read more
घरेलू वायरिंग (House Wiring) ITI Electrician trade का एक बहुत महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र घरों, छोटे भवनों और सामान्य उपभोक्ता स्थलों में सुरक्षित, व्यवस्थित और मानक अनुसार विद्युत इंस्टॉलेशन करना सीखते हैं। इस विषय में केवल तार जोड़ना ही नहीं, बल्कि लोड का सही विभाजन, सुरक्षा नियम, IE Rules, उचित … Read more
In the realm of science and engineering, standardized units of measurement are indispensable for ensuring consistency and accuracy. The International System of Units, known as SI Units, serves as the globally recognized framework for measurement. This article provides a comprehensive guide to SI Units, their corresponding measurements, and symbols, giving you a deeper understanding of … Read more
DGT has released the AITT CITS Supplementary exam schedule 2024 according to which the registration will start from 29/01/2024 talking about the exam, the engineering drawing exam will start from 20th February 2024 and the last date of the exam has been fixed till 28th February 2024. For more information please read the post below carefully
Online examination for Theoretical Subjects(Trade Theory, Workshop Calculation & Science, Workshop Calculation, Workshop Science, Soft Skills, and Training Methodology) Time and venue of Examination Centres etc. will be printed on the Hall Ticket
जिन केबल को जमीन के नीचे स्थापित किया जाता है उन्हें भूमिगत केबल कहा जाता है , जिसका उपयोग बिजली या संचार संकेतों को प्रसारित करने के लिए किया जाता है। इसकी खासियत यह है की यह सुरक्षा, के साथ ही साथ जमीन के अंदर होने के कारण सुंदरता भी बानी रहती है और स्थान भी नहीं घेरती है जिसके वजह से शहरी क्षेत्रों में इसे काफी प्रयोग किया जाता है । ये केबल विशिष्ट प्रयोग और आवश्यकताओं के आधार पर वोल्टेज, निर्माण और इन्सुलेशन में भिन्न हो सकते हैं।
भूमिगत केबलों का वर्गीकरण
भूमिगत केबलों को उनके अनुप्रयोग, निर्माण और इन्सुलेशन सामग्री सहित विभिन्न मानदंडों के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। यहां कुछ सामान्य वर्गीकरण दिए गए हैं:
अनुप्रयोग के आधार पर
वोल्टेज स्तर के आधार पर
निर्माण के आधार पर
इन्सुलेशन प्रकार के आधार पर
संरक्षण के आधार पर
इंस्टॉलेशन विधि के आधार पर
अग्नि छमता के आधार पर
अनुप्रयोग के आधार पर (Types of Application)
अनुप्रयोग के आधार पर केबल दो प्रकार के होते है
पावर केबल (Power Cable)
विद्युत शक्ति को वितरित करने के लिए इसको डिज़ाइन किया गया। इनका उपयोग आमतौर पर आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली वितरण के लिए किया जाता है।
संचार केबल (Communication Cable)
सिग्नल और डेटा संचारित करने के लिए इसे बनाया जाता है। इस श्रेणी में टेलीफोन केबल, फाइबर ऑप्टिक केबल और डेटा संचार के लिए उपयोग की जाने वाली अन्य केबल शामिल हैं।
वोल्टेज के आधार पर
कम वोल्टेज (LV) केबल: आमतौर पर आवासीय और वाणिज्यिक अनुप्रयोगों में 1 केवी तक के वोल्टेज के लिए उपयोग किया जाता है। मध्यम वोल्टेज (MV) केबल: 1 केवी से 33 केवी तक के वोल्टेज के लिए डिज़ाइन किया गया है और आमतौर पर स्थानीय बिजली वितरण के लिए उपयोग किया जाता है। उच्च वोल्टेज (HV) केबल: 33 केवी से ऊपर के वोल्टेज के लिए उपयोग किया जाता है। इन केबलों का उपयोग अक्सर लंबी दूरी की बिजली ट्रांसमिशन के लिए किया जाता है। अत्यधिक उच्च तनाव (EHT)केबल: 66 केवी से ऊपर के वोल्टेज के लिए उपयोग किया जाता है। अतिरिक्त सुपर वोल्टेज (XLPE) केबल: इनका उपयोग 132 केवी से ऊपर वोल्टेज आवश्यकता वाले अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है।
निर्माण के आधार पर
सिंगल-कोर केबल्स
इसमें एक सिंगल कंडक्टर होता है जो इन्सुलेशन और अन्य परतों से घिरा होता है।
मल्टी-कोर केबल
एक ही इन्सुलेशन के भीतर कई कंडक्टर होते हैं, जिनका उपयोग अक्सर तीन-चरण बिजली प्रणालियों के लिए किया जाता है।
इन्सुलेशन प्रकार के आधार पर
पेपर-इंसुलेटेड केबल:
ऐतिहासिक रूप से सामान्य, ये केबल इन्सुलेशन सामग्री के रूप में कागज का उपयोग करते हैं। पॉलीमेरिक-इंसुलेटेड केबल्स:
इन्सुलेशन के लिए क्रॉस-लिंक्ड पॉलीथीन (एक्सएलपीई) या एथिलीन प्रोपलीन रबर (ईपीआर) जैसी सामग्री का उपयोग करते है। ये अपने बेहतर गुणों के कारण आधुनिक प्रतिष्ठानों में अधिक प्रयोग किये जाते हैं। तेल-भरे केबल:
उच्च-वोल्टेज अनुप्रयोगों के लिए उपयोग किया जाता है, इन केबलों को उच्च कार्यछमता बढ़ाने के लिए इन्सुलेट तेल से भरा जाता है।
संरक्षण के आधार पर
स्क्रीनयुक्त या संरक्षित केबल
स्क्रीन वाली या परिरक्षित केबल में विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप से सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत होती है, जो डेटा ट्रांसमिशन जैसे अनुप्रयोगों में सिग्नल एकाग्रता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। संरक्षित धात्विक या अधात्विक हो सकता है।
अनस्क्रीन या बिना असंरक्षितकेबल
एक बिना संरक्षित केबल में विद्युत चुम्बकीय इंटरफ़ेस (ईएमआई) या रेडियोफ्रीक्वेंसी इंटरफ़ेस (आरएफआई) से सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत का अभाव होता है। आमतौर पर कम जोखिम वाले अनुप्रयोगों में उपयोग किया जाता है जहां इसकी सादगी और कम लागत के कारण इंटरफ़ेस न्यूनतम होता है। हालाँकि, यह बाहरी हस्तक्षेप के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है
इंस्टॉलेशन विधि के आधार पर
प्रत्यक्ष दफन केबल: नाली या नलिकाओं के उपयोग के बिना सीधे भूमि में स्थापित किया जा सकता है ।
नलिकाओं या नाली में केबल: अतिरिक्त यांत्रिक सुरक्षा और रखरखाव में आसानी प्रदान करने के लिए केबलों को सुरक्षात्मक नाली के भीतर रखा जाता है।
अग्नि छमता के आधार पर
अग्नि प्रतिरोधी केबल: आग के दौरान कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका उपयोग अक्सर आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था और निकासी प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों में किया जाता है।
गैर-अग्नि-प्रतिरोधी केबल: विशिष्ट अग्नि-प्रतिरोधी गुणों के बिना मानक केबल।
Up to 75°C (167°F) to 90°C (194°F) depending on specific formulation
भूमिगत केबल के फायदे और नुकसान
भूमिगत केबलों के लाभ
भूमिगत केबल जमीन के ऊपर दिखाई नहीं देते हैं, जो स्वच्छ और सुन्दर लगता है
भूमिगत केबलों पर वातावरण का कम प्रभाव पड़ता है, जिससे हर ऋतू में निरंतरता बनी रहती है
भूमिगत केबल कम विद्युत चुम्बकीय इंटरफ़ेस प्रदर्शित करते हैं, जो उन्हें आवासीय पड़ोस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
भूमिगत केबल तूफान, तेज़ हवाओं और बर्फ जमाव जैसे मौसम संबंधी व्यवधानों के प्रति कम संवेदनशील होते हैं, जिससे विश्वसनीयता बढ़ जाती है।
भूमिगत केबलों पर आकस्मिक संपर्क कम होता है, जिससे गिरी हुई लाइनों के कारण क्षति का खतरा कम हो जाता है।
भूमिगत केबलों को आम तौर पर ओवरहेड लाइनों की तुलना में कम रखरखाव की आवश्यकता होती है, क्योंकि वे पर्यावरणीय तत्वों के संपर्क में कम आते हैं।
भूमिगत केबलों का जीवनकाल ओवरहेड लाइनों की तुलना में अधिक हो सकता है क्योंकि वे वातावरण जटिलता से सुरक्षित रहते हैं।
ओवरहेड लाइनों की तुलना में भूमिगत केबलों में आमतौर पर कम ट्रांसमिशन हानि होती है, जिससे अधिक कुशल बिजली ट्रांसमिशन होता है।
सीमित स्थान वाले शहरी क्षेत्रों में भूमिगत केबल फायदेमंद हो सकते हैं, जिससे भूमि उपयोग पर संघर्ष कम हो सकता है।
भूमिगत केबल के नुकसान
खुदाई और विशेष उपकरणों की आवश्यकता के कारण भूमिगत केबलों की स्थापना ओवरहेड लाइनों की तुलना में अधिक महंगी है।
भूमिगत केबलों में खराबी तक पहुंचना और उसकी मरम्मत करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे रखरखाव के दौरान लंबे समय तक काम करना पड़ता है।
ओवरहेड लाइनों की तुलना में भूमिगत केबल सिस्टम का विस्तार या उन्नयन अधिक कठिन और महंगा हो सकता है।
भूमिगत केबलों में गर्मी निकासी की समस्या हो सकती है, विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में, जिससे कार्यक्षमता कम हो सकती है।
भूमिगत केबलों में दोषों की पहचान करने और उनकी मरम्मत करने में ओवरहेड लाइनों में समस्याओं को ठीक करने की तुलना में अधिक समय लग सकता है, जिससे सिस्टम का डाउनटाइम प्रभावित होता है।
ओवरहेड लाइनों की तुलना में भूमिगत केबलों की निगरानी और दोषों का पता लगाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
भूमिगत केबल स्थापित करने के लिए आवश्यक खुदाई से पर्यावरणीय प्रभाव पड़ सकता है और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र बाधित हो सकता है।
भूमिगत केबलों को पानी से क्षति होने की आशंका होती है, जो तब हो सकती है जब केबल इन्सुलेशन उत्तम प्रकार का न किया गया हो।
इस लेख में जानें कि रिपल्शन मोटर (Repulsion Motor) क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके विभिन्न प्रकार और उपयोग क्या हैं। सरल हिंदी में पूरी तकनीकी जानकारी।
विद्युत मशीनों जैसे डीसी मोटर और डीसी जनरेटर का प्रदर्शन मुख्य रूप से उनके आर्मेचर वाइंडिंग पर निर्भर होता है। यह वाइंडिंग ही वह भाग है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में या यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने का कार्य करती है। इस लेख में हम जानेंगे कि आर्मेचर वाइंडिंग क्या … Read more
घरेलू वायरिंग (House Wiring) ITI Electrician trade का एक बहुत महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र घरों, छोटे भवनों और सामान्य उपभोक्ता स्थलों में सुरक्षित, व्यवस्थित और मानक अनुसार विद्युत इंस्टॉलेशन करना सीखते हैं। इस विषय में केवल तार जोड़ना ही नहीं, बल्कि लोड का सही विभाजन, सुरक्षा नियम, IE Rules, उचित … Read more
In the realm of science and engineering, standardized units of measurement are indispensable for ensuring consistency and accuracy. The International System of Units, known as SI Units, serves as the globally recognized framework for measurement. This article provides a comprehensive guide to SI Units, their corresponding measurements, and symbols, giving you a deeper understanding of … Read more
UP polytechnic 2024 Entrance Exam Most Important Question answer MCQs of Mensuration Important Chapter simple geometrical shapes (सरल ज्यामितीय रचना) Mock Test in Hindi and English Both Language
JEECUP Polytechnic Online MCQ Mock Test of Coordinate Geometry Most Important Chapter Section formula (खण्ड सूत्र) 100% Free Online Entrance Exam CBT Mock Test.
UP Polytechnic Coordinate Geometry Important Chapter Distance formula (दूरी सूत्र) Online Free CBT Examination Mock Test for JEECUP Entrance Examination 2024 Practice Sets 100% free in Hindi and English Both Language.