इनपुट क्या है input unit in hindi

input unit in hindi

आजकल के सभी कंप्यूटर से जुड़े प्रतियोगी परीक्षाओं व ITI में अक्सर इनपुट यूनिट से जुड़े प्रश्न (input unit kya hai) आते हैं आइए यहां पर हम आपको पूरे विस्तार से input unit in hindi इनपुट यूनिट के बारे में समझाते हैं यह कितने प्रकार के होते हैं इनका क्या प्रयोग है वही ने किस नाम से जानते हैं हम यहां पर आपको पूरी जानकारी देने का प्रयत्न करेंगे

input unit kya hai और यह कितने प्रकार के होते हैं ?

इनपुट ऐसे उपकरण है जिनके द्वारा सूचना कंप्यूटर के CPU में भेजी जाती है यह सूचना टेक्स्ट आवाज या पिक्चर के रूप में हो सकती है अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग इनपुट उपकरण होते हैं इनपुट उपकरणों द्वारा कंप्यूटर प्रयोग करता से संपर्क करता है यह पेरीफेरल उपकरण भी कहलाते हैं पेरीफेरल उपकरण ऐसे उपकरण होते है जो CPU से बाहरी रूप से जुड़े रहते हैं इनपुट उपकरणों को हम तीन श्रेणियों में बांट सकते हैं|

  1. ऑनलाइन इनपुट उपकरण
  2. सोर्स डाटा इनपुट उपकरण
  3. ऑफलाइन इनपुट उपकरण

ऑनलाइन इनपुट यूनिट (Online input unit in hindi)

ऑनलाइन इनपुट उपकरण का प्रयोग real-time प्रोसेसिंग में किया जाता है रियल टाइम प्रोसेसिंग में इनपुट किए गए डाटा की तुरंत प्रोसेसिंग होती है एवं परिणाम तुरंत ही यूजर को प्रदान किया जाता है यद्यपि इस प्रकार के इनपुट उपकरण को एक समय में एक ही यूज़र उपयोग में ले सकता है इस प्रकार के इनपुट उपकरण निम्न है|

डंब टर्मिनल इनपुट यूनिट

यह उपकरण किसी भी प्रकार की सूचना को संग्रह करने में सक्षम नहीं होते एवं नाही प्रोसेसिंग का कार्य संपन्न कर सकते हैं या मुख्य कंप्यूटर से जुड़े रहते हैं जिसे सरवर कहते हैं जो भी सूचनाएं चाहिए यह सर्वर से प्राप्त कर यूजर को आउटपुट के रूप में दर्शाता है|

इंटेलिजेंट टर्मिनल इनपुट यूनिट in Hindi

यह सिस्टम डाटा को संग्रह व प्रोसेस करने की क्षमता रखते हैं इनकी कार्य करने की गति बेहतर होती है |

वॉइस रिकॉग्निशन इनपुट यूनिट

वॉइस रिकॉग्निशन उपकरण का प्रयोग आवाज को पहचानने में किया जाता है इसमें एक माइक्रोफोन या टेलीफोन होता है जो आवाज को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल देता है जब यह सिग्नल कंप्यूटर में ट्रांसलेट होते हैं तो कंप्यूटर में संग्रहित पैटर्न के आधार पर इनकी तुलना कर ली जाती है जिससे आवाज की पहचान कर ली जाती है यह पैटर्न सिस्टम का शब्दकोश का लाते हैं|

टच टोन टर्मिनल इनपुट यूनिट in Hindi

इस उपकरण द्वारा प्रयोग करता है इस स्क्रीन मॉनिटर को छू कर सिस्टम से संवाद कर सकता है इसमें स्क्रीन पर अनेक विकल्प उपलब्ध और रहते हैं जिन्हें प्रयोग करता छूकर चुन सकते हैं इस प्रकार के उपकरण ए.टी.एम मशीन रेलवे स्टेशन पर पूछताछ में बहुतायत में काम लिया जा रहे हैं|

माउस माउस

input unit in hindi Mouse
Mouse

एक पॉइंटिंग उपकरण है और यह जी. यू.आई (ग्राफिकल यूजर इंटरफेस) मैं बहुतायत से काम लिया जा रहा है |

की-बोर्ड

input unit in hindi Keyboard
Keyboard

यह इनपुट का महत्वपूर्ण उपकरण है जो टाइपराइटर के समान होता है किसी भी टेक्स्ट डाटा या निर्देश को इसी के द्वारा कंप्यूटर को दिए जाते हैं या सीपीयू में मदरबोर्ड के की-बोर्ड से तार के द्वारा जुड़ा रहता है इस पर अक्षर अंक और संकेत लिखे होते हैं जिन्हें “कीज” कहते हैं इन कीज को दबा कर या टाइप करके कंप्यूटर में संकेत या डाटा पहुंचा जाता है|

सोर्स डाटा इनपुट यूनिट in Hindi

स्केनर

यह एक इनपुट उपकरण है इसके द्वारा किसी भी लिखित दस्तावेज आकृति को कंप्यूटर में इनपुट किया जा सकता है जिस दस्तावेज है चित्र को स्कैन करना हो उसे स्केनर की समतल सतह पर रख दिया जाता है तथा इस चैनल पर लगे लेंस व प्रकाश स्रोत द्वारा चित्र को फोटो लंच करके पानेरी आंकड़ों में बदलकर कंप्यूटर की मेमोरी में पहुंचा दिया जाता है और इस चित्र को मॉनिटर की स्क्रीन पर देखा जा सकता है किसी स्केनर की गुणवत्ता प्रति इकाई क्षेत्र में उपस्थित क्षेत्रों की संख्या पर निर्भर करती है जो रिजर्वेशन कहते हैं आजकल प्रचलित स्केनर की रेसोलुशन 600 डी.पी.आई (डॉट पर इंच) है सामान्यता दो प्रकार की स्केनर काम में लिए जाते हैं

  • फ्लैट बेड स्कैनर
  • हैंड होल्ड स्कैनर

ओ.एम.आर (ऑप्टिकल मार्क रीडर)

एक डिवाइस है जो किसी कागज की सीट पर पेंसिल या पेन के चिन्ह की उपस्थिति या अनुपस्थिति को दर्शाता है इसमें प्रकाश को प्रवाहित किया जाता है जिन स्थानों पर चिन्ह नहीं होते वहां से प्रकाश गुजर जाता है और चीनू स्थान पर चीन होते हैं वहां प्रकाश रुक जाता है इसका प्रयोग पराया प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं को जांच करने में किया जाता है|

ओ.सी.आर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर)

ओ.सी.आर में डाटा लिखने के लिए अक्षरों का एक मानक सेट होता है जिसे मशीन या मनुष्य द्वारा पढ़ा जा सकता है इन्हें ओ.सी.आर मानक कहा जाता है इसमें प्रत्येक अक्षर को एक प्रकाश स्रोत से प्रकाशित किया जाता है और ओ.सी.आर के नीचे रखी हुई फोटो सेंसेटिव मशीन पर प्राप्त कर पढ़ा जा सकता है

ओ.सी.आर की विशेषताएं

  1. इनकी गति बहुत अधिक होती है
  2. इसका प्रयोग करने पर डाटा पुनः तैयार नहीं करना पड़ता
  3. डाटा मैनुअल फीड नहीं किया जाता है जिससे गलती होने की संभावना कम रहती है

एम. आई. सी. आर (मैग्नेटिक इंक कैरक्टर रीडर)

इस उपकरण का मुख्य का उपयोग बैंकों में किया जाता है बैंक के चेक के नीचे एमआईसीआर द्वारा बैंक की कोर्ट संख्याएं ग्राहक खाता संख्या तथा बैंक की राशि प्रदर्शित की जाती है इसमें एक विशेष प्रकार की चुंबकीय स्याही का प्रयोग किया जाता है जिसके चुंबकीय गुणों में आयरन ऑक्साइड लगा होता है किसी चेक को पढ़ने के लिए उसे एम आई सी आर के नीचे से गुजारते हैं यह रीडिंग हेड बड़े अंतराल को एक के रूप में व छोटे अंतराल को जीरो के रूप में पढता है|

एमआईसीआर की विशेषताएं

इसके द्वारा चेक को को पूर्ण शुद्धता के साथ पढ़ा जा सकता है|
इसके द्वारा चेक की प्रोसेसिंग बड़ी तीव्रता से होती है|
एमआईसीआर से पढ़े गए डाटा को सीधे कंप्यूटर में डाला जा सकता है|
एम आई सी आर अक्षरों को मानक व मशीन दोनों द्वारा पढ़ा जा सकता है|

जॉयस्टिक

यह एक सतह पर चरणों में आकृति होती है जिसे हाथ से पकड़ कर घुमाने से उसके अंदर लगी हुई गेंद को घुमाया जाता है हैंडल को घुमाने से स्क्रीन पर चलते ही वस्तु की दिशा को आसानी से बदला जा सकता है इसलिए यह डिवाइस बच्चों के द्वारा कंप्यूटर पर वीडियो गेम्स खेलने में काम ली जाती है वैसे अधिकांशत की है कि बोर्ड द्वारा खेले जा सकते हैं परंतु जॉय स्टिक से खेलना सुविधाजनक होता है|

ट्रैकर बाल

ट्रैकर बाल या ट्रैक बाल भी माउस की तरह पॉइंटिंग डिवाइस है इसके ऊपर की तरफ एक बार होती है जिसे उंगलियों से पकड़ कर घुमाया जाता है इस बार को घुमाने से स्क्रीन पर उपस्थित कर सर को घुमाया जा सकता है गेंद जिस दिशा में घूमती है उसी दिशा में प्वाइंटर घूमता है उसमें भी माउस की तरह दो बटन होते हैं जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर क्लिक किया जा सकता है ट्रैकर बाल प्राय: लैपटॉप कंप्यूटर में लगी होती हैं इससे कार्य करना माउस की अपेक्षाकृत आसान हो जाता है|

लाइट पेन

यह डिवाइस दिखने में साधारण बाल पेन जैसी होती है इससे स्क्रीन पर सीधे ही कोई आकृति बनाई जा सकती है इसके एक सिरे पर पतली टिप होती है वह इसमें एक फोटो से लगा होता है इसका दूसरा सिरा कंप्यूटर के सीपीयू से जुड़ा होता है जब पेन की टीम से कंप्यूटर पर कोई आकृति बनाई जाती है तो इसकी पल्स स्क्रीन से ट्रांसमिट होकर कोड जनरेट कर लेती है एवं हमें कंप्यूटर स्क्रीन पर उसी रूप में दिखाई देता है इसका प्रयोग हम मानचित्र पर विशेष मार्ग लगाने के लिए जैसे क्रिकेट में दर्शकों को मैदान में गेंद की उपस्थिति वृत्त बनाकर दर्शाने के लिए आदि में किया जाता है|

ओ बी आर (ऑप्टिकल बार रीडर)

यह एक ऐसा इनपुट उपकरण है जो लाइनों के रूप में प्रदर्शित डाटा को पढ़ सकता है जिन्हें बार कहते हैं यह वर्टिकल बार अलग-अलग डाटा के लिए निश्चित किए होते हैं जो बार में किसी उत्पाद की विभिन्न सूचनाओं जैसे उत्पाद का मूल्य उत्पाद का नाम उत्पादन तिथि आदि अंकित हो सकती है यह कोड मानवीय रूप से पढ़े नहीं जा सकते यह डिवाइस का लाभ यह है कि बिल बनाते समय ऑपरेटर को उत्पाद संबंधी डाटा फीड करने नहीं पड़ते हैं वह भी आर स्वता ही इन डाटा को कंप्यूटर में फीड कर देता है जैसे गलती होने की संभावना नहीं रहती वह बीआर को शॉपिंग मॉल मेडिकल स्टोर आदि में काम में लिया जाता है|

ऑफलाइन इनपुट यूनिट

ऐसे इनपुट उपकरण होते हैं जो डाटा इनपुट बिना कंप्यूटर की सहायता से कर लेते हैं तथा बाद में इन डाटा को कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस करवा लिया जाता है जहां डाटा एंट्री का कार्य अधिक है वहां इस प्रकार के डिवाइस को काम में लिया जाता है क्योंकि किसी कार्य को करने के लिए डाटा एंट्री में 90% समय लगता है एवं प्रोसेसिंग में 10% या इससे कम इसलिए इस 90% इनपुट को के कार्य को ऑफलाइन डिवाइस के द्वारा कर लिया जाता है एवं भविष्य में इस संग्रह डाटा को प्रोसेस करवा दिया जाता है|

की टू कार्ड

यह डाटा एंट्री का सबसे पुरानी ऑफलाइन इनपुट डिवाइस है या डाटा को पंच कार्ड के रूप में संग्रहित करती है इसके लिए इसमें 80 कॉलम एवं 96 कॉलम की की पंच मशीनें होती हैं इस मशीनों में अस्थाई संग्रह स्थान होते हैं जो डाटा को अस्थाई रूप से संग्रह कर लेते हैं जिससे प्रयोग करता अंतिम पंच करने से पहले डाटा में संशोधन कर सकें|

की टू फ्लॉपी

इन मशीनों का आविष्कार डाटा रिकॉर्डिंग की लागत को कम करने के लिए किया गया इनके द्वारा डाटा को सीधे ही डिस्क या फ्लॉपी में स्टोर किया जाता है या डिस्क कम खर्चीली वह बार-बार प्रयोग में ली जाने वाली होती हैं इसमें टाइपराइटर के सामान कीबोर्ड होता है जिसमें कुछ अतिरिक्त की भी होती हैं एवं एक डिस्पले स्क्रीन होता है जो दबाई गई कीज को प्रदर्शित करता है कीबोर्ड में अस्थाई संग्रह होता है जो डाटा को फ्लॉपी में संग्रह करने से पूर्व कोड के रूप में संग्रह कर लेते हैं प्रयोग करता है स्क्रीन पर डाटा की वैधता की जांच कर लेता है और यदि डाटा सही है तो उस फ्लॉपी में स्टोर कर लेता है|

निष्कर्ष

इस विषय में हमने सीखा कि इनपुट यूनिट कितने प्रकार के होते हैं वह उनके उदाहरण उनके उपयोग के साथ-साथ हमने उनके बारे में और भी तरह के विस्तृत जानकारियां हासिल की आशा करता हूं कि आप सभी को मेरे द्वारा दी गई जानकारी संतुष्टि जनक हो यदि आपको इसमें किसी भी तरह का प्रश्न या उससे जुड़े कोई भी सुझाव तो आप हमें मेल या नीचे कमेंट भी कर सकते है अधिक जानकारी के लिए हमारे फेसबुक पेज को भी फॉलो करिए |

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Conventional Representation of Materials in ED

Engineering Drawing Perfection is based on representations Representation of a large object, sentence or action as a sign is called a convention. These conventions have been approved by ISI by IS 696 – 1972

Materials Conventions Representation Symbol According to IS 696 – 1972

MaterialsConvention or Symbol
Steel
Cast Iron
Copper and its alloys
Aluminum and its alloys
Lead
Zinc
Tin
White Metal
Brass
Bronze
Gun Metal
Glass
Porcelain
Stone
Ware Marble
Slate
Asbestos
Fiber Felt
Synthetic
Resin Product
Paper
Cork
Linoleum
Rubber
Leather
Wax
Insulating and Filling Material
Wood
Plywood
Earth
Brick Work
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By not writing the name of the cut material on the intersecting surface of the object, it is displayed only in the sign of the substance by its ball.

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ITI Practical Exam Important Date 2022

आईटीआई डीजीटी ने प्रथम और द्वितीय वर्ष के सभी छात्रों के लिए प्रैक्टिकल और इंजीनियरिंग ड्राइंग की परीक्षा की तारीख की आधिकारिक सूचना जारी की है, यह पूरी सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, आइए जानें कि आपकी परीक्षा तिथि सूची के अनुसार|

ITI Practical Exam Schedule (Time Table)

Date of ExamExam DayExam TimeYearExam Information
08/03/2022
09/03/2022
Tuesday
Wednesday
9:30 AM1 वर्षट्रेड प्रैक्टिकल :- सभी ट्रेडों के लिए (01 वर्ष की अवधि के प्रशिक्षु और प्रथम वर्ष की अवधि के ट्रेडों के लिए और 02 वर्ष की अवधि के प्रथम वर्ष के लिए सत्र अगस्त 2018 2019 2020 में प्रवेश दिया गया)
10/03/2022
11/03/2022
Thursday
Friday
9:30 AM2 वर्षट्रेड प्रैक्टिकल :- सभी ट्रेडों के लिए (अगस्त 2018 और 2019 सत्र में प्रवेशित 2 साल की अवधि के ट्रेड के दूसरे वर्ष के प्रशिक्षण के लिए)
12/03/2022Saturday10:00 AM1 वर्षइंजीनियरिंग ड्राइंग : – सभी ट्रेडों के लिए (प्रथम वर्ष के प्रथम वर्ष के प्रशिक्षण के लिए और दूसरे वर्ष की अवधि के ट्रेडों को सत्र अगस्त 2018 और 2019 और 2020 में प्रवेश दिया गया)
12/03/2022Saturday02:30 PM2 वर्षइंजीनियरिंग ड्राइंग : – सभी ट्रेडों के लिए (2018 और 2019 में भर्ती दो साल की अवधि के ट्रेड के दूसरे वर्ष में से कोई भी)
Time Table of Exam ITI Practical

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आईटीआई का प्रैक्टिकल कैसे होता है?

आईटीआई का प्रैक्टिकल कैसे होता है?

सर्वप्रथम आप अपनी प्रवेश पत्र पर अपनी परीक्षा केंद्र का विवरण प्राप्त करें उसके पश्चात आप प्रैक्टिकल वाले दिन समय से आधे घंटे पहले केंद्र पर पहुंचे


ध्यान रहे की आप का वयवहार प्रशिछक के सामने साधारण और अनुसासनहित हो

आपको एक कक्षा में बैठाया जाएगा फिर आपको प्रैक्टिकल की कॉपी (जिस पर आप प्रैक्टिकल लिखेंगे) सीट दिए जाएंगे साथ ही साथ प्रश्न पत्र भी दिया जाएगा प्रश्न पत्र 270 मार्क्स का होगा जिसके लिए आपको 8 घंटे का समय निर्धारित किया जाता है प्रश्न पत्र में सभी प्रश्नों को हल करने होते हैं सामान्यता 3 – 4 प्रश्न 1 प्रैक्टिकल एग्जाम में पूछे जाते हैं इसके पश्चात आप अपनी प्रैक्टिकल की कॉपी जो आपके परीक्षक है उनके पास जमा कराएंगे | उसके पश्चात आपको एक लाइन में लगकर परीक्षक के सामने कुछ सवालों के जवाब देने होंगे परीक्षक द्वारा पूछे गए सभी सवालो के जवाब विनम्रता पूर्वक दे

आईटीआई के प्रैक्टिकल में क्या सावधानियां बरतें

हम यहां पर आपको कुछ सावधानियां बता रहे हैं जिसे आप ध्यान में रखकर एग्जाम दे

  1. सभी प्रश्नों का हल जरूर करें|
    प्रैक्टिकल सीट को गंदा ना करें|
    सभी चित्रों को साफ सुथरा दर्शाए|
    प्रैक्टिकल में सभी टॉपिको को ध्यान पूर्वक लिखें|
  2. प्रैक्टिकल के कुछ महत्वपूर्ण रेटिंग वेडिंग जिसको आप को ध्यान में रखकर लिखना है उद्देश्य, परिचय, आवश्यकता (उपयोग किये गई औजार है) क्रिया विधि, सावधानियां और निष्कर्ष इन सभी को आपको प्रैक्टिकल में जरूर लिखना है|
  3. प्रैक्टिकल वाले दिन किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता आपको नहीं दिखानी है |
  4. परीक्षक से अच्छे एवं सरल व्यवहार से बात करना है|

Engineering Drawing MCQ Set – 2

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कोणों के कितने प्रकार होते हैं Types Of Angles in Hindi

ज्यामिति में माप के आधार पर विभिन्न प्रकार के कोण होते हैं। Types Of Angles in Hindi मूल कोणों के नाम हैं न्यून कोण, अधिक कोण, समकोण, सीधा कोण, प्रतिवर्त कोण और पूर्ण घूर्णन। एक कोण ज्यामितीय आकार होता है जो दो किरणों को उनके अंत-बिंदुओं पर मिलाने से बनता है। कोण को आमतौर पर डिग्री में मापा जाता है।

कोण की परिभाषा :-

दो रेखाओं के परस्पर मिलने से बनी स्थिति कोण कहलाती है कोण को अंश, मिनट, अथवा सेकंड में मापते हैं कौन मुख्यतः निम्न प्रकार के होते हैं |

कोणों के प्रकार

समकोण (Right Angle)

जिस कोण का माप 90° होता है समकोण कहलाता है

RIght Angle
Right angle

न्यून कोण (Acute Angle)

जो कोण 90 डिग्री से कम होता है वह न्यून कोण कहलाता है|

Acute Angle

अधिक कोण (Obtuse Angle)

90 डिग्री से अधिक, परन्तु 180 डिग्री से कम माप के कोण को अधिक कोण कहते हैं|

Obtuse Angle
Obtuse Angle

सरल कोण (Straight Angle)

180 डिग्री के कोण को सरल कोण/ऋजुकोण/रेखीय कोण कहते हैं| यह एक सीधी रेखा बनाता है।

Straight Angle
Straight Angle

वृहत कोण (Reflex Angle)

180 डिग्री से अधिक परंतु 360 डिग्री से कम मान के कोण को वृहत कोण कहते हैं|

Reflex Angle
Reflex Angle

पूरक कोण (Complementary Angle)

जब दो समीपवर्ती कोणों का योग 90 डिग्री हो जैसे एक दूसरे के कंप्लीमेंट्री कोण या पूरक कोण कहलाते हैं|

Complementary Angle
Complementary Angle

अधिक कोण (Supplementary Angle)

जब दो समीपवर्ती कोणों का योग 180 डिग्री हो जैसे तो दोनों को एक दूसरे के सप्लीमेंट्री कोण या संपूरक कोण या अधिक कोण कहलाएंगे|

Supplementary Angle
Supplementary Angle

ऊर्ध्वाधर कोण (Vertical Angles)

ऊर्ध्वाधर कोण दो रेखाओं के प्रतिच्छेदन से बनने वाले विपरीत कोण होते हैं। वे सदैव सर्वांगसम (समान माप वाले) होते हैं।

Vertical Angles

आसन्न कोण (Adjacent Angles): आसन्न कोण वे कोण होते हैं जो एक उभयनिष्ठ भुजा और एक उभयनिष्ठ शीर्ष साझा करते हैं, लेकिन ओवरलैप नहीं होते हैं।

समीपवर्ती कोण या आसन्न कोण (Adjacent Angles)

एक रेखा के दो तरफ बने कोण समीपवर्ती कोण या आसन्न कोण कहलाते हैं|

या

दो कोण जिनमें एक उभयनिष्ठ शीर्ष, उभयनिष्ठ भुजा और अलग आंतरिक भाग होता है, आसन्न कोण/समीपवर्ती कोण कहलाते हैं|

Adjacent Angles

संगत कोण (Corresponding Angles)

ये कोण प्रत्येक कटाव पर एक ही स्थिति में होते हैं जहां एक सीधी रेखा दो समानांतर रेखाओं को काटती है। वे सर्वांगसम हैं. उसे संगत कोण कहते है

Corresponding Angles

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

कोण क्या होता है?

कोण वह ज्यामितीय आकृति है जो दो किरणों के एक ही बिंदु पर मिलने से बनती है। इस समान बिंदु को कोण का शीर्ष कहा जाता है।

कोण को किस इकाई में मापा जाता है?

कोण को सामान्यतः डिग्री (°) में मापा जाता है। इसके अलावा कोण को मिनट और सेकंड में भी मापा जा सकता है।

कोणों के मुख्य प्रकार कौन-कौन से होते हैं?

कोणों के मुख्य प्रकार हैं—न्यून कोण, समकोण, अधिक कोण, सरल कोण, वृहत कोण, पूरक कोण, संपूरक कोण, ऊर्ध्वाधर कोण, आसन्न कोण और संगत कोण।

समकोण किसे कहते हैं?

जिस कोण का माप ठीक 90° होता है, उसे समकोण कहते हैं। उदाहरण के लिए, वर्ग और आयत के कोने समकोण होते हैं।

न्यून कोण क्या होता है?

जिस कोण का माप 90° से कम होता है, उसे न्यून कोण कहते हैं। जैसे 30°, 45° और 60° न्यून कोण हैं।

अधिक कोण किसे कहते हैं?

जिस कोण का माप 90° से अधिक और 180° से कम होता है, उसे अधिक कोण कहते हैं। उदाहरण के लिए 120° और 150° अधिक कोण हैं।

सरल कोण या सीधा कोण क्या होता है?

जिस कोण का माप 180° होता है, उसे सरल कोण या सीधा कोण कहते हैं। यह एक सीधी रेखा बनाता है।

वृहत कोण किसे कहते हैं?

जिस कोण का माप 180° से अधिक और 360° से कम होता है, उसे वृहत कोण कहते हैं। उदाहरण के लिए 270° एक वृहत कोण है।

पूरक कोण और संपूरक कोण में क्या अंतर है?

दो कोणों का योग 90° हो तो वे पूरक कोण कहलाते हैं। दो कोणों का योग 180° हो तो वे संपूरक कोण कहलाते हैं।

आसन्न कोण किसे कहते हैं?

दो ऐसे कोण जिनका एक ही शीर्ष और एक ही भुजा समान हो, लेकिन उनके अंदरूनी भाग अलग-अलग हों, उन्हें आसन्न कोण कहते हैं।

NCVT MIS ITI most important Information for ITI

NCVT MIS (National Council of Vocational Training) is a government organization, was set up by the Government of India in 1956 DGT, DGET conduct all India State ITI Examination for 10 and 10+2 Passed candidate.

NCVT MIS ITI all Information about ITI

What kind of information can we find on the NCVT MIS website

This website provides complete information to ITI pass students about their admit card result and profile, as well as many facilities are available on this website for all the institutions which are operating private ITIs. understand in detail

ITI Result

NCVT MIS website gives complete information about the result of all ITI students, here if you are a student of first year or second or first semester, second semester, third semester or fourth semester, but here you can see your details completely. Also you can download your mark sheet from here

Let us understand in detail how we can download the ITI result

Click Here to download NCVT MIS Marksheet/Result

ITI Admit Card

On the government website of ncvtmis.gov.in, you can easily download the admit card of all types of ITI examination and any year and semester. Let us know the complete details about how to download the admit card.

Click here to download your admit card

MSDE ITI Search

You will find this option in the ITI section just next to the home menu, after going by clicking on ITI search, you can get complete information about ITI of your state or state or your district as if this ITI is registered.

Whether or not ITI is MIS code, where is it located, rural or Urban ITI is government or private, know the complete information about it in detail.

For this, first you have to select your exam system that you want to get information about annual exam or semester white exam, after that you have to choose your state, after joining state, you will choose the district of the state if you have ITI.

If the name is there then you can enter that name, if not then you can leave this column, after that you have to go to the trade section, you can choose your trade, in ITI type, you can listen to any one section and ITI You can also select from here if you are from rural area then select rural,

if now from urban area then select urban urban area, after that you can find out about that ITI by clicking on search. whether it is registered or not

ITI Admission

If you want to get admission in ITI, then we will come here to get you all the detail information, for this first you have to log on to the website of the government ITI of your state, if you do not know the website, then I will give details of all the states below. I will give the website link

StateAdmission Link of official Website
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