Fitter 2nd Year MCQ Set – 2

आईटीआई द्वितीय वर्ष के छात्र जो अपनी तैयारी के बारे में बहुत चिंतित हैं, वे अपनी सीबीटी परीक्षा की तैयारी यहां से मुफ्त में कर सकते हैं, यहां हम आपको ऑनलाइन मॉक टेस्ट ऑनलाइन सीबीटी परीक्षा प्रदान करते हैं, मॉक टेस्ट हल करके आप अपनी सीबीटी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। आप आईटीआई का अनुभव बढ़ा सकते हैं और आसानी से परीक्षा को पास कर सकते हैं

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Fitter Trade Theory Set 2

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ड्रिल जिग बुश की धातु निम्न प्रकार की होती है

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लम्बे समय तक जंग न लगने देना और उच्च पोलिश को बनाये रखने के लिए धातु की सतह की इलेक्ट्रोप्लेटिंग में किस धातु का उपयोग किया जाता है

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स्लिप गेज को साफ़ करने के लिए किस मटेरियल का उपयोग किया जाता है

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संकीर्ण कार्य के लिए किस विशेष फाइल का उपयोग किया जाता है

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स्लिप गेज को जंग से बचाने के लिए किस सामग्री का उपयोग किया जाता है

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लॉक वॉशर का क्या फायदा है

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स्लिप गेज को जंग से बचाने के लिए किस सामग्री का उपयोग किया जाता है

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ड्रिल गेज का उपयोग क्या है

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टैम्‍परिंग प्रक्रिया करते समय एक धातु के टुकड़े को 250°C पर गर्म किया जाता है, तो उस धातु के टुकड़े का रंग क्‍या होगा

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स्क्वायर हेड स्क्रू में कॉलर क्यों प्रदान किये जाते है

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मशीनों पर बहुत-सी जॉब पकड़ने के लिए जिग व फिक्स्चर के अतिरिक्त निम्न में से कौन-सी युक्ति प्रयोग की जाती है

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सर्कुलर टेंपर की का प्रयोग कहाँ किया जाता है

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विशाल उत्पादन का लाभ है

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लोकेटर्स के उपयोग हैं

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बेस प्लेट पर जॉब को लोकेट करने के लिए किया जाता है

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मास उत्पादन करने के लिए जिग/फिक्स्चरों का प्रयोग किया जाता है। इनमें से फिक्स्चर निम्न कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है

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बेलनाकार जॉब को उचित प्रकार से लोकेट करने के लिए निम्न उपकरण अधिक उपयोगी है

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एनिलिंग का उद्देश्य क्या है

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लैपिंग क्या है

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दांतेदार चेन ड्राइव का मुख्य लाभ क्या है

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रेडियस और फिलेट गेज बनाने के लिए किस मटेरियल का उपयोग किया जाता है

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बहुत-सी जॉब लेथ मशीन पर एकसाथ पकड़ने के लिए मैण्ड्रिल प्रयोग किया जाता है। कार्य की दृष्टि से यह भी एक प्रकार का निम्न उपकरण है

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बाहरी चूड़ी की सटीकता की जांच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

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एल्बो और बेंड्स का कोण क्या है जो डायवर्सन प्रदान करता है

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शाफ़्ट के साथ घुमने की अनुमति दिए बिना प्लेन बियारिंगो को कैसे पोजीशन में रखा जाता है

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Fitter 2nd Year MCQ Set – 1

ITI 2nd year students who are very worried about their preparation can do their CBT exam preparation for free from here, here we provide you with online mock test online CBT exams, by solving mock tests you can prepare for your CBT exam. You can increase the experience of ITI and you can crack it easily

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Fitter Trade Theory Set 1

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स्टील में टेम्परिंग प्रक्रिया क्यों की जाती है

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विंग नट्स का उपयोग कहाँ किया जाता है

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मिलने वाले भागों के बिच गैप की जाँच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

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जंग के रोकथाम के लिए क्रोमाईजिंग प्रक्रिया के लिए आवश्यक तापमान क्या है

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रक्षात्मक सतह प्राप्त करने के लिए अन्य धातु के साथ लेपित धातु के सञ्चालन क्या है

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यदि स्टील को क्रिटिकल तामपान तक गर्म किया जाता है और भट्टी में बहूत धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है तो इस प्रक्रिया का नाम क्या है

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कम एफर्टस के साथ लोड को मूव करने के लिए किस शब्द का उपयोग किया जाता है

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प्रत्येक जॉब पर कुछ टॉलरेन्स दी जाती है। उसके लिए जिग तैयार करने के लिए कुछ टॉलरेन्स जिग पर भी रखी जाएंगी: जोकि निम्न प्रकार होनी चाहिए

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संकीर्ण कार्य के लिए किस विशेष फाइल का उपयोग किया जाता है

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मिलने वाले भागों के बिच गैप की जांच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

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सिमित जगहों में किस बेअरिंग का प्रयोग किया जाता है

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गियर का प्रकार क्या है

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बाहरी चूड़ी की सटीकता की जाँच करने के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

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बड़े साइज के होल के लिए ड्रिल बुश सीधे न लगाकर बुश के अन्दर लगाए जाते हैं

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बाहरी व्यास की जाँच के लिए किस गेज का उपयोग किया जाता है

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400 Degree C से निचे के तापमान पर क्ठोरिकृत स्टील को पुन: गर्म करके फिर ठंडा करने के लिए किया गया ऊष्मा उपचार प्रक्रिया का नाम क्या है

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हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया में फ्लेम हार्डनिंग का नुकसान क्या है

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गिब हेडेड की का उपयोग करने का क्या फायदा है

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400 डिग्री C से निचे के तापमान पर कठोरिकृत स्टील को पुन: गर्म करके फिर ठंडा करने के लिए किया गया ऊष्मा उपचार प्रक्रिया का नाम क्या है

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स्लिप गेज को साफ करने के लिए किस मटेरियल का उपयोग किया जाता है

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बेलनाकार वस्तुओं में होल के लिए कौन-सा जिग प्रयोग किया जाता है

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मास उत्पादन में निम्न में से किसका प्रयोग जॉब को पकड़ने व टूल को गाइड करने के लिए किया जाता है

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बहूत छोटे छिद्रों को सही ढंग से फिनिश करने के लिए इस्तेमाल किये गए अपघर्षक का नाम बताइए

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जिग का उपयोग बेलनाकार गोल वस्तुओं में लिए किसका प्रयोग किया जाता है

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दूरस्थ स्थान और ऑफसाइट के लिए किस क्रेन का उपयोग किया जाता है

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जल विद्युत उत्पादन कैसे होता है : कितना लाभ और हानि ?

आईटीआई इलेक्ट्रीशियन थ्योरी के छात्रों को सबसे ज्यादा जरूरी है कि वह विद्युत उत्पादन (Hydro Power Plant) की प्रक्रिया को अच्छे से समझे आज के पोस्ट में हम यहां पर जल विद्युत ऊर्जा संयंत्र के बारे में आपको विस्तार से समझाएंगे एवं इसकी क्रियाविधि भी बताएंगे इस से होने वाले लाभ व हानि के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे

क्या आप को पता है विश्व में होने वाले कुल शक्ति उत्पादन का 20 प्रतिशत भाग जल संयंत्र द्वारा प्रदान किया जाता है अतः तापीय शक्ति संयंत्र के बाद शक्ति उत्पादन में जल विद्युत संयंत्र (हाइड्रो पावर प्लांट) का एक महत्वपूर्ण योगदान है|

जल विद्युत उत्पादन कैसे होता है : कितना लाभ और हानि ?
जल विद्युत उत्पादन संयंत्र

हाइड्रो पावर प्लांट क्या है? आइए समझते हैं|

जल विद्युत ऊर्जा का उत्पादन नदियों तथा जिलों में स्वच्छ पानी के भाव से किया जाता है इसके अंतर्गत पानी को उच्च स्थान पर एकत्रित किया जाता है जहां इसके स्थितिज ऊर्जा होती है इस पानी को नीचे की ओर बढ़ाया जाता है जिसके कारण इसके स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है गुरुत्वाकर्षण के कारण पानी का बहाव नीचे की ओर होता है इस बहते हुए पानी में गतिज ऊर्जा होती है जिसका रूपांतरण यांत्रिक ऊर्जा में होता है जल विद्युत शक्ति केंद्रों में इस यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है जल विद्युत केंद्र में विद्युत शक्ति का उत्पादन बहुत ही निम्न दरों पर किया जा सकता है|

हाइड्रो पावर प्लांट का योजनाबद्ध प्रबंधन

हाइड्रो पावर प्लांट के लिए सर्वप्रथम एक नदिया झील पर बांध का निर्माण किया जाता है और भराव क्षेत्र से जल को एकत्रित करके बांध के पीछे जमा किया जाता है ताकि जलाशय बनाया जा सके इस जलाशय से एक दबाओ सुरंग निकाली जाती है और पेनस्टॉक के शीर्ष पर उपस्थित वॉल्व हाउस तक जल को पहुंचाया जाता हैइस वॉल्व हाउस में मुख्य जल गेट व स्वत: पृथककारी वॉल्व होते हैं यह वॉल्व पावर हाउस तक जल के बहाओ पर कंट्रोल करते हैं और जब पेनस्टॉक भर जाता है तो जल की सप्लाई बंद कर लेते हैं इन वॉल्व हाउस से एक बड़े स्टील पाइप जिसे पेनस्टॉक (जलद्वार) कहते हैं के द्वारा जल को टरबाइन तक पहुंचाया जाता है जल टरबाइन जो लिए जलीय ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित कर देती है इस टरबाइन के द्वारा मुख्य प्रत्यावर्तन को चलाया जाता है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर देती है इसमें एक सर्च टैंक भी होता है जिसे वॉल्व हाउस उसके ठीक पहले बनाया जाता है विद्युत लोड ना होने की स्थिति में जब टरबाइन गेट अचानक बंद हो जाते हैं तो पेनस्टॉक को हानि पहुंच सकती है अतिरिक्त जल सर्च टैंक में पहुंचकर पेनस्टॉक को छति होने से बचाया जा सकता है

जल विद्युत के फायदे और नुकसान

जल विद्युत ऊर्जा के लाभ

  1. इसकी बनावट अति सरल रखरखाव बेहद कम ईंधन व्य्य तथा प्रदूषण रहित है|
  2. इसमें सहायक उपकरण तापीय शक्ति स्टेशन की अपेक्षा कम काम आते हैं जिससे लागत में कमी होती है|
  3. चुकी ईंधन व्य्य शुन्य है इसलिए इसे चलाना सस्ता पड़ता है|
  4. जल शक्ति विद्युत संयंत्र की कार्यकारी 100 से 125 वर्ष होती है जबकि तापीय शक्ति स्टेशन में या मात्र 20 से 25 वर्ष की होती है|
  5. चुकी यहां कोई ईंधन उपयोग नहीं होता इसलिए जो दिक्कतें तापीय शक्ति स्टेशनों में आती हैं जैसे धुआँ, राख या प्रदूषण हुआ इस संयंत्र में नहीं होती अर्थात इस संयंत्र से आदमी की सेहत को कोई नुकसान नहीं होता|
  6. यह शक्ति विद्युत संयंत्र विद्युत शक्ति उत्पादन के साथ-साथ सिंचाई के लिए भी पानी उपलब्ध कराते हैं|
  7. इसका चालन बहुत कम होता है जो उपकरण उपयोग में लाए जाते हैं बता भी सकती स्टेशन की तुलना में ज्यादा मजबूत होते हैं तथा कम वेग से (300 – 400 RPM) घूमते हैं जबकि तापीय शक्ति स्टेशन में उपकरण अधिक वेग (3000 – 4000 RPM) से घूमते हैं इसलिए जल विद्युत शक्ति संयंत्र में उपयोग किए जाने वाले उपकरण जल्दी खराब नहीं होते है|
  8. उचित अनुरक्षण होने पर इस शक्ति संयंत्र की दक्षता समय के साथ घटती नहीं है|
  9. इस विद्युत शक्ति संयंत्र में आपाती हानि या नहीं होती हैं|
  10. इस के प्रचलन के लिए अधिक कुशल इंजीनियर और टेक्नीशियनओं की आवश्यकता कम होती है|
  11. यह शक्ति संयंत्र काफी स्वच्छ होता है क्योंकि किसी भी प्रकार के ईंधन का प्रयोग नहीं किया जाता है|
  12. इन सयंत्रो को बिना समय गवाएं तत्काल प्रारंभ किया जा सकता है तथा मात्र 10 से 15 सेकंड में पूर्ण भार अपने ऊपर ले लेती है जिस कारण इस संयंत्र को शिखर भार के लिए भी काम में लिया जाता है|
  13. इन सयंत्रो को दूरदराज के इलाकों में स्थापित करते हैं जहां जमीन सस्ते उपलब्ध होती है|

जल विद्युत ऊर्जा के हानि

  1. इसमें शक्ति उत्पादन पानी की मात्रा पर निर्भर करती है जो कि उस क्षेत्र में हुई वर्षा पर निर्भर करती है इसलिए लंबे सूखे मौसम के कारण शक्ति उत्पादन प्रभावित होती है|
  2. इसके निर्माण मुख्यता बांध के निर्माण में बहुत समय लगता है|
  3. स्थान का चयन पानी के शीर्ष की उपलब्धता के अनुसार किया जाता है और ऐसे स्थान दूरदराज इलाकों में होते हैं जिससे इस संयंत्र की भार केंद्रों से दूरी बढ़ जाती है जिससे संचरण लाइन पर बहुत अधिक खर्च आता है|
  4. बांध मशीनों तथा अन्य उपकरणों को मिलाकर संपूर्ण संयंत्र को खड़ा करने में बहुत खर्चा होता है इन सयंत्रों की प्रति किलो वाट लागत तापीय शक्ति स्टेशनों की तुलना में अधिक होती है|
  5. बांध पर वॉटर हैमर इफेक्ट होता है अगर किसी प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप आदि से बांध टूट जाए तो यह बहुत बड़े क्षेत्र को डुबो सकता है जिससे जन-हानि की संभावना बढ़ जाती है|

भारत के प्रमुख जल विद्युत परियोजना

परियोजना का नामप्रदेशनदीस्थापना
लोअर मेट्टूर जलविद्युत परियोजनातमिलनाडुकावेरी नदी1934
शिवानासमुद्र जलविद्युत परियोजनाकर्नाटककावेरी नदी1902
टिहरी जलविद्युत परियोजनाउत्तराखंडभागीरथी नदी1978
रंजीत सागर जलविद्युत परियोजनापंजाबरावी नदी1981
भाखड़ा नांगल बांध परियोजनाहिमाचल प्रदेशसतलुज नदी1948
बाणसागर जलविद्युत परियोजनामध्य प्रदेशसोन नदी2006
ओंकारेश्वर जलविद्युत परियोजनाओडिशाइंद्रावती नदी1996
हीराकुड जलविद्युत परियोजनाओडिशामहानदी1957
इंदिरा सागर बांध परियोजनामध्य प्रदेशनर्मदा नदी2005
श्रीशैलम जलविद्युत परियोजनाआंध्र प्रदेशकृष्णा नदी1960
सलाल जलविद्युत परियोजनाजम्मू एवं कश्मीरचिनाब नदी1970
सरदार सरोवर बांध परियोजनागुजरातनर्मदा नदी1987
मचकुंड बांध जलविद्युत परियोजनाओडिशामचकुंड नदी1955
शिवानासमुद्र जलविद्युत परियोजनाकर्नाटककावेरी नदी1902
नागार्जुन सागर जलविद्युत परियोजनातेलंगानाकृष्णा नदी1967
रंगीत बांध जलविद्युत परियोजनासिक्किमरंजीत नदी2000
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Fitter First Year Mock Test – Set 10

Most important questions of the Online Computer Based Test for ITI Fitter 1st Year which is completely applicable for all the syllabus. Each sets contains a mix of all questions of ITI Fitter 1st Year which will cover your questions of each chapter and all your questions. Will help you in practice with the help of which you will be able to prepare well for your exam.

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Fitter Trade Theory Set 10

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शीट मेटल वर्क में स्टेक का क्या उपयोग है

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कौन से प्लायर का उपयोग तार के हुक और लूप बनाने में होता है

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पैनल बीटिंग को होलो करने के लिए किस प्रकार के मैलेट का उपयोग किया जाता है

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दोषपूर्ण रिवेटिंग के कारण क्या है

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सोल्डर की सामग्री (मटेरियल) क्या है

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यदि नोजल मोलटन पूल को छूता है तो क्या होगा

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पिघला हुआ सोल्डर के साथ धातु के क्षेत्र को कवर करने वाला ऑपरेशन का नाम है

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एक ग्राइंडिंग व्हील जिसका विनिर्देश 32446H8V, उसमे A क्या दर्शाता है

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वेल्डिंग के दौरान करंट की सेटिंग कौन सा कारक निर्धारित करता है

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माइक्रोमीटर का सिद्धांत क्या है

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किस छेनी का उपयोग की-वे काटने के लिए किया जाता

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स्टेनलेस स्टील के गैस वेल्डिंग में किस प्रकार के फिलर छड़ (फिलर रॉड) का उपयोग किया जाता है

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रिवेट के निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री क्या है

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ग्रोवर का उद्देश्य क्या है

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रिवेटिंग में फ्लूड टाइट जॉइंट बनाने के लिए प्रयुक्त टूल का नाम बताइए

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बेवेल प्रोट्रैक्टर का उपयोग क्या है

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वर्नियर हाइट गेज का कौन सा पार्ट मुख्य स्लाइड का एक इंटरग्रल पार्ट है

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कौन सी आर्क वेल्डिंग मशीन इलेक्ट्रोड और जॉब में बेहतर ऊष्मा वितरण प्रदान करती है

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धातु की उस प्रॉपर्टी का नाम बताइए जो शॉक या इम्पैक्ट को सेहन कर सके

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शीट मेटल के काम में कौन सी धातु बहुत नरम और भारी होती है

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साइड किनारे से पहली रिवेट की दूरी कैसे निर्धारित की जाती है

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विभिन्न प्रोफाइल को काटने के लिए किस धातु काटने वाली सॉ का उपयोग किया जाता है

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रिवेटिंग ऑपरेशन में ड्रिफ्ट का उद्देश्य क्या है

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रूफिंग और पैनलिंग के लिए शीट धातु के जोड़ में किस सीम का उपयोग क्या है

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रिवेट हेड के दूसरे छोर को बनाने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है

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Fitter First Year Mock Test – Set 9

Collection of most important questions of Online Computer Based Test for ITI Fitter 1st Year which is completely applicable for all the syllabus. Each sets contains a mix of all questions of ITI Fitter 1st Year which will cover your questions of each chapter and all your questions. Will help you in practice with the help of which you will be able to prepare well for your exam.

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Fitter Trade Theory Set 9

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1 / 25

कौन से प्लायर का उपयोग तार के हुक और लूप बनाने में होता है

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रिवेट को अंतिम आकार देने के लिए किस रिवेटिंग टूल का उपयोग किया जाता है

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शीट मेटल कार्य के लिए उपयोग होने वाले स्टेक का क्या नाम है

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प्रतिबंधित स्थान में उपयोग किए जाने वाले टैप रिंच का नाम बताइए

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जोड़ और सोल्डर के लिए कौन सी धातु की शीट सबसे आसान है

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फ़ाइल के फेस पर चॉक क्यों लगाया जाता है

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पुन तेज किया हुआ डिवाइड बिंदु को फिनिश करने के लिए किसका उपयोग किया जाता है

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ऑक्सीजन सिलेंडर की भंडारण क्षमता क्या

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रीमर का उपयोग क्या है

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ऑपरेशन में काटने की गति (कटिंग स्पीड) की इकाई क्या है

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स्नैप हेड रिवेट का सपोर्ट करने वाला टूल का नाम क्या है

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स्टील की सोल्डरिंग के लिए किस फ्लक्स का उपयोग किया जाता है

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कौन सी ड्रिलिंग मशीन मे , स्पिंडल हेड को कॉलम के पास और दूर करा जाता है

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खोखली बेलनाकार जॉब्स को पकड़ने के लिए किस वाइस का इस्तेमाल किया गया

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फाइन पिच हैकसॉ ब्लेड का उपयोग क्या है

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कास्ट आयरन में ड्रिलिंग के लिए किस कटिंग फ्लूइड का उपयोग किया जाता है

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ड्रिलिंग करते समय ड्रिल के ओवर हीट होने का क्या कारण है

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चिपिंग करते समय छेनी के अक्ष और जॉब की सतह के बीच के कोण का नाम क्या है

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लकड़ी और चमड़े की फाइलिंग करने के लिए किस फाइल का उपयोग किया जाता है

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ड्रिलिंग मशीन में कौन सा भाग विभिन्न गति प्राप्त करने के लिए है

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स्निप की अधिकतम कटिंग क्षमता क्या है

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लकड़ी में गाँठ दोष का क्या कारण है

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कुंजी मार्ग के कोनों पर पदार्थों को हटाने के लिए किस छेनी का प्रयोग किया जाता है

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एसी वेल्डिंग ट्रांसफार्मर का नुकसान क्या है

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मापने के दौरान बेवल प्रोट्रेक्टर का कौन सा हिस्सा इन्क्लाइन्ड सतह के कांटेक्ट मे होता है

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Fitter First Year Mock Test – Set 8

ITI fitter Online MCQ Mock Test Best Fitter Practice Sets for ITI Online CBT Exam Semester and Yearly First year Candidate Online NIMI Mock Test

ITI Fitter First Year Mock Test
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Fitter Trade Theory Set 8

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एसिटिलीन गैस सिलेंडर पर किस रंग का पेंट होता है

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स्लॉटेड एंगल प्लेट में दिए गए स्लॉट का उद्देश्य क्या है

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यदि ड्रिलिंग के दौरान स्पिण्इल केंद्र से बाहर चल रहा वो क्या होगा

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बेंट स्निप्स का उपयोग क्या है

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स्टील की कितनी कार्बन कंटेंट फोर्ग हो सकता है

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शीट मेटल के कार्य में ग्रोवर का उपयोग क्या है

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मशीन स्पिंडल पर ड्रिल चक को कैसे पकड़ा जाता है

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क्यों फाइलों के कटिंग फेसेस को लंबाई के साइड से थोड़ा बेवल किया जाता है

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वेल्डिंग में कौन सा आंतरिक दोष नग्न आंखों के लिए अदृश्य है

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कौन सी वेल्डिंग मशीन जो सभी प्रकार के इलेक्ट्रोड का उपयोग करके लौह और अलौह धातुओं की वेल्डिंग के लिए A.C और D.C दोनों की आपूर्ति करने के लिए डिज़ाइन की गई है

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आयल वेस को काटने के लिए किस छेनी का उपयोग किया जाता है

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छोटे-छोटे कार्य जिसमे फाइलिंग या ड्रिलिंग की आवश्यकता होती है, उनको पकड़ने के लिए किस वाइस का उपयोग किया जाता है

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किस फाइल में एक दिशा में दांतों कटे होते है

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रिवेट इन्टरफेरेंस क्या है

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कौन सी धातु कई प्रकार के अम्लों के लिए प्रतिरोधी है

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कौन सी धातु की शीट पानी और मौसम के संपर्क को झेल सकती है

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रिवेट सिर के प्रक्षेपण से बचने के लिए किस रिवेट का उपयोग किया जाता है

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टेलिस्कोपिक गेज का उपयोग क्या है

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कार्नर और जॉइंट्स पर मटेरियल को चोखोर करने के लिए किस छेनी का उपयोग किया जाता है

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वेल्डिंग करते समय सिलेंडर की चाबियों को सिलेंडर से क्यों नहीं हटाया जाता है

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जंग और घर्षण के लिए कौन सी शीट धातु अत्यधिक प्रतिरोधी है

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यदि छेनी का क्लीयरेंस कोण बहुत अधिक है तो क्या होगा

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पाउडर के रूप में सोल्डरिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्लक्स कौनसा है जो गर्म करते समय वाष्पित हो जाता है

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किस प्रकार के हथौड़े का उपयोग रिवेटिंग उद्देश्य के लिए किया जाता है?
Which type of hammer is used for riveting purpose

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नियमित षट्भुज के फ्लैट से फ्लैट तक का साइज़ की गणना करने का सूत्र क्या है

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प्रतिरोध परिभाषा कार्य विधि और कलर कोडिंग

इस पोस्ट में हम जानेंगे कि रेजिस्टेंस कितने प्रकार के होते हैं, यह कैसे काम करता है और रेजिस्टेंस के कलर कोड को कैसे पहचाने की वह कितने ओम का है और रेजिस्टेंस का उपयोग करने का सही तरीका क्या है प्रतिरोध और महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित सभी प्रकार के प्रश्न। हम यहां आप सभी से चर्चा करेंगे। प्रतिरोध बहोत ही महत्वपूर्ण विषय है आईटीआई ट्रेड थ्योरी का आइये इसके बारे में विस्तार से समझते है|

प्रतिरोध परिभाषा कार्य विधि और कलर कोडिंग

प्रतिरोध

इस पोस्ट की शुरुआत करने से पहले में आप सभी को बता दू की प्रतिरोध कहते किसे है जब किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो यह धारा के प्रवाह का विरोध करती है, किसी पदार्थ का यह गुण “प्रतिरोध” कहलाता है, यह विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में परिवर्तित करता है, इसलिए विद्युत ऊर्जा का मान न्यूनतम होता है। प्रतिरोध की इकाई ओम (Ω) होती है

यदि पदार्थ के सिरों के बीच स्थापित विभवांतर V तथा उसमें प्रवाहित धारा का मान I है तो पदार्थ के प्रतिरोध का मान होगा

R = V/I

यदि पदार्थ के सिरों के बीच विभवांतर 1 वोल्ट हो तथा उसमें से 1 एंपियर की धारा प्रवाहित हो रही है तो पदार्थ का प्रतिरोध का मान एक ओम होगा

ओम के नियमानुसार

1 Ohm = 1volt/1amp

Units of Resistance is,

Ohm = Volt/Amp = Joule/Coulomb/Amp

= (Newton x Meter)/(Amp x Sec.)/Amp

= Kg.M2/Amp2x Second2

Hence, the dimension of resistance =[M1L2T-3A-2]

आइए जानते प्रतिरोध कितने प्रकार के होते हैं ?

प्रतिरोधक को जानने के लिए हम एक चार्ट के जरिए समझ सकते हैं कि प्रतिरोधक कितने प्रकार के होते हैं आइए चार्ट को अच्छे से समझते हैं|

स्थिर मान प्रतिरोध कैसे बनता है और क्या होता है ?

को को बनाने के लिए कार्बन चूर्ण एवं बंधन पदार्थों से बनाए गए पेस्ट को पतले छड़ो के रूप में ढाल दिया जाता है और आवश्यक प्रतिरोध मान के अनुसार छोड़ को टुकड़ों में काट लिया जाता है प्रत्येक टुकड़े के दोनों और एक धात्विक टोपी लगाकर उसे एक संयोजक तार जोड़ दिया जाता है यह संयोजक तार टिन अलोपित तांबे का बना होता है इस प्रकार प्रतिरोधों 1 ओम से 50 किलो ओम तक प्रतिरोधक परास तथा 1/8 से 2 वाट शक्ति परास के बनाए जाते हैं |

परिवर्ती मान प्रतिरोधक क्या होता है ?

परिवर्ती मान प्रतिरोधों को को बनाने के लिए कार्बन चूर्ण एवं बंधक पदार्थों से बनाई गई लई को चंद्राकार पट्टी के रूप में डाल दिया जाता है इस पट्टी को उपयुक्त कुचालक आधार पर कसकर इसके दोनों सिरों पर एक-एक संयोजक जोड़ दिया जाता है पट्टी के ऊपर एक चल भुजा इस प्रकार लगाई जाती है कि उसका संबंध मध्य संयोजक से बना रहे मध्य संयोजक तथा किसी एक सिरे के संयोजक के बीच परिवर्तित प्रतिरोध का मान प्राप्त किया जा सकता है ये प्रतिरोधक 5 ओम से 5 मेगाओम  तक प्रतिरोध परास तथा 0. 05 W से 0. 25 W तक के शक्ति पारस में बनाये जाते है

प्रतिरोधक की कलर कोडिंग

1K ohm Resistor
1 किलो ओम रजिस्टर

बाजारों एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में आपने देखा होगा की तरह तरह के रजिस्टेंस पर तरह-तरह की रंगो की धरियो द्वारा एक कोड किया जाता है आइए समझते हैं कि यह रंगो की धारिया किस प्रकार से किसी प्रतिरोधक का मान को दर्शाते हैं

जिन प्रतिरोधक का आकार बड़ा होता है उन पर उनका मान प्रतिरोधक बॉडी पर प्रिंट कर दिया जाता है परंतु है प्रतिरोधक जिनका आकार बहुत छोटा होता है उन पर प्रतिरोधक के मान को प्रिंट करना आसान नहीं होता साथ ही सर्किट में लगे प्रतिरोधक का मान किसी कारणवश मिट जाने के कारण उनका मान को पढ़ पाना आसान नहीं होता है अतः इन्हीं कारणों से प्रतिरोधक की कलर कोडिंग की आवश्यकता होती है भिन्न-भिन्न उपयोगी विद्युत परिपथों में भिन्न-भिन्न मान के प्रतिरोधक प्रयुक्त किए जाते हैं प्रतिरोधक की कलर कोडिंग निम्न तथ्यों को ध्यान में रखकर की जाती है|

प्रतिरोधक का मान निर्धारण करने के लिए प्रतिरोध की सतह पर चार रंगीन पटिया बनाई जाती हैं जिनमें प्रत्येक पट्टी का विशेष महत्व होता है पहला रंग प्रतिरोधक के सिरे के पास वाले रंग को मानते हैं प्रतिरोधक के सतह पर की गई कलर कोडिंग की सहायता से प्रतिरोधक का मान ज्ञात करने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए|

  • पहला रंग कभी भी काला गोल्ड एंड सिल्वर नहीं होता है|
  • गोल्डन और सिल्वर रंग हमेशा दो या तीन रंगों के पश्चात आते हैं|
  • किसी भी प्रतिरोध का अधिकतम 6 व कम से कम 3  रंग के हो सकते हैं|
  • प्रतिरोधक पर पहला रंग और दूसरा रंग प्रतिरोधक के मान के प्रथम व द्वितीय अंत को दर्शाते हैं|
  • तीसरा रंग गुणांक को व चौथा रंग टोलरेंस को दर्शाता है|
  • यदि प्रतिरोधक पर टोलरेंस की चौथी रंगीन पट्टी नहीं हो तो टोलरेंस 20% माना जाता है|

प्रतिरोध की कलर कोड सारणी

रंगप्रथम पट्टाद्वितीय पट्टातृतीया पट्टा (गुणांक)सहनशीलता (टॉलरेंस)
काला0100
भूरा11101
लाल22102
नारंगी33103
पीला44104
हरा55105
नीला66106
बैंगनी77107
धूसर88108
सफेद99109
सुनहरा10-1± 5%
चांदी10-2± 10%
बिना कलर± 20%

निष्कर्ष

आज के विषय में हमने सीखा प्रतिरोधक किसे कहते हैं वह कितने प्रकार के होते हैं उनके प्रयोग वह प्रतिरोधक से जुड़े महत्वपूर्ण सूत्र साथ ही साथ हम लोगों ने यहां पर प्रतिरोधक के कलर कोड को भी अच्छे से समझा जिससे हमें कभी भी किसी भी प्रतिरोधक को पहचानने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े आशा करता हूं मेरे द्वारा लिखे गए इस पोस्ट से आपको काफी सहायता प्राप्त होगी यदि किसी भी प्रकार का प्रश्न हो तो आप नीचे कमेंट कर सकते हैं साथ ही साथ हमारे साथ जुड़े फेसबुक पेज को भी फॉलो कर सकते है|

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इनपुट क्या है input unit in hindi

input unit in hindi

आजकल के सभी कंप्यूटर से जुड़े प्रतियोगी परीक्षाओं व ITI में अक्सर इनपुट यूनिट से जुड़े प्रश्न (input unit kya hai) आते हैं आइए यहां पर हम आपको पूरे विस्तार से input unit in hindi इनपुट यूनिट के बारे में समझाते हैं यह कितने प्रकार के होते हैं इनका क्या प्रयोग है वही ने किस नाम से जानते हैं हम यहां पर आपको पूरी जानकारी देने का प्रयत्न करेंगे

input unit kya hai और यह कितने प्रकार के होते हैं ?

इनपुट ऐसे उपकरण है जिनके द्वारा सूचना कंप्यूटर के CPU में भेजी जाती है यह सूचना टेक्स्ट आवाज या पिक्चर के रूप में हो सकती है अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग इनपुट उपकरण होते हैं इनपुट उपकरणों द्वारा कंप्यूटर प्रयोग करता से संपर्क करता है यह पेरीफेरल उपकरण भी कहलाते हैं पेरीफेरल उपकरण ऐसे उपकरण होते है जो CPU से बाहरी रूप से जुड़े रहते हैं इनपुट उपकरणों को हम तीन श्रेणियों में बांट सकते हैं|

  1. ऑनलाइन इनपुट उपकरण
  2. सोर्स डाटा इनपुट उपकरण
  3. ऑफलाइन इनपुट उपकरण

ऑनलाइन इनपुट यूनिट (Online input unit in hindi)

ऑनलाइन इनपुट उपकरण का प्रयोग real-time प्रोसेसिंग में किया जाता है रियल टाइम प्रोसेसिंग में इनपुट किए गए डाटा की तुरंत प्रोसेसिंग होती है एवं परिणाम तुरंत ही यूजर को प्रदान किया जाता है यद्यपि इस प्रकार के इनपुट उपकरण को एक समय में एक ही यूज़र उपयोग में ले सकता है इस प्रकार के इनपुट उपकरण निम्न है|

डंब टर्मिनल इनपुट यूनिट

यह उपकरण किसी भी प्रकार की सूचना को संग्रह करने में सक्षम नहीं होते एवं नाही प्रोसेसिंग का कार्य संपन्न कर सकते हैं या मुख्य कंप्यूटर से जुड़े रहते हैं जिसे सरवर कहते हैं जो भी सूचनाएं चाहिए यह सर्वर से प्राप्त कर यूजर को आउटपुट के रूप में दर्शाता है|

इंटेलिजेंट टर्मिनल इनपुट यूनिट in Hindi

यह सिस्टम डाटा को संग्रह व प्रोसेस करने की क्षमता रखते हैं इनकी कार्य करने की गति बेहतर होती है |

वॉइस रिकॉग्निशन इनपुट यूनिट

वॉइस रिकॉग्निशन उपकरण का प्रयोग आवाज को पहचानने में किया जाता है इसमें एक माइक्रोफोन या टेलीफोन होता है जो आवाज को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल देता है जब यह सिग्नल कंप्यूटर में ट्रांसलेट होते हैं तो कंप्यूटर में संग्रहित पैटर्न के आधार पर इनकी तुलना कर ली जाती है जिससे आवाज की पहचान कर ली जाती है यह पैटर्न सिस्टम का शब्दकोश का लाते हैं|

टच टोन टर्मिनल इनपुट यूनिट in Hindi

इस उपकरण द्वारा प्रयोग करता है इस स्क्रीन मॉनिटर को छू कर सिस्टम से संवाद कर सकता है इसमें स्क्रीन पर अनेक विकल्प उपलब्ध और रहते हैं जिन्हें प्रयोग करता छूकर चुन सकते हैं इस प्रकार के उपकरण ए.टी.एम मशीन रेलवे स्टेशन पर पूछताछ में बहुतायत में काम लिया जा रहे हैं|

माउस माउस

input unit in hindi Mouse
Mouse

एक पॉइंटिंग उपकरण है और यह जी. यू.आई (ग्राफिकल यूजर इंटरफेस) मैं बहुतायत से काम लिया जा रहा है |

की-बोर्ड

input unit in hindi Keyboard
Keyboard

यह इनपुट का महत्वपूर्ण उपकरण है जो टाइपराइटर के समान होता है किसी भी टेक्स्ट डाटा या निर्देश को इसी के द्वारा कंप्यूटर को दिए जाते हैं या सीपीयू में मदरबोर्ड के की-बोर्ड से तार के द्वारा जुड़ा रहता है इस पर अक्षर अंक और संकेत लिखे होते हैं जिन्हें “कीज” कहते हैं इन कीज को दबा कर या टाइप करके कंप्यूटर में संकेत या डाटा पहुंचा जाता है|

सोर्स डाटा इनपुट यूनिट in Hindi

स्केनर

यह एक इनपुट उपकरण है इसके द्वारा किसी भी लिखित दस्तावेज आकृति को कंप्यूटर में इनपुट किया जा सकता है जिस दस्तावेज है चित्र को स्कैन करना हो उसे स्केनर की समतल सतह पर रख दिया जाता है तथा इस चैनल पर लगे लेंस व प्रकाश स्रोत द्वारा चित्र को फोटो लंच करके पानेरी आंकड़ों में बदलकर कंप्यूटर की मेमोरी में पहुंचा दिया जाता है और इस चित्र को मॉनिटर की स्क्रीन पर देखा जा सकता है किसी स्केनर की गुणवत्ता प्रति इकाई क्षेत्र में उपस्थित क्षेत्रों की संख्या पर निर्भर करती है जो रिजर्वेशन कहते हैं आजकल प्रचलित स्केनर की रेसोलुशन 600 डी.पी.आई (डॉट पर इंच) है सामान्यता दो प्रकार की स्केनर काम में लिए जाते हैं

  • फ्लैट बेड स्कैनर
  • हैंड होल्ड स्कैनर

ओ.एम.आर (ऑप्टिकल मार्क रीडर)

एक डिवाइस है जो किसी कागज की सीट पर पेंसिल या पेन के चिन्ह की उपस्थिति या अनुपस्थिति को दर्शाता है इसमें प्रकाश को प्रवाहित किया जाता है जिन स्थानों पर चिन्ह नहीं होते वहां से प्रकाश गुजर जाता है और चीनू स्थान पर चीन होते हैं वहां प्रकाश रुक जाता है इसका प्रयोग पराया प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं को जांच करने में किया जाता है|

ओ.सी.आर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर)

ओ.सी.आर में डाटा लिखने के लिए अक्षरों का एक मानक सेट होता है जिसे मशीन या मनुष्य द्वारा पढ़ा जा सकता है इन्हें ओ.सी.आर मानक कहा जाता है इसमें प्रत्येक अक्षर को एक प्रकाश स्रोत से प्रकाशित किया जाता है और ओ.सी.आर के नीचे रखी हुई फोटो सेंसेटिव मशीन पर प्राप्त कर पढ़ा जा सकता है

ओ.सी.आर की विशेषताएं

  1. इनकी गति बहुत अधिक होती है
  2. इसका प्रयोग करने पर डाटा पुनः तैयार नहीं करना पड़ता
  3. डाटा मैनुअल फीड नहीं किया जाता है जिससे गलती होने की संभावना कम रहती है

एम. आई. सी. आर (मैग्नेटिक इंक कैरक्टर रीडर)

इस उपकरण का मुख्य का उपयोग बैंकों में किया जाता है बैंक के चेक के नीचे एमआईसीआर द्वारा बैंक की कोर्ट संख्याएं ग्राहक खाता संख्या तथा बैंक की राशि प्रदर्शित की जाती है इसमें एक विशेष प्रकार की चुंबकीय स्याही का प्रयोग किया जाता है जिसके चुंबकीय गुणों में आयरन ऑक्साइड लगा होता है किसी चेक को पढ़ने के लिए उसे एम आई सी आर के नीचे से गुजारते हैं यह रीडिंग हेड बड़े अंतराल को एक के रूप में व छोटे अंतराल को जीरो के रूप में पढता है|

एमआईसीआर की विशेषताएं

इसके द्वारा चेक को को पूर्ण शुद्धता के साथ पढ़ा जा सकता है|
इसके द्वारा चेक की प्रोसेसिंग बड़ी तीव्रता से होती है|
एमआईसीआर से पढ़े गए डाटा को सीधे कंप्यूटर में डाला जा सकता है|
एम आई सी आर अक्षरों को मानक व मशीन दोनों द्वारा पढ़ा जा सकता है|

जॉयस्टिक

यह एक सतह पर चरणों में आकृति होती है जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने से उसके अंदर लगी हुई गेंद को घुमाया जाता है हैंडल को घुमाने से स्क्रीन पर चलते ही वस्तु की दिशा को आसानी से बदला जा सकता है इसलिए यह डिवाइस बच्चों के द्वारा कंप्यूटर पर वीडियो गेम्स खेलने में काम ली जाती है वैसे अधिकांशत की है कि बोर्ड द्वारा खेले जा सकते हैं परंतु जॉय स्टिक से खेलना सुविधाजनक होता है|

ट्रैकर बाल

ट्रैकर बाल या ट्रैक बाल भी माउस की तरह पॉइंटिंग डिवाइस है इसके ऊपर की तरफ एक बार होती है जिसे उंगलियों से पकड़ कर घुमाया जाता है इस बार को घुमाने से स्क्रीन पर उपस्थित कर सर को घुमाया जा सकता है गेंद जिस दिशा में घूमती है उसी दिशा में प्वाइंटर घूमता है उसमें भी माउस की तरह दो बटन होते हैं जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर क्लिक किया जा सकता है ट्रैकर बाल प्राय: लैपटॉप कंप्यूटर में लगी होती हैं इससे कार्य करना माउस की अपेक्षाकृत आसान हो जाता है|

लाइट पेन

यह डिवाइस दिखने में साधारण बाल पेन जैसी होती है इससे स्क्रीन पर सीधे ही कोई आकृति बनाई जा सकती है इसके एक सिरे पर पतली टिप होती है वह इसमें एक फोटो से लगा होता है इसका दूसरा सिरा कंप्यूटर के सीपीयू से जुड़ा होता है जब पेन की टीम से कंप्यूटर पर कोई आकृति बनाई जाती है तो इसकी पल्स स्क्रीन से ट्रांसमिट होकर कोड जनरेट कर लेती है एवं हमें कंप्यूटर स्क्रीन पर उसी रूप में दिखाई देता है इसका प्रयोग हम मानचित्र पर विशेष मार्ग लगाने के लिए जैसे क्रिकेट में दर्शकों को मैदान में गेंद की उपस्थिति वृत्त बनाकर दर्शाने के लिए आदि में किया जाता है|

ओ बी आर (ऑप्टिकल बार रीडर)

यह एक ऐसा इनपुट उपकरण है जो लाइनों के रूप में प्रदर्शित डाटा को पढ़ सकता है जिन्हें बार कहते हैं यह वर्टिकल बार अलग-अलग डाटा के लिए निश्चित किए होते हैं जो बार में किसी उत्पाद की विभिन्न सूचनाओं जैसे उत्पाद का मूल्य उत्पाद का नाम उत्पादन तिथि आदि अंकित हो सकती है यह कोड मानवीय रूप से पढ़े नहीं जा सकते यह डिवाइस का लाभ यह है कि बिल बनाते समय ऑपरेटर को उत्पाद संबंधी डाटा फीड करने नहीं पड़ते हैं वह भी आर स्वता ही इन डाटा को कंप्यूटर में फीड कर देता है जैसे गलती होने की संभावना नहीं रहती वह बीआर को शॉपिंग मॉल मेडिकल स्टोर आदि में काम में लिया जाता है|

ऑफलाइन इनपुट यूनिट

ऐसे इनपुट उपकरण होते हैं जो डाटा इनपुट बिना कंप्यूटर की सहायता से कर लेते हैं तथा बाद में इन डाटा को कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस करवा लिया जाता है जहां डाटा एंट्री का कार्य अधिक है वहां इस प्रकार के डिवाइस को काम में लिया जाता है क्योंकि किसी कार्य को करने के लिए डाटा एंट्री में 90% समय लगता है एवं प्रोसेसिंग में 10% या इससे कम इसलिए इस 90% इनपुट को के कार्य को ऑफलाइन डिवाइस के द्वारा कर लिया जाता है एवं भविष्य में इस संग्रह डाटा को प्रोसेस करवा दिया जाता है|

की टू कार्ड

यह डाटा एंट्री का सबसे पुरानी ऑफलाइन इनपुट डिवाइस है या डाटा को पंच कार्ड के रूप में संग्रहित करती है इसके लिए इसमें 80 कॉलम एवं 96 कॉलम की की पंच मशीनें होती हैं इस मशीनों में अस्थाई संग्रह स्थान होते हैं जो डाटा को अस्थाई रूप से संग्रह कर लेते हैं जिससे प्रयोग करता अंतिम पंच करने से पहले डाटा में संशोधन कर सकें|

की टू फ्लॉपी

इन मशीनों का आविष्कार डाटा रिकॉर्डिंग की लागत को कम करने के लिए किया गया इनके द्वारा डाटा को सीधे ही डिस्क या फ्लॉपी में स्टोर किया जाता है या डिस्क कम खर्चीली वह बार-बार प्रयोग में ली जाने वाली होती हैं इसमें टाइपराइटर के सामान कीबोर्ड होता है जिसमें कुछ अतिरिक्त की भी होती हैं एवं एक डिस्पले स्क्रीन होता है जो दबाई गई कीज को प्रदर्शित करता है कीबोर्ड में अस्थाई संग्रह होता है जो डाटा को फ्लॉपी में संग्रह करने से पूर्व कोड के रूप में संग्रह कर लेते हैं प्रयोग करता है स्क्रीन पर डाटा की वैधता की जांच कर लेता है और यदि डाटा सही है तो उस फ्लॉपी में स्टोर कर लेता है|

निष्कर्ष

इस विषय में हमने सीखा कि इनपुट यूनिट कितने प्रकार के होते हैं वह उनके उदाहरण उनके उपयोग के साथ-साथ हमने उनके बारे में और भी तरह के विस्तृत जानकारियां हासिल की आशा करता हूं कि आप सभी को मेरे द्वारा दी गई जानकारी संतुष्टि जनक हो यदि आपको इसमें किसी भी तरह का प्रश्न या उससे जुड़े कोई भी सुझाव तो आप हमें मेल या नीचे कमेंट भी कर सकते है अधिक जानकारी के लिए हमारे फेसबुक पेज को भी फॉलो करिए |

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ITI NIMI Mock Test Common Hand Tools MCQ

NCVT MIS ITI NIMI Mock Test for ITI Electrician Trade Common Hand Tools Chapter MCQ for ITI Candidate NCVT Test Bharat Skills MCQ in Hindi

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Common Hand Tools NIMI Mock Test MCQ

Please Write your Name to show in Result

1 / 15

प्लेयर का नाम क्या है

2 / 15

माइक्रोमीटर का सिद्धांत क्या है

3 / 15

वर्नियर माइक्रोमीटर में x के रूप में चिह्नित भाग का नाम क्या है

4 / 15

जहां उगलियां नहीं पहुंचती हो वहां छोटी वस्तु को पकड़ने के लिए किस प्रकार के औजार का इस्तेमाल किया जाता है

5 / 15

काटने वाले औजारों को कहां रखना चाहिए

6 / 15

एक ट्राई स्क्वायर का उपयोग क्या है

7 / 15

इलेक्ट्रीशियन किस प्रकार के पेचकस का प्रयोग करते हैं

8 / 15

केबल से आवरण और विद्युत रोधी परत हटाने के लिए किस प्रकार के प्लेयर का इस्तेमाल होता है

9 / 15

किस प्रकार के हथौड़े का उपयोग रिवेटिंग उद्देश्य के लिए किया जाता है?
Which type of hammer is used for riveting purpose

10 / 15

उस पदार्थ का नाम बताइए जिससे स्क्रु ड्राइवर का ब्लेड बना होता है

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लकड़ी का काम करने वाले आरी के दांतों को तेज करने के लिए किस फाइल का उपयोग किया जाता है

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लकड़ी के स्क्रू का पिच है

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हथौड़े का साइज किसके अनुसार मापा जाता है

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कौन से प्लायर का उपयोग तार के हुक और लूप बनाने में होता है

15 / 15

किस छेनी का उपयोग की-वे काटने के लिए किया जाता

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Conventional Representation of Materials in ED

Engineering Drawing Perfection is based on representations Representation of a large object, sentence or action as a sign is called a convention. These conventions have been approved by ISI by IS 696 – 1972

Materials Conventions Representation Symbol According to IS 696 – 1972

MaterialsConvention or Symbol
Steel
Cast Iron
Copper and its alloys
Aluminum and its alloys
Lead
Zinc
Tin
White Metal
Brass
Bronze
Gun Metal
Glass
Porcelain
Stone
Ware Marble
Slate
Asbestos
Fiber Felt
Synthetic
Resin Product
Paper
Cork
Linoleum
Rubber
Leather
Wax
Insulating and Filling Material
Wood
Plywood
Earth
Brick Work
Masonry
Fire Bricks
Concrete
Water
Oil
Petrol
Kerosene

By not writing the name of the cut material on the intersecting surface of the object, it is displayed only in the sign of the substance by its ball.

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