Engineering Drawing MCQ Set – 1

ITI Engineering Drawing Online MCQ Mock Test is for the examination, you can successfully prepare for your upcoming knowledge in this mock test completely based on Nimi pattern ITI Engineering Drawing Online MCQ Mock Test online CBT Examination Most Important Question For CITS CTS Trades NIMI mock test engineering drawing in Hindi for ITI Engineering drawing question paper pdf engineering drawing mcq PDF mcq for engineering drawing

ITI Engineering Drawing Mock Test MCQ
  • इस प्रश्न पत्र में कुल 25 प्रश्नों का समावेश है
  • There are total 25 questions in this question paper.
  • प्रत्येक प्रश्न के लिए एक नंबर दिए जाएंगे
  • One mark will be given for each question
  • इस प्रश्न पत्र को पूर्ण करने के लिए आपको 1/2 घंटे का समय दिया जाएगा
  • You will be given 1/2 hour to complete this question paper
  • समय पूरा होने पर टेस्ट सबमिट हो जाएगा
  • Test will be submitted on completion of time
/25

Engineering Drawing Set 1

Please Write your Name to show in Result

1 / 25

लेड ग्रेड का निम्न में से कौन सा सेट ग्रेड के क्रम से बाहर का है

2 / 25

निम्न में से किस प्रकार की लाइन पतली तथा हल्की होती है

3 / 25

किसी भी प्रकार का स्मूथ कर्व खींचने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ड्राफ्टिंग टूल है

4 / 25

जब (1)विजिबल लाइंस (2) हिडन लाइंस (3) प्रोजेक्शन लाइन तथा (4) सेंटर लाइंस ओवरलैप करती हैं प्राथमिकता का अनुवांशिक क्रम होता है

5 / 25

बोर्ड पर ड्राइंग शीट फिक्स करने के लिए निम्न में से किस का उपयोग नहीं किया जाता है

6 / 25

टॉप फ्रंट तथा बॉटम व्यू निम्न में से किस रूप में संरेखित होते हैं

7 / 25

ऑर्थोग्राफिक प्रोजेक्शन के लिए इंजीनियरिंग कस्टम ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड निम्न में निम्न के उपयोग आदेश देता है

8 / 25

आइसोमेट्रिक ड्रॉइंग में

9 / 25

हैचिंग लाइन कोण पर खींची जाती है

10 / 25

सुपर इंपोज्ड डाइमेंशनिंग की सरलतम विधि है

11 / 25

जब कोई वृत्त के दिए हुए तीन बिंदुओं से होकर गुजरता है इसका केंद्र निम्न के प्रतिच्छेदन पर स्थित होता है

12 / 25

ऑर्थोग्राफिक प्रोजेक्शन के साथ संबंध मुख्य व्यू होते हैं

13 / 25

सेक्शनल भाग रेखाओं द्वारा निरूपित किया जाता है

14 / 25

बोर्ड पर ड्राइंग शीट फिक्स करने के लिए निम्न में से किस का उपयोग नहीं किया जाता है

15 / 25

ड्राइंग शीट के प्रतिकी लेआउट में नहीं होता है

16 / 25

निम्न में से सबसे हल्की पेंसिल होती है

17 / 25

मिनी ड्रॉफ्टर निम्न में से किस का कार्य नहीं कर सकता है

18 / 25

निम्न में से सबसे छोटी ड्राइंग शीट है

19 / 25

टाइटल बॉक्स का मानक आकार होता है

20 / 25

घन के सममितिय रेखाचित्र में

21 / 25

टैक्रीकल ड्राइंग के उल्लेख के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ सामान्य शब्द हैं

22 / 25

निम्न में से कौन सा पब्लिकेशन ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स द्वारा किया जाता है जिसमें लाइन कन्वेन्सश तथा लेटरिंग की विस्तृत तकनीके शामिल होती हैं

23 / 25

निम्न में से कौन सा कार्य डिवाइडर के द्वारा नहीं किया जाता है

24 / 25

80 मिली मीटर के व्यास वाले एक गोले की डाइमेंशनिंग की अनुशंसित विधि हैं

25 / 25

घन के सममितिय रेखाचित्र में

Your score is

The average score is 0%

0%


Engineering Drawing More MCQ Sets


ITI Engineering Drawing Sheet Size & Layout

If you are a student of ITI and you also read the subject of engineering drawing, then it is most important that you have knowledge about the engineering seat, if you do not have complete knowledge of the seat in any way, then you will not be able to do a good standard drawing. You will not be able to understand where you have to write the title, where you have to write the description etc. That is why it is most important that you get detailed information about the engineering drawing sheet. Let us explain to you all the types of engineering drawing sheets. and where to write what is in it, if you tell us how you will make a drawing on it, let us understand in detail.

ITI Engineering Drawing Sheet Size & Layout

Standard sizes of drawing sheets as per BIS 46: 2003

Sr. NoSheet DesignationTrimmed Size (mm)Untrimmed Size (mm)
1A0841 x 1189880 x 1230
2A1594 x 841625 x 880
3A2420 x 594450 x 625
4A3297 x 420330 x 450
5A4210 x 297240 x 330
6A5147 x 210165 x 240

Basic Principle of Drawing Sheet

प्रयुक्त की जाने वाली पूर्व मुद्रित या खाली ड्राइंग शीट का आकार इंजीनियरिंग के किसी भी क्षेत्र में तकनीकी ड्राइंग के साथ अत्यधिक महत्व होता है ड्राइंग शीट के साइज का आधारभूत सिद्धांत इसकी लंबाई व चौड़ाई के अनुपात के रूप में दर्शाया जाता है

  1. x:y = 1: √2
  2. xy = 1

जहां x और y ड्राइंग शीट की साइड तथा जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 1 मीटर स्क्वायर होता है अतः x = 0.841m और y= 1.189m |

Basic Principle of Drawing Sheet
  1. लंबाई के या चौड़ाई के दुगने के साथ-साथ संयोग से क्रमबद्ध प्ररूपी मापो के आकार की दो श्रेणियां प्राप्त होते हैं दोनों मापो का क्षेत्र के 1 : 2 अनुपात में होता है
  2. 1 सीट के दोनों माफ समान होते हैं अतः एक प्रारूप के x व y दोनों साइड के लिए समीकरण x:y = 1: √2 प्राप्त होता है इसके परिणाम स्वरूप दोनों साइडों के मध्य समान अनुपात होता है जैसे एक वर्ग के विकर्ण के दोनों तरफ होता है

Layout of Drawing Sheet

ड्राइंग शीट पर ड्राइंग का अभिन्यास इस तरह से किया जाना चाहिए कि इसे आसानी से पढ़ा जा सके तथा जरूरी संदर्भों को लोकेट किया जा सके जैसा की चित्र में दिखाया गया है A1 साइज का ड्राइंग शीट लेआउट दिखाया गया है सभी विमाए मिली मीटर में है एक फुल साइज का ड्राइंग कागज 565 मिलीमीटर x 765 मिलीमीटर साइज का लिया जाता है ड्राइंग शीट में मार्जिन रेखाएं खींचकर मार्जिन छोडी जाती है

Layout of Drawing Sheet
Layout of Drawing Sheet

चित्रानुसार बॉर्डर लाइन खींचकर वर्किंग स्पेस प्राप्त किया जा सकता है SP : 46 – 2003 के संस्तुति अनुसार A0 तथा A1 शीट साइज के लिए बॉर्डर की चौड़ाई 20 mm तथा A2,A3,A4, एवं A5 साइज के लिए दी गई है

Margin

ड्राइंग शीट में मार्जिन मार्जिन रेखा द्वारा प्रदान किया जाता है मार्जिन रेखा का प्रिंट ड्राइंग शीट का परिष्कृत साइज होता है

Border Line

ड्राइंग शीट के चारों ओर बॉर्डर रेखा खींच कर एक स्पष्ट कार्यक्षेत्र उपरोक्त चित्र अनुसार प्राप्त होता है सीट के बाएं तरफ बॉर्डर रेखा द्वारा रखा गया अधिक क्षेत्र सीट को फाइलिंग और वाइंडिंग करने के उपयोग में लिया जाता है यदि सीट को वाइंडिंग और फाइलिंग नहीं करके कैबिनेट मे स्टोर की जाती है तो बॉर्डर लाइन के द्वारा सीट के चारों तरफ बराबर क्षेत्र दिया जाता है

Border and Frame

IS 46 : 2003 के अनुसार A0 व A1 साइज की सीट के लिए बॉर्डर की चौड़ाई 20 mm तथा A2,A3,A4,A5 के लिए बॉर्डर की चौड़ाई 10mm रखी जाती है एक ड्राइंग उद्देश्य के लिए एक स्पष्ट क्षेत्र फ्रेम के द्वारा दर्शाया जाता है

Orientation Mark

ड्राइंग शीट के चारों साइड में चार सेंटर मार्क किए जाते हैं जो ड्राइंग की स्थिति के पुनः उत्पादित करने के उद्देश्य के लिए सुविधा प्रदान करते हैं

Metric Reference Graduation

सभी ड्राइंग पर एक फिगर लेस मेट्रिक रेफरेंस ग्रेजुएशन प्रदान किए जाते हैं जिनकी न्यूनतम लंबाई 100 मिली मीटर होती है और इन्हें 10 मिली मीटर के बराबर भागों में बांटा जाता है मेट्रिक रेफरेंस ग्रेजुएशन सीट के बॉर्डर में प्रेम के पास अनुस्थापन चिन्ह से समान रूप से दिए जाते हैं इनकी अधिकतम चौड़ाई 5 मिलीमीटर और स्ट्रोक की मोटाई 0.5 मिलीमीटर रखी जाती है

Grid Reference

ग्रिड संदर्भ सभी साइज की ड्राइंग सीटों के लिए ड्राइंग की डिटेल ड्राइंग पर किए गए अलग से परिवर्तन तथा ड्राइंग की स्थिति को दर्शाने के लिए प्रदान किए जाते हैं इन सभी ग्रिडों की संख्या दो से भाज्य होनी चाहिए तथा ड्राइंग की जटिलता के आधार पर होनी चाहिए तथा यह अनुशंसा की जाती है कि ग्रिड आए तो के किसी भी साइड की लंबाई 25 मिली मीटर से कम और 75 मिलीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए ड्राइंग शीट पर ग्रीड एक तरफ अक्षरों में तथा दूसरी तरफ अंकों में दिए जाते हैं|

Item Reference

वस्तु संदर्भ किसी असेंबली है या डिटेल ड्राइंग में दिखाया गया पाटो को क्रमानुसार ड्राइंग शीट पर एक सारणी में दिखाना कहलाता है कोई भी असेंबली में दिखाए गए समान पार्ट समान वस्तु संदर्भ रखते हैं सभी वस्तु संदर्भ एक वस्तु सूची में दिखाया जाते हैं

Title Box

सीट को बॉर्डर पर लगाने के पश्चात इसे ISI 696 – 1972 के अनुमोदन के अनुरूप माप लेकर चित्र अनुसार बनाते हैं बाई और पर्याप्त जगह ड्राइंग बनाने के लिए छोड़ी जाती है टाइटल बॉक्स हमेशा ड्राइंग शीट के दाएं तरफ नीचे की ओर बनाया जाता है इसकी माप 185 मिलीमीटर x 65 मिलीमीटर रखी जाती है यह माप क्षैतिज रेखा के सापेक्ष 185 मिली मीटर तथा ऊर्ध्वाधर रेखा के सापेक्ष 65 मिलीमीटर रखी जाती है|

टाइटल बॉक्स में निम्न बिंदु होना आवश्यक है

  • फर्म का नाम
  • ड्राइंग का शीर्षक
  • पैमाना
  • ड्राइंग संख्या
  • ड्राइंग की दिनांक
  • विद्यार्थी का नाम
  • वीक्षक के हस्ताक्षर
  • सीट पर बनाई गई सभी ड्राइंग की संख्या

IS विशिष्टता के अनुसार 210 x 297 मिली मीटर माप का परिष्कृत रेखा चित्र पन्ना किस ग्रेड के नाम से जाना जाता है

A4

ड्राइंग शीट को उनके आकार के अनुसार भारतीय मानक द्वारा नामित किया गया है 1 मीटर स्क्वायर सतह क्षेत्रफल वाले ड्राइंग शीट का पद नाम होगा

A0

ड्राइंग बोर्ड की कार्यकारी कोर को किस से जांचा जाता है?

टी स्क्वायर

SP 46 : 2003 के अनुसार एक A0 साइज की ड्राइंग शीट के प्रिंट को फाइलिंग व वाइंडिंग करने के लिए प्रिंट को मोड़ने के लिए कितने मोड़ दिए जाते हैं

4

ITI Workshop Calculation MCQ Set 1

NCVT MIS ITI Online Workshop Calculation and Science NIMI Mock Test free for ALL CITS and AITT trades in this sets covered Previous Year Important Questions in Hindi Top Important Questions Include in every set.

ITI Workshop Calculation MCQ Set 1
  • इस प्रश्न पत्र में कुल 25 प्रश्नों का समावेश है
  • There are total 25 questions in this question paper.
  • प्रत्येक प्रश्न के लिए एक नंबर दिए जाएंगे
  • One mark will be given for each question
  • इस प्रश्न पत्र को पूर्ण करने के लिए आपको 1/2 घंटे का समय दिया जाएगा
  • You will be given 1/2 hour to complete this question paper
  • समय पूरा होने पर टेस्ट सबमिट हो जाएगा
  • Test will be submitted on completion of time
/25

Workshop Calculation and Science Set 1

Please Write your Name to show in Result

1 / 25

दाब …………………..राशि है

2 / 25

1.75 Inch Equal To

3 / 25

1 लीटर (पानी)=  …………. ग्राम

4 / 25

ताप के पैमाने सेंटीग्रेड व फॉरेनहाइट के मध्य संबंध होता है?

5 / 25

1 KWH …………Joule

6 / 25

1 कैलोरी ……………….जूल

7 / 25

ऊर्जा का मात्रक न्यूटन मीटर प्रति सेकंड और वाट के बीच क्या संबंध है

8 / 25

निम्न में से कौन सी अदिश राशि है

9 / 25

95° बराबर है

10 / 25

1 सेकंड = ………………दिन

11 / 25

¾ HP = ……….. किलोवाट ?

12 / 25

52.7 dm में कितने लीटर होते हैं

13 / 25

यदि एक मोटर 6 सेकंड में 100 मीटर चलती है तो मोटर की स्पीड किलोमीटर प्रति घंटा में कितनी होगी?

14 / 25

प्रदीप्ति की इकाई होती है

15 / 25

एक ग्रास में कुल आइटमो की संख्या होती है

16 / 25

1 एकड़ = ……………हेक्टेयर

17 / 25

स्टील प्लेट के क्षेत्रफल को मिली मीटर स्क्वायर में बताइए

18 / 25

948 मिली मीटर को मीटर में व्यक्त करने पर वह होता है?

19 / 25

निम्न में से बड़ी इकाई है

20 / 25

106 माइक्रोमीटर = ………..

21 / 25

1000 वाट बराबर कितना हॉर्स पावर होता है

22 / 25

समय की निकटतम इकाई है

23 / 25

दिल्ली और भोपाल के बीच की दूरी 705 किलोमीटर है माइल्स में उसका समानांतर चुनिए?

24 / 25

सदिश राशियां, वे होती है जो…………… के गुण रखते हैं

25 / 25

1 मील बराबर होता है

Your score is

The average score is 0%

0%


ITI WCS More Mock Test Sets


Most Important Effects of Electric Current

There are many effects of electric current, out of which the Heating (thermal) effect, Electric current effect on human body & chemical effect of electric current, magnetic effect of electric current, lighting effect of electric current special rays effect of electric current

Effects of Electric Current

Electric Current Heating Effect

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो यह कुछ ऊष्मा उत्पन्न करती है इसका कारण यह होता है कि धारा को प्रवाहित करने में कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह ऊर्जा उस्मा के रूप में प्रकट होती है

विद्युत ऊर्जा का उष्मीय ऊर्जा में यह परिवर्तन इलेक्ट्रॉनों के चालक में प्रवाह के समय अणुओ के टकराने से होता है

इस प्रभाव के कारण मोटर का गर्म होना व इसका प्रयोग हीटर, विद्युत प्रेस, गीजर, थर्मल रिले, विद्युतीय भट्टियों में देखने को मिलता है

उस्मा का सूत्र, H=I2Rt जूल से गणना की जाती है

उष्मा से वोल्टेज यदि वस्तुओं को विभिन्न टुकड़े जैसे लोहा व तांबा के सिरों को आपस में लपेट दिया जाए तथा आगे के सिरों को गर्म किया जाए तो तार के सिरों पर वोल्टता उत्पन्न होगी यह तापयुग्म (थर्मोकपल) कहलाते हैं इनका प्रयोग ताप मापन के लिए भट्टियों में किया जाता है पायरोमीटर से भी ताप मापते है

Chemical effect of Electric current

  1. विद्युत जब अम्ल नमक व क्षारो के घोल से गुजारी जाती है तो विद्युत उनके अणुओ को विभक्त कर देता है
  2. रासायनिक विधि द्वारा विद्युत को इकट्ठा किया जाता है
  3. ऐसी बैटरीया जिन्हें चार्ज किया जाता है उसमें डीसी को इकट्ठा किया जाता है व डिस्चार्ज के रूप में उपयोग किया जाता है
  4. रासायनिक प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रोप्लाटिंग की जाती है

Magnetic effect of Electric Current

ऑरेस्टडे वैज्ञानिक ने करंट ले जा रहे चालक के पास चुंबकीय सुई रखकर उसके घूमने की प्रवृत्ति से यह परिणाम निकाला कि चालक मै से जब करंट गुजरती है तो वृत्ताकार में चुंबकीय रेखाएं चलना प्रारंभ कर देते हैं
इलेक्ट्रोमैग्नेट अर्थात विद्युत चुंबक इसी प्रभाव पर कार्य करते हैं विद्युत मशीनें,मोटर, इसी आधार पर कार्य करती हैं जैसे पंखे, अल्टरनेटर, 3 फेज मोटर, ट्रांसफॉर्मर, यंत्र आदि

Lighting effect of Electric Current

विद्युत की उचित धारा को जब किसी लैंप के फिलामेंट से गुजारा जाता है तो यह रोशनी बिखेरने लगते हैं इसे धारा का प्रकाशीय प्रभाव कहते हैं फ्लोरोसेंट ट्यूब लैंप सीएफएल नियॉन लैंप कार्बन लैंप इसके उदाहरण है

Electric current effect on Human Body

मानव शरीर में विद्युत धारा के गुजरने पर शरीर की आते व नशे सिकुड़ जाती हैं और जीवित शरीर को झटका महसूस होता है
शरीर यदि सूखा है – प्रतिरोध 70,000 ohm/sqcm से 1,00,000 ohm/sqcm
शरीर यदि गीला है – प्रतिरोध 700ohm/sqcm से 1000 ohm/sqcm
अधिक वोल्टेज 200 मिली एंपियर से अधिक धारा चलता है वह शरीर की बाहरी चमड़ी को जला देता है

यह भी पढ़ें

  • Amplifier Feedback | Types Working Principle and Importance in Electronic Circuits
    एम्प्लीफायर फीडबैक के प्रकार, कार्यप्रणाली और लाभों की पूरी जानकारी
  • What is a Repulsion Motor? Its Construction, Working Principle, and Applications
    इस लेख में जानें कि रिपल्शन मोटर (Repulsion Motor) क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके विभिन्न प्रकार और उपयोग क्या हैं। सरल हिंदी में पूरी तकनीकी जानकारी।
  • What is Armature Winding? Types, Formulas, Uses, Advantages
    विद्युत मशीनों जैसे डीसी मोटर और डीसी जनरेटर का प्रदर्शन मुख्य रूप से उनके आर्मेचर वाइंडिंग पर निर्भर होता है। यह वाइंडिंग ही वह भाग है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक … Read more
  • Electrician House Wiring Complete guide in Hindi For ITI
    घरेलू वायरिंग (House Wiring) ITI Electrician trade का एक बहुत महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र घरों, छोटे भवनों और सामान्य उपभोक्ता स्थलों में सुरक्षित, व्यवस्थित और मानक … Read more
  • Most Important SI Units and Their Symbols
    In the realm of science and engineering, standardized units of measurement are indispensable for ensuring consistency and accuracy. The International System of Units, known as SI Units, serves as the globally … Read more

Most Important Thermal Units

Thermal Energy (उष्मीय ऊर्जा)

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो कुछ उसमें उत्पन्न होती है इसका कारण यह होता है कि धारा में प्रवाहित करने में कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह ऊर्जा उस्मा के रूप में प्रकट होती है

उष्मीय ऊर्जा,H =VIt=I2Rt=V2/R t जूल

Specific Heat Capacity (विशिष्ट उष्मीय ऊर्जा)

किसी पदार्थ की विशिष्ट उष्मीय ऊर्जा ऊष्मा कि वह मात्रा है जो किसी पदार्थ में पदार्थ की 1 ग्राम द्रव्यमान का ताप 1 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ाने के लिए आवश्यक होती है इसका मात्रक कैलोरी प्रति ग्राम प्रति डिग्री सेंटीग्रेड होता है

Sensible Heat (संवेदी ऊष्मा)

ऊष्मा जो वस्तु में तापमान में परिवर्तन का कारण बनती है उसे संवेदी ऊष्मा कहते हैं जब कोई वस्तु ऊष्मामित होती है तो उसका तापमान बढ़ता है क्योंकि उसमें ऊष्मा जुड़ जाती है ऊष्मा में वृद्धि संवेदी कहलाती है इस प्रकार जब वस्तु में से उस में निकाली जाती है तो उसे भी संवेदी ऊष्मा कहते हैं

संवेदी ऊष्मा = mCΔt जूल

m= वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में

Δt = t2-t1 = तापमान में परिवर्तन

Latent Heat (गुप्त ऊष्मा)

किसी वस्तु का तापमान बदले बिना उसकी अवस्था में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा गुप्त ऊष्मा कहलाती है गुप्त ऊष्मा की इकाई जूल होती है|

गुप्त ऊष्मा = m x L Joules

m = वस्तु का द्रव्यमान

L = विशिष्ट गुप्त ऊष्मा

हम जानते हैं – 1 कैलोरी =4.186 जूल

1kWh = 860 किलो कैलोरी

1 जूल = 0.2387 कैलोरी

Specific Enthalpy (विशिष्ट एन्थैल्पी)

एक किलोग्राम पदार्थ के तापमान बदले बिना उसकी अवस्था में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा विशिष्ट एंथैल्पी कहलाती है इसकी इकाई जूल प्रति किलोग्राम होती है

ITI Electrician Most important electrical units

Electric Work (विद्युत कार्य)

जिस समय बल अपने चिन्ह का विस्थापन करता है तो बल कार्य करता है जब विद्युत वाहक बल विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों को चलाता है तब वह कार्य करता हुआ कहलाता है इसका तात्पर्य यह है कि किसी विद्युत परिपथ में जब धारा बह रही होती है तब कुछ कार्य हो रहा होता है विद्युत वाहक बल धारा को परिपथ के प्रतिरोध के विरोध में चलाकर कार्य करता है विद्युत कार्य की इकाई जूल होती है

कार्य = बल x विस्थापन = e.m.f x धारा x समय

जूल = वोल्ट x एंपियर x समय (सेकंड में)

Electric Power (विद्युत शक्ति)

किसी विद्युत परिपथ या विद्युत मोटर की शक्ति उसके द्वारा एक सेकंड में कार्य करने की दर को कहते हैं विद्युत शक्ति का मात्रक वाट है इसे ‘P’ द्वारा प्रदर्शित करते हैं

विद्युत शक्ति(P) = विद्युत ऊर्जा /समय

=w/t=VIt/t

P=VIJ/sec or Watt

(... 1 Watt = 1 Joule/Sec)

ओम के नियमानुसार

V=IR

or I=V/R

P=VI=I2R=V2/R

R = Resistance

DC Circuit

P=VI=VQ/t

1-ϕ, AC Circuit

P=VIcosϕ

cosϕ = Power Factor of Circuit

3-ϕ, AC Circuit

P=3VIcosϕ

जहाँ, V= Phase Voltage

I = Phase Current

P=√3VLILcosϕ

जहाँ, VL= Line Voltage

IL= Line Current

Electric Energy (विद्युत ऊर्जा)

किसी विद्युत परिपथ द्वारा कार्य करने की क्षमता ऊर्जा कहलाती है इसका मात्रक जूल होता है

विद्युत ऊर्जा (E) = शक्ति x समय

= जूल VIt

जब किसी विद्युत परिपथ में एक वाट शक्ति एक सेकेंड के लिए उपयोग हो रही तो परिपथ के उपयोग की गई कुल ऊर्जा एक जूल होती है

वाट सेकंड या जूल = वाट x समय सेकंड में

= वाट सेकंड/3600 KWH

घरों में लाइट लोड उद्योग में पावर लोड के भुगतान के बिल उपभोक्ता को यूनिट में दिए जाते हैं विद्युत ऊर्जा को यूनिट में दर्शाते हैं ऊर्जा के व्यवसायिक इकाई किलो वाट घंटा होती है

Choose Trade Wise Question in Hindi

ITI Most Important Mechanical units

Most Important Mechanical Units of Physics for Workshop calculation and Electrician trade theory Bharat skills ( Mass, Velocity, Acceleration, force etc.) this topic the most important topic for the NCVT ITI Examination & DGT

ITI Most Important Mechanical units

Mechanical Units

Mass (द्रव्यमान)

किसी पदार्थ का द्रव्यमान उसमें उपस्थित द्रव की मात्रा है द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम में तथा इसे “m” द्वारा प्रदर्शित किया जाता है|

Velocity (वेग )

कोई वस्तु एकांक समय में जितनी विस्थापित होती है उसे वस्तु का वेग कहते है वेग की मात्रा मीटर प्रति सेकंड होता है|

Acceleration (त्वरण)

त्वरण किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को उस वस्तु का त्वरण कहते हैं इसकी मात्रा मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है|

Force (बल)

किसी वस्तु या एक समान गति से

वस्तु को खींचने या धक्का देने पर उस वस्तु स्थिति की स्तिथि में परिवर्तन लाना उस वस्तु पर लगा बल कहलाता है इसका मात्रक न्यूटन है|

F = ma

F = वस्तु पर लगाया गया बल

m = वस्तु का द्रव्यमान त्वरण

a = त्वरण

Density (घनत्व)

घनत्व किसी वस्तु के इकाई आयतन की मात्रा को वस्तु का घनत्व कहते हैं घनत्व की इकाई CGS प्रणाली में ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर MKS प्रणाली में किलोग्राम प्रति घन मीटर होता है

घनत्व = भार (M) / आयतन(V)

Weight (भार)

भार किसी वस्तु को पृथ्वी जिस बल से अपने केंद्र की ओर आकर्षित करती है उसे वस्तु का भार कहते हैं |

भार = मात्रा X गुरुत्वीय त्वरण
भार की इकाई CGS प्रणाली में डायन
MKS प्रणाली में न्यूटन होती है

Torque (बल आघूर्ण)

बल आघूर्ण जब किसी पिंड पर लगा हुआ बाह्य बल उस पिंड को किसी अक्ष के चारों ओर घुमाने की प्रवृत्ति प्रदान करता है तो इस प्रवृत्ति को बल आघूर्ण कहते हैं यह किसी बिंदु के घूर्णनअक्ष के चारों ओर लगाए गए बल के परिमाण तथा घूर्णन अक्ष से बल की क्रिया रेखा की लंबवत दूरी के गुणनफल के बराबर होता है बल आघूर्ण का SI मात्रक न्यूटन मीटर होता है

T = F x r

जहां r= घूर्णन की त्रिज्या की दूरी

Work (कार्य)

कार्य जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है तो वह वस्तु कार्यरत बल की दिशा में कुछ दूरी तय करती है अतः वस्तु पर लगाया गया बल तथा बल की दिशा में तय की गई दूरी के गुणनफल को कार्य कहते हैं

कार्य = बल x बल की दिशा में तय की गई दूरी

इसकी कई जूल होती है

Energy (ऊर्जा)

ऊर्जा कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं इसकी इकाई कार्य की इकाई के समान होती है उर्जा मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं

  1. गतिज ऊर्जा
  2. स्थितिज ऊर्जा

Kinetic Energy (गतिज ऊर्जा)

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण विद्यमान ऊर्जा गतिज ऊर्जा का लाती है जैसे बहता हुआ जल, चलती हवा, दौड़ती हुई वाष्प, घूमता हुआ पहिया, गतिमान वाहन इत्यादि

गतिज ऊर्जा = 1/2 x द्रव्यमान x वेग2

K.E. = 1/2 mv2

K.E. 1/2 x mv2/g किलोग्राम मीटर(Joule)

यहां, m = वस्तु का द्रव्यमान (किलोग्राम में)

v= वस्तु का वेग (मीटर प्रति सेकंड में)

g = गुरुत्वीय त्वरण (मीटर /सेकंड2 में)

Potential Energy (स्थितिज ऊर्जा)

किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण विद्यमान ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा कहलाती है जैसे भू तल से ऊंचाई पर रखी हुई, वस्तु ओवरहेड टैंक में पानी, या दबाई गई गैस, घड़ी की लिपटी हुई स्प्रिंग इत्यादि

स्थितिज ऊर्जा P.E = m.g.h Joule

=m.h kg meter

यहां, m= वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में

h= ऊंचाई मीटर

Power (शक्ति)

शक्ति कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं इसका मात्रक वाट होता है

शक्ति P= कार्य/समय जूल /प्रति सेकंड

1 वाट = 1 जूल /सेकंड

Horse Power (अश्वशक्ति)

यांत्रिक शक्ति का सामान्य मात्रक अश्वशक्ति कहलाता है

1 HP = 75mkg/s

1 HP = 75 x 9.81

1 HP = 735.5 N-m/s or Watt

ITI Empolybility Skills Mock Test Set -1

NCVT MIS ITI latest Empolybility Skills MCQ Mock Test for All Type CTS course according to Latest Syllabus and Latest NIMI Pattern. Most Important Question for ITI CBT Examination.

ITI Empolybility Skills Mock Test Set -1
/25

Employability Skills Set 1

Please Write your Name to show in Result

1 / 25

आपको अपने साक्षात्कार के लिए कब आने की योजना बनानी चाहिए

2 / 25

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड निम्न में से किसका उदाहरण है

3 / 25

यदि आप मौजूदा प्रेजेंटेशन में एक स्लाइड जोड़ना चाहते हैं तो आपको निम्न में से किस विकल्प का उपयोग करना पड़ेगा

4 / 25

It was easy to guess what they had been doing_______.

5 / 25

जीवन की मूलभूत चुनौतियों का सामना करने में स्वयं को सक्षम मानना तथा खुशहाल रहना है

6 / 25

हमारा ड्रेस कोड पोशाक संहिता संप्रेषण का एक उदाहरण है
Our dress code is an example of dress code communication

7 / 25

सामर्थ्य तथा हिंसा के मानवीकरण को ______ लिंग के रूप में मान्यता दी जाती है

8 / 25

जब मैसेज वांछित प्रारूप में इनकोड कर लिया जाता है तब इसे _____ कहलाने वाले माध्यम के द्वारा स्थानांतरित किया जाता है
When the message is encoded in the desired format, it is transferred through a medium called _____

9 / 25

निम्न में से कौन सी विधि सेल कंटेंट की एडिटिंग करने के लिए सही विधि है

10 / 25

एप्लीकेशन लेटर है
Application letter is

11 / 25

एक्सेल में किसी सेल में कोई फार्मूला एंटर करने के लिए हमें निम्न में से किस ऑपरेटर के साथ शुरुआत करनी पड़ती है

12 / 25

पर्यावरणीय अवरोध _____ के समान ही ध्वनित होते हैं

13 / 25

निम्न में से प्रकाश संवेदी डिवाइस कौन सी है जो कि ड्रॉइंग प्रिंटेड टेक्स्ट या अन्य इमेज को डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित करती है

14 / 25

LAN का पूर्ण रूप है

15 / 25

शीट्स का उपयोग ओवरहेड प्रोजेक्टर का इस्तेमाल करते हुए प्रेजेंट करने के लिए किया जाता है

16 / 25

………………लिसनिंग में मुख्य प्रवृत्ति नियत सूचना की अपेक्षा करना होता है जिसकी प्रशंसा की जाती है

17 / 25

Ctrl+C का उपयोग निम्न के लिए किया जाता है

18 / 25

He would starve to death rather than __________ a loan

19 / 25

………..विभिन्न पार्ट्स ऑफ स्पीच की फॉर्म्स को समझ लेने से ग्रामर सीखने का आधार तैयार हो जाता है

20 / 25

जब आप अपना प्रेजेंटेशन दे रहे हो तब पर्याप्त _________ की व्यवस्था होनी चाहिए
There should be enough _________ when you are giving your presentation.

21 / 25

संचालन नियंत्रण करने वाली /वाला है

22 / 25

बड़ी फाइलों में कंप्रेस करता है

23 / 25

संदर्भ प्रेषक तथा प्राप्तकर्ता के मध्य पृष्ठभूमि की समानता को संदर्भित होता है

24 / 25

वह शब्द जो संज्ञा में अधिक अर्थ जोड़ता है ____कहलाता है
A word that adds more meaning to a noun is called ____

25 / 25

व्यापक पढ़ाई का अर्थ टेक्स्ट समझना है
comprehensive reading means understanding the text

Your score is

The average score is 0%

0%


ITI Empolybility Skills More Mock Test Sets


Computer Hardware Software and Firmware in Hindi

हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर तीन मुख्य घटक हैं जो आज के कंप्यूटर और सिस्टम को बनाते हैं। हार्डवेयर में कंप्यूटर सिस्टम के भौतिक घटक शामिल होते हैं, जो समय के साथ खराब हो सकते हैं और उन्हें बदलने की आवश्यकता होती है। … फर्मवेयर: बेसिक इनपुट/आउटपुट सिस्टम (BIOS) और एक्स्टेंसिबल फर्मवेयर इंटरफेस (EFI)

Computer Hardware

कंप्यूटर के विभिन्न भाग या उपकरण जैसे कि की-बोर्ड मॉनिटर IC सी.पी.ओ ट्रांजिस्टर तारे जिनसे मिलकर कंप्यूटर बनता है कंप्यूटर का हार्डवेयर कहलाता है

Computer Software

कंप्यूटर बिना सॉफ्टवेयर के एक मृत मशीन है कंप्यूटर में कोई कार्य करवाने के लिए हमें आदेश देने पड़ते हैं आदेशों के समूह को प्रोग्राम को कहा जाता है एक निश्चित कार्य के लिए एक निश्चित प्रोग्राम बनाया जाता है या कोई प्रोग्राम मिलकर एक कार्य को संपादित करते हैं जो सॉफ्टवेयर कहलाता है जैसे DOS, विंडोज, MS – Office, C , C ++ आदि

Computer Firmware

ऐसा सॉफ्टवेयर जो हार्डवेयर के रूप में रूम में संग्रहित किए जाते हैं फर्मवेयर कहलाते हैं जैसे बॉयोस बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम प्रोग्राम या प्रोग्राम कंप्यूटर बूटिंग में सहायक होते हैं

Introduction of computer in Hindi

IT Literacy Program very Important topic for ITI Employability skills and CCC candidates In this section we real all about computer input, output, and parts of the computer Advantage of Computers IT Literacy Programme-(course on computer concepts)

The word computer is derived from computing which means calculation. So computer means computing machine. It is a device that works on the basis of the instructions present in its memory, it accepts the data input arranges it according to the rules, and gives the result, it also stores it for future use. It is called input, it outputs the processed result.

कंप्यूटर शब्द कंप्यूट से बना है जिसका अर्थ है गणना | अतः कंप्यूटर का अर्थ है गणना करने वाली मशीन | यह एक ऐसा उपकरण है जो अपनी मेमोरी में उपस्थित निर्देशों के आधार पर काम करता है यह डाटा इनपुट को ग्रहण कर उसे तय नियमों के अनुसार व्यवस्थित कर परिणाम देता है वह भविष्य में उपयोग के लिए उसे स्टोर भी करता है कंप्यूटर में जो डाटा डाला जाता है उसे इनपुट कहते हैं वह प्रोसेस किए गए परिणाम को आउटपुट करते हैं

कंप्यूटर यूनिट के विभिन्न भाग जैसे कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, आदि सिस्टम के बाहर लगे होते हैं जबकि जानकारियों को प्रोसेस व स्टोर करने वाले उपकरण यूनिट के अंतर लगे होते हैं एक सामान्य कंप्यूटर का एक चित्र में दर्शाया गया है

Introduction of computer

कंप्यूटर को हम निम्न प्रकार से आरेखित कर सकते हैं

इनपुट यूनिट


कंप्यूटर में कोई भी टाटा तो प्रोग्राम जिन उपकरणों की सहायता से पहुंचाया जाता है उन्हें इनपुट यूनिट करते हैं यह दो प्रकार के होते हैं
१. उपकरण जो व्यक्ति व कंप्यूटर का सीधा संपर्क करवाते हैं जैसे कि कीबोर्ड कंप्यूटर से जुड़ा होता है और उस के माध्यम से सीधे व्यक्ति द्वारा डाटा अथवा निर्देश कंप्यूटर प्रदान किए जाते हैं

२. वे उपकरण जिनमें कंप्यूटर में डाटा भेजने से पूर्व संग्रह किए जाते हैं जैसे आदि फ्लॉपी डिस्क मैग्नेटिक टेप आदि

इनपुट उपकरण उदाहरण :-

  • कीबोर्ड
  • माउस
  • जॉय स्टिक
  • स्केनर
  • लाइट पेन
  • डिजिटल टेबलेट
  • OMR
  • OCR
  • MICR
  • इत्यादि

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कंप्यूटर का मुख्य भाग होता है इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क और हृदय माना जाता है कंप्यूटर द्वारा की जाने वाली समस्त करना ऐसी भाग में होती हैं इनपुट आउटपुट उपकरण का कार्य केवल उपभोक्ता का संबंध कंप्यूटर से जुड़ने का होता है सीपीयू के तीन भाग होते हैं मुख्य मेमोरी अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट कंट्रोल यूनिट

मुख्य मेमोरी

यह सीपीयू का वह भाग होता है जिसमें सभी डांटा था प्रोग्राम करना के पहले एवं बाद में संग्रहित किए जाते हैं घटनाओं से पूर्व सभी डेटा एवं निर्देश गणना के लिए आवश्यक निर्देश तथा मध्यवर्ती परिणाम आउटपुट उपकरण में भेजे जाने से पूर्व में संग्रहित रहते हैं

अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट

इस भाग में सभी प्रकार की गणनाए व तुलनाओ का कार्य किया जाता है सी.पी.ओ के लिए सभी प्रकार की अंकगणित क्रिया है जोड़ना घटाना गुणा करना तथा भाग देना और तुलना दो संख्याओं में यह बताना कि कौन सी संख्या छोटी है या बड़ी है अथवा दोनों बराबर है इसी इकाई में की जाती है मध्यवर्ती परिणाम इस भाग में प्राप्त होते हैं जिन्हें प्राथमिक संग्रह प्रभाग में कुछ समय के लिए रखा जाता है अंतिम परिणाम प्राप्त होने से पूर्व कई बार डाटा प्राथमिक संग्रह प्रभाव व अंकगणितीय लाजिक प्रभाव के मध्य स्थानांतरित होते हैं

कंट्रोल यूनिट

यह भाग कंप्यूटर के सभी भागों के लिए मुख्य तांत्रिक तंत्र के समान कार्य करता है या भाग कंप्यूटर के सभी भागों को निर्देशों के आधार पर कार्य करने के आदेश देता है वह कंप्यूटर के क्रियान्वयन का भी ध्यान रखता है कि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो

आउटपुट यूनिट

यह उपकरण सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से अंतिम परिणाम को बायनरी संकेतों में प्राप्त कर उन्हें आसानी से पढ़े जाने वाली भाषा में परिवर्तित करते हैं साधारणतया मानिटरिंग प्रिंटर का उपयोग आउटपुट उपकरणों के रूप में किया जाता है अलग-अलग प्रकार के डाटा के लिए अलग-अलग प्रकार की आउटपुट इकाइयों का प्रयोग किया जाता है जैसे ध्वनि ऑडियो आउटपुट के लिए स्पीकर टेक्स्ट प्रदर्शन के लिए मॉनिटर हार्ड कॉपी आउटपुट के लिए प्रिंटर का प्रयोग किया जाता है कुछ अन्य आउटपुट उपकरणों के उदाहरण है मॉनिटर प्रिंटर प्लॉटर फ्लॉपी स्पीकर आदि|

Advantages of computer

कंप्यूटर के लाभ कंप्यूटर के निम्नलिखित लाभ है

1. Speed (गति)

कंप्यूटर का की कार्य करने की गति बहुत अधिक है व जटिल से जटिल करना है कुछ सेकंड में हल कर देता है एक पर्सनल कंप्यूटर अंकगणित की अरबो गणना एक सेकंड में कर सकता है किसी कंप्यूटर की गति को MIPS (मिलियन इंस्ट्रक्शन पर सेकंड) में मापते हैं

2. Reliability (विश्वसनीयता)

कंप्यूटर शत-प्रतिशत परिणाम देने वाली मशीन है कंप्यूटर केवल उन निर्देशों पर ही करना करता है जो कि उसे प्रदान की गई है यदि उसे सही निर्देश प्रदान किए गए तो परिणाम शत प्रतिशत सही होगा किंतु यदि निर्देश सही नहीं है तो परिणाम सही नहीं मिलेंगे यह सिद्धांत GIGO (गार्बेज इन गार्बेज आउट) के नाम से जाना जाता है

3. Diversity (विविधता)

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो विविध समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है जबकि कई अन्य मशीन सीमित क्षेत्रों में कार्य करती हैं सभी क्षेत्रों में काम आने वाले कंप्यूटर का आंतरिक परिपथ लगभग समान होता है किंतु इनमें काम में लिए जाने वाले सॉफ्टवेयरओं में भिन्नता होती है

4. Information Retrieval (पुनः प्राप्ति)

कंप्यूटर में विशेषता होती है कि इसकी मेमोरी में एक बार सूचना संग्रहित हो जाती है तो वह ना तो कभी खोती है और ना ही भूली जाती है

5. Consistency (निरंतरता)

कंप्यूटर कभी भी काम करने से थकता नहीं सदैव एक सी सजगता से निरंतर कार्य करता है अर्थात उसके कार्य में सदैव एकरूपता रहती है अतः वह कार्य जिनमे बार-बार दोहराओ होता है उन्हें भी वह सजगता पूर्वक करता है

6. High Quality Product (उच्च स्तरीय उत्पादन)

कंप्यूटर उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाता है व कार्य शैली में भी विकास करता है उदाहरणतया – ए.टी.एम बैंकिंग में किसी स्थान का पैसा कहीं भी दूसरी शाखा से निकाला जा सकता है जिससे बैंकिंग का कार्य सुविधाजनक एवं तीव्र गति से संपन्न हो जाता है

7. Productivity Improvement (उत्पादकता में वृद्धि)

कंप्यूटर के उत्पादों से एक निश्चित समय में अधिक संख्या में उत्पाद प्राप्त किए जा सकते हैं कंप्यूटर के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है

8. Entertainment Tool (मनोरंजन का साधन)

कंप्यूटर मनोरंजन का एक उपयुक्त साधन है इसमें सोशल नेटवर्किंग साइट के द्वारा नए दोस्त बनाए जा सकते हैं अपने विचार व्यक्त किए जा सकते हैं

9. Educational Benefits (शिक्षा में लाभ)

कंप्यूटर में कई ऐसे प्रोग्राम उपलब्ध है जिनके द्वारा छात्र अपने विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकते हैं इस प्रकार के विशेष प्रोग्रामों को ट्यूटर प्रोग्राम कहा जाता है यह प्रोग्राम विषय सामग्री को सरल एवं स्वयं समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करते हैं

10. Aid to Handicapped (अपंगो के लिए सहायक)

वर्तमान में कंप्यूटर की सहायता से अपंग लोग अपनी जीविका चला रहे हैं उदाहरण दें यदि कोई व्यक्ति बोलने में असमर्थ है तो वह कंप्यूटर से कार्य करके अपने कंप्यूटर पर टाइपिंग या अन्य कार्य कर अपनी जीविका चला सकता है अतः या शारीरिक रूप से अपंग लोगों के लिए एक सहायक यंत्र है

11. Better Employment (रोजगार के अवसर)

कंप्यूटर के द्वारा राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में रोजगार ओं की संख्या बहुत बढ़ गई है कंप्यूटर के द्वारा व्यवसाय प्रकाशन शिक्षा बैंक आदि में रोजगार के अवसर बढ़ गए

Application of Computer

कंप्यूटर के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता निम्न प्रकार है

In Education (शिक्षा में)

कंप्यूटर का शिक्षा में बहुत योगदान है विद्यालय में छोटी कक्षाओं से ही छात्रों को कंप्यूटर का ज्ञान दिया जाने लगा है बड़ी कक्षाओं में छात्र कंप्यूटर का उपयोग करके विभिन्न विषय पढ़ सकते हैं तथा अपनी समस्याओं को हल कर कंप्यूटर से हल पा सकते हैं

In Business (व्यवसाय में)

कंप्यूटर का उपयोग व्यापार में बहुतायत में किया जा रहा है ग्राहकों के पत्ते कच्चे माल का रिकॉर्ड स्टाफ की जानकारी कर्मचारियों के वेतन बिल आदि का कार्य कंप्यूटर से किया जा रहा है जिससे समय पर सूचना मिलने के साथ साथ कार्य की तीव्र गति से होने लगा है इससे व्यापार में लाभ हानि की जानकारी भंडार के रिकॉर्ड की जानकारी भी शीघ्र प्राप्त हो जाती है

In Medical (चिकित्सा में)

कंप्यूटर के बिना आज सूक्ष्म चिकित्सा संभव नहीं है क्योंकि समस्त चिकित्सा परीक्षण कंप्यूटर के द्वारा किए जाते हैं चाहे वह कोई pathology की जांच हो या ECG , X – Rays हो अथवा जीव विज्ञान से संबंधित खोज सभी कंप्यूटर पर निर्भर है

In Entertainment (मनोरंजन में)

कंप्यूटर का मनोरंजन के क्षेत्र में उपयोग किया जा रहा है कंप्यूटर पर मनोरंजन के लिए विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट का उपयोग किया जाता है कंप्यूटर द्वारा एडिटिंग की जाती है और संगीत में इसका उपयोग रेकॉर्डिंग तथा धुनें तैयार करने में किया जाता है

In Research Work (शोध कार्यों में)

कंप्यूटर का प्रयोग वायुयान डिजाइनिंग के विकास मिसाइल के विकास मौसम की भविष्यवाणी खगोल शास्त्रीय शोध में एवं उपकरण डिजाइनिंग आदि में किया जा रहा है

In Astrology (ज्योतिष में)

ज्योतिष गणना में कंप्यूटर बहुत सहायक रहा है ज्योतिष के लिए जिन गणनाओ की आवश्यकता होती है वह कंप्यूटर द्वारा कुछ क्षणों में कर दी जाती है जैसे जोड़ों का मिलान (Coulpes)जन्मपत्री बनाना आदि

In Internet (इंटरनेट में)

कंप्यूटर का वर्तमान में संचार व्यवस्था में भी उपयोग किया जा रहा है इंटरनेट का उपयोग कर किसी भी विषय से संबंधित सूचना को खोजा जा सकता है ईमेल के द्वारा पत्रों को एक कंप्यूटर से विश्व के किसी भी दूसरे कंप्यूटर पर भेजा जा सकता है कंप्यूटर में पेज तैयार करके तथा इनमें विभिन्न सूचनाएं प्रदान करके इंटरनेट द्वारा प्रसारित कर दिए जाते हैं

In Banks (बैंकों में)

बैंकों में हो रहे वित्तीय लेनदेन की गणना ऋण व उसके ब्याज की गणना आदि कंप्यूटर द्वारा की जाती है बैंक की सभी वित्तीय रिकॉर्ड कंप्यूटर की मेमोरी इकाई में सुरक्षित रखे जाते हैं एटीएम के माध्यम से खाता धारी है अकाउंट की जानकारी व पैसे की लेनदेन किसी भी शाखा से कर सकते हैं

In Travelling (यात्रा में)

आजकल एयरलाइन और रोडवेज का रेलवे में कंप्यूटर का प्रयोग बहुतायत में किया जा रहा है यात्री अपनी टिकट किसी भी स्टेशन से किसी भी स्टेशन का ले सकते हैं ट्रेन फ्लाइट संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होती है

In Office (कार्यालय में)

आजकल कार्यालय सरकारी हो या गैर सरकारी सभी में कंप्यूटर आवश्यक हो गया है क्योंकि कंप्यूटर के प्रयोग से कोई भी डॉक्यूमेंट तुरंत बनकर तैयार हो जाता है एक बार डॉक्यूमेंट तैयार होने के बाद उसे सुरक्षित कर लिया जाता है एवं कभी भी आवश्यकता पड़ने पर इसे पुणे टाइप करने की आवश्यकता नहीं पड़ती दस्तावेज त्रुटि रहित एवं सुंदर भी बनाया जा सकता है वेतन बिल, टेंडर का कार्य, टेबल प्रिंटिंग एवं डेटाबेस के समस्त कार्य कंप्यूटर से किए जाने लगे हैं ऐसे समय की भी बचत होती है