ITI Engineering Drawing Online MCQ Mock Test is for the examination, you can successfully prepare for your upcoming knowledge in this mock test completely based on Nimi pattern ITI Engineering Drawing Online MCQ Mock Test online CBT Examination Most Important Question For CITS CTS Trades NIMI mock test engineering drawing in Hindi for ITI Engineering drawing question paper pdf engineering drawing mcq PDF mcq for engineering drawing
इस प्रश्न पत्र में कुल 25 प्रश्नों का समावेश है
There are total 25 questions in this question paper.
प्रत्येक प्रश्न के लिए एक नंबर दिए जाएंगे
One mark will be given for each question
इस प्रश्न पत्र को पूर्ण करने के लिए आपको 1/2 घंटे का समय दिया जाएगा
You will be given 1/2 hour to complete this question paper
If you are a student of ITI and you also read the subject of engineering drawing, then it is most important that you have knowledge about the engineering seat, if you do not have complete knowledge of the seat in any way, then you will not be able to do a good standard drawing. You will not be able to understand where you have to write the title, where you have to write the description etc. That is why it is most important that you get detailed information about the engineering drawing sheet. Let us explain to you all the types of engineering drawing sheets. and where to write what is in it, if you tell us how you will make a drawing on it, let us understand in detail.
Standard sizes of drawing sheets as per BIS 46: 2003
Sr. No
Sheet Designation
Trimmed Size (mm)
Untrimmed Size (mm)
1
A0
841 x 1189
880 x 1230
2
A1
594 x 841
625 x 880
3
A2
420 x 594
450 x 625
4
A3
297 x 420
330 x 450
5
A4
210 x 297
240 x 330
6
A5
147 x 210
165 x 240
Basic Principle of Drawing Sheet
प्रयुक्त की जाने वाली पूर्व मुद्रित या खाली ड्राइंग शीट का आकार इंजीनियरिंग के किसी भी क्षेत्र में तकनीकी ड्राइंग के साथ अत्यधिक महत्व होता है ड्राइंग शीट के साइज का आधारभूत सिद्धांत इसकी लंबाई व चौड़ाई के अनुपात के रूप में दर्शाया जाता है
x:y = 1: √2
xy = 1
जहां x और y ड्राइंग शीट की साइड तथा जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 1 मीटर स्क्वायर होता है अतः x = 0.841m और y= 1.189m |
लंबाई के या चौड़ाई के दुगने के साथ-साथ संयोग से क्रमबद्ध प्ररूपी मापो के आकार की दो श्रेणियां प्राप्त होते हैं दोनों मापो का क्षेत्र के 1 : 2 अनुपात में होता है
1 सीट के दोनों माफ समान होते हैं अतः एक प्रारूप के x व y दोनों साइड के लिए समीकरण x:y = 1: √2 प्राप्त होता है इसके परिणाम स्वरूप दोनों साइडों के मध्य समान अनुपात होता है जैसे एक वर्ग के विकर्ण के दोनों तरफ होता है
Layout of Drawing Sheet
ड्राइंग शीट पर ड्राइंग का अभिन्यास इस तरह से किया जाना चाहिए कि इसे आसानी से पढ़ा जा सके तथा जरूरी संदर्भों को लोकेट किया जा सके जैसा की चित्र में दिखाया गया है A1 साइज का ड्राइंग शीट लेआउट दिखाया गया है सभी विमाए मिली मीटर में है एक फुल साइज का ड्राइंग कागज 565 मिलीमीटर x 765 मिलीमीटर साइज का लिया जाता है ड्राइंग शीट में मार्जिन रेखाएं खींचकर मार्जिन छोडी जाती है
चित्रानुसार बॉर्डर लाइन खींचकर वर्किंग स्पेस प्राप्त किया जा सकता है SP : 46 – 2003 के संस्तुति अनुसार A0 तथा A1 शीट साइज के लिए बॉर्डर की चौड़ाई 20 mm तथा A2,A3,A4, एवं A5 साइज के लिए दी गई है
Margin
ड्राइंग शीट में मार्जिन मार्जिन रेखा द्वारा प्रदान किया जाता है मार्जिन रेखा का प्रिंट ड्राइंग शीट का परिष्कृत साइज होता है
Border Line
ड्राइंग शीट के चारों ओर बॉर्डर रेखा खींच कर एक स्पष्ट कार्यक्षेत्र उपरोक्त चित्र अनुसार प्राप्त होता है सीट के बाएं तरफ बॉर्डर रेखा द्वारा रखा गया अधिक क्षेत्र सीट को फाइलिंग और वाइंडिंग करने के उपयोग में लिया जाता है यदि सीट को वाइंडिंग और फाइलिंग नहीं करके कैबिनेट मे स्टोर की जाती है तो बॉर्डर लाइन के द्वारा सीट के चारों तरफ बराबर क्षेत्र दिया जाता है
Border and Frame
IS 46 : 2003 के अनुसार A0 व A1 साइज की सीट के लिए बॉर्डर की चौड़ाई 20 mm तथा A2,A3,A4,A5 के लिए बॉर्डर की चौड़ाई 10mm रखी जाती है एक ड्राइंग उद्देश्य के लिए एक स्पष्ट क्षेत्र फ्रेम के द्वारा दर्शाया जाता है
Orientation Mark
ड्राइंग शीट के चारों साइड में चार सेंटर मार्क किए जाते हैं जो ड्राइंग की स्थिति के पुनः उत्पादित करने के उद्देश्य के लिए सुविधा प्रदान करते हैं
Metric Reference Graduation
सभी ड्राइंग पर एक फिगर लेस मेट्रिक रेफरेंस ग्रेजुएशन प्रदान किए जाते हैं जिनकी न्यूनतम लंबाई 100 मिली मीटर होती है और इन्हें 10 मिली मीटर के बराबर भागों में बांटा जाता है मेट्रिक रेफरेंस ग्रेजुएशन सीट के बॉर्डर में प्रेम के पास अनुस्थापन चिन्ह से समान रूप से दिए जाते हैं इनकी अधिकतम चौड़ाई 5 मिलीमीटर और स्ट्रोक की मोटाई 0.5 मिलीमीटर रखी जाती है
Grid Reference
ग्रिड संदर्भ सभी साइज की ड्राइंग सीटों के लिए ड्राइंग की डिटेल ड्राइंग पर किए गए अलग से परिवर्तन तथा ड्राइंग की स्थिति को दर्शाने के लिए प्रदान किए जाते हैं इन सभी ग्रिडों की संख्या दो से भाज्य होनी चाहिए तथा ड्राइंग की जटिलता के आधार पर होनी चाहिए तथा यह अनुशंसा की जाती है कि ग्रिड आए तो के किसी भी साइड की लंबाई 25 मिली मीटर से कम और 75 मिलीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए ड्राइंग शीट पर ग्रीड एक तरफ अक्षरों में तथा दूसरी तरफ अंकों में दिए जाते हैं|
Item Reference
वस्तु संदर्भ किसी असेंबली है या डिटेल ड्राइंग में दिखाया गया पाटो को क्रमानुसार ड्राइंग शीट पर एक सारणी में दिखाना कहलाता है कोई भी असेंबली में दिखाए गए समान पार्ट समान वस्तु संदर्भ रखते हैं सभी वस्तु संदर्भ एक वस्तु सूची में दिखाया जाते हैं
Title Box
सीट को बॉर्डर पर लगाने के पश्चात इसे ISI 696 – 1972 के अनुमोदन के अनुरूप माप लेकर चित्र अनुसार बनाते हैं बाई और पर्याप्त जगह ड्राइंग बनाने के लिए छोड़ी जाती है टाइटल बॉक्स हमेशा ड्राइंग शीट के दाएं तरफ नीचे की ओर बनाया जाता है इसकी माप 185 मिलीमीटर x 65 मिलीमीटर रखी जाती है यह माप क्षैतिज रेखा के सापेक्ष 185 मिली मीटर तथा ऊर्ध्वाधर रेखा के सापेक्ष 65 मिलीमीटर रखी जाती है|
टाइटल बॉक्स में निम्न बिंदु होना आवश्यक है
फर्म का नाम
ड्राइंग का शीर्षक
पैमाना
ड्राइंग संख्या
ड्राइंग की दिनांक
विद्यार्थी का नाम
वीक्षक के हस्ताक्षर
सीट पर बनाई गई सभी ड्राइंग की संख्या
IS विशिष्टता के अनुसार 210 x 297 मिली मीटर माप का परिष्कृत रेखा चित्र पन्ना किस ग्रेड के नाम से जाना जाता है
A4
ड्राइंग शीट को उनके आकार के अनुसार भारतीय मानक द्वारा नामित किया गया है 1 मीटर स्क्वायर सतह क्षेत्रफल वाले ड्राइंग शीट का पद नाम होगा
A0
ड्राइंग बोर्ड की कार्यकारी कोर को किस से जांचा जाता है?
टी स्क्वायर
SP 46 : 2003 के अनुसार एक A0 साइज की ड्राइंग शीट के प्रिंट को फाइलिंग व वाइंडिंग करने के लिए प्रिंट को मोड़ने के लिए कितने मोड़ दिए जाते हैं
NCVT MIS ITI Online Workshop Calculation and Science NIMI Mock Test free for ALL CITS and AITT trades in this sets covered Previous Year Important Questions in Hindi Top Important Questions Include in every set.
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There are many effects of electric current, out of which the Heating (thermal) effect, Electric current effect on human body & chemical effect of electric current, magnetic effect of electric current, lighting effect of electric current special rays effect of electric current
Effects of Electric Current
Electric Current Heating Effect
जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो यह कुछ ऊष्मा उत्पन्न करती है इसका कारण यह होता है कि धारा को प्रवाहित करने में कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह ऊर्जा उस्मा के रूप में प्रकट होती है
विद्युत ऊर्जा का उष्मीय ऊर्जा में यह परिवर्तन इलेक्ट्रॉनों के चालक में प्रवाह के समय अणुओ के टकराने से होता है
इस प्रभाव के कारण मोटर का गर्म होना व इसका प्रयोग हीटर, विद्युत प्रेस, गीजर, थर्मल रिले, विद्युतीय भट्टियों में देखने को मिलता है
उस्मा का सूत्र, H=I2Rt जूल से गणना की जाती है
उष्मा से वोल्टेज यदि वस्तुओं को विभिन्न टुकड़े जैसे लोहा व तांबा के सिरों को आपस में लपेट दिया जाए तथा आगे के सिरों को गर्म किया जाए तो तार के सिरों पर वोल्टता उत्पन्न होगी यह तापयुग्म (थर्मोकपल) कहलाते हैं इनका प्रयोग ताप मापन के लिए भट्टियों में किया जाता है पायरोमीटर से भी ताप मापते है
Chemical effect of Electric current
विद्युत जब अम्ल नमक व क्षारो के घोल से गुजारी जाती है तो विद्युत उनके अणुओ को विभक्त कर देता है
रासायनिक विधि द्वारा विद्युत को इकट्ठा किया जाता है
ऐसी बैटरीया जिन्हें चार्ज किया जाता है उसमें डीसी को इकट्ठा किया जाता है व डिस्चार्ज के रूप में उपयोग किया जाता है
रासायनिक प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रोप्लाटिंग की जाती है
Magnetic effect of Electric Current
ऑरेस्टडे वैज्ञानिक ने करंट ले जा रहे चालक के पास चुंबकीय सुई रखकर उसके घूमने की प्रवृत्ति से यह परिणाम निकाला कि चालक मै से जब करंट गुजरती है तो वृत्ताकार में चुंबकीय रेखाएं चलना प्रारंभ कर देते हैं इलेक्ट्रोमैग्नेट अर्थात विद्युत चुंबक इसी प्रभाव पर कार्य करते हैं विद्युत मशीनें,मोटर, इसी आधार पर कार्य करती हैं जैसे पंखे, अल्टरनेटर, 3 फेज मोटर, ट्रांसफॉर्मर, यंत्र आदि
Lighting effect of Electric Current
विद्युत की उचित धारा को जब किसी लैंप के फिलामेंट से गुजारा जाता है तो यह रोशनी बिखेरने लगते हैं इसे धारा का प्रकाशीय प्रभाव कहते हैं फ्लोरोसेंट ट्यूब लैंप सीएफएल नियॉन लैंप कार्बन लैंप इसके उदाहरण है
Electric current effect on Human Body
मानव शरीर में विद्युत धारा के गुजरने पर शरीर की आते व नशे सिकुड़ जाती हैं और जीवित शरीर को झटका महसूस होता है शरीर यदि सूखा है – प्रतिरोध 70,000 ohm/sqcm से 1,00,000 ohm/sqcm शरीर यदि गीला है – प्रतिरोध 700ohm/sqcm से 1000 ohm/sqcm अधिक वोल्टेज 200 मिली एंपियर से अधिक धारा चलता है वह शरीर की बाहरी चमड़ी को जला देता है
इस लेख में जानें कि रिपल्शन मोटर (Repulsion Motor) क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके विभिन्न प्रकार और उपयोग क्या हैं। सरल हिंदी में पूरी तकनीकी जानकारी।
विद्युत मशीनों जैसे डीसी मोटर और डीसी जनरेटर का प्रदर्शन मुख्य रूप से उनके आर्मेचर वाइंडिंग पर निर्भर होता है। यह वाइंडिंग ही वह भाग है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक … Read more
घरेलू वायरिंग (House Wiring) ITI Electrician trade का एक बहुत महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र घरों, छोटे भवनों और सामान्य उपभोक्ता स्थलों में सुरक्षित, व्यवस्थित और मानक … Read more
In the realm of science and engineering, standardized units of measurement are indispensable for ensuring consistency and accuracy. The International System of Units, known as SI Units, serves as the globally … Read more
जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो कुछ उसमें उत्पन्न होती है इसका कारण यह होता है कि धारा में प्रवाहित करने में कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह ऊर्जा उस्मा के रूप में प्रकट होती है
उष्मीय ऊर्जा,H =VIt=I2Rt=V2/R t जूल
Specific Heat Capacity (विशिष्ट उष्मीय ऊर्जा)
किसी पदार्थ की विशिष्ट उष्मीय ऊर्जा ऊष्मा कि वह मात्रा है जो किसी पदार्थ में पदार्थ की 1 ग्राम द्रव्यमान का ताप 1 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ाने के लिए आवश्यक होती है इसका मात्रक कैलोरी प्रति ग्राम प्रति डिग्री सेंटीग्रेड होता है
Sensible Heat (संवेदी ऊष्मा)
ऊष्मा जो वस्तु में तापमान में परिवर्तन का कारण बनती है उसे संवेदी ऊष्मा कहते हैं जब कोई वस्तु ऊष्मामित होती है तो उसका तापमान बढ़ता है क्योंकि उसमें ऊष्मा जुड़ जाती है ऊष्मा में वृद्धि संवेदी कहलाती है इस प्रकार जब वस्तु में से उस में निकाली जाती है तो उसे भी संवेदी ऊष्मा कहते हैं
संवेदी ऊष्मा = mCΔt जूल
m= वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में
Δt = t2-t1 = तापमान में परिवर्तन
Latent Heat (गुप्त ऊष्मा)
किसी वस्तु का तापमान बदले बिना उसकी अवस्था में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा गुप्त ऊष्मा कहलाती है गुप्त ऊष्मा की इकाई जूल होती है|
गुप्त ऊष्मा = m x L Joules
m = वस्तु का द्रव्यमान
L = विशिष्ट गुप्त ऊष्मा
हम जानते हैं – 1 कैलोरी =4.186 जूल
1kWh = 860 किलो कैलोरी
1 जूल = 0.2387 कैलोरी
Specific Enthalpy (विशिष्ट एन्थैल्पी)
एक किलोग्राम पदार्थ के तापमान बदले बिना उसकी अवस्था में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा विशिष्ट एंथैल्पी कहलाती है इसकी इकाई जूल प्रति किलोग्राम होती है
जिस समय बल अपने चिन्ह का विस्थापन करता है तो बल कार्य करता है जब विद्युत वाहक बल विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों को चलाता है तब वह कार्य करता हुआ कहलाता है इसका तात्पर्य यह है कि किसी विद्युत परिपथ में जब धारा बह रही होती है तब कुछ कार्य हो रहा होता है विद्युत वाहक बल धारा को परिपथ के प्रतिरोध के विरोध में चलाकर कार्य करता है विद्युत कार्य की इकाई जूल होती है
किसी विद्युत परिपथ या विद्युत मोटर की शक्ति उसके द्वारा एक सेकंड में कार्य करने की दर को कहते हैं विद्युत शक्ति का मात्रक वाट है इसे ‘P’ द्वारा प्रदर्शित करते हैं
किसी विद्युत परिपथ द्वारा कार्य करने की क्षमता ऊर्जा कहलाती है इसका मात्रक जूल होता है
विद्युत ऊर्जा (E) = शक्ति x समय
= जूल VIt
जब किसी विद्युत परिपथ में एक वाट शक्ति एक सेकेंड के लिए उपयोग हो रही तो परिपथ के उपयोग की गई कुल ऊर्जा एक जूल होती है
वाट सेकंड या जूल = वाट x समय सेकंड में
= वाट सेकंड/3600 KWH
घरों में लाइट लोड उद्योग में पावर लोड के भुगतान के बिल उपभोक्ता को यूनिट में दिए जाते हैं विद्युत ऊर्जा को यूनिट में दर्शाते हैं ऊर्जा के व्यवसायिक इकाई किलो वाट घंटा होती है
Most Important Mechanical Units of Physics for Workshop calculation and Electrician trade theory Bharat skills ( Mass, Velocity, Acceleration, force etc.) this topic the most important topic for the NCVT ITI Examination & DGT
Mechanical Units
Mass (द्रव्यमान)
किसी पदार्थ का द्रव्यमान उसमें उपस्थित द्रव की मात्रा है द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम में तथा इसे “m” द्वारा प्रदर्शित किया जाता है|
Velocity (वेग )
कोई वस्तु एकांक समय में जितनी विस्थापित होती है उसे वस्तु का वेग कहते है वेग की मात्रा मीटर प्रति सेकंड होता है|
Acceleration (त्वरण)
त्वरण किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को उस वस्तु का त्वरण कहते हैं इसकी मात्रा मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है|
Force (बल)
किसी वस्तु या एक समान गति से
वस्तु को खींचने या धक्का देने पर उस वस्तु स्थिति की स्तिथि में परिवर्तन लाना उस वस्तु पर लगा बल कहलाता है इसका मात्रक न्यूटन है|
घनत्व किसी वस्तु के इकाई आयतन की मात्रा को वस्तु का घनत्व कहते हैं घनत्व की इकाई CGS प्रणाली में ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर MKS प्रणाली में किलोग्राम प्रति घन मीटर होता है
घनत्व = भार (M) / आयतन(V)
Weight (भार)
भार किसी वस्तु को पृथ्वी जिस बल से अपने केंद्र की ओर आकर्षित करती है उसे वस्तु का भार कहते हैं |
भार = मात्रा X गुरुत्वीय त्वरण भार की इकाई CGS प्रणाली में डायन MKS प्रणाली में न्यूटन होती है
कार्य जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है तो वह वस्तु कार्यरत बल की दिशा में कुछ दूरी तय करती है अतः वस्तु पर लगाया गया बल तथा बल की दिशा में तय की गई दूरी के गुणनफल को कार्य कहते हैं
कार्य = बल x बल की दिशा में तय की गई दूरी
इसकी कई जूल होती है
Energy (ऊर्जा)
ऊर्जा कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं इसकी इकाई कार्य की इकाई के समान होती है उर्जा मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं
गतिज ऊर्जा
स्थितिज ऊर्जा
Kinetic Energy (गतिज ऊर्जा)
किसी वस्तु में उसकी गति के कारण विद्यमान ऊर्जा गतिज ऊर्जा का लाती है जैसे बहता हुआ जल, चलती हवा, दौड़ती हुई वाष्प, घूमता हुआ पहिया, गतिमान वाहन इत्यादि
किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण विद्यमान ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा कहलाती है जैसे भू तल से ऊंचाई पर रखी हुई, वस्तु ओवरहेड टैंक में पानी, या दबाई गई गैस, घड़ी की लिपटी हुई स्प्रिंग इत्यादि
स्थितिज ऊर्जा P.E = m.g.h Joule
=m.h kg meter
यहां, m= वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में
h= ऊंचाई मीटर
Power (शक्ति)
शक्ति कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं इसका मात्रक वाट होता है
NCVT MIS ITI latest Empolybility Skills MCQ Mock Test for All Type CTS course according to Latest Syllabus and Latest NIMI Pattern. Most Important Question for ITI CBT Examination.
हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर तीन मुख्य घटक हैं जो आज के कंप्यूटर और सिस्टम को बनाते हैं। हार्डवेयर में कंप्यूटर सिस्टम के भौतिक घटक शामिल होते हैं, जो समय के साथ खराब हो सकते हैं और उन्हें बदलने की आवश्यकता होती है। … फर्मवेयर: बेसिक इनपुट/आउटपुट सिस्टम (BIOS) और एक्स्टेंसिबल फर्मवेयर इंटरफेस (EFI)
Computer Hardware
कंप्यूटर के विभिन्न भाग या उपकरण जैसे कि की-बोर्ड मॉनिटर IC सी.पी.ओ ट्रांजिस्टर तारे जिनसे मिलकर कंप्यूटर बनता है कंप्यूटर का हार्डवेयर कहलाता है
Computer Software
कंप्यूटर बिना सॉफ्टवेयर के एक मृत मशीन है कंप्यूटर में कोई कार्य करवाने के लिए हमें आदेश देने पड़ते हैं आदेशों के समूह को प्रोग्राम को कहा जाता है एक निश्चित कार्य के लिए एक निश्चित प्रोग्राम बनाया जाता है या कोई प्रोग्राम मिलकर एक कार्य को संपादित करते हैं जो सॉफ्टवेयर कहलाता है जैसे DOS, विंडोज, MS – Office, C , C ++ आदि
Computer Firmware
ऐसा सॉफ्टवेयर जो हार्डवेयर के रूप में रूम में संग्रहित किए जाते हैं फर्मवेयर कहलाते हैं जैसे बॉयोस बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम प्रोग्राम या प्रोग्राम कंप्यूटर बूटिंग में सहायक होते हैं
IT Literacy Program very Important topic for ITI Employability skills and CCC candidates In this section we real all about computer input, output, and parts of the computer Advantage of Computers IT Literacy Programme-(course on computer concepts)
The word computer is derived from computing which means calculation. So computer means computing machine. It is a device that works on the basis of the instructions present in its memory, it accepts the data input arranges it according to the rules, and gives the result, it also stores it for future use. It is called input, it outputs the processed result.
कंप्यूटर शब्द कंप्यूट से बना है जिसका अर्थ है गणना | अतः कंप्यूटर का अर्थ है गणना करने वाली मशीन | यह एक ऐसा उपकरण है जो अपनी मेमोरी में उपस्थित निर्देशों के आधार पर काम करता है यह डाटा इनपुट को ग्रहण कर उसे तय नियमों के अनुसार व्यवस्थित कर परिणाम देता है वह भविष्य में उपयोग के लिए उसे स्टोर भी करता है कंप्यूटर में जो डाटा डाला जाता है उसे इनपुट कहते हैं वह प्रोसेस किए गए परिणाम को आउटपुट करते हैं
कंप्यूटर यूनिट के विभिन्न भाग जैसे कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, आदि सिस्टम के बाहर लगे होते हैं जबकि जानकारियों को प्रोसेस व स्टोर करने वाले उपकरण यूनिट के अंतर लगे होते हैं एक सामान्य कंप्यूटर का एक चित्र में दर्शाया गया है
कंप्यूटर में कोई भी टाटा तो प्रोग्राम जिन उपकरणों की सहायता से पहुंचाया जाता है उन्हें इनपुट यूनिट करते हैं यह दो प्रकार के होते हैं १. उपकरण जो व्यक्ति व कंप्यूटर का सीधा संपर्क करवाते हैं जैसे कि कीबोर्ड कंप्यूटर से जुड़ा होता है और उस के माध्यम से सीधे व्यक्ति द्वारा डाटा अथवा निर्देश कंप्यूटर प्रदान किए जाते हैं
२. वे उपकरण जिनमें कंप्यूटर में डाटा भेजने से पूर्व संग्रह किए जाते हैं जैसे आदि फ्लॉपी डिस्क मैग्नेटिक टेप आदि
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कंप्यूटर का मुख्य भाग होता है इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क और हृदय माना जाता है कंप्यूटर द्वारा की जाने वाली समस्त करना ऐसी भाग में होती हैं इनपुट आउटपुट उपकरण का कार्य केवल उपभोक्ता का संबंध कंप्यूटर से जुड़ने का होता है सीपीयू के तीन भाग होते हैं मुख्य मेमोरी अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट कंट्रोल यूनिट
मुख्य मेमोरी
यह सीपीयू का वह भाग होता है जिसमें सभी डांटा था प्रोग्राम करना के पहले एवं बाद में संग्रहित किए जाते हैं घटनाओं से पूर्व सभी डेटा एवं निर्देश गणना के लिए आवश्यक निर्देश तथा मध्यवर्ती परिणाम आउटपुट उपकरण में भेजे जाने से पूर्व में संग्रहित रहते हैं
अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट
इस भाग में सभी प्रकार की गणनाए व तुलनाओ का कार्य किया जाता है सी.पी.ओ के लिए सभी प्रकार की अंकगणित क्रिया है जोड़ना घटाना गुणा करना तथा भाग देना और तुलना दो संख्याओं में यह बताना कि कौन सी संख्या छोटी है या बड़ी है अथवा दोनों बराबर है इसी इकाई में की जाती है मध्यवर्ती परिणाम इस भाग में प्राप्त होते हैं जिन्हें प्राथमिक संग्रह प्रभाग में कुछ समय के लिए रखा जाता है अंतिम परिणाम प्राप्त होने से पूर्व कई बार डाटा प्राथमिक संग्रह प्रभाव व अंकगणितीय लाजिक प्रभाव के मध्य स्थानांतरित होते हैं
कंट्रोल यूनिट
यह भाग कंप्यूटर के सभी भागों के लिए मुख्य तांत्रिक तंत्र के समान कार्य करता है या भाग कंप्यूटर के सभी भागों को निर्देशों के आधार पर कार्य करने के आदेश देता है वह कंप्यूटर के क्रियान्वयन का भी ध्यान रखता है कि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो
आउटपुट यूनिट
यह उपकरण सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से अंतिम परिणाम को बायनरी संकेतों में प्राप्त कर उन्हें आसानी से पढ़े जाने वाली भाषा में परिवर्तित करते हैं साधारणतया मानिटरिंग प्रिंटर का उपयोग आउटपुट उपकरणों के रूप में किया जाता है अलग-अलग प्रकार के डाटा के लिए अलग-अलग प्रकार की आउटपुट इकाइयों का प्रयोग किया जाता है जैसे ध्वनि ऑडियो आउटपुट के लिए स्पीकर टेक्स्ट प्रदर्शन के लिए मॉनिटर हार्ड कॉपी आउटपुट के लिए प्रिंटर का प्रयोग किया जाता है कुछ अन्य आउटपुट उपकरणों के उदाहरण है मॉनिटर प्रिंटर प्लॉटर फ्लॉपी स्पीकर आदि|
Advantages of computer
कंप्यूटर के लाभ कंप्यूटर के निम्नलिखित लाभ है
1. Speed (गति)
कंप्यूटर का की कार्य करने की गति बहुत अधिक है व जटिल से जटिल करना है कुछ सेकंड में हल कर देता है एक पर्सनल कंप्यूटर अंकगणित की अरबो गणना एक सेकंड में कर सकता है किसी कंप्यूटर की गति को MIPS (मिलियन इंस्ट्रक्शन पर सेकंड) में मापते हैं
2. Reliability (विश्वसनीयता)
कंप्यूटर शत-प्रतिशत परिणाम देने वाली मशीन है कंप्यूटर केवल उन निर्देशों पर ही करना करता है जो कि उसे प्रदान की गई है यदि उसे सही निर्देश प्रदान किए गए तो परिणाम शत प्रतिशत सही होगा किंतु यदि निर्देश सही नहीं है तो परिणाम सही नहीं मिलेंगे यह सिद्धांत GIGO (गार्बेज इन गार्बेज आउट) के नाम से जाना जाता है
3. Diversity (विविधता)
कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो विविध समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है जबकि कई अन्य मशीन सीमित क्षेत्रों में कार्य करती हैं सभी क्षेत्रों में काम आने वाले कंप्यूटर का आंतरिक परिपथ लगभग समान होता है किंतु इनमें काम में लिए जाने वाले सॉफ्टवेयरओं में भिन्नता होती है
4. Information Retrieval (पुनः प्राप्ति)
कंप्यूटर में विशेषता होती है कि इसकी मेमोरी में एक बार सूचना संग्रहित हो जाती है तो वह ना तो कभी खोती है और ना ही भूली जाती है
5. Consistency (निरंतरता)
कंप्यूटर कभी भी काम करने से थकता नहीं सदैव एक सी सजगता से निरंतर कार्य करता है अर्थात उसके कार्य में सदैव एकरूपता रहती है अतः वह कार्य जिनमे बार-बार दोहराओ होता है उन्हें भी वह सजगता पूर्वक करता है
6. High Quality Product (उच्च स्तरीय उत्पादन)
कंप्यूटर उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाता है व कार्य शैली में भी विकास करता है उदाहरणतया – ए.टी.एम बैंकिंग में किसी स्थान का पैसा कहीं भी दूसरी शाखा से निकाला जा सकता है जिससे बैंकिंग का कार्य सुविधाजनक एवं तीव्र गति से संपन्न हो जाता है
7. Productivity Improvement (उत्पादकता में वृद्धि)
कंप्यूटर के उत्पादों से एक निश्चित समय में अधिक संख्या में उत्पाद प्राप्त किए जा सकते हैं कंप्यूटर के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है
8. Entertainment Tool (मनोरंजन का साधन)
कंप्यूटर मनोरंजन का एक उपयुक्त साधन है इसमें सोशल नेटवर्किंग साइट के द्वारा नए दोस्त बनाए जा सकते हैं अपने विचार व्यक्त किए जा सकते हैं
9. Educational Benefits (शिक्षा में लाभ)
कंप्यूटर में कई ऐसे प्रोग्राम उपलब्ध है जिनके द्वारा छात्र अपने विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकते हैं इस प्रकार के विशेष प्रोग्रामों को ट्यूटर प्रोग्राम कहा जाता है यह प्रोग्राम विषय सामग्री को सरल एवं स्वयं समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करते हैं
10. Aid to Handicapped (अपंगो के लिए सहायक)
वर्तमान में कंप्यूटर की सहायता से अपंग लोग अपनी जीविका चला रहे हैं उदाहरण दें यदि कोई व्यक्ति बोलने में असमर्थ है तो वह कंप्यूटर से कार्य करके अपने कंप्यूटर पर टाइपिंग या अन्य कार्य कर अपनी जीविका चला सकता है अतः या शारीरिक रूप से अपंग लोगों के लिए एक सहायक यंत्र है
11. Better Employment (रोजगार के अवसर)
कंप्यूटर के द्वारा राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में रोजगार ओं की संख्या बहुत बढ़ गई है कंप्यूटर के द्वारा व्यवसाय प्रकाशन शिक्षा बैंक आदि में रोजगार के अवसर बढ़ गए
Application of Computer
कंप्यूटर के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता निम्न प्रकार है
In Education (शिक्षा में)
कंप्यूटर का शिक्षा में बहुत योगदान है विद्यालय में छोटी कक्षाओं से ही छात्रों को कंप्यूटर का ज्ञान दिया जाने लगा है बड़ी कक्षाओं में छात्र कंप्यूटर का उपयोग करके विभिन्न विषय पढ़ सकते हैं तथा अपनी समस्याओं को हल कर कंप्यूटर से हल पा सकते हैं
In Business (व्यवसाय में)
कंप्यूटर का उपयोग व्यापार में बहुतायत में किया जा रहा है ग्राहकों के पत्ते कच्चे माल का रिकॉर्ड स्टाफ की जानकारी कर्मचारियों के वेतन बिल आदि का कार्य कंप्यूटर से किया जा रहा है जिससे समय पर सूचना मिलने के साथ साथ कार्य की तीव्र गति से होने लगा है इससे व्यापार में लाभ हानि की जानकारी भंडार के रिकॉर्ड की जानकारी भी शीघ्र प्राप्त हो जाती है
In Medical (चिकित्सा में)
कंप्यूटर के बिना आज सूक्ष्म चिकित्सा संभव नहीं है क्योंकि समस्त चिकित्सा परीक्षण कंप्यूटर के द्वारा किए जाते हैं चाहे वह कोई pathology की जांच हो या ECG , X – Rays हो अथवा जीव विज्ञान से संबंधित खोज सभी कंप्यूटर पर निर्भर है
In Entertainment (मनोरंजन में)
कंप्यूटर का मनोरंजन के क्षेत्र में उपयोग किया जा रहा है कंप्यूटर पर मनोरंजन के लिए विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट का उपयोग किया जाता है कंप्यूटर द्वारा एडिटिंग की जाती है और संगीत में इसका उपयोग रेकॉर्डिंग तथा धुनें तैयार करने में किया जाता है
In Research Work (शोध कार्यों में)
कंप्यूटर का प्रयोग वायुयान डिजाइनिंग के विकास मिसाइल के विकास मौसम की भविष्यवाणी खगोल शास्त्रीय शोध में एवं उपकरण डिजाइनिंग आदि में किया जा रहा है
In Astrology (ज्योतिष में)
ज्योतिष गणना में कंप्यूटर बहुत सहायक रहा है ज्योतिष के लिए जिन गणनाओ की आवश्यकता होती है वह कंप्यूटर द्वारा कुछ क्षणों में कर दी जाती है जैसे जोड़ों का मिलान (Coulpes)जन्मपत्री बनाना आदि
In Internet (इंटरनेट में)
कंप्यूटर का वर्तमान में संचार व्यवस्था में भी उपयोग किया जा रहा है इंटरनेट का उपयोग कर किसी भी विषय से संबंधित सूचना को खोजा जा सकता है ईमेल के द्वारा पत्रों को एक कंप्यूटर से विश्व के किसी भी दूसरे कंप्यूटर पर भेजा जा सकता है कंप्यूटर में पेज तैयार करके तथा इनमें विभिन्न सूचनाएं प्रदान करके इंटरनेट द्वारा प्रसारित कर दिए जाते हैं
In Banks (बैंकों में)
बैंकों में हो रहे वित्तीय लेनदेन की गणना ऋण व उसके ब्याज की गणना आदि कंप्यूटर द्वारा की जाती है बैंक की सभी वित्तीय रिकॉर्ड कंप्यूटर की मेमोरी इकाई में सुरक्षित रखे जाते हैं एटीएम के माध्यम से खाता धारी है अकाउंट की जानकारी व पैसे की लेनदेन किसी भी शाखा से कर सकते हैं
In Travelling (यात्रा में)
आजकल एयरलाइन और रोडवेज का रेलवे में कंप्यूटर का प्रयोग बहुतायत में किया जा रहा है यात्री अपनी टिकट किसी भी स्टेशन से किसी भी स्टेशन का ले सकते हैं ट्रेन फ्लाइट संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होती है
In Office (कार्यालय में)
आजकल कार्यालय सरकारी हो या गैर सरकारी सभी में कंप्यूटर आवश्यक हो गया है क्योंकि कंप्यूटर के प्रयोग से कोई भी डॉक्यूमेंट तुरंत बनकर तैयार हो जाता है एक बार डॉक्यूमेंट तैयार होने के बाद उसे सुरक्षित कर लिया जाता है एवं कभी भी आवश्यकता पड़ने पर इसे पुणे टाइप करने की आवश्यकता नहीं पड़ती दस्तावेज त्रुटि रहित एवं सुंदर भी बनाया जा सकता है वेतन बिल, टेंडर का कार्य, टेबल प्रिंटिंग एवं डेटाबेस के समस्त कार्य कंप्यूटर से किए जाने लगे हैं ऐसे समय की भी बचत होती है