विद्युत धारा से संबंधित प्रमुख शब्दावली जैसे चक्र आवृति आवर्तकाल वर्ग माध्य मूल मान शिखर मान शिखर से शिखर मान क्षणिक मान औसत मान फॉर्म फैक्टर पीक फैक्टर फेज इन फेज आउट ऑफ पेज भेज अंतर इंडक्टेंस इंडक्टिव रिएक्टेंस कैपेसिटिव रिएक्टेंस एमपी डांस एडमिटेंस कंडक्टेंस लेगिंग धारा लीडिंग धारा साइन वेब आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे इनके व्याख्या एवं ग्राफ के साथ सूत्र को भी समझेंगे|
चक्र (Cycle)
प्रत्यावर्ती धारा की दिशा और मान के पूर्ण जयावक्रीय परिवर्तन को चक्र (Cycle) कहा जाता है।
आवृत्ति (Frequency)
प्रत्यावर्ती धारा में प्रति सेकंड पूर्ण चक्रो की संख्या को आवृत्ति कहते हैं इसका मात्रक चक्र प्रति सेकंड अथवा हर्ट्ज़ जो होता है
आवृत्ति का सूत्र = आवृत्ति(f) = 1/आवर्तकाल (T)
आवर्त काल किसे कहते हैं (Time Period)
प्रत्यावर्ती धारा में एक चक्र को पूर्ण होने में लगा समय आवर्तकाल कहलाता है इसका मात्रक सेकंड होता है
आवर्तकाल का सूत्र :- आवर्तकाल (T) = 1/आवृत्ति(f)
प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान (Root Mean Square Value) R.M.S
प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current )का वर्ग माध्य मूल मान (RMS Full form is = Root Mean Square Value) ज्ञात करने के लिए एक चक्र में समय के कई बिंदुओं पर इसके क्षणिक मान लिए जाते हैं इसके बाद इन मान का वर्ग करके जोड़ते हैं और औसत निकालते हैं इस औसत मान का वर्गमूल करने पर प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान निकलता है
प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान सूत्र = Irms = √I12+I22+I32+…….In2/N
संक्षिप्त में धारा का वर्ग माध्य मूल मान 0.707 होता है
प्रत्यावर्ती धारा का शिखर मान (Peak Value)
प्रत्यावर्ती धारा सिग्नल की जयवक्रीय प्रकृति मे धनात्मक व ऋनात्मक चक्र में प्राप्त उच्चतम मान को शिखर मान कहते हैं|
शिखर से शिखर मान (Peak To Peak Value)
प्रत्यावर्ती धारा की ज्यावक्रिय प्रकृति में उच्च धनात्मक मान तथा उच्च ऋणात्मक मान के मध्य की दूरी को शिखर से शिखर मान कहते हैं|
क्षणिक मान (Instantaneous Value)
प्रत्यावर्ती धारा सिग्नल कि ज्यावक्रिय प्रकृति में किसी नियत समय पर लिए गए मान को उस सिग्नल का क्षणिक मान कहते हैं चित्र अनुसार T = t Sec सेकंड पर प्रत्यावर्ती धारा सिग्नल का क्षणिक मान होगा|
क्षणिक मान का सूत्र = I = I0 sin(ωt+ɸ)
औसत मान (Average Value)
प्रत्यावर्ती धारा की आधी वेव में तत्कालिक करंट या वोल्टेज के मानो का औसत प्रत्यावर्ती धारा वोल्टेज या करंट का औसत मान होता है आधी साइकिल के इंटरवल पर
औसत मान का सूत्र, Eavg = e1+e2+e3+……en/n
प्रत्यावर्ती धारा साइनसॉइडल करंट या वोल्टेज का औसत मान इसके पीक वैल्यू के 0.637 गुना के बराबर होता है
प्रत्यावर्ती धारा के आर.एम.एस तथा औसत मान का अनुपात फॉर्म फैक्टर कहलाता है इसका प्रतीक K है
फॉर्म फैक्टर = (RMS मान/औसत मान)
फॉर्म फैक्टर का सूत्र= 0.707 अधिकतम मान /0.637 अधिकतम मान = 1.11
पीक फैक्टर (Peak Factor)
प्रत्यावर्ती राशि के आर.एम.एस मान एवं उच्चतम मान के अनुपात को पीक फैक्टर कहते हैं
पीक फैक्टर = अधिकतम मान/R.M.S मान
पीक फैक्टर का सूत्र = Imax/Imax = √2 = 1.414
कला (Phase)
दो प्रत्यावर्ती धारा के घटक के बीच में जो सापेक्ष स्थिति होती है वह फेज (कला) कहलाती है|
इनफेज (In Phase)
जब फेज में वोल्टेज व धारा एक ही समय में शून्य से शुरू होकर एक ही दिशा में अपनी उच्चतम व न्यूनतम मान पर पहुंचती है तो उसे इनफेज कहते हैं
आउट ऑफ़ फेज (Out of Phase)
जब प्रत्यावर्ती राशियां (वोल्टेज व धारा) एक ही समय पर शुरू नहीं होती ना ही एक ही दिशा में अपने उच्चतम और न्यूनतम मान पर पहुंचते हैं तो इस स्थिति को आउट ऑफ़ फेज कहा जाता है|
फेज अंतर (Phase Difference)
जब प्रत्यावर्ती राशियां अलग-अलग समय अंतराल पर शुन्य से अधिकतम मान्य न्यूनतम मान को प्राप्त करती हैं तो इस समय के अंतर को फेज अंतर कहते हैं इसे ɸ से दर्शाते हैं
इंडक्टेंस (Inductance)
परिपथ में कवाईल का हुआ गुण जिसके कारण e.m.f. उत्पन्न हो जाता है इंडक्टेंस कहलाता है इसे L से प्रदर्शित करते हैं इसकी इकाई हेनरी होती है|
इंडक्टिव रिएक्टेंस (Inductive Reactance)
किसी इंडक्टिव क्वायल के प्रभावशाली प्रतिरोध को इंडक्टिव रिएक्टेंस कहते हैं इसकी इकाई ओम (Ω) है इसे XL से प्रदर्शित करते हैं
XL = 2πfL
जहां,
f = Frequency
L = इंडक्टेंस हेनरी में
कैपेसिटिव रिएक्टेंस (Capacitive Reactance)
यह किसी संधारित द्वारा उत्पन्न किया गया प्रभावशाली प्रतिरोध है इसे XC से प्रदर्शित करते हैं इसकी इकाई ओम (Ω) है|
XC = 2πfc
जहां,
f = Frequency
C = कैपेसिटेंस माइक्रोफैरेड में
इम्पीडैन्स (Impedance)
किसी प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में प्रतिरोध कैपेसिटेंस व इंडक्टेंस जुड़े हो तथा इनके कुल प्रतिरोध को इम्पीडैन्स कहते हैं जिसे Z से प्रदर्शित करते हैं इसके इसकी इकाई ओम (Ω) है|
Z = √R2+(XL-XC)2
एडमिटेंस (Admittance)
इम्पीडैन्स के व्युत्क्रम को एडमिटेंस कहते हैं इसको से दर्शाया जाता है इसकी इकाई म्हो (℧) होती है
Y = 1/Z
या,
Y = G2+B2
कंडक्टेंस (Conductance)
प्रतिरोध के व्युत्क्रम को कंडक्टेंस कहते हैं इसे G से प्रदर्शित करते हैं इसके इकाई म्हो (℧) होती है|
G = 1/R
G = Ycosɸ
= 1/Z x R/Z=R/Z2 = R/R2+X2
सस्प्टेन्स (Susceptance)
रिएक्टेंस के व्युत्क्रम को सस्प्टेन्स कहते हैं
B = 1/X
B= Y sinɸ = 1/Z x X/Z
X/Z2= X/R2+X2
लग्गिंग धारा (Lagging Current)
परिपथ में धारा जो वोल्टेज से पीछे रह जाती है लग्गिंग धारा कहलाती है वह अपने उच्चतम और न्यनूतम मान पर वोल्टेज के उच्चतम को न्यूनतम मान को प्राप्त करने के समय के बाद पहुंचती है अर्थात वोल्टेज का मान धारा से आगे रहता है|
लीडिंग धारा (Leading Current)
इस परिपथ में धारा वोल्टेज से आगे निकल जाती है धारा अपने उच्चतम और न्यूनतम मान को वोल्टेज से पहले प्राप्त करती है|
RMS क्या होता है?
प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current )का वर्ग माध्य मूल मान (RMS Full form is = Root Mean Square Value) ज्ञात करने के लिए एक चक्र में समय के कई बिंदुओं पर इसके क्षणिक मान लिए जाते हैं इसके बाद इन मान का वर्ग करके जोड़ते हैं और औसत निकालते हैं इस औसत मान का वर्गमूल करने पर प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान निकलता है
आईटीआई इलेक्ट्रीशियन के महत्वपूर्ण विषय