Ohm Law full information with formula and numerical questions for ITI and 10th Class Student in Hindi
ओम के नियम का परिभाषा
सर्वप्रथम जर्मन वैज्ञानिक जॉर्ज साइमन ओम ने सन 1826 में धारा विद्युत वाहक बल एवं प्रतिरोध के संबंधों का अध्ययन कर बताया कि जब किसी विद्युत परिपथ की भौतिक अवस्था (ताप दाब इत्यादि) स्थिर रहती हैं तब परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा का मान परिपथ में आरोपित वोल्टेज के समानुपाती होता है|
धारा ∝ वोल्टेज
या,I = V/R
यहां R एक नियतांक है|
ओम के नियम का सूत्र
Ohm’s Law Formula
V = I x R
I = V/R
R = V/I
जहां, V= विभवांतर वोल्ट में
I = धारा एंपियर में
R = प्रतिरोध ओम में
ओम के नियम का उदाहरण :-
Q1. यदि किसी परिपथ का प्रतिरोध 30 ओम है तथा वोल्टेज 240 वोल्ट है तो ओम के नियमानुसार परिपथ की धारा क्या होगी ?
Solve :- ओम के नियम अनुसार धारा वोल्टेज के समानुपाती व प्रतिरोध के वितक्रमानुपाती होता है
NCVT MIS ITI Online Workshop Calculation and Science NIMI Mock Test free for ALL CITS and AITT trades in this sets covered Previous Year Important Questions in Hindi Top Important Questions Include in every set.
इस प्रश्न पत्र में कुल 25 प्रश्नों का समावेश है
There are total 25 questions in this question paper.
प्रत्येक प्रश्न के लिए एक नंबर दिए जाएंगे
One mark will be given for each question
इस प्रश्न पत्र को पूर्ण करने के लिए आपको 1/2 घंटे का समय दिया जाएगा
You will be given 1/2 hour to complete this question paper
post office box full details in Hindi with compete experiment for all physics and all competitive exam यह उपकरण पहले डाकघरों में टेलीफोन अथवा टेलीग्राम के तारों का प्रतिरोध ज्ञात करने या तार के टूट जाने की स्थिति में पता लगाने के काम आता था|
पोस्ट ऑफिस बॉक्स एक प्रतिरोध बॉक्स की भांति होता है जिसमें दो अनुपाती भुजाये AB व BC श्रेणीक्रम में जोड़े होती हैं इन भुजाओ में से प्रत्येक 10, 100 व 1000 ओम के प्रतिरोध लगे होते हैं| तीसरे ज्ञात भुजा AD में 1 ओम से 5000 ओम तक के प्रतिरोध U आकृति की पंक्ति में लगे होते हैं AC व BD भुजाओं में एक – एक कुंजी लगाने के लिए A का संबंध दाब कुंजी K1 से तथा B का संबंध दाब कुंजी K2 से होता है| जिस तार का प्रतिरोध S अथवा विशिष्ट प्रतिरोध निकालना होता है उससे अज्ञात भुजा CD में जोड़ देते हैं धारामापी G को कुंजी K2 के द्वारा B व D के बीच, तथा सेल E को कुंजी K1 के द्वारा A व C के बीच जोड़ देते हैं|
प्रयोग विधि :-
तार के प्रतिरोध S का मान निकालने के लिए अनुपाती भुजाएं AB व CD में से 10 10 ओम के प्रतिरोध प्लग निकाले जाते हैं इससे इन भुजाओं के प्रतिरोधो P व Q का अनुपात 1 : 1 हो जाता है अब ज्ञात भुजा AD में से किसी प्रतिरोध R का प्लग निकाल कर पहले सेल कुंजी K1 को तथा फिर धारामापी की कुंजी K2 को दबाते हैं इससे धारामापी में विछेप उत्पन्न होता है R का मान उत्तरोत्तर बढ़ाते हुए एक के अंतर में से दो ऐसे प्रतिरोध ज्ञात कर लेते हैं जिनके लिए पहले K1 को फिर K2 को दबाने पर धारामापी के विपरीत दिशा में विछेप उत्पन्न हो| अज्ञात प्रतिरोध S का मान, R के इन दो प्रतिरोधों के बीच होगा|
अब P का मान 100 ओम कर देते हैं तथा Q का मान 10 ओम ही रहने देते हैं जिससे कि P व Q का अनुपात 10 :1 हो जाता है AD भुजा में पुनः उत्तरोत्तर ऐसे दो प्रतिरोध ज्ञात करते हैं जिनका मान पहले दोनों प्रतिरोधों के 10 गुने के बीच में हो तथा पहले कुंजी K1 तथा फिर कुंजी K2 को दबाने पर धारामापी में विछेप विपरीत दिशा में हो इससे अज्ञात प्रतिरोध S का मान दशमलव के 1 अंक तक ज्ञात हो जाता है|
अंत में P व क् का अनुपात 100 :1 करके R का ऐसा मान ज्ञात करते हैं कि यह धारामापी में कोई विछेप ना हो| अविछेप स्थिति के लिए धारामापी का शंट हटा देते हैं इससे S का मान दशमलव के दो अंकों तक ज्ञात हो जाता है तार की लंबाई (l) मीटर पैमाने से तथा तार की त्रिज्या (r) और पेचमापी से ज्ञात करके, तार के पदार्थ के विशिष्ट प्रतिरोध (ρ) की गणना निम्न सूत्र द्वारा कर लेते हैं|
ITI Electrician Most Important Online Mock Test Quiz practice set for CBT Exam of all 2nd Year ITI Students which all questions are most important for ITI Electrician Aspirants. Electrical Trade Theory Best Questions NCVT MIS ITI Trade Most Important Questions and Answers in Hindi and English.
Meter Bridge full diagram with formula in Hindi for meter bridge class 12 notes and ITI Trade Theory and technical all competitive exam in this section full principle of meter bridge and how its work
किसी चालक तार का प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए व्हीटस्टोन सेतु के सिद्धांत पर आधारित मीटर सेतु एक सुग्राही यंत्र है इसके सुग्राहिता पोस्ट ऑफिस बॉक्स की अपेक्षा बहुत अधिक होती है
Meter Bridge Diagram
AC 1 मीटर लंबा मग्निन अथवा कॉन्स्टैनंट का एक तार है जो एक लकड़ी के आधार पर पैमाने के सहारे कसा हुआ है तार के अनुप्रस्थ काट सब जगह एक समान है तार के सिरे A व C, दो L के आकार में मुड़ी हुई तांबे की पत्तियों से जुड़े हैं जिनके सिरो पर सम्बन्धक पेच लगे हैं इन पत्तियों के बीच में दोनों और कुछ रिक्त स्थान छोड़कर एक तीसरी तांबे की पत्ती है जिस पर तीन सम्बन्धक पेच लगे रहते हैं बीच वाले पेच D को एक शंट युक्त धारामापी G से जोड़कर सर्पी कुंजी B से जोड़ देते हैं जिसकी नोक को तार पर खिसका कर कहीं भी स्पर्श करा सकते हैं|
a Meter Bridge set up as shown
प्रयोग विधि :-
जिस तार का प्रतिरोध (S) ज्ञात करना होता है उसे बिंदुओं C और D के बीच के रिक्त स्थान में, तथा एक प्रतिरोध बॉक्स A व D के बीच में रिक्त स्थान में लगा देते हैं A व C के बीच एक सेल, धारा नियंत्रक तथा कुंजी K सम्बन्धक पेचो के द्वारा जोड़ देते हैं प्रयोग में जब सर्पी – कुंजी, सेतु के तार AC को किसी बिंदु B पर छूती है तो तार दो भागों में बट जाता है ये दो भाग AB तथा BC व्हीटस्टोन सेतु के P तथा Q प्रतिरोधों का कार्य करते हैं |
सबसे पहले प्रतिरोध बॉक्स में से कोई प्रतिरोध R निकालते हैं तथा कुंजी K को बंद कर देते हैं अब सर्पी – कुंजी को तार के सहारे खिसका कर कर ऐसी स्थिति प्राप्त करते हैं की कुंजी को तार पर दबाने से धारामापी G में कोई विक्षेप उत्पन्न ना हो इस स्थिति में बिंदु B व D एक ही विभव पर हैं तथा बिंदु B को शुन्य -विक्षेप स्थिति (Null Deflection Point) कहते हैं तार के दोनों भागों AB व BC की लंबाईया पैमाने पर पढ़ लेते हैं|
Meter Bridge Formula
माना तार की AB लंबाई का प्रतिरोध P तथा BC लंबाई का प्रतिरोध Q है| तब व्हीटस्टोन सेतु के सिद्धांत से
P/Q = R/S …………….(i)
माना AB की लंबाई l सेंटीमीटर है तथा BC की लंबाई (100 – l)सेंटीमीटर है|
∴ AB का प्रतिरोध, P =ρ l/a
तथा BC का प्रतिरोध, Q = ρ (100 – l)/a
जहां ρ (ओम सेंटीमीटर में) तार के पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध है तथा a (सेंटीमीटर2 में) तार के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है इस प्रकार
P/Q = l/100-l ……………..(ii)
P/Q का यह मान समीकरण (i) में रखने पर,
l/100-l = R/S
अथवा S=R(100-l/l)
R प्रतिरोध बॉक्स से निकाला गया प्रतिरोध है तथा l, AB की लंबाई को प्रदर्शित करता है अतः इस सूत्र से S प्रतिरोध का मान ज्ञात कर सकते हैं|
प्रतिरोध बॉक्स से भिन्न भिन्न प्रतिरोध निकालकर कई प्रेक्षण किए लिए जाते हैं तथा प्रत्येक प्रेक्षण के लिए S का मान ज्ञात करते हैं|
इसके पश्चात अज्ञात प्रतिरोध S का प्रतिरोध बॉक्स के स्थान को आपस में बदलकर प्रयोग को दोहराते हैं गणना में दोनों बार के प्रयोग से प्राप्त S के मान का माध्य ज्ञात करते हैं|
Resistance Measurement by Wheatstone Bridge Practical in Hindi. In practical of ITI, questions are often asked from Wheatstone bridge, most of the questions are asked to find the value of unknown resistance by Wheatstone bridge. Let us understand in detail about unknown resistance and see how it is used Is
व्हीटस्टोन ब्रिज का प्रैक्टिकल
उद्देश्य :-
व्हीटस्टोन सेतु द्वारा अज्ञात प्रतिरोध मापन|
आवश्यक उपकरण एवं सामग्री :-
क्रम संख्या
औजार मापी यंत्र
मात्रा
सामग्री
मात्रा
1
अमीटर
1
पावर सप्लाई (DC बैटरी 12V)
1
2
मल्टीमीटर
1
अज्ञात प्रतिरोध
1
3
परिवर्ती प्रतिरोध
1
क्रियाविधि :-
सर्वप्रथम चित्रानुसार परिपथ संयोजित करें|
यहां Q एवं S ज्ञात मान के प्रतिरोध हैं तो P परिवर्तित प्रतिरोध है|
इसके बाद का मान तब तक परिवर्तित करें जब तक की अमीटर में 0 विक्षेप ना आ जाए|
मल्टीमीटर की सहायता से परिवर्ती प्रतिरोध का मान ज्ञात करें|
अब निम्न P/Q / R/S सूत्र द्वारा अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात करें|
सावधानियां :-
कोई भी संयोजन ढीला नहीं होना चाहिए|
पावर सप्लाई चालू करने से पहले परिपथ जांच ले|
अमीटर 0 त्रुटि नहीं होनी चाहिए|
निष्कर्ष :-
अज्ञात प्रतिरोध R का मान व्हीटस्टोन सेतु विधि द्वारा सफलतापूर्वक ज्ञात किया गया|
To Make “T” Joint on 7/20 PVC wire and Soldering the joint
उद्देश्य :-
पी.वी.सी तार का इंसुलेशन उतारना
पी.वी.सी तार को काटना
पी.वी.सी तार का t-joint तैयार करना
आवश्यक उपकरण एवं सामग्री :-
क्रम संख्या
औजार मापी यंत्र
मात्रा
सामग्री
मात्रा
1
इलेक्ट्रीशियन नाइफ
1
पी.वी.सी तार 7/20
1 मी.
2
इंसुलेटेड साइड कटिंग प्लायर 150 mm
1
जूट
250 gm
3
स्केल 30 cm
1
सोल्डरिंग आयरन (40W)
1
4
मैलेट हैमर
1
क्रियाविधि :-
To Make “T” Joint on 7/20 PVC wire and Soldering the joint
सभी सामान को कार्यस्थल पर लेकर जाएं|
पीवीसी तार के 200 मिलीमीटर के टुकड़े स्केल से मापे|
साइड कटिंग प्लायर की सहायता से तार के टुकड़े काटे|
एक पीवीसी तार के टुकड़े के मध्य में से चित्रानुसार इंसुलेशन हटाए|
पीवीसी तार के टुकड़े दूसरे टुकड़े के सिरे को इलेक्ट्रीशियन नाइफ के सहायता से छिले|
चित्र के अनुसार मध्य के चालक पर दूसरे टुकड़े के सिरे के चालक से टर्न लगाएं|
जूट से चालक को साफ करें|
मैंलेट की सहायता से तारों को सीधा करें|
इसके पश्चात जोड़ को सोल्डरिंग आयरन से सोल्ड कर देंगे
सोल्डिंग करते समय किसी भी प्रकार का बब्बल या कार्बन नहीं आना चाहिए जिसके लिए जुट से तार को साफ़ करेंगे
उपयोग :-
वायरिंग में सीधा जा रहे तार में से नीचे या ऊपर की ओर तार को ले जाना हो तो टी जोड़ लगाया जाता है
सावधानियां :-
इंसुलेशन हटाते समय चालक पर खरोच नहीं आनी चाहिए
चालक पर टर्न लगाते समय ढीले नहीं रहने चाहिए
एलमुनियम तार को अधिक मोड़ना नहीं चाहिए
सोल्डिंग करते समय किसी भी प्रकार का बब्बल या कार्बन नहीं आना चाहिए
निष्कर्ष :-
कॉपर के तार 7/20 से टी जोड़ सफलतापूर्वक किया गया
To Find Value of unknow resistance by the Wheatstone Bridge
उद्देश्य(Aim):
इस व्यावहारिक प्रयोग का उद्देश्य व्हीटस्टोन ब्रिज सर्किट का उपयोग करके अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात करना है। व्हीटस्टोन ब्रिज प्रतिरोध को सटीक रूप से मापने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला सर्किट है।
उपकरण (Tools):
व्हीटस्टोन ब्रिज सर्किट (प्रतिरोधकों और एक गैल्वेनोमीटर से मिलकर)
विद्युत आपूर्ति (डीसी)
अज्ञात अवरोधक
तार जोड़ना
ब्रेडबोर्ड या सर्किट बोर्ड
मल्टीमीटर (वैकल्पिक, सत्यापन के लिए)
प्रक्रिया(Procedure):
जैसा कि सर्किट आरेख में दिखाया गया है, प्रतिरोधकों और अज्ञात प्रतिरोधक को जोड़कर व्हीटस्टोन ब्रिज सर्किट स्थापित करें। व्हीटस्टोन ब्रिज में चार भुजाओं वाला एक केंद्रीय पुल है।
बिजली की आपूर्ति को सर्किट से कनेक्ट करें और सुनिश्चित करें कि यह बंद है।
पुल की भुजाओं में प्रतिरोधों को इस प्रकार समायोजित करें कि वे अज्ञात अवरोधक की अपेक्षित सीमा के अपेक्षाकृत करीब हों।
बिजली की आपूर्ति चालू करें और सर्किट को स्थिर होने दें।
पुल के मध्य में जुड़े गैल्वेनोमीटर का निरीक्षण करें। यदि गैल्वेनोमीटर शून्य विक्षेपण नहीं दिखाता है, तो पुल की भुजाओं में प्रतिरोध मानों को तब तक समायोजित करें जब तक कि गैल्वेनोमीटर शून्य (संतुलित पुल) न पढ़ ले।
एक बार जब पुल संतुलित हो जाए, तो पुल की भुजाओं में ज्ञात प्रतिरोधों के प्रतिरोध मानों को नोट कर लें।
सूत्र का उपयोग करके अज्ञात प्रतिरोध के मान की गणना करें:
अज्ञात प्रतिरोध (Rx) = (R1/R2) x (R3/R4)
जहां R1, R2, R3 और R4 ज्ञात प्रतिरोधों के प्रतिरोध मान हैं।
अज्ञात प्रतिरोध का परिकलित मान रिकॉर्ड करें।
सत्यापन(Verification):
अज्ञात प्रतिरोध के परिकलित मान को सत्यापित करने के लिए, आप इसके प्रतिरोध को सीधे मापने के लिए मल्टीमीटर का उपयोग कर सकते हैं। मापे गए मान की तुलना व्हीटस्टोन ब्रिज से प्राप्त परिकलित मान से करें। यदि प्रयोग सटीक रूप से किया जाता है तो उन्हें यथोचित रूप से करीब होना चाहिए।
सावधानियां(Precautions):
सुनिश्चित करें कि सभी कनेक्शन सुरक्षित और ठीक से जुड़े हुए हैं।
बिजली के झटके से बचने के लिए बिजली की आपूर्ति चालू होने पर सर्किट को छूने से बचें।
सर्किट घटकों को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए उचित वोल्टेज और वर्तमान स्तर का उपयोग करें।
रीडिंग सावधानी से लें और लंबन त्रुटियों से बचें।
ब्रिज संतुलन और प्रतिरोध मानों को नोट करने से पहले दोबारा जांच लें।
नोट(Note): व्हीटस्टोन ब्रिज प्रतिरोध को मापने के लिए एक बेहद सटीक तरीका है। हालाँकि, माप की सटीकता ब्रिज आर्म्स में प्रयुक्त प्रतिरोधों की सटीकता पर निर्भर करती है। अधिक सटीक परिणामों के लिए कम सहनशीलता वाले उच्च गुणवत्ता वाले प्रतिरोधकों का उपयोग किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष(Conclusion):
व्हीटस्टोन ब्रिज प्रयोग ने अज्ञात प्रतिरोध के मूल्य को सटीक रूप से निर्धारित करने के लिए एक प्रभावी विधि का प्रदर्शन किया। ब्रिज सर्किट को संतुलित करके और उचित सूत्र का उपयोग करके, हम अज्ञात अवरोधक के मूल्य की गणना करने में सक्षम थे। यह प्रयोग विद्युत माप में व्हीटस्टोन ब्रिज की विश्वसनीयता और व्यावहारिकता पर प्रकाश डालता है, जिससे यह विभिन्न अनुप्रयोगों में एक मूल्यवान उपकरण बन जाता है।
Identify the Parts of Underground Cable, Skin its and dress the cable.
उद्देश्य(Aim):
इस व्यावहारिक अभ्यास का उद्देश्य छात्रों को भूमिगत केबल के हिस्सों की पहचान, केबल को छीलने की प्रक्रिया और उसे ठीक से तैयार करने से परिचित कराना है। यह व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा और केबल स्थापना तकनीकों की समझ बढ़ाएगा।
सामग्री(Materials):
भूमिगत केबल केबल स्ट्रिपिंग टूल केबल ड्रेसिंग सामग्री (जैसे, केबल टाई, इंसुलेटिंग टेप) सुरक्षा दस्ताने और काले चश्मे
कार्य विधि(Working Method):
सुरक्षा सावधानियां(Safety Precautions):
व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केबल को संभालने से पहले सुरक्षा दस्ताने और चश्मा पहनें।
दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि कार्य क्षेत्र साफ़ और अच्छी रोशनी वाला हो।
भागों की पहचान(Identification of Parts):
केबल की जांच करें और उसके हिस्सों की पहचान करें, जिनमें आम तौर पर शामिल हैं:
कंडक्टर: ये वे तार हैं जो विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं।
इन्सुलेशन: यह कंडक्टरों को सुरक्षा प्रदान करता है और विद्युत रिसाव को रोकता है।
परिरक्षण (यदि मौजूद हो): बाहरी हस्तक्षेप से बचाने के लिए कुछ केबलों में इन्सुलेशन के चारों ओर एक धातु ढाल हो सकती है।
जैकेट/शीथ: केबल का बाहरी आवरण जो यांत्रिक सुरक्षा प्रदान करता है।
केबल की चमड़ी निकालना(Skinning the Cable):
केबल के व्यास के अनुसार उपयुक्त केबल स्ट्रिपिंग टूल का चयन करें।
जैकेट/शीथ को सावधानी से उतारें, यह सुनिश्चित करते हुए कि इन्सुलेशन या कंडक्टर को नुकसान न पहुंचे।
निर्माता के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए यदि कोई धातु परिरक्षण मौजूद है तो उसे हटा दें।
केबल की ड्रेसिंग(Dressing the Cable):
किसी भी गंदगी या मलबे को हटाने के लिए खुले कंडक्टरों और इन्सुलेशन को एक साफ कपड़े या अल्कोहल वाइप का उपयोग करके साफ करें।
सुनिश्चित करें कि कंडक्टर ठीक से संरेखित और सीधे हैं।
कंडक्टरों को सुरक्षित और व्यवस्थित करने के लिए केबल संबंधों का उपयोग करें, उन्हें बड़े करीने से एक साथ बांधे रखें।
अतिरिक्त सुरक्षा और इन्सुलेशन प्रदान करने के लिए खुले कंडक्टरों के चारों ओर इंसुलेटिंग टेप लगाएं।
साफ-सुथरी और पेशेवर उपस्थिति के लिए किसी भी अतिरिक्त टेप को ट्रिम करें।
Conclusion(निष्कर्ष:):
कुशल और विश्वसनीय विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए भूमिगत केबल स्थापना के लिए उचित पहचान, स्किनिंग और ड्रेसिंग तकनीकों की आवश्यकता होती है।
केबल भागों की पहचान उनके कार्यों को समझने में मदद करती है और सटीक स्थापना को सक्षम बनाती है।
कंडक्टरों और इन्सुलेशन को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए केबल को छीलने के लिए सावधानीपूर्वक संचालन की आवश्यकता होती है।
केबल की ड्रेसिंग उचित संगठन, इन्सुलेशन और बाहरी कारकों से सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
सही प्रक्रियाओं का पालन करने से केबल की दीर्घायु बढ़ती है, विद्युत दोषों का जोखिम कम होता है और सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है।
Note: केबल से संबंधित कोई भी व्यावहारिक गतिविधि करने से पहले केबल निर्माताओं द्वारा प्रदान किए गए प्रासंगिक सुरक्षा दिशानिर्देशों और निर्देशों से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है।
इंग्लैंड के विज्ञानिक प्रोफेसर व्हीटस्टोन ने प्रतिरोध की एक विशेष व्यवस्था का आविष्कार किया जिसके द्वारा किसी चालक का प्रतिरोध ज्ञात किया जा सकता है इस व्यवस्था को व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge) या मीटर सेतु कहते हैं|
व्हीटस्टोन सेतु सिद्धांत
व्हीटस्टोन सेतु या मीटर सेतु में चार प्रतिरोधों को श्रेणी क्रम में जोड़कर एक चतुर्भुज बनाते हैं इस चतुर्भुज के एक विकर्ण में धारामापी तथा दूसरे विकर्ण मे एक सेल जोड़ देते हैं अब यदि चतुर्भुज के चारों भुजाओं के प्रतिरोध को इस प्रकार समायोजित किया जाए कि सेल द्वारा सेतु में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर धारामापी में कोई विक्षेप ना हो तो सेल को संतुलित कहा जाता है इस स्थिति में चतुर्भुज की किन्ही दो संलग्न भुजाओं के प्रतिरोध का अनुपात शेष तो संलग्न भुजाओं में लगे प्रतिरोध के अनुपात के बराबर होता है|
चित्र में चार प्रतिरोध P Q R S चतुर्भुज A B C D के चार भुजाओं के रूप में जुड़े हैं B तथा Dके बीच एक सुराही धारामापी तथा A और C के बीच में एक सेल लगा है K1 और K2 दो कुंजियां जब कुंजी K1 को दबाकर सेल से धारा i प्रवाहित की जाती है तो बिंदु A पर यह धारा दो भागों में बट जाता है एक भाग i1भुजा AB मैं दूसरा भाग i2 भुजा AD में प्रवाहित होता है प्रतिरोधों P,Q,R,S के मान इस प्रकार समायोजित किए जाते हैं कि K2 को दबाने पर धारामापी G मैं कोई भी विक्षेप ना हो स्पष्ट है कि इस दशा में विकर्ण BD में कोई धारा नहीं होगी अतः भुजा BC मैं वही धारा i1 होगी जो भुजा AB में है, तथा भुजा DC में वही धारा i2 होगी जो AD भुजा में है |
इस सूत्र से स्पष्ट है कि यदि को प्रतिरोधो का P व Q का अनुपात तथा प्रतिरोध R का मान ज्ञात हो तो अज्ञात प्रतिरोध S की गणना की जा सकती है यही कारण है कि P तथा Q भुजाओं को ‘अनुपाती भुजाएं’ भुजा AD को ‘ज्ञात भुजा’ तथा भुजा CD को ‘अज्ञात भुजा’ कहते हैं सेतु के संतुलित होने पर धारामापी तथा सेल की स्थितियों को आपस में बदलने पर सेतु की संतुलन व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता अतः सेतु की BD तथा AC भुजाओं को संयुग्मी भुजाएं कहते हैं|
Some Important Question
व्हीटस्टोन सेतु का आविष्कार किसने किया?
इंग्लैंड के विज्ञानिक प्रोफेसर व्हीटस्टोन ने व्हीटस्टोन सेतु आविष्कार किया|
व्हीटस्टोन सेतु में कितने प्रतिरोध होते है?
व्हीटस्टोन सेतु या मीटर सेतु में चार प्रतिरोधों को श्रेणी क्रम में जोड़कर एक चतुर्भुज बनाते हैं|
वैज्ञानिक किरचॉफ के नियम का उपयोग नेटवर्क परिपथ हो जटिल परिपथ में तुलनात्मक प्रतिरोध ज्ञात करने के हेतु किया जाता है इसके नियमों की सहायता से जटिल बंद परिपथ में अलग-अलग शाखाओं का प्रतिरोध एवं धारा का मान ज्ञात किया जा सकता है कृपया अपने 2 नियम प्रतिपादित किए जो निम्न प्रकार है|
इस नियम के अनुसार परिपथ में संधि बिंदु पर आने वाली धाराओं वह उस बिंदु से जाने वाली धाराओं का बीजगणित योग्य शून्य के बराबर होता है अर्थात संधि बिंदु पर आने वाली धाराओं का योग संधि बिंदु पर से जाने वाली धाराओं की योग के बराबर होता है चित्रानुसार संधि बिंदु वह पर आने और जाने वाली धाराएं
I1+I4+I5+(-I2)+(-I3)+(I6) = 0
I1+I4+I5-I2+I3+I6 = 0
I1+I4+I5 = I2+I3+I6
आने वाले धाराओं का योग = जाने वाली धाराओं का योग
किरचॉफ का द्वितीय नियम (मैश नियम या वोल्टेज नियम)
किरचॉफ का द्वितीय नियम (मैश नियम या वोल्टेज नियम)
किरचॉफ के द्वितीय नियम या मेस नियम के अनुसार यदि किसी बंद परिपथ में पृथक पृथक शाखाओं में होने वाले वोल्टेज ड्राप का बीजगणित के योग्य शुन्य होता है|
R1I1+R2I2+R3I3 = 0
समीकरण तैयार करते समय यदि धारा की दिशा में बढ़ रहा हैं तो -ve चिन्ह ने एवं धारा के विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं तो +ve जिन लगाना चाहिए |
वोल्टेज बढ़ रहा हो तो +ve चिन्ह व वोल्टेज में कमी को -ve चिन्ह द्वारा प्रदर्शित किया जाता है|
इस लेख में जानें कि रिपल्शन मोटर (Repulsion Motor) क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके विभिन्न प्रकार और उपयोग क्या हैं। सरल हिंदी में पूरी तकनीकी जानकारी।
विद्युत मशीनों जैसे डीसी मोटर और डीसी जनरेटर का प्रदर्शन मुख्य रूप से उनके आर्मेचर वाइंडिंग पर निर्भर होता है। यह वाइंडिंग ही वह भाग है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में या यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने का कार्य करती है। इस लेख में हम जानेंगे कि आर्मेचर वाइंडिंग क्या … Read more
घरेलू वायरिंग (House Wiring) ITI Electrician trade का एक बहुत महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र घरों, छोटे भवनों और सामान्य उपभोक्ता स्थलों में सुरक्षित, व्यवस्थित और मानक अनुसार विद्युत इंस्टॉलेशन करना सीखते हैं। इस विषय में केवल तार जोड़ना ही नहीं, बल्कि लोड का सही विभाजन, सुरक्षा नियम, IE Rules, उचित … Read more
In the realm of science and engineering, standardized units of measurement are indispensable for ensuring consistency and accuracy. The International System of Units, known as SI Units, serves as the globally recognized framework for measurement. This article provides a comprehensive guide to SI Units, their corresponding measurements, and symbols, giving you a deeper understanding of … Read more
सभी प्रकार के SCVT/NCVT परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए ITI फिटर थ्योरी द्वितीय वर्ष ऑनलाइन NIMI मॉक टेस्ट अपना सेट चुनें और परीक्षा AITT CTS ट्रेड क्विज़ शुरू करें। आईटीआई द्वितीय वर्ष के छात्र जो अपनी तैयारी के बारे में बहुत चिंतित हैं, वे अपनी सीबीटी परीक्षा की तैयारी यहां से मुफ्त में कर सकते हैं, यहां हम आपको ऑनलाइन मॉक टेस्ट ऑनलाइन सीबीटी परीक्षा प्रदान करते हैं, मॉक टेस्ट हल करके आप अपनी सीबीटी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। आप आईटीआई का अनुभव बढ़ा सकते हैं और इसे आसानी से क्रैक कर सकते हैं। प्रत्येक सेट में आईटीआई के दूसरे वर्ष के सभी अध्यायों के मिश्रित प्रश्न होते हैं, जो आपके अनुभव को बहुत बढ़ा देते हैं। इसमें सभी अध्यायों से कुछ प्रश्नों का चयन किया गया है। इस वजह से यह आपके अभ्यास को काफी बेहतर बनाता है|