ITI Engineering Drawing MCQ Mock Test Projection

ITI Engineering Drawing MCQ Mock Test Projection (प्रक्षेप) in Technical Drawing ED for ITI All Technical Trade In Hindi NIMI Mock Test

Projection (प्रक्षेप)

Time Left (Second)

420

Q1. किस प्रक्षेप में दो तल क्षैतिज के साथ 30 अंश का कोण बनाते हैं
Q2. चित्र में दिए गए प्रक्षेप को पहचानिए
Q3. समिति प्रक्षेप में विमाएं वास्तविक विमाएं से कितने प्रतिशत कम होती हैं
Q4. सममितीय दृश्य में वर्ग किस आकृति में बदला जाता है
Q5. प्रदर्शित चित्र में किस प्रकार का प्रक्षेप दिखाया गया है
Q6. सममितिय दृश्य में एक वृत्त किस आकृति का रूप ले लेता है
Q7. किस प्रक्षेप में एक तल क्षैतीज के साथ किसी भी कोण पर हो सकता है
Q8. किस प्रक्षेप में एक तल क्षैतिज के समानांतर व दूसरा तल क्षैतिज से 45 अंश के कोण पर झुका हुआ होता है
Q9. सन्दर्भ प्रक्षेप पर क्षैतिज से कितने डिग्री कोण पर बनाया जाता है
Q10. सममितीय प्रक्षेप क्षैतिज से कितने डिग्री के कोण पर बनाया जाता है|
Q11. नीचे चित्र में दिए गए प्रक्षेप को पहचानिए
Q12. नीचे चित्र में दिए गए प्रक्षेप को पहचानिए
Q13. नीचे चित्र में दिए गए प्रक्षेप को पहचानिए
Q14. नीचे चित्र में दिए गए प्रक्षेप को पहचानिए
Q15. जिस समतल में प्रक्षेप बनता है उसे कहते हैं

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ITI Fitter Hand Tools Question Answer in Hindi

ITI Fitter Trade hand tools most important Question answer MCQ in Hindi for Fitter CBT Examination mock test in Hindi for fitter 1st Year Question answer

ITI Fitter Hand Tools Important Question Answer MCQ

ITI Fitter Hand Tools Question Answer

  • प्रश्न – हैमर में प्रहार करने वाला भाग कहलाता है
  • उत्तर – फेस तथा पिन
  • प्रश्न – हैमर का हैंडल बनाने में प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – लकड़ी
  • प्रश्न – हैमर का वह भाग जिसका उपयोग वस्तु को आकार एवं स्वरूप देने के लिए किया जाता है कहलाता है
  • उत्तर – पीन
  • प्रश्न – भारतीय मानक संस्थान के अनुसार बॉल पीन हैमर का वजन होता है
  • उत्तर – 0.11 से 0.91 किग्रा तक
  • प्रश्न – अच्छे हैमर का उत्पादन किया जाता है
  • उत्तर – ड्रॉप फ़ोर्ज़े द्वारा
  • प्रश्न – बेंच वाइस की बॉडी साधारणता बनाई जाती है
  • उत्तर – ढलवा लोहे की
  • प्रश्न – मध्यम कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले बेंच वाइस का साइज होता है
  • उत्तर – 100 मिली मीटर तथा 125 मिलीमीटर
  • प्रश्न – वह वॉइस जिसका अधिकतर प्रयोग पाइप फिटिंग करते समय तथा विद्युत की कार्यशाला में किया जाता है कहलाता है
  • उत्तर – पाइप वॉइस
  • प्रश्न – लेग वॉइस की पहचान होती है
  • उत्तर – उसकी एक टांग लंबी होती है
  • प्रश्न – औजार मेकर्स माइक्रोस्कोप द्वारा मापन किया जाता है
  • उत्तर – स्क्रु थ्रेड, प्रोफाइल, वक्रता, कोण, बाह्य व आंतरिक लंबाई का
  • प्रश्न – यूनिवर्सल मशीन वॉइस का अधिकतम प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – औजार और डाई मेकर द्वारा
  • प्रश्न – ब्रिटिश पद्धति में माइक्रोमीटर की स्लिप पर 1 इंच को बांटा जाता है
  • उत्तर – 10 भागों में
  • प्रश्न – मीट्रिक पद्धति में माइक्रोमीटर के थिंबल के बेवरेज को बांटा जाता है
  • उत्तर – 50 बराबर भागों में
  • प्रश्न – B सेट में प्रायः होता है
  • उत्तर – 1/2″ का स्पेसिंग कॉलर एवं 10 एक्सटेंशन रॉड
  • प्रश्न – मीट्रिक पद्धति में डेप्थ माइक्रोमीटर की रेंज होती है
  • उत्तर – 25 मिलीमीटर
  • प्रश्न – फ़्लैज माइक्रोमीटर का उपयोग किया जाता है
  • उत्तर – गियर दांतो की कार्डल मोटाई, इंजन फिन्स की मोटाई, कार्य खंड के कालर की मोटाई आदि मापने में
  • प्रश्न – बाल माइक्रोमीटर की संरचना होती है
  • उत्तर – स्पिंडल एवं एनविल के मेजरिंग फेसो पर अर्ध गोलाकार बाल फिट रहते हैं
  • प्रश्न – वर्नियर कैलिपर पर बने आंतरिक माप लेने वाले नीब का प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – झिर्री की चौड़ाई और आंतरिक व्यास मापने के लिए
  • प्रश्न – डायल कैलिपर द्वारा ली जाने वाली माप की परिशुद्धता होती है
  • उत्तर – 0.01 मिली मीटर या 0.001 इंच
  • प्रश्न – डेप्थ गेज को कहते हैं
  • उत्तर – डेप्थ स्ट्रिप या डेप्थ बार
  • प्रश्न – वर्नियर बेवल प्रोट्रैक्टर द्वारा ली जा सकने वाली सूक्ष्मता की माप होती है
  • उत्तर – 5′ (मिनट) अथवा 1 डिग्री का 12 वां हिस्सा
  • प्रश्न – बर्नियर बेवल प्रोटेक्टर का आशंकन करने की विधि है
  • उत्तर – मुख्य स्केल डिवीजन, बर्नियर स्केल डिवीजन
  • प्रश्न – वर्नियर बेवल प्रोट्रैक्टर पर मुख्य स्केल पर घड़ी की सुई विपरीत दिशा में रीडिंग लेते समय बर्नियर स्केल पर रीडिंग लेना चाहिए
  • उत्तर – शुन्य से घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में
  • प्रश्न – गियर दांत बर्नियर कैलीपर से ली जा सकने वाली सूक्ष्मता की माप होती है
  • उत्तर – 0.02 मिलीमीटर
  • प्रश्न – डायल जांच सूचक के प्रकार हैं
  • उत्तर – प्लंजर टाइप, डायल जांच सूचक, लीवर टाइप डायल जांच सूचक

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Most Important ITI Fitter Welding Symbols Chart

ITI Fitter Very Most Important Welding Symbols Chart for ITI Fitter theory and Engineering Drawing PDF for NIMI CBT Examination all Symbols are Important.

Fitter Welding Symbols Chart

Type WeldingSectional Representation
&
Symbol
Single Bevel Butt Weld with board Root Face
Butt Weld between flanged Plates
(Flanges melted down completely)
Single- J butt weld
Single V butt weld with board root face
Single V butt weld
Plug weld (Circular or Elongated hold, completely filled)
Square butt Weld
Spot Weld (Resistance or Arc Welding or projection weld)
Single bevel butt Weld
Flat (Flush) single-V butt weld
Fillet weld
Concave fillet weld
Backing or sealing run
Flat (Flush) single V butt weld with flat backing run
single butt weld
Convex double V butt weld
Seam weld

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Fitter Question Answer Measurement and Measuring Unit

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Fitter Question Answer

Fitter Question Answer

  • प्रश्न – माप लेने की दो विधियां कौन सी होती हैं
  • उत्तर – प्रत्यक्ष माप व अप्रत्यक्ष माप
  • प्रश्न – स्टील रूल वर्नियर कैलिपर तथा माइक्रोमीटर उपकरण है
  • उत्तर – प्रत्यक्ष माप लेने की
  • प्रश्न – आउट साइट के लिए एवं इनसाइड, कैलिपर उपकरण है
  • उत्तर – अप्रत्यक्ष माप लेने की
  • प्रश्न – रूल का प्रयोग किए होता है
  • उत्तर – किसी जॉब की लंबाई मापने में
  • प्रश्न – स्टील रूल प्रायः बनाई जाती है
  • उत्तर – stainless-steel स्प्रिंग स्टील अथवा हाई कार्बन स्टील के
  • प्रश्न – स्टील रूल का साइज निर्धारित होता है
  • उत्तर – इसकी लंबाई और इस पर अंकित इंच या सेंटीमीटर के निशान द्वारा
  • प्रश्न – स्टील रूल द्वारा लिए जाने वाले न्यूनतम माप हो सकती है
  • उत्तर – 1″/64 या 1/2 mm
  • प्रश्न – स्टील रूल जो अधिकतम प्रयोग होता है की साइज होती है
  • उत्तर – 6 इंच से 12 इंच अथवा 15 सेंटीमीटर से 30 सेंटीमीटर
  • प्रश्न – वृत्ताकार आकृति वाले कार्य की माप के लिए प्रयुक्त स्टील रूल होता है
  • उत्तर – लचकदार स्टील रूल
  • प्रश्न – लचकदार स्टील रूल बनाया जाता है
  • उत्तर – स्प्रिंग स्टील की पतली पत्ती से
  • प्रश्न – खांचे या कमजोरी नाली की माप के लिए किस रूल का प्रयोग होता है
  • उत्तर – नैरो रूल
  • प्रश्न – नैरो रूल की लंबाई प्रायः होती है
  • उत्तर – 5 मिलीमीटर
  • प्रश्न – नैरो रूल प्रयोग किए जाते हैं
  • उत्तर – प्रायः 20 से 30 सेंटीमीटर तक लंबाई के माप के लिए
  • प्रश्न – किसी खोखले पाइप या सुराख़ के अंदर के किनारों से माप लेने के लिए प्रयुक्त होता है
  • उत्तर – हुक रूल
  • प्रश्न – इनसाइड कैलिपर और डिवाइडर पर साइज को सेट करने के लिए प्रयुक्त होता है
  • उत्तर – हुक रूल
  • प्रश्न – हुक रूल का साइज प्रायः होता है
  • उत्तर – 12 या 30 सेंटीमीटर
  • प्रश्न – श्रिंक रूल का अधिकतम प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – पैटर्न मेकर द्वारा
  • प्रश्न – वर्गाकार कार्यों पर लंबाई में समांतर रेखाएं खींचने के लिए प्रयुक्त रूल कौन सी है
  • उत्तर – की सीट रूल
  • प्रश्न – श्रिंक रोल को निर्दिष्ट किया जाता है
  • उत्तर – इसकी लंबाई एवं श्रिंक अलाउंस के द्वारा
  • प्रश्न – श्रिंक रूल पर निशान बने होते हैं
  • उत्तर – 1/10″ से 1/16″ प्रति फिट, साधारण इंच से बड़े
  • प्रश्न – शाफ्ट पर चाबी धार के चिन्ह के लिए प्रयुक्त रूल है
  • उत्तर – की सीट रूल
  • प्रश्न – की सीट रूल का आकार होता है
  • उत्तर – आयरन एंगल की तरह
  • प्रश्न – एक गोल चपटे डिब्बे में फिट लचकदार रूल कहलाता है
  • उत्तर – स्टील टेप रूल
  • प्रश्न – टेढ़ी-मेढ़ी सरहो की माप के लिए प्रयुक्त रूल होता है
  • उत्तर – स्टील टेप रूल
  • प्रश्न – स्टील टेप की लंबाई होती है
  • उत्तर – 6 फीट या 2 मीटर
  • प्रश्न – कैलिपर प्रायः बनाए जाते हैं
  • उत्तर – माइल्ड स्टील या उच्च कार्बन स्टील के

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Fitter 2nd Year MCQ Set – 1

ITI 2nd year students who are very worried about their preparation can do their CBT exam preparation for free from here, here we provide you with online mock test online CBT exams, by solving mock tests you can prepare for your CBT exam. You can increase the experience of ITI and you can crack it easily

/25

Fitter Trade Theory Set 1

Please Write your Name to show in Result

1 / 25

रक्षात्मक सतह प्राप्त करने के लिए अन्य धातु के साथ लेपित धातु के सञ्चालन क्या है

2 / 25

बाहरी व्यास की जाँच के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

3 / 25

मिलने वाले भागों के बिच गैप की जांच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

4 / 25

यदि स्टील को क्रिटिकल तामपान तक गर्म किया जाता है और भट्टी में बहूत धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है तो इस प्रक्रिया का नाम क्या है

5 / 25

संकीर्ण कार्य के लिए किस विशेष फाइल का उपयोग किया जाता है

6 / 25

स्टील में टेम्परिंग प्रक्रिया क्यों की जाती है

7 / 25

दूरस्थ स्थान और ऑफसाइट के लिए किस क्रेन का उपयोग किया जाता है

8 / 25

प्रत्येक जॉब पर कुछ टॉलरेन्स दी जाती है। उसके लिए जिग तैयार करने के लिए कुछ टॉलरेन्स जिग पर भी रखी जाएंगी: जोकि निम्न प्रकार होनी चाहिए

9 / 25

स्लिप गेज को साफ करने के लिए किस मटेरियल का उपयोग किया जाता है

10 / 25

400 Degree C से निचे के तापमान पर क्ठोरिकृत स्टील को पुन: गर्म करके फिर ठंडा करने के लिए किया गया ऊष्मा उपचार प्रक्रिया का नाम क्या है

11 / 25

कम एफर्टस के साथ लोड को मूव करने के लिए किस शब्द का उपयोग किया जाता है

12 / 25

सिमित जगहों में किस बेअरिंग का प्रयोग किया जाता है

13 / 25

400 डिग्री C से निचे के तापमान पर कठोरिकृत स्टील को पुन: गर्म करके फिर ठंडा करने के लिए किया गया ऊष्मा उपचार प्रक्रिया का नाम क्या है

14 / 25

विंग नट्स का उपयोग कहाँ किया जाता है

15 / 25

मिलने वाले भागों के बिच गैप की जाँच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

16 / 25

बहूत छोटे छिद्रों को सही ढंग से फिनिश करने के लिए इस्तेमाल किये गए अपघर्षक का नाम बताइए

17 / 25

जंग के रोकथाम के लिए क्रोमाईजिंग प्रक्रिया के लिए आवश्यक तापमान क्या है

18 / 25

बेलनाकार वस्तुओं में होल के लिए कौन-सा जिग प्रयोग किया जाता है

19 / 25

गियर का प्रकार क्या है

20 / 25

गिब हेडेड की का उपयोग करने का क्या फायदा है

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मास उत्पादन में निम्न में से किसका प्रयोग जॉब को पकड़ने व टूल को गाइड करने के लिए किया जाता है

22 / 25

बाहरी चूड़ी की सटीकता की जाँच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

23 / 25

बड़े साइज के होल के लिए ड्रिल बुश सीधे न लगाकर बुश के अन्दर लगाए जाते हैं

24 / 25

हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया में फ्लेम हार्डनिंग का नुकसान क्या है

25 / 25

जिग का उपयोग बेलनाकार गोल वस्तुओं में लिए किसका प्रयोग किया जाता है

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Fitter 2nd Year More Test Sets


Types of Fire & Fire Extinguishers

Fire is a hazard, it is important to know how many classes of fire there actually are. The class of a fire can determine how quickly it burns, how dangerous it is, and the best way to use a fire extinguisher to extinguish it.

Types of Fire

Sr. NoFire ClassMaterialFire Extinguishers
1Class AWood, Cloths,Water Filled Extinguisher
2Class BPetrol, Diesel, Mobil Oil,CO2, Foam ,Dry Powder Extinguishers
3Class CGas , LPGDry Powder Extinguishers
4Class DElectric, metallic substanceCO2, CTC

Class A Type Fire

Fire in wood, paper, cloth and solid metals is kept in category A type of fire, to extinguish this type of fire, water is first poured into the bottom of your fire, after that water sprinklers are poured over the fire.

लकड़ी कागज कपड़े एवं ठोस धातुओं में लगी आग को श्रेणी A प्रकार की आग में रखा जाता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए पहले आप की आग तली में पानी डाला जाता तत्पश्चात आग के ऊपर पानी के फुवारे डाले जाते हैं

Class B Type Fire

Fire in flammable liquid and flammable solid is kept in category B type of fire, to extinguish this type of fire, CO2, form and dry powder fire extinguishers are used, no water is used to extinguish this type of fire needed

ज्वलनशील द्रव तथा गलनशील ठोस में लगी आग को श्रेणी B प्रकार की आग में रखा जाता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए CO2, फॉर्म एवं सूखा पाउडर अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है इस प्रकार की आग बुझाने में पानी का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए |

Class C Type Fire

Fire in gas and liquefied gas is kept in category C type fire. Liquefied gas fire should be extinguished with more care because there is always a fear of explosion or sudden fire spread in this type of fire Dry to extinguish this type of fire Powdered fire extinguishers are used

गैस एवं द्रवित गैस में लगी आग को श्रेणी C प्रकार की आग में रखा जाता है द्रवित गैस की आग को अधिक सावधानी के साथ बुझाना चाहिए क्योंकि इसमें विस्फोट या अचानक आग फैलने का डर हमेशा बना रहता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए ड्राई पाउडर वाले अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है

Class D Type Fire

Metal or electrical fire is kept in category D type of fire. Carbon dioxide dry powder (CTC) is used to extinguish this type of fire. Fire should be extinguished by trained person only.

धातु अथवा विद्युत से लगी आग को श्रेणी D प्रकार की आग में रखा जाता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड ड्राई पाउडर सीटीसी का प्रयोग किया जाता है प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ही आग बुझाई जानी चाहिए

Fire Extinguisher and its Types

Water-Filled Extinguishers

ये क्लास ए की आग के लिए उपयुक्त हैं जिसमें कागज, लकड़ी, पुआल, कोयला, रबर, ठोस प्लास्टिक, नरम साज-सामान, और बहुत कुछ शामिल हैं। ये अग्निशामक आग और सामग्री को पानी में भिगोकर ठंडा करते हैं। ये आग की लपटों को बुझाते हैं और जलती हुई वस्तुओं से गर्मी को अवशोषित करते हैं।

water mist Extinguishers

ये सबसे नए प्रकार के बुझानेवाले हैं और बहुत शक्तिशाली हैं लेकिन आकार में छोटे हैं। ये क्लास ए, बी, सी और एफ की आग पर उपयोग करने के लिए सुरक्षित और प्रभावी हैं। साथ ही, ये एक्सटिंगुइशर 1000 वोल्ट तक के बिजली के उपकरणों के कारण होने वाली आग के मामलों का मुकाबला कर सकते हैं। ये उपकरण आग को ठंडा करके और ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम करके काम करते हैं। ये पुनर्चक्रण योग्य होते हैं और इनमें कोई रसायन नहीं होता है, और कभी-कभी डी आग पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Water Spray Fire Extinguisher

ये बुझाने वाले तीन और छह लीटर पानी के स्प्रे टैंक में उपलब्ध हैं और लकड़ी, कपड़ा, कागज, प्लास्टिक या कोयले जैसे कार्बनिक ठोस पदार्थों को शामिल करने के लिए उपयुक्त हैं। वे आग की लपटों के आधार पर जेट का उपयोग करते हैं और आग के बुझने तक इसे लगातार और स्थिर रूप से आगे बढ़ाते हैं। यह उच्च दाब के सौजन्य से एक महीन स्प्रे बनाता है और आग को बुझा देता है।

CO2 Fire Extinguisher

इन उपकरणों में केवल दबाव वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है और जलती हुई तरल पदार्थ (कक्षा बी), और बिजली की आग से जुड़ी आग पर उपयोग के लिए उपयुक्त होती है। वे बिजली की वस्तुओं को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं या शॉर्ट सर्किट शुरू नहीं करते हैं। हालांकि, CO2 एक्सटिंगुइशर डिस्चार्ज के दौरान बहुत ठंडे हो जाते हैं और डीप फैट फ्रायर के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।

Foam Type Fire Extinguisher

ये ठोस और तरल पदार्थ (कक्षा ए, कक्षा बी) में आग को शांत करते हैं लेकिन वसा या खाना पकाने के तेल जलाने के लिए लागू नहीं होते हैं। फोम एक्सटिंगुइशर के कुछ मॉडल हैं जिनका उपयोग बिजली की आग पर किया जा सकता है। फोम एक्सटिंग्विशर को साफ करना आसान होता है और पानी के एक्सटिंग्विशर की तुलना में अधिक महंगे होते हैं।

Dry Powder Fire Extinguisher

कक्षा ए, बी और सी की आग के लिए जो ठोस, तरल और गैसों के जलने से होती है, ये बुझाने वाले सबसे अच्छे विकल्प हैं। इन्हें टाइप डी की आग से निपटने के लिए भी डिजाइन किया गया है। वे पाउडर बनाने का काम करते हैं जो आग को बुझाता है और इसे फैलने से रोकता है। ये बुझानेवाले आमतौर पर कम खर्चीले और शक्तिशाली होते हैं।

Wet Chemical Fire Extinguisher

ये बुझानेवाले पानी की धुंध छोड़ते हैं और वर्ग एफ की आग के लिए सबसे उपयुक्त हैं। ये मुख्य रूप से रसोई में व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तरह से उपयोग किए जाते हैं। आप उन्हें क्लास ए और क्लास बी की आग पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि वे इन आग पर कम प्रभावी हैं। इन उपकरणों में पानी में क्षार लवण का एक दबावयुक्त घोल होता है और एक महीन धुंध बनाता है जो आग की लपटों को शांत कर सकता है और छींटे को रोक सकता है।

“5S” Best Definition, Types & use in Hindi

5S Very Important Rule use in Industrial & Manufacturing Unit 5S is rule many benefits like 5S Rule increase manufacturing without any hazard and Tools Damaging

What are the Five S 5S ( 5s का मतलब क्या होता है)

Sorting “SEIRI”(छटनी)

छटनी से अभिप्राय: है सभी अनावश्यक उपकरण पुर्जो को हटाना | कारखाने के एक-एक पुर्जा का निरीक्षण करके उन सभी को हटाए जो आवश्यक नहीं है

Trimming refers to the removal of all unnecessary equipment parts. Inspect every part of the factory and remove all that are not needed

Setting in Order “SEITON) (क्रम निर्धारण)

हर वस्तु के लिए एक निर्धारित जगह होनी चाहिए तथा हर वस्तु अपने स्थान पर होनी चाहिए | वस्तु का स्थान उस स्थान से में नजदीक होना चाहिए जहां वस्तु का अधिकतम प्रयोग होता है मजदूरों को बार-बार उसी उपकरण को खोजने में समय व्यर्थ नहीं करना पड़े

There should be a designated place for every thing and every thing should be in its place. The location of the object should be close to the place where the object is used the most, the workers should not have to waste time searching for the same equipment again and again.

Simplifying “SEISO” (सरलीकरण)

उत्पादन की सारी प्रक्रिया सरल एवं स्पष्ट होनी चाहिए

The whole process of production should be simple and clear

Standardizing “SEIKETSU” (प्रमाणीकरण)

सभी वस्तुएं उपकरण प्रमाणित होना चाहिए सभी का स्तर एक समान हो हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी की जानकारी होनी चाहिए

All items Equipment must be certified Everyone should be of equal standard Every person should be aware of his responsibility

Self-Discipline “SHITSUKE” (स्वयं अनुशासन)

प्रमापों को निर्धारित करना और उनका अवलोकन करना | जब आप 4S का ध्यान रखते हैं तो यहां 5S वैसे ही लागू हो जाता है

Determining and observing standards. When you consider 4S, here’s how 5S applies

उपरोक्त 5S के अतिरिक्त 3S और भी हैं

  1. Safety
  2. Security
  3. Satisfaction

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Very Important MCQ for Fitter 1st Year

NIMI Question Bank Fitter 1st Year Student of NCVT MIS ITI very Most Important MCQ ( Mock Test/Objective Question) for SCVT and NCVT ITI Students Fitter’s most important 100 questions collection, which is very important for NCVT candidates, all questions are based on NIMI pattern and are also explained in easy language so that you do not face any difficulty.

1. संकीर्ण कार्य के लिए किस विशेष फाइल का प्रयोग किया जाता है ?

  1. स्तंभ फ़ाइल
  2. स्क्वायर फ़ाइल
  3. ड्रेड नॉट फाइल
  4. स्वाइल पैटर्न फ़ाइल

उत्तर :-  1 स्तंभ फ़ाइल

2. मेटिंग पार्ट्स के बीच गैप को चेक करने के लिए किस गेज का प्रयोग किया जाता है?

  1. पर्ची गेज
  2. प्लग गेज
  3. फीलर गेज
  4. त्रिज्या गेज

उत्तर :-  3 फीलर गेज

3. स्लिप गेज को साफ करने के लिए किस सामग्री का उपयोग किया जाता है?

  1. मोम
  2. मिट्टी का तेल
  3. घुलनशील तेल
  4. कार्बन टेट्रा क्लोराइड

उत्तर :- 4 कार्बन टेट्रा क्लोराइड

4. स्लिप गेज को जंग से बचाने के लिए किस सामग्री का उपयोग किया जाता है?

  1. तेल
  2. मोम
  3. मिट्टी का तेल
  4. पेट्रोलियम जेली

उत्तर :- 4 पेट्रोलियम जेली

5. स्टील में एनीलिंग का उद्देश्य क्या है?

  1. काटने की क्षमता जोड़ने के लिए
  2. पहनने के प्रतिरोध को बढ़ाने के लिए
  3. आंतरिक तनाव को दूर करने के लिए
  4. स्टील की अनाज संरचना को परिष्कृत करने के लिए

उत्तर :- 3 आंतरिक तनाव को दूर करने के लिए

6. विंग नट का क्या फायदा है?

  1. कोच निर्माण कार्य में
  2. भारी शुल्क विधानसभा कार्य
  3. बिना रिंच के ढीला और कस लें
  4. सजावटी उपस्थिति प्रदान करें

उत्तर :- 3 बिना रिंच के ढीला और कस लें

7. त्रिज्या और पट्टिका गेज बनाने के लिए किस सामग्री का उपयोग किया जाता है?

  1. टूल स्टील
  2. कठोर स्टील शीट
  3. उच्च कार्बन स्टील
  4. मध्यम कार्बन स्टील

उत्तर :- 2 कठोर स्टील शीट

8. सर्कुलर टेंपर की का प्रयोग कहाँ किया जाता है?

  1. लाइट ड्यूटी ट्रांसमिशन
  2. द्वि-दिशात्मक रोटेशन
  3. लंबा शाफ्ट
  4. पतला शाफ्ट

उत्तर :- 1 लाइट ड्यूटी ट्रांसमिशन

9. शाफ्ट के साथ घूमने की अनुमति के बिना सादे असर को स्थिति में कैसे रखा जाता है?

  1. क्लैंप द्वारा
  2. बोल्ट और नट द्वारा
  3. कुंजी या पेंच द्वारा
  4. डिवाइस को लॉक करके

उत्तर :-  3 कुंजी या पेंच द्वारा

10. लॉक वॉशर का क्या फायदा है?

  1. बढ़ी हुई असर सतह प्रदान करें
  2. सतह को नुकसान को रोकें
  3. काम की सतह पर भी दबाव वितरित करें
  4. कंपन के तहत बोल्ट या अखरोट को ढीला होने से रोकें

उत्तर :- 4 कंपन के तहत बोल्ट या अखरोट को ढीला होने से रोकें

11. Gib हेडेड की का उपयोग करने से क्या लाभ है?

  1. पतला फिटिंग के लिए प्रयुक्त
  2. आसानी से निकाला जा सकता है
  3. यूनिडायरेक्शनल टॉर्क प्रदान करता है
  4. उच्च गति आवेदन में अच्छा

उत्तर :- 2 आसानी से निकाला जा सकता है

12. नुकीले कोनों को खत्म करने के लिए किस फाइल का उपयोग किया जाता है?

  1. स्तंभ फ़ाइल
  2. रिफ्लर फ़ाइल
  3. बैरेट फ़ाइल
  4. वार्डिंग फ़ाइल

उत्तर :- 3 बैरेट फ़ाइल

13.वर्नियर बैवल प्रोट्रैक्टर के किस भाग पर वर्नियर डिजीवन बने होते हैं?

  1. डिस्क
  2. डायल
  3. स्टॉक
  4. ब्लेड

उत्तर :- 3 डायल

14.फिनिश रीमिंग के द्वारा धातु कटती है

  1. 0.02 से 0.05 मिमी
  2. 0.06 से 0.08 मिमी
  3. 0.1 से 0.15 मिमी
  4. 0.2 से 0.25 मिमी

उत्तर :- 4 0.02 से 0.05 मिमी

15.ऐक्मी स्क्रू थ्रेड का कोण होता है

  1. 60°
  2. 29°
  3. 550
  4. 471/2

उत्तर :- 2 29°

15. फीलर गेज का उद्देश्य क्या है?

  1. ड्रिल किए गए छेद की गहराई की जांच करें
  2. पेंच धागे की पिच की जाँच करें
  3. वर्कपीस की त्रिज्या की जाँच करें
  4. सभी भागों के बीच की खाई की जाँच करें

उत्तर :- 4 सभी भागों के बीच की खाई की जाँच करें

16.माइक्रोमीटर किस रेन्ज तक मिलते हैं

  1. 0-1″                                       
  2. 1-2″
  3. 2-3″
  4. उपर्युक्त सभी

उत्तर :- उपर्युक्त सभी

17. हैंड फाइलें किस मेटीरियल से बनाई जाती हैं?

  1. केस हार्ड की हुई माइल्ड स्टील
  2. हार्ड कार्बन स्टील
  3. हाई स्पीड स्टील
  4. लो कार्बन स्टील

उत्तर :- 2 हार्ड कार्बन स्टील

18.डीप कटिंग हेकसॉ फ्रेम का प्रयोग किया जाता है

  1. मोटे जॉब के लिए
  2. शीट के लिए
  3. हार्ड धातु के लिए
  4. गहरी कटिंग के लिए

 उत्तर :- 4 गहरी कटिंग के लिए

19. 7.बी.एस. डब्ल्यू. स्क्रू थ्रेड की सिंगल डेप्थ होती है

  1. .7035 P
  2. .6 P
  3. .6134 P
  4. .6403 P

उत्तर (4) .6403 P

20.फिटिंग पार्ट्स के बीच जानबूझ कर रखे जाने वाले अन्तर को कहते हैं

  1. हाई लिमिट             
  2. टॉलरेंस
  3. एलाउंस
  4. लिमिट

उत्तर:- 3 एलाउंस

21.साइन बार का प्रयोग करते हुए ऐंगल को सेट करने के लिए, स्लिप गेजों की ऊँचाई और साइन बार की लम्बाई…..का अनुपात बनाती है।

  1. Cosθ
  2. Sinθ
  3. Tanθ
  4. Cotθ

उत्तर:- 2 sinθ

22.बी.ए. थ्रेड का शीर्ष कोण होता है

  1. 450
  2. 471/2°
  3. 550
  4. 660

उत्तर :- (2) 471/2°

23. निम्नलिखित में से किस प्लग गेज में ‘गो’ और ‘नो-गो’ सिरे एक ही साइड पर होते हैं?

  1. डबल ऐण्डिड प्लग गेज 
  2. प्रोग्रेसिव प्लग गेज 
  3. एडजस्टेबल प्लग गेज 
  4. फिक्सड टाइप प्लग गेज

उत्तर :- 2 प्रोग्रेसिव प्लग गेज

24. एक ट्विसट ड्रिल में कौनसा कोण रेक ऐंगल बनाता है?

  1. चीजेल ऐंगल 
  2. प्वाइंट ऐंगल 
  3. हेलिक्स ऐंगल 
  4. लिप क्लीयरेंस ऐंगल  

उत्तर:- 3 हेलिक्स ऐंगल

  25.यदि पुराने कट में नया ब्लेड प्रयोग करेंगे तो वह

  1. फंस-फंस कर चलेगा 
  2. जल्दी घिस जायेगा 
  3. तेज कटिंग करेगा 
  4. धीमी कटिंग करेगा  

उत्तर :- 1  फंस-फंस कर चलेगा

26.इंडियन स्टैण्डर्ड स्क्रू थ्रेड की सिंगल डेप्थ होती है

  1. .6403 P 
  2. .613 P 
  3. .6 P 
  4. .6495P

 उत्तर :- 2  .613 P

27. डक्टिलिटी धातु का एक गुण है जो कि निम्नलिखित में से किसे बनाने के लिए सहायक होता है?

  1. तारें 
  2. शीटें 
  3. पाइपें 
  4. प्लेटें  

उत्तर :- 1  तारें

28.सबसे भारी धातु होती है

  1. टिन 
  2. कास्ट आयरन 
  3. सीसा 
  4. जिंक  

उत्तर :- 3  सीसा  

29. कठोर स्टील को 4000 C से नीचे के तापमान पर फिर से गर्म करने के बाद ठंडा करने के लिए गर्मी उपचार प्रक्रिया का क्या नाम है?

  1. एनीलिंग
  2. हार्डनिंग
  3. तड़के
  4. सामान्यीकरण

उत्तर :- 3 तड़के

30.किसी बेसिक साइज पर स्वीकृत अधिकतम सीमा को

  1. टॉलरेंस कहते हैं 
  2. हाई लिमिट कहते हैं 
  3. एलाउंस कहते हैं। 
  4. लो लिमिट कहते हैं 

उत्तर : – 2  हाई लिमिट कहते हैं

31.डाई नट कुछ नहीं है बल्कि

  1. डाई द्वारा फोजिंग किया हुआ एक नट है 
  2. नट के आकार की डाई है 
  3. डाई स्टॉक पर लगा हुआ नट है 
  4. नट में चुड़ियाँ काटने वाली डाई है  

उत्तर :- 2  नट के आकार की डाई है    

32.’की’ कितने प्रकार की होती है

  1. 6  

उत्तर :- (2) 6

33.सबसे हल्की धातु होती है

  1. अल्युमीनियम 
  2. कॉपर 
  3. जिंक 
  4. टिन  

उत्तर  :- 1 अल्युमीनियम    

34.हेक्सा फ्रेम में ब्लेड को बाँधते समय दांतें होने चाहिए

  1. विंग नट की ओर 
  2. किसी भी ओर 
  3. हैंडल की ओर 
  4. उपरोक्त में कोई नहीं  

उत्तर  :- 1 विंग नट की ओर

35. आयताकार क्रॉस सेक्शन वाली कौन सी कुंजी शाफ्ट और हब दोनों पर की-वे कट में फिट होती है?

  1. सनक कुंजी
  2. पंख कुंजी
  3. फ्लैट सैडल कुंजी
  4. खोखले सैडल कुंजी

उत्तर :- 1 सनक कुंजी

36.किसी टूल की ब्रिटलनेस कम करके टफनैस बढ़ाने को

  1. हाईनिंग कहते हैं 
  2. केस हार्डनिंग कहते हैं 
  3. टेम्परिंग कहते हैं 
  4. नॉर्मलाइजिंग कहते हैं  

उत्तर :- 3 टेम्परिंग कहते हैं    

37.क्रॉस कट चीजेल का प्रयोग किया जाता है

  1. बियरिंग में आयल ग्रुव बनाने के लिए 
  2. चाबीघाट बनाने के लिए 
  3. खुदाई के लिए 
  4. कॉनर सफाई के लिए  

उत्तर :- 2 चाबीघाट बनाने के लिए    

38.मशीन की ओवरहॉलिंग का अभिप्राय है

  1. मशीन के प्रत्येक पार्टी को तेल देना 
  2. मशीन के किसी खराब पार्टी को बदलना 
  3. मशीन को पूरी तरह से खोलकर, साफ करके तेल देने के बाद दुबारा फिट करना 
  4. मशीन को साफ करना  

उत्तर :- 3  मशीन को पूरी तरह से खोलकर, साफ करके तेल देने के बाद दुबारा फिट करना                           

39.टेप के द्वारा एक होल की थ्रेडिंग करने के बाद यह पाया गया कि थ्रेड की क्रेस्ट पूरी तरह से फार्म में नहीं बनी है। इस दोष का कारण होता है

  1. अपर्याप्त कूलेंट सप्लाई 
  2. टेप के कटिंग एज का टिप टूटा होना 
  3. टेप ड्रिल साइज की अपेक्षा होल साइज थोड़ा सा छोटा होना 
  4. टेप ड्रिल साइज की अपेक्षा होल साइज थोड़ा सा बड़ा होना  

उत्तर :- टेप ड्रिल साइज की अपेक्षा होल साइज थोड़ा सा बड़ा होना                

40.फार्मर का चयन निर्भर करता है

  1. पाइप का बोर डायमीटर 
  2. पाइप की दीवारों की मोटाई 
  3. पाइप का आउटसाइड डायमीटर 
  4. उपरोक्त में कोई नहीं  

उत्तर :- पाइप का आउटसाइड डायमीटर                      

41. मेजरिंग गेजों को वीयर रेजिस्टेंस की आवश्यकता होता है। ऐसा गुण प्राप्त करने के लिए किस हीट ट्रीटमेंट विधि की आवश्यकता होती है?

  1. नार्मलाइजिंग 
  2. केस हार्डनिंग 
  3. एनीमिंग 
  4. टेम्परिंग  

उत्तर :- 2 केस हार्डनिंग

42. निम्नलिखित किस वोल्ट में B.S.W. चूड़ी कटी होती है?

  1. रैग वोल्ट 
  2. लुइस वोल्ट 
  3. हुक वोल्ट 
  4. उपर्युक्त सभी  

उत्तर :- 1 रैग वोल्ट    

43.बेंच वाइस के जॉस् खुलते हैं

  1. एक दूसरे के सामानांतर 
  2. वी-आकार में 
  3. 1 व 2 दोनों 
  4. दोनों से कोई नहीं  

उत्तर  :- 2 वी-आकार में  

44.बाल बियरिंग को माउंट करते समय शाफ्ट के साथ इन्नर रेस में किस प्रकार का किट प्रयोग किया जाता है

  1. प्रिसीजन स्लाइड 
  2. बड़ा क्लीयरेंस 
  3. लूज रनिंग 
  4. इंटरफीयरेंस  

उत्तर :- 4 इंटरफीयरेंस    

  45. बैरल के ऊपर घूमने वाले हिस्से को क्या कहते हैं?

  1. स्लीव
  2. एनविल 
  3. बैरल 
  4. थिम्बल  

  उत्तर :- 4 थिम्बल    

46. निम्नलिखित में से कौनसा विशेष लक्षण रेडियल ड्रिलिंग मशीन के लिए होता है?

  1. इसके स्पिण्डल को किसी भी पोजीशन में सेट किया जा सकता है 
  2. इसके टेबल को ऊपर-नीचे मूव किया जा सकता है 
  3. इस पर पिलर लगा होता है 
  4. इसे केवल एक फिक्स्ड स्पीड पर ही चलाया जा सकता है  

उत्तर :- 1 इसके स्पिण्डल को किसी भी पोजीशन में सेट किया जा सकता है    

47. कॉलर और शाफ्ट को पोजीशन में कनेक्ट करने के लिए किस स्क्रू का प्रयोग किया जाता है?

  1. हेक्सागनल सॉकेट सेट स्क्रू 
  2. स्क्वायर हेड स्क्रू 
  3. हैक्सागनल हेड स्क्रू 
  4. पान हेड स्क्रू  

उत्तर :- 3 हेक्सागनल सॉकेट सेट स्क्रू    

48. निम्नलिखित में से फाउन्डेन्शन वोल्ट कौन है?

  1. रैग वोल्ट 
  2. लुइस वोल्ट 
  3. हुक वोल्ट 
  4. उपर्युक्त सभी 

उत्तर :- 4 उपर्युक्त सभी    

49.ड्रिल का कटिंग ऐंगल निर्भर करता है

  1. ड्रिल की धातु पर 
  2. जॉब की धातु पर 
  3. ड्रिल के साइज पर 
  4. मशीन के साइज पर  

उत्तर :- 2 जॉब की धातु पर    

50. एक रेल ट्रैक की ड्रिलिंग करनी है जहाँ पर इलेक्ट्रिक सप्लाई नहीं है। निम्नलिखित में से कौनसी ड्रिलिंग मशीन का प्रयोग करेंगे?

  1. पिलर ड्रिलिंग 
  2. बेंच ड्रिलिंग 
  3. रैचेट ड्रिलिंग 
  4. रेडियल ड्रिलिंग मशीन

उत्तर :-  रैचेट ड्रिलिंग    

51.दो मेटिंग पार्ट्स के बीच क्लीयरेंस मापा जाता है

  1. डायल गेज द्वारा 
  2. ‘गो’ गेज द्वारा 
  3. फीलर गेज द्वारा 
  4. केलिपर द्वारा  

उत्तर :- 3 फीलर गेज द्वारा    

52.एक उत्पादन की क्वालिटी तब मानी जाती है जब

  1. उसका आकार और डायमेंशनें लिमिट्स में हों 
  2. वह देखने में अच्छा लगता हो 
  3. वह प्रयोग के लिए का चयन उपयुक्त हो 
  4. मेटीरियल का चयन उपयुक्त हो  

उत्तर :- 3 वह प्रयोग के लिए का चयन उपयुक्त हो  

53.सबसे छोटा नंबर साइज ड्रिल होता है

  1. 0.75 मिमी. 
  2. 0.50 मिमी. 
  3. 0.343 मिमी. 
  4. 0.20 मिमी.  

उत्तर :- 3 0.343 मिमी.    

54.ट्रेन ऑफ गियर के लिए सही है

  1. यह सीरीज में दो या दो से अधिक गियर होते हैं 
  2. इसके टीथ आपस में मिले रहते हैं 
  3. इसका प्रयोग पॉवर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में होता है 
  4. उपर्युक्त सभी  

उत्तर :- 4 उपर्युक्त सभी    

  55.एक नट जिसे अंगूठे के प्रेशर के द्वारा टाइट/ढीला किया जाता है तथा इसका प्रयोग हेक्सा फ्रेम में किया जाता है, को कहते

  1. रिंग नट 
  2. थम्ब नट 
  3. केप नट 
  4. विंग नट  

उत्तर :- 4 विंग नट    

56.वर्नियर केलिपर के किस भाग पर मेन स्केल डिवीजन बने होते

  1. फिक्स्ड जॉ 
  2. मूवेबल जॉ 
  3. वर्नियर 
  4. बीम  

उत्तर :- 4 बीम    

57.स्क्रू जैक पर चुड़ियाँ होती हैं

  1. ऐक्मी 
  2. स्क्वायर 
  3. बटरैस 
  4. बी.एस. डब्ल्यू  

  उत्तर :-2 स्क्वायर

58.निम्नलिखित में से पिन के प्रकार हैं

  1. स्पिलिट पिन 
  2. स्लीव पिन 
  3. डॉवल पिन 
  4. उपर्युक्त सभी  

  उत्तर :- 4 उपर्युक्त सभी    

59.स्पलैश लुब्रिकेशन का सर्वोत्तम उदाहरण है

  1. रिंग लुब्रिकेशन 
  2. ग्रीस गन लुब्रिकेशन 
  3. विक फीड लुब्रिकेशन 
  4. पम्प लुब्रिकेशन  

उत्तर :- 1 रिंग लुब्रिकेशन    

60.मैशिंग गियर्स में बैकलैश होती है

  1. मैश की हुई दो गियर्स के बीच इंटरफीयरेंस 
  2. मैश की हुई दो गियर्स के बीच क्लीयरेंस 
  3. मैश की हुई दो गियर्स के बीच फ्रिक्शन 
  4. मैश की हुई दो गियर्स के बीच टाइटनैस  

उत्तर :- 2 मैश की हुई दो गियर्स के बीच क्लीयरेंस    

61.चीजेंल की धातु होती है

  1. कास्ट आयरन 
  2. कोबाल्ट स्टील 
  3. माइल्ड स्टील 
  4. हाई कार्बन स्टील  

उत्तर :- 4  हाई कार्बन स्टील    

62. अंग्रेजी माइक्रोमीटर में कितनी नाप ली जा सकती है?

  1. 0.1″ 
  2. 0.01″ 
  3. 0.001″ 
  4. 0.0001″  

उत्तर :-  0.001″    

63. निम्नलिखित में से कौनसा कोण रिलीफ की तरह कटिंग लिप्स के पीछे की ओर दिया जाता है?

  1. रेक ऐंगल 
  2. लिप क्लीयरेंस ऐंगल 
  3. हेलिक्स ऐंगल 
  4. चीजेल ऐज ऐंगल  

उत्तर :- 3 हेलिक्स ऐंगल    

64.बी.ए. स्क्रू थ्रेड का कोण होता है

  1. 550 
  2. 45° 
  3. 471/20 
  4. 50°  

उत्तर :- (3) 471/20  

File (रेती) क्या है? फाइल के प्रकार| Hand Tools

Files Tool के Types of Files Tool के बारे में सबसे जरूरी बात आपको पता होनी चाहिए कि रेती कितने प्रकार की होती है, इनका इस्तेमाल कहां किया जाता है और कौन सी File अच्छी है और कौन सी रेती किस काम के लिए प्रयोग होती है आइए जानते हैं

फाइल (रेती) के प्रकार चार्ट

Files Tool TypeSize
(In MM)
Use
Flat Files200 For sanding exterior and interior surfaces (General use)
Round Files150 To enlarge the circular hole
Half Round Files150 For sanding interior square areas
Square Files100 square area, inner square corner, rectangular hole key pier
Splines are used for sanding
Triangular Files100 corner, and is used for sanding angles greater than 60°
Safe edge File150 For sanding angled surfaces
Flat Rasp File 200 For sanding angles greater than 10 degrees
Types of Files tool

Parts of File Tool

Parts of File Tools

1. Edge

रेती का पतला भाग जिस पर एक पंक्ति में समांतर दाते कटे होते हैं|

2. Heel

रेती के चौड़े भाग का वह चित्र जहा दांते नहीं कटी होती हैं|

3. Shoulder

रेती वह वक्र भाग जोकि टेंग की बॉडी से अलग करती है|

4. Tang

पतला तथा संकरा रेती का वह भाग जो की हैंडल में फिट होता है|

5. Handle

रेती को पकड़ने के लिए टेंग पर फिट किए जाने वाला भाग|

6. Ferrule

धातु का बचाव छल्ला जो कि हैंडल को क्रेक होने से बचाता है|


रेतियाँ (Files)

यह एक मुख्य हैण्ड कटिंग टूल है। जहाँ पर मशीन टूल द्वारा काम नहीं कर सकते वहाँ इसकी आवश्यकता पड़ती है, जैसे आरी द्वारा कटिंग व चिपिंग की गई सरफेस को समतल बनाने के लिए, जॉब से अनावश्यक धातु (Surplus Metal) को हटाने के लिए, मॉडल अथवा डाई बनाने के लिए, किसी जॉब को चौरस या दूसरे आकार से बनाने तथा चिकना करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है।

यह हाई कार्बन स्टील ( HCS ) की बनी होती है। टैंग को छोड़कर बाकी भाग हार्ड एवं टैम्पर किया होता है। इसके फेस तथा साइडों पर बहुत-से कटिंग ऐज या दाँतें (Teeth) बने होते हैं, जो धातु को छोट-छोटे कणों के रूप में काटते हैं। अतः रेती द्वारा बहुत कम धातु काटी जा सकती है। फाइलिंग एलाउन्स प्राय: 0.02 मि.मी. से 0.5 मि.मी. तक रखा जाता है। रेती का साइज टिप (Point) से हील (Heel) तक लिया जाता है। रेती की कार्यविधि चित्र 16 में दशाई गई है।

रेती के भाग (Parts of Files)

रेती के निम्नलिखित भाग होते हैं

  1. टिप, टो या प्वाइण्ट (Tip, Toe or Point)
  2. फेस (Face)
  3. ऐज (Edge)
  4. हील (Heel)
  5. टैंग (Tang)
  6. शोल्डर (Shoulder)
  7. फरूल (Ferrule)।
  8. हैण्डल (Handle)

रेती का वर्गीकरण (Types of files tool)

रेती का वर्गीकरण निम्नलिखित विधि से किया जाता है

  1. लम्बाई के आधार पर (According to Length)
  2. आकृति के अनुसार (According to Shape or Section)
  3. कट के अनुसार (According to Cut)
  4. ग्रेड के अनुसार (According to Grade)
  5. लम्बाई के आधार पर (According to Length)

लम्बाई के आधार पर (According to Length)

साधारणतया रेती की लम्बाई 100 मि.मी. से 450 मि.मी. तक होती है, जैसे-100, 150, 200, 250, 350, 400 और 450 मि.मी. आदि। रेती की लम्बाई ‘हील से प्वाइन्ट’ तक ली जाती है, परंतु गोल रेती का साइज उसके व्यास से और स्क्वायर रेती का साइज उसकी भुजा की चौड़ाई से लिया जाता है। 450 मि.मी. से लम्बी भी रेती आती हैं जिन्हें फाइलिंग मशीन में पकड़ कर काम में लाते हैं।

आकृति के अनुसार (According to Shape or Section)


आकृति के अनुसार रेतियाँ विभिन्न प्रकार की होती हैं, परंतु मुख्यतः सात प्रकार की रेतियाँ अधिक प्रयोग में लाई जाती हैं। अगर रेती का क्रॉस-सैक्शन बनाएँ तो कोई-न-कोई रेखागणित का चित्र बनेगा। इसे रेती का आकार या सैक्शन कहते हैं।

Flat File (चपटी रेती)

Flat File (चपटी रेती)

यह आयताकार अनुप्रस्थ काट (Cross-Section) की होती है तथा यह चौड़ाई और मोटाई में टेपर होती है। इसके फेस पर डबल कट और ऐज पर सिंगल कट दाँतें कटे होते हैं। यह साधारण कार्यों के लिए प्रयोग में लाई जाती है। लम्बाई के अनुसार यह अलग-अलग साइजों में मिलती हैं।

दस्ती रेती (Hand File)

दस्ती रेती (Hand File)

यह रेती चौड़ाई में समानान्तर अर्थात् हील से प्वाइंट तक एक समान होती है, परंतु मोटाई में कुछ टेपर होती है। यह हमेशा डबल कट में ही बनाई जाती है, परंतु इसके एक किनारे पर दाँतें नहीं कटे होते, इसीलिए इसे सेफ-ऐज (Safe Edge) रेती भी कहते हैं। इसे किसी जॉब के अन्दर की साइड समकोण बनाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

त्रिकोणी रेती (Triangular File)

त्रिकोणी रेती (Triangular File)

यह रेती त्रिकोणी होती है व इसका प्रत्यक कोण 60° का होता है। इस रेती का मुख्य प्रयोग ‘V’ आकार के ग्रूव बनाने, आयताकार, वर्गाकार या स्लॉट आदि बनाने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसमें आरी के दाँतें भी तेज किए जाते हैं। आमतौर पर इसकी लम्बाई का 2/3 भाग समानान्तर होता है। इसे थ्री स्क्वायर फाइल भी कहते हैं। प्रायः इस रेती के तीनों फेसों पर डबल कट दाँतें कटे होते हैं।

वर्गाकार रेती (Square File)

वर्गाकार रेती (Square File)

इस रेती को चकोर या चौरस रेती भी कहते हैं। इसकी लम्बाई का 2/3 भाग समानान्तर व 1/3 भाग टेपर होता है। इस पर दाँत दुहरे कट (Double Cut) में कटे होते हैं। इस रेती का मुख्य प्रयोग आयताकार या वर्गाकार सुराखों को बनाने तथा चाबीघाट (Key way) एवं चौरस नालियाँ आदि बनाने के लिए किया जाता है। इनका साइज इसकी मोटाई से भी लिया जाता है।

अर्ध गोल रेती (Half Round File)

अर्ध गोल रेती (Half Round File)

यह रेती एक तरफ से चपटी और दूसरी तरफ से अर्धगोल होती है। इस पर भी दुहरे कट दाँतें कटे होते हैं। इसकी मोटाई एवं चौड़ाई हील से मध्य तक बराबर होती है और मध्य से टो या टिप तक टेपर होती है। यह बाहरी एवं भीतरी (Concave or convex) गोलाई बनाने, छोटे सुराखों को बड़ा करने या टेढ़े-मेढ़े सुराखों को ठीक करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है।

गोल रेती (Round File)

अर्ध गोल रेती (Half Round File)

यह गोलाकार आकार की होती है। सामान्यतया इसकी लम्बाई का 2/3 भाग समानान्तर और बाकी भाग टेपर होता है इसलिए इसे चूहा-पूँछ (Rat Tail) रेती कहते हैं। जब यह बिना टेपर के रहती है तो इसे समानान्तर गोल रेती कहते हैं। यह इकहरों और दुहरी दोनों कटों में पाई जाती है। इन्हें वक्र सतहों को फाइलिंग करने तथा छोटे छिद्रों या स्लॉट आदि को बड़ा करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है।

नाईफ ऐज-फाइल (Knife Edge File)

नाईफ ऐज-फाइल (Knife Edge File)

इसका आकार चाकू की तरह होता है और इसका बारीक किनारा 10° टेपर पर बना होता है। यह रेती क्रमशः चौड़ाई और मोटाई में टेपर होती है। इस रेती के दोनों फेसों तथा बारीक किनारे पर दाँतें कटे होते हैं। इसका प्रयोग ताले की चाबी के दाँतें निकालने और अन्दर के 60° से कम के कोण या बारीक किनारे बनाने के लिए किया जाता है।

किसी धातु के लिए उचित रेती का चयन करते समय निम्नलिखित तीन बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  1. दाँतों के प्रकार,
  2. दाँतों की पिच,
  3. धातु की प्रवृति।

दाँतों का कट (Cut of Teeth)

कट के अनुसार (According to Cut)

रेती के फेस पर विभिन्न प्रकार के दाँतें कटे होते हैं, जिन्हें दाँतों का कट कहते हैं। दाँतों के कट के अनुसार रेतियाँ निम्नलिखित प्रकार की होती हैं

सिंगल कट फाइल (Single Cut File)

सिंगल कट फाइल (Single Cut File)

इस प्रकार की रेती के फेस पर दाँतें एक-दूसरे के समान्तर कटे होते हैं। ये रेती की केन्द्रीय रेखा के साथ 60° का कोण बनाते हैं। इनका उपयोग प्रायः बहुत नरम धातु को काटने के लिए किया जाता है, जैसे- एल्यूमिनियम, पीतल, तांबा आदि। इस रेती द्वारा बनी सतह डबल कट रेती की अपेक्षा अधिक फिनिश बनती है परंतु इसके द्वारा धातु कम कटती है।

डबल कट फाइल (Double Cut File)

डबल कट फाइल (Double Cut File)

इन रेतियों के दाँतें दोनों ओर एक-दूसरे की विरोधी दिशा में दो सैटों में कटे होते हैं जो एक-दूसरे को क्रॉस करके काटे जाते हैं। दोनों कट में से एक की ओवर कट (Over Cut) जो केन्द्रीय रेखा के 60° पर होते हैं। इसे पहला कट (Ist Cut) भी कहते हैं तथा दूसरे सैट के दाँतें केन्द्रीय रेखा से 750 से 80° के कोण में कटे होते हैं जो कि प्रथम सैट के दाँतों को क्रॉस करते हैं, इसे अप कट भी कहते हैं। साधारण कार्यों के लिए दूसरी कट रेती उपयोग में लाई जाती है। इससे सफाई (Finish) तो नहीं आती, परंतु माल शीघ्रता से काट सकते हैं। [चित्र 19 (b)] ।

रास्प कट फाइल (Rasp Cut File)

रास्प कट फाइल (Rasp Cut File)

इस प्रकार की रेती पर दाँतें त्रिकोण पंच (Triangular Punch) द्वारा ऊपर उठाए होते हैं। यह चपटी या गोल आकार में मिलती है। इसको बहुत नर्म धातु से सीसा (Lead) या लकड़ी, हार्ड रबड़, प्लास्टिक, फाईबर आदि को काटने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

वक्राकार कट फाइल (Curved Cut File)

इस रेती पर कई दाँतें कटे होते हैं। इसका प्रयोग नर्म धातु को काटने तथा फिनिश लाने के लिए किया जाता है। इसे विक्सन रेती (Vixen File) भी कहते हैं।

स्पायरल कट फाइल (Spiral Cut File)

इस प्रकार की रेती के गोल एवं अर्द्ध-गोल साइडों पर चूड़ी की तरह ग्रूव कटी होती है। इसका प्रयोग भी मुलायम धातुओं पर कटे छिद्र आदि को फिनिश करने के लिए किया जाता है।

ग्रेड के अनुसार (According to Grade)

दाँतों की कतारों में दूरी या दाँतों के बीच के अन्तराल (Pitch) को रेती का ग्रेड (Grade of files) कहते हैं। ग्रेड मीट्रिक पद्धति में रेती की 10 मि.मी. लम्बाई में दाँतों की संख्या व्यक्त करता है तथा ब्रिटिश पद्धति में एक इंच लम्बाई में दाँतों की संख्या व्यक्त की जाता है।

ग्रेड के अनुसार रेतियाँ निम्नलिखित प्रकार की होती हैं According to grade types of files tool

  1. रफ फाइल (Rough File)
  2. कोर्स फाइल (Coarse File)
  3. बास्टर्ड फाइल (Bastard File)
  4. सेकेन्ड कट फाइल (Second Cut File)
  5. स्मूथ फाइल (Smooth File)
  6. डैड स्मूथ फाइल (Dead Smooth File)।

रेती की लम्बाई के साथ-साथ उसके दाँतों की संख्या भी बदलती रहती है। एक छोटी रफ कट रेती के दाँतें उतने महीन होंगे जितने एक बड़ी सेकेंड कट रेती के। कि 400 मि.मी. सेकेंड कट रेती के दाँतें 150 मि.मी. सेकेंड की अपेक्षा मोटे होंगे।

रफ रेती को नर्म धातु काटने के लिए प्रयोग में लाया जाता है अर्थात् नर्म धातु के ढलवें पार्टी की सतह आदि बनाने के लिए, परंतु साधारण फाइलिंग कार्यों के लिए बास्टर्ड रेती उपयोग की जाती है। कठोर धातुओं के लिए सेकेंड कट रेती उचित है तथा अधिकांश फिटिंग कार्यों में परिशुद्धता तथा फिनिश के लिए सेकेंड कट रेती ही उपयोग में लाई जाती है। स्मूथ रेती उपरोक्त रेतियों द्वारा बनी सतह को सही और समान बनाने के लिए तथा डैड स्मूथ रेती सतह पर उच्च फिनिश लाने के लिए प्रयोग में लाई जाती है।

रेती की उत्तलता (Convexity of File)

फाइल की बॉडी मध्य में कुछ ऊपर को उठी होती है अर्थात् उत्तल (Convex) होती है अर्थात् फाइल के उभरे हुए भाग को फाइल की कनवैक्सिटी कहते हैं। इसके निम्नलिखित लाभ हैं

  1. फाइलिंग करते समय अधिक ताकत नहीं लगानी पड़ती क्योंकि रेती की पूरी सतह जॉब की फेस पर एक साथ सम्पर्क में नहीं आती।
  2. रेती के पूरे दाँतें जॉब की सतह को नहीं छूते जिसके कारण जॉब की सतह ठीक प्रकार से समतल बन जाती है और चलाते समय रेती को नियमित भी किया जा सकता।
  3. कोई भी कारीगर अपने दोनों हाथों पर समान दबाव नहीं दे सकता। इसलिए जॉब के दोनों किनारे झुक जाते हैं और बीच का भाग उठ जाता है। कनवैक्सिटी होने के कारण जॉब का यह दोष दूर हो जाता है।

फाइल का टेपर होना (Taper of File)

साधारणत: कारीगर टेपर और कनवैक्सिटी को एक ही मान लेते हैं, परंतु यह भिन्न है। जैसाकि एक चपटी रेती के फेस का मध्य भाग कुछ ऊपर उठा अर्थात् कनवैक्स होता है। परंतु इसकी चौड़ाई टेपर होती है। इसी प्रकार अन्य सभी रेतियाँ लम्बाई के 1/3 भाग में टेपर होती हैं। रेती में टेपर होने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि वह अपनी चौड़ाई अथवा मोटाई से कम साइज के स्लॉट या छिद्र में प्रयोग की जा सकती है जिस प्रकार स्क्वायर, राऊंड तथा ट्राईएंगुलर फाइलें प्वाइंट की तरफ टेपर होती हैं जिनसे उनकी उपयोगिता बढ़ जाती है जैसे गोल रेती के टेपर होने के कारण इसके साइज से कम माप के छिद्र को फाइल कर सकते हैं।

फ़ाइल की विशिष्टता

रेती को खरीदते या माँगते समय निम्नलिखित विवरण देना अति आवश्यक है

  1. साइज,
  2. आकार,
  3. ग्रेड,
  4. कट।

उदाहरण- File 250 mm, Flat Smooth, Single cut. रेती 10 इंच राऊंड, सेकेंड कट, डबल कट। 6 इंच या 150 मि.मी. त्रिकोणी, स्मूथ, डबल कट।

कट और ग्रेड में अन्तर (Difference between Cut and Grade)

ग्रेड– इसमें 10 मि.मी. में दाँतों की संख्या बताई जाती है; जैसे-बास्टर्ड, सेकेंड कट या स्मूथ आदि।

कट (Cut) – कट में रेती के दाँतों की किस्म और कोण बताए जाते हैं; जैसे-सिंगल कट, डबल कट, रास्प कट या कर्ल्ड कट आदि।

फाइलिंग (Filing)

रेती द्वारा जिस क्रिया से धातु को काटा जाता है उसे फाइलिंग कहते हैं। फाइलिंग करते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना अति आवश्यक है

  1. कार्य के अनुसार रेती का चयन करना चाहिए।
  2. कार्य को वाइस में मजबूती से पकड़ने तथा उसकी ऊँचाई वाइस जॉ से 3 से 8 मि.मी. के बीच होनी चाहिए।
  3. कारीगर के शरीर की अवस्था अर्थात् खड़े होने की पॉजिशन सही करनी चाहिए।
  4. फाइल चलाते समय स्ट्रोक संख्या 40 से 50 प्रति मिनट होनी चाहिए।
  5. रेती पर दबाव केवल फॉरवर्ड स्ट्रोक में ही लगाना चाहिए।
  6. रेती को जॉब के एक सिरे से चलाकर दूसरे सिरे तक से जाना चाहिए अर्थात् पूरी रेती का प्रयोग करना चाहिए।
  7. फाइलिंग करते समय ट्राई स्क्वायर द्वारा जॉब की समतल सतह की जाँच कर लेनी चाहिए।
  8. कार्य समाप्त करने के बाद रेती तथा वाइस को अच्छी तरह साफ कर देना चाहिए।

फाइलिंग कितनें प्रकार की जाती है (Types of Filing)

फाइलिंग तीन प्रकार से की जाती है

  1. स्ट्रेट फाइलिंग (Straight Filing)
  2. क्रॉस फाइलिंग (Cross Filing)
  3. ड्रॉ फाइलिंग (Draw Filing)

स्ट्रेट फाइलिंग (Straight Filing)

इस विधि में वाइस के बिल्कुल सामने खड़े होकर रेती को सीधा चलाया जाता है ताकि जॉब की सतह को समतल या जा सके। इस विधि में धातु अधिक कटती है, परंतु सन्तुलन अधिक रखने की आवश्यकता होती है,

क्रॉस फाइलिंग (Cross Filing)

जिस विधि में रेती को जॉब के एक कोने से दूसरे कोने तक एक स्ट्रोक में पूरा चलाया जाता है, उस विधि को क्रॉस फाइलिंग कहते हैं। इस विधि से कम समय में पूरी सतह समतल बन जाती है। इस प्रकार की फाइलिंग प्रायः चौड़ी सरफेस बनाने के लिए की जाती है। इसे डायगनल (Diagonal) फाइलिंग भी कहते हैं।

ड्रॉ फाइलिंग (Draw Filing)

जॉब पर उठे हुए हाई स्पॉट्स, खरोंचों (Scratches) को दूर करने एवं हाई फिनिश लाने के लिए ड्रॉ फाइलिंग की जाती है। इस विधि में रेती को दोनों हाथों की हथेलियों में (चित्र 24) के अनुसार पकड़कर फाइलिंग की जाती है। इस विधि के लिए स्मूथ फाइल ही चुननी चाहिए। पिनिंग से बचने के लिए फाइल पर सूखा चाक लगा लेनी चाहिए।

पिनिंग ऑफ फाइल (Pinning of File)

जब किसी धातु पर फाइलिंग करते हैं तो रेती द्वारा कटे कण रेती के दाँतों में फंस जाते हैं इसे रेती की पिनिंग कहते हैं। पिनिंग हो जाने से जॉब की परिशुद्धता (Accuracy) में अन्तर आ जाता है और जॉब की सरफेस पर लाइनें व खरोचें पड़ जाती है। इसको दूर करने के लिए फाइल कार्ड द्वारा कणों को रेती में से निकाल देना चाहिए तथा रेती के फेस पर चाक लगा लेना चाहिए। परंतु कभी भी गीला चाक नहीं लगाना चाहिए। इससे रेती को जंग (Rust) लग जायेगा।

फाइल कार्ड (File Card)

यह एक प्रकार का ब्रुश है जो पतली कठोर तारों का बना होता है। जिसे कीलों द्वारा एक लकड़ी के टुकड़े पर लगा लिया जाता है। इसे रेती के दाँतों से फँसे धातु कण निकालने के लिए प्रयोग करते हैं, ध्यान रहे फाइल कार्ड को रेती पर उसी दिशा में चलाना चाहिए जिस दिशा में रेती पर दाँतें कटे हैं। जैसाकि चित्र 25 में दिखाया गया है। जब फाइल कार्ड न हो तो स्कोरर द्वारा धातु कण निकाल लेने चाहिए। नरम धातु की तार को नुकीला बनाकर स्कोरर तैयार कर लेते हैं।

सावधानियाँ (Precautions During to Use The File)

  1. सर्वप्रथम कार्य के अनुसार रेती का चुनाव करना चाहिए।
  2. कभी भी बिना हत्थे (Handle) की रेती प्रयोग नहीं करनी चाहिए। इससे टैंग हाथ में हानि पहुँचा सकती है ।
  3. रेती के अनुसार हैंडल चुनना चाहिए, जैसे बड़ी रेती के लिए बड़ा और छोटी रेती के लिए छोटा हैंडल। इससे संतुलन (Balance) बना रहता है।
  4. ढीले एवं टूटे हत्थे वाली रेती प्रयोग में नहीं लानी चाहिए। ऐसा होने से भी दुर्घटना हो सकती है।
  5. फाइलिंग करते समय कभी भी रेती के फेस पर हाथ नहीं रगड़ना चाहिए।
  6. नई रेती को पहले नर्म धातु पर प्रयोग करना चाहिए और फिर हार्ड पर।
  7. जॉब या रेती पर तेल या ग्रीस आदि नहीं लगा होना चाहिए।
  8. रेती को हथौड़े की तरह प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  9. कास्ट किए जॉब पर फाइलिंग करने से पहले उस पर लगी रेत या धूल-कणों को प्रायः ब्रुश से साफ कर लेना चाहिए तथा चिपिंग करके हार्ड स्केल को खत्म कर लेना चाहिए।
  10. रेती को तेज नहीं चलाना चाहिए। इसकी स्ट्रोक 35 से 50 प्रति मिनट होनी चाहिए।
  11. जॉब वाइस में ढीला नहीं बंधा होना चाहिए।
  12. जॉब वाइस में अधिक ऊँचा नहीं बाँधना चाहिए, खासतौर पर पतले जॉब या शीट आदि अन्यथा इसमें चैटरिंग होगी।
  13. पतले शीट के जॉब पर लम्बाई की दिशा में फाइलिंग करनी चाहिए।
  14. काम शुरू करने से पूर्व व बाद में रेती को साफ करना चाहिए।
  15. फिनिशिंग करते समय फाइल के फेस पर सूखा चाक लगाना चाहिए नहीं तो रेती को जंग लग जाएगा।
  16. अगर रेती में पिनिंग हो जाए तो उसे फाइल कार्ड से साफ करना चाहिए। अगर फाइल कार्ड न हो तो नरम धातु का स्कोरर प्रयोग करना चाहिए।
  17. बहुत ही नरम धातु पर स्मूथ या बारीक दाँतों वाली रेती प्रयोग नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से धातु कण रेती में फँस जाएँगे और रेती काटना बन्द कर देगी
  18. रेतियों को मापी यन्त्रों से अलग रखना चाहिए।

Some Important Question About File Tools

फाइल या रेती कितने प्रकार की होती है?

फाइल या रेती का वर्गीकरण (प्रकार) निम्नलिखित विधि से किया जाता है
लम्बाई के आधार पर
आकृति के अनुसार
कट के अनुसार
ग्रेड के अनुसार
लम्बाई के आधार पर

फाइल (रेती) किस धातु की बनी होती है?

रेती हाई कार्बन स्टील ( HCS ) की बनी होती है।

उस रेती का नाम क्या है जो चौड़ाई में समानांतर और मोटाई मे टेपर होती है?

दस्ती रेती (Hand File) यह रेती चौड़ाई में समानान्तर अर्थात् हील से प्वाइंट तक एक समान होती है, परंतु मोटाई में कुछ टेपर होती है।

हैंड फाइल (दस्ती रेती) का दूसरा नाम क्या है?

हैंड फाइल (दस्ती रेती) का दूसरा नाम सेफ-ऐज (Safe Edge) रेती भी कहते हैं|

डबल कट दाँते कितने डिग्री पर होते है ?

दोनों कट में से एक की ओवर कट (Over Cut) जो केन्द्रीय रेखा के 60° पर होते हैं। इसे पहला कट (Ist Cut) भी कहते हैं तथा दूसरे सैट के दाँतें केन्द्रीय रेखा से 750 से 80° के कोण में कटे होते हैं जो कि प्रथम सैट के दाँतों को क्रॉस करते हैं, इसे अप कट भी कहते हैं।

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ITI Most Important Occupational Health and Safety Theory

ITI Occupational Health and Safety Theory most important example in Hindi for its candidates in this chapter we learn about workplace safety and security’s important terms and how to implement it.

Occupational Health and Safety

सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से अभिप्राय व्यवसायिक कार्यों में कार्यरत श्रमिकों के कल्याण स्वास्थ्य सुरक्षा से है कार्यक्षेत्र में श्रमिकों को शारीरिक व मानसिक क्षति से बचाना व्यवसायिक सुरक्षा कहलाता है जीवन एक अमूल्य निधि है इसकी सुरक्षा के लिए सावधानी आवश्यक है और सावधानी व अज्ञानता वश किसी भी कार्य क्षेत्र में मनुष्य दुर्घटना का शिकार हो जाता है यदि कार्य करते समय हम सावधानी को प्राथमिकता दें तो दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है

आइए सुरक्षा से जुड़े कुछ तथ्य को जानते व समझते हैं

निम्न कारणों से दुर्घटनाएं हो सकते हैं |

  1. औजार उपकरण मशीन तथा कार्य करने के तरीकों का पर्याप्त ज्ञान ना होना |
  2. जानकारी ना होने पर भी मशीनों को चलाना |
  3. सामर्थ्य से अधिक मेहनत करना |
  4. कार्य में रुचि ना होना |
  5. कार्य को जल्दी करने की उत्सुकता |
  6. कार्यस्थल का वातावरण सही नहीं होना |
  7. उचित वेशभूषा का प्रयोग ना करना |
  8. उचित हजार उपकरणों व मशीनों का अभाव |
  9. कार्य करते समय अनुशासनहीनता करना |
  10. घरेलू तनाव होना |

निम्न सावधानियां को ध्यान में रखकर हम दुर्घटना से बचाव कर सकते हैं |

  1. विद्युत से संबंधित कार्य शुरू करते समय आपके मन की एकाग्रता कार्य के तरफ बनी रहनी चाहिए
  2. सुरक्षात्मक चिन्हों के चिन्ह को पोस्टर के रूप में लगाएं
  3. प्राथमिक उपचार व आग बुझाने का ज्ञान पूर्ण रूप से होना चाहिए
  4. रबड़ के जूते पहने बिना कार्यशाला या जहां भी विद्युतीय कार्य करना हो वहां ना जाएं
  5. जूता सदैव बिना कील वाले पहने
  6. सुरक्षा चिन्हों व सुपरवाइजर के दिए निर्देशों की पालना अवश्य करें
  7. अपने नजदीक के डिस्पेंसरी व नर्सिग होम व थाने का टेलीफोन नंबर डायरी में अवश्य नोट करें
  8. अपने नजदीक का विद्युत सब स्टेशन कहां स्थित है इसकी जानकारी अवश्य रखें
  9. अपनी कार्यशाला में विद्युतीय कंट्रोलिंग डिवाइस जैसे मेन स्विच सर्किट ब्रेकर आदि का ध्यान रखें
  10. कार्यस्थल पर पहने जाने वाले वस्त्र ना अधिक ढीले होना ही अधिक कसे हुए हो जिससे कार्य करते समय परेशानी ना हो
  11. मेन स्विच को सदैव बंद करके फ्यूज निकालकर ही उस लाइन पर कार्य करें
  12. जेब में किसी प्रकार का नुकीला औजार न रखे
  13. ऊंचाई पर कार्य करते समय सीढ़ी का प्रयोग कर रहे हो तो चिकने फर्श पर नीचे कोई टाट या कपड़ा बिछाए बिना हेल्पर के अकेले सीढ़ी पर ना चढ़े एवं हेल्पर का ध्यान सीढ़ी को पकड़ने की तरफ ही रहे
  14. कार्यशाला में बिना अनुमति किसी भी उपकरण अथवा मशीन को हाथ न लगाएं
  15. कार्यशाला में लगी हुई मशीन पैनल की देखभाल प्रतिदिन अवश्य करें
  16. कार्यशाला में कार्य करते समय किसी भी ऐसे तार को हाथ न लगाएं जिनसे इंसुलेशन हट गया हो
  17. विद्युत यंत्रों मशीनों पर खतरे का चिन्ह अवश्य लगाएं
  18. प्रत्येक मशीन के पास उस मशीन की दूरघटनाओं से संबंधित सावधानियों का चार्ट अवश्य लगाएं
  19. प्रत्येक कार्यशाला में प्राथमिक उपचार का चित्र अवश्य लगाएं
  20. आग बुझाने की रेत से भरी बाल्टी या आग बुझाने के यंत्र सही स्थान पर रखें
  21. प्रत्येक कार्यशाला उद्योग घरों घर में मेन स्विच ऐसे स्थान पर लगाएं जहां इलेक्ट्रिशियन या अन्य व्यक्ति आसानी से पहुंच सके
  22. किसी भी मशीन को हाथ लगाने से पूर्व अर्थिंग दोष अवश्य चेक करें
  23. प्रत्येक औजार को टूल किट में ही रखें

सुरक्षा चिन्ह कितने प्रकार के होते हैं

safety signs and symbols (सुरक्षा चिन्ह)

सुरक्षा के लिए कई चिन्हों का प्रयोग किया जाता है जो निम्न है –

  1. निषेधात्मक चिन्ह (Prohibitory signs)
  2. चेतावनी चिन्ह (Warning signs)
  3. आदेशात्मक चिन्ह (Mandatory signs)
  4. सूचनात्मक चिन्ह (Informative signs)

निषेधात्मक चिन्ह (Prohibitory signs)

यह चिन्ह गलत कार्यों के लिए मनाही का संकेत देते हैं यह चिन्ह गोलाकार होते हैं इन चिन्हों में बॉर्डर तथा लाल रंग का क्रॉस बना होता है उनकी पृष्ठभूमि सफेद होती है वह ऊपर काले रंग का संकेत चिन्ह बना होता है

उदाहरण :-


उदाहरण ध्रूमपान ना करना आग ना जलाना

चेतावनी चिन्ह (Warning signs)

इन चिन्हो के द्वारा आने वाले खतरे की चेतावनी दी जाती है जैसे बिजली के झटके आग का भय इनका आकार त्रिकोण होता है इनके पृष्ठभूमि पीले रंग की होती है तथा संकेत चिन्ह तथा बॉर्डर काले रंग का होता है

उदाहरण:-

आदेशात्मक चिन्ह (Mandatory signs)

इन चिन्हो के द्वारा कार्य स्थल पर जरूरी आदेश दिए जाते हैं इनका आकार गोलाकार होता है इनके पृष्ठभूमि नीली होती है जिसके ऊपर सफेद रंग का चिन्ह छाया होता है
दस्ताने टोपी चश्मा जूते मास्क पहनने का आग्रह करते हैं

उदाहरण:-

सूचनात्मक चिन्ह (Informative signs)

इन चिन्हों के द्वारा सुरक्षा संबंधित जानकारी दी जाती है इनका आकार वर्गाकार होता है इनकी पृष्ठभूमि हरे रंग की तथा संकेत चिन्ह सफेद रंग होते हैं

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