Which is the best metal conductor of Electricity

Those substances that allow the flow of electrons easily through them or such substances that do not obstruct the flow of electrons are called Good conductors of electricity. Let us understand good conductors through a table.

Different types of materials and their conductivity

Definition of Good Conductor of Electricity

इससे पहले कि हम चालकता के बारे में जाने उससे पहले, आइए विद्युत चालकता की अवधारणा को समझें। विद्युत चालकता किसी सामग्री की विद्युत धारा संचालित करने की क्षमता का माप है। यह मेटल में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या और उनकी गतिशीलता से निर्धारित होता है। उच्च चालकता वाली सामग्री न्यूनतम प्रतिरोध के साथ विद्युत धारा को प्रवाहित करने की अनुमति देती है, जबकि कम चालकता वाली सामग्री प्रवाह को बाधित करती है।

Different types of materials and their conductivity

Sr. NoTypes of ConductorConductivitySpecific Resistance 20° Temp
1Gold99%2.44 x 10-8
2Silver98%1.59 x 10-8
3Copper90%4.04 x 10-8
4Aluminum60%2.65 x 10-8
5Brass48%˜ 0.6 x 0.9 x 10-7
6Iron12.25%9.70 x 10-8
7G.I Wire
8Tin10.9 x 10-8
9Lead22.0 x 10-8
10Zinc5.90 x 10-8
11Tungstan5.60 x 10-8
12Gases

Gold

Gold Wire

विद्युत का सबसे उत्तम चालक सोना है इसके चालक तन 99% होती है या कीमती धातु होने के कारण प्रयोग में नहीं लिया जाता है

Silver

Silver Wire

चांदी यह विद्युत का सबसे अच्छा चालक होता है इस का विशिष्ट प्रतिरोध बहुत कम होता है 20 डिग्री सेंटीग्रेड पर 1.59 x 10-8 होता है महंगे होने के कारण इसका विद्युतीय कार्य में उपयोग सीमित है

इसका प्रयोग विद्युत विद्युत यंत्र अधिक रेटिंग की धारा के कॉन्टैक्ट्स वाले स्टाटरो में कांटेक्ट पॉइंट बनाने में होता है इसकी चालकता 98 % होती है|

Copper

Copper Wire

चांदी के बाद यह विद्युत का बहोत अच्छा चालक है इसके चालकता 90% होती है शुद्ध तांबे का विशिष्ट प्रतिरोध 4.04 x 10-8 होता है तांबा नरम धातु है इसके तारे एवं चद्दर आसानी से बनाई जा सकती हैं

कम कीमत (चांदी से) होने के कारण इसका अत्यधिक उपयोग तारों में, केबलों में, ओवरहेड लाइनों में, वाइंडिंग तार, अर्थ इलेक्ट्रोड, स्टार्टरो के कांटेक्ट पॉइंट में बस – बार में किया जाता है

तांबे के चालक दो प्रकार के होते हैं

Hard Drawn Copper

Annealed Copper

Hard Drawn Copper Conductor

हार्ड ड्रान तांबा के चालक ठंडी अवस्था में डाई के साथ खिंचाई करके बनाया जाते हैं इस प्रकार के तांबे का प्रयोग ओवरहेड लाइन, अर्थ इलेक्ट्रोड, कमयुटेटर सेगमेंट आदि बनाने के लिए किया जाता है

Annealed Copper

हार्ड ड्रान तांबा चालक को नरम करने के लिए गर्म करने के पश्चात इसे ठंडा किया जाता है जिसे नरम हो जाता है तथा पानी से ठंडा करने पर बहुत एनील्ड हो जाता है नरम हुए तार को आसानी से इधर-उधर मोड़ा जा सकता हैजिससे तार, केबलों बनाने में बहुत आसानी रहती है

यह चालक गोलाई में 6 स्टैंडर्ड वायर गेज से 50 स्टैंडर्ड वायर गेज तक बनाए जाते हैं इनका प्रयोग वाइंडिंग तारों में अधिक मात्रा में किया जाता है अर्थिंग तार इसी से बनाए जाते हैं तांबे का उपयोग विद्युत कार्यों में सबसे प्रमुख धातु के रूप में होता है|

Aluminum Conductor

Aluminium Conductor

तांबे के पश्चात एलुमिनियम प्रमुख रूप से चालक के रूप में विद्युत के कार्यों में प्रयोग किया जाता है इसकी चालकता 60% होती है यह वजन में हल्का होता है 20 डिग्री सेंटीग्रेड पर इसका विशिष्ट प्रतिरोध 2.65 x 10-8 होता है

ओवरहेड लाइनों में इसका अत्यधिक उपयोग होता है इस को मजबूत बनाने के लिए चालकों के बीच एक स्टील की तार लगाई जाती है जिससे ACSR कहते हैं ACSR का पूरा नाम (Aluminum Conductor Steel Reinforced )एलमुनियम कंडक्टर स्टील रैनफोर्स्ड होता है

वर्तमान में ट्यूब चौक मोटर ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग में अल्मुनियम तार द्वारा वाइंडिंग की जाती है

Brass

यह एक मिश्र धातु है इसमें तांबा एवं जिंक का मिश्रण होता है यह विद्युत का चालक है इसके चालकता चांदी की तुलना में 48% होती है यांत्रिक शक्ति अधिक होने के कारण इसका प्रयोग टर्मिनल, ऑन ऑफ स्विच , होल्डर के स्क्रू, नट बोल्ट आदि बनाने में किया जाता है

Iron

समान लंबाई का क्षेत्रफल के तांबे के चालक की तुलना में इसका प्रतिरोध 8 गुना कम होता है चुंबकीय रेखाओं के गुजरने के लिए लोहा सुगम रास्ता बनाता है इसकी तारे एवं चादरे आसानी से बनाई जा सकती हैं

इसका उपयोग मशीन के बॉडी कवर सॉफ्ट आदि बनाने में किया जाता है इसे मेन स्विच कवर कांटेक्ट तथा GI पाइप बनाए जाते हैं

इसकी आंतरिक शक्ति बहुत अधिक होती है यह सस्ते होते हैं इनकी उपलब्धता अच्छी होने के कारण विद्युत कार्यो में अधिक उपयोग में आते हैं

GI Wire

जी आई का पूरा नाम गेल्वेनाइज़्ड आयरन होता है इस पर जंग नहीं लगती लोहे के ऊपर गेलवेनाइजेशन करके जस्ता की परत चढ़ा दी जाती है जी आई तार का मुख्य उपयोग अर्थिंग तार स्टे तार टेलीफोन तार व के बलों की यांत्रिक सुढ़िडता बढ़ने हेतु GI पत्तियों की आवरण बनाने में किया जाता है

Tin

टिन इस प्रकार के चालक पर जंग नहीं लगती इसका गलनांक कम होने के कारण यह शीघ्र पिघल जाता है इसका उपयोग निम्न प्रकार से किया जाता है तांबे की तारों को ट्रेनिंग करने में, सोल्डर बनाने में, फ्यूज तार बनाने में

Lead

इस का गलनांक टिन से अधिक होता है इस पर रासायनिक पदार्थों का असर कम होता है इसका प्रयोग केबलों में किया जाता है सोल्डर बनाने में इसका प्रयोग किया जाता है एवं लेड एसिड बैटरी के सेलो को बनाने के लिए शीशा उपयोग में लिया जाता है यह भी विद्युत का चालक होता है

Zinc

यह विद्युत का अच्छा चालक होता है या सेलो में कंटेनर बनाने के काम आता है लोहे को जंग से बचाने के लिए जस्ते की परत चढ़ाई जाती है

Tungsten

इसका गलनांक उच्च होता है या कठोर धातु है इसका उपयोग लैंपो ट्यूबलाइट के फिलामेंट बनाने में किया जाता है चुंबक बनाने में प्रयोग होने वाली स्टील में इसका प्रयोग किया जाता है यह हाई स्पीड स्टील बनाने में प्रयोग में आता है

Gases

हिलियम गैस, आर्गन गैस, नियॉन गैस, विद्युत के चालक होती हैं इनकी विशेषता यह होती है कि कम तापमान पर इनका प्रतिरोध अधिक एवं अधिक तापमान पर कम हो जाता है

Characteristics of Conductors

Sr. NoCharacterCopperAluminum
1ColorRed, BrownWhite
2Electric conductivity (ʊ/m)5636
3Resistivity on 20 Degree Centigrade0.017860.6278
4Melting point1083°C660°C
5Density (kg/cm3)8.932.7
6Resistance heat coefficient on 20 degrees centigrade0.003930.00403
7Vertical expansion coefficient on 20 Degree Centigrade17 x 10-623 x 10-6
8Tensile strength (NW/mm2)22070

How to Know the Best Conductor?

Properties of Best conductor

  • चालकों का प्रतिरोध बहुत कम होता है
  • इनकी चालकता बहुत अधिक होती है
  • इनकी प्रतिरोधकता ओम सेंटीमीटर के क्षेत्र में होती है
  • चालक की प्रतिरोधकता बहुत कम एवं चालकता बहुत अधिक होनी चाहिए
  • चालक ऐसे हो कि इनके जोड़ों को सोल्डिंग आसानी से की जा सके
  • चालक पदार्थ तार खींचने योग्य एवं चद्दर बनाने योग्य होने चाहिए
  • उनकी खिंचाव छमता अच्छी होनी चाहिए
  • चालक पदार्थ नरम होने चाहिए

Important FAQ of Best Conductor Materials


विद्युत चालकता का सर्वोत्तम तत्व क्या है?

विद्युत चालकता का सर्वोत्तम तत्व चांदी है। चांदी अपने परमाणु संरचना और इसके मुक्त इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा दान क्षमता के कारण विश्व में सर्वोत्तम चालकता वाला तत्व है।

चांदी विद्युत चालकता में सर्वोत्तम क्यों है?

चांदी की परमाणु संरचना में प्रति परमाणु एक मुक्त इलेक्ट्रॉन होता है, और इसकी क्रिस्टल जाल इन इलेक्ट्रॉनों को न्यूनतम प्रतिरोध के साथ चलने देता है। यह अनूठा व्यवस्था विद्युत धारा के अभाव में उच्चतम विद्युत चालकता को संभावित बनाती है।

क्या उच्च विद्युत चालकता वाले अन्य तत्व हैं?

हाँ, उच्च विद्युत चालकता वाले अन्य तत्व हैं। तांबा द्वितीय सर्वोत्तम चालक है और यह अपनी कीमत, उपलब्धता और सुलभता के कारण सामान्यत: उपयोग किया जाता है। सोने और एल्युमिनियम भी महत्वपूर्ण चालक हैं, प्रत्येक के अपने लाभों के सेट हैं।

विद्युत तारों के लिए तांबा व्यापकतः प्रयुक्त क्यों है?

तांबा विद्युत तारों के लिए व्यापक रूप से प्रयुक्त है क्योंकि यह विद्युत चालकता, लागत-कुशलता और उपलब्धता के बीच एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है। इसकी सर्वसामग्री बनाने की क्षमता उसे विभिन्न विद्युत उपयोगों के लिए आसान बनाती है।

क्या चांदी को विद्युत चालकता में सर्वोत्तम बनाने के लिए कोई नई सामग्री है?

हाँ, ग्राफीन और कार्बन नैनोट्यूब्स जैसे उत्थानशील सामग्रियाँ हैं जो चांदी के प्रमुख स्थान को चुनौती देने की संभावना रखती हैं। ये सामग्रियाँ अद्वितीय चालकता दिखाती हैं और विभिन्न विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों को क्रांति कर सकती हैं।


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Most Important Effects of Electric Current

There are many effects of electric current, out of which the Heating (thermal) effect, Electric current effect on human body & chemical effect of electric current, magnetic effect of electric current, lighting effect of electric current special rays effect of electric current

Effects of Electric Current

Electric Current Heating Effect

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो यह कुछ ऊष्मा उत्पन्न करती है इसका कारण यह होता है कि धारा को प्रवाहित करने में कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह ऊर्जा उस्मा के रूप में प्रकट होती है

विद्युत ऊर्जा का उष्मीय ऊर्जा में यह परिवर्तन इलेक्ट्रॉनों के चालक में प्रवाह के समय अणुओ के टकराने से होता है

इस प्रभाव के कारण मोटर का गर्म होना व इसका प्रयोग हीटर, विद्युत प्रेस, गीजर, थर्मल रिले, विद्युतीय भट्टियों में देखने को मिलता है

उस्मा का सूत्र, H=I2Rt जूल से गणना की जाती है

उष्मा से वोल्टेज यदि वस्तुओं को विभिन्न टुकड़े जैसे लोहा व तांबा के सिरों को आपस में लपेट दिया जाए तथा आगे के सिरों को गर्म किया जाए तो तार के सिरों पर वोल्टता उत्पन्न होगी यह तापयुग्म (थर्मोकपल) कहलाते हैं इनका प्रयोग ताप मापन के लिए भट्टियों में किया जाता है पायरोमीटर से भी ताप मापते है

Chemical effect of Electric current

  1. विद्युत जब अम्ल नमक व क्षारो के घोल से गुजारी जाती है तो विद्युत उनके अणुओ को विभक्त कर देता है
  2. रासायनिक विधि द्वारा विद्युत को इकट्ठा किया जाता है
  3. ऐसी बैटरीया जिन्हें चार्ज किया जाता है उसमें डीसी को इकट्ठा किया जाता है व डिस्चार्ज के रूप में उपयोग किया जाता है
  4. रासायनिक प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रोप्लाटिंग की जाती है

Magnetic effect of Electric Current

ऑरेस्टडे वैज्ञानिक ने करंट ले जा रहे चालक के पास चुंबकीय सुई रखकर उसके घूमने की प्रवृत्ति से यह परिणाम निकाला कि चालक मै से जब करंट गुजरती है तो वृत्ताकार में चुंबकीय रेखाएं चलना प्रारंभ कर देते हैं
इलेक्ट्रोमैग्नेट अर्थात विद्युत चुंबक इसी प्रभाव पर कार्य करते हैं विद्युत मशीनें,मोटर, इसी आधार पर कार्य करती हैं जैसे पंखे, अल्टरनेटर, 3 फेज मोटर, ट्रांसफॉर्मर, यंत्र आदि

Lighting effect of Electric Current

विद्युत की उचित धारा को जब किसी लैंप के फिलामेंट से गुजारा जाता है तो यह रोशनी बिखेरने लगते हैं इसे धारा का प्रकाशीय प्रभाव कहते हैं फ्लोरोसेंट ट्यूब लैंप सीएफएल नियॉन लैंप कार्बन लैंप इसके उदाहरण है

Electric current effect on Human Body

मानव शरीर में विद्युत धारा के गुजरने पर शरीर की आते व नशे सिकुड़ जाती हैं और जीवित शरीर को झटका महसूस होता है
शरीर यदि सूखा है – प्रतिरोध 70,000 ohm/sqcm से 1,00,000 ohm/sqcm
शरीर यदि गीला है – प्रतिरोध 700ohm/sqcm से 1000 ohm/sqcm
अधिक वोल्टेज 200 मिली एंपियर से अधिक धारा चलता है वह शरीर की बाहरी चमड़ी को जला देता है

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Most Important Thermal Units

Thermal Energy (उष्मीय ऊर्जा)

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो कुछ उसमें उत्पन्न होती है इसका कारण यह होता है कि धारा में प्रवाहित करने में कुछ ऊर्जा व्यय होती है यह ऊर्जा उस्मा के रूप में प्रकट होती है

उष्मीय ऊर्जा,H =VIt=I2Rt=V2/R t जूल

Specific Heat Capacity (विशिष्ट उष्मीय ऊर्जा)

किसी पदार्थ की विशिष्ट उष्मीय ऊर्जा ऊष्मा कि वह मात्रा है जो किसी पदार्थ में पदार्थ की 1 ग्राम द्रव्यमान का ताप 1 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ाने के लिए आवश्यक होती है इसका मात्रक कैलोरी प्रति ग्राम प्रति डिग्री सेंटीग्रेड होता है

Sensible Heat (संवेदी ऊष्मा)

ऊष्मा जो वस्तु में तापमान में परिवर्तन का कारण बनती है उसे संवेदी ऊष्मा कहते हैं जब कोई वस्तु ऊष्मामित होती है तो उसका तापमान बढ़ता है क्योंकि उसमें ऊष्मा जुड़ जाती है ऊष्मा में वृद्धि संवेदी कहलाती है इस प्रकार जब वस्तु में से उस में निकाली जाती है तो उसे भी संवेदी ऊष्मा कहते हैं

संवेदी ऊष्मा = mCΔt जूल

m= वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में

Δt = t2-t1 = तापमान में परिवर्तन

Latent Heat (गुप्त ऊष्मा)

किसी वस्तु का तापमान बदले बिना उसकी अवस्था में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा गुप्त ऊष्मा कहलाती है गुप्त ऊष्मा की इकाई जूल होती है|

गुप्त ऊष्मा = m x L Joules

m = वस्तु का द्रव्यमान

L = विशिष्ट गुप्त ऊष्मा

हम जानते हैं – 1 कैलोरी =4.186 जूल

1kWh = 860 किलो कैलोरी

1 जूल = 0.2387 कैलोरी

Specific Enthalpy (विशिष्ट एन्थैल्पी)

एक किलोग्राम पदार्थ के तापमान बदले बिना उसकी अवस्था में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा विशिष्ट एंथैल्पी कहलाती है इसकी इकाई जूल प्रति किलोग्राम होती है

ITI Electrician Most important electrical units

Electric Work (विद्युत कार्य)

जिस समय बल अपने चिन्ह का विस्थापन करता है तो बल कार्य करता है जब विद्युत वाहक बल विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों को चलाता है तब वह कार्य करता हुआ कहलाता है इसका तात्पर्य यह है कि किसी विद्युत परिपथ में जब धारा बह रही होती है तब कुछ कार्य हो रहा होता है विद्युत वाहक बल धारा को परिपथ के प्रतिरोध के विरोध में चलाकर कार्य करता है विद्युत कार्य की इकाई जूल होती है

कार्य = बल x विस्थापन = e.m.f x धारा x समय

जूल = वोल्ट x एंपियर x समय (सेकंड में)

Electric Power (विद्युत शक्ति)

किसी विद्युत परिपथ या विद्युत मोटर की शक्ति उसके द्वारा एक सेकंड में कार्य करने की दर को कहते हैं विद्युत शक्ति का मात्रक वाट है इसे ‘P’ द्वारा प्रदर्शित करते हैं

विद्युत शक्ति(P) = विद्युत ऊर्जा /समय

=w/t=VIt/t

P=VIJ/sec or Watt

(... 1 Watt = 1 Joule/Sec)

ओम के नियमानुसार

V=IR

or I=V/R

P=VI=I2R=V2/R

R = Resistance

DC Circuit

P=VI=VQ/t

1-ϕ, AC Circuit

P=VIcosϕ

cosϕ = Power Factor of Circuit

3-ϕ, AC Circuit

P=3VIcosϕ

जहाँ, V= Phase Voltage

I = Phase Current

P=√3VLILcosϕ

जहाँ, VL= Line Voltage

IL= Line Current

Electric Energy (विद्युत ऊर्जा)

किसी विद्युत परिपथ द्वारा कार्य करने की क्षमता ऊर्जा कहलाती है इसका मात्रक जूल होता है

विद्युत ऊर्जा (E) = शक्ति x समय

= जूल VIt

जब किसी विद्युत परिपथ में एक वाट शक्ति एक सेकेंड के लिए उपयोग हो रही तो परिपथ के उपयोग की गई कुल ऊर्जा एक जूल होती है

वाट सेकंड या जूल = वाट x समय सेकंड में

= वाट सेकंड/3600 KWH

घरों में लाइट लोड उद्योग में पावर लोड के भुगतान के बिल उपभोक्ता को यूनिट में दिए जाते हैं विद्युत ऊर्जा को यूनिट में दर्शाते हैं ऊर्जा के व्यवसायिक इकाई किलो वाट घंटा होती है

Choose Trade Wise Question in Hindi

ITI Most Important Mechanical units

Most Important Mechanical Units of Physics for Workshop calculation and Electrician trade theory Bharat skills ( Mass, Velocity, Acceleration, force etc.) this topic the most important topic for the NCVT ITI Examination & DGT

ITI Most Important Mechanical units

Mechanical Units

Mass (द्रव्यमान)

किसी पदार्थ का द्रव्यमान उसमें उपस्थित द्रव की मात्रा है द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम में तथा इसे “m” द्वारा प्रदर्शित किया जाता है|

Velocity (वेग )

कोई वस्तु एकांक समय में जितनी विस्थापित होती है उसे वस्तु का वेग कहते है वेग की मात्रा मीटर प्रति सेकंड होता है|

Acceleration (त्वरण)

त्वरण किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को उस वस्तु का त्वरण कहते हैं इसकी मात्रा मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है|

Force (बल)

किसी वस्तु या एक समान गति से

वस्तु को खींचने या धक्का देने पर उस वस्तु स्थिति की स्तिथि में परिवर्तन लाना उस वस्तु पर लगा बल कहलाता है इसका मात्रक न्यूटन है|

F = ma

F = वस्तु पर लगाया गया बल

m = वस्तु का द्रव्यमान त्वरण

a = त्वरण

Density (घनत्व)

घनत्व किसी वस्तु के इकाई आयतन की मात्रा को वस्तु का घनत्व कहते हैं घनत्व की इकाई CGS प्रणाली में ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर MKS प्रणाली में किलोग्राम प्रति घन मीटर होता है

घनत्व = भार (M) / आयतन(V)

Weight (भार)

भार किसी वस्तु को पृथ्वी जिस बल से अपने केंद्र की ओर आकर्षित करती है उसे वस्तु का भार कहते हैं |

भार = मात्रा X गुरुत्वीय त्वरण
भार की इकाई CGS प्रणाली में डायन
MKS प्रणाली में न्यूटन होती है

Torque (बल आघूर्ण)

बल आघूर्ण जब किसी पिंड पर लगा हुआ बाह्य बल उस पिंड को किसी अक्ष के चारों ओर घुमाने की प्रवृत्ति प्रदान करता है तो इस प्रवृत्ति को बल आघूर्ण कहते हैं यह किसी बिंदु के घूर्णनअक्ष के चारों ओर लगाए गए बल के परिमाण तथा घूर्णन अक्ष से बल की क्रिया रेखा की लंबवत दूरी के गुणनफल के बराबर होता है बल आघूर्ण का SI मात्रक न्यूटन मीटर होता है

T = F x r

जहां r= घूर्णन की त्रिज्या की दूरी

Work (कार्य)

कार्य जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है तो वह वस्तु कार्यरत बल की दिशा में कुछ दूरी तय करती है अतः वस्तु पर लगाया गया बल तथा बल की दिशा में तय की गई दूरी के गुणनफल को कार्य कहते हैं

कार्य = बल x बल की दिशा में तय की गई दूरी

इसकी कई जूल होती है

Energy (ऊर्जा)

ऊर्जा कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं इसकी इकाई कार्य की इकाई के समान होती है उर्जा मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं

  1. गतिज ऊर्जा
  2. स्थितिज ऊर्जा

Kinetic Energy (गतिज ऊर्जा)

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण विद्यमान ऊर्जा गतिज ऊर्जा का लाती है जैसे बहता हुआ जल, चलती हवा, दौड़ती हुई वाष्प, घूमता हुआ पहिया, गतिमान वाहन इत्यादि

गतिज ऊर्जा = 1/2 x द्रव्यमान x वेग2

K.E. = 1/2 mv2

K.E. 1/2 x mv2/g किलोग्राम मीटर(Joule)

यहां, m = वस्तु का द्रव्यमान (किलोग्राम में)

v= वस्तु का वेग (मीटर प्रति सेकंड में)

g = गुरुत्वीय त्वरण (मीटर /सेकंड2 में)

Potential Energy (स्थितिज ऊर्जा)

किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण विद्यमान ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा कहलाती है जैसे भू तल से ऊंचाई पर रखी हुई, वस्तु ओवरहेड टैंक में पानी, या दबाई गई गैस, घड़ी की लिपटी हुई स्प्रिंग इत्यादि

स्थितिज ऊर्जा P.E = m.g.h Joule

=m.h kg meter

यहां, m= वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में

h= ऊंचाई मीटर

Power (शक्ति)

शक्ति कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं इसका मात्रक वाट होता है

शक्ति P= कार्य/समय जूल /प्रति सेकंड

1 वाट = 1 जूल /सेकंड

Horse Power (अश्वशक्ति)

यांत्रिक शक्ति का सामान्य मात्रक अश्वशक्ति कहलाता है

1 HP = 75mkg/s

1 HP = 75 x 9.81

1 HP = 735.5 N-m/s or Watt

Types of Fire & Fire Extinguishers

Fire is a hazard, it is important to know how many classes of fire there actually are. The class of a fire can determine how quickly it burns, how dangerous it is, and the best way to use a fire extinguisher to extinguish it.

Types of Fire

Sr. NoFire ClassMaterialFire Extinguishers
1Class AWood, Cloths,Water Filled Extinguisher
2Class BPetrol, Diesel, Mobil Oil,CO2, Foam ,Dry Powder Extinguishers
3Class CGas , LPGDry Powder Extinguishers
4Class DElectric, metallic substanceCO2, CTC

Class A Type Fire

Fire in wood, paper, cloth and solid metals is kept in category A type of fire, to extinguish this type of fire, water is first poured into the bottom of your fire, after that water sprinklers are poured over the fire.

लकड़ी कागज कपड़े एवं ठोस धातुओं में लगी आग को श्रेणी A प्रकार की आग में रखा जाता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए पहले आप की आग तली में पानी डाला जाता तत्पश्चात आग के ऊपर पानी के फुवारे डाले जाते हैं

Class B Type Fire

Fire in flammable liquid and flammable solid is kept in category B type of fire, to extinguish this type of fire, CO2, form and dry powder fire extinguishers are used, no water is used to extinguish this type of fire needed

ज्वलनशील द्रव तथा गलनशील ठोस में लगी आग को श्रेणी B प्रकार की आग में रखा जाता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए CO2, फॉर्म एवं सूखा पाउडर अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है इस प्रकार की आग बुझाने में पानी का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए |

Class C Type Fire

Fire in gas and liquefied gas is kept in category C type fire. Liquefied gas fire should be extinguished with more care because there is always a fear of explosion or sudden fire spread in this type of fire Dry to extinguish this type of fire Powdered fire extinguishers are used

गैस एवं द्रवित गैस में लगी आग को श्रेणी C प्रकार की आग में रखा जाता है द्रवित गैस की आग को अधिक सावधानी के साथ बुझाना चाहिए क्योंकि इसमें विस्फोट या अचानक आग फैलने का डर हमेशा बना रहता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए ड्राई पाउडर वाले अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है

Class D Type Fire

Metal or electrical fire is kept in category D type of fire. Carbon dioxide dry powder (CTC) is used to extinguish this type of fire. Fire should be extinguished by trained person only.

धातु अथवा विद्युत से लगी आग को श्रेणी D प्रकार की आग में रखा जाता है इस प्रकार की आग को बुझाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड ड्राई पाउडर सीटीसी का प्रयोग किया जाता है प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ही आग बुझाई जानी चाहिए

Fire Extinguisher and its Types

Water-Filled Extinguishers

ये क्लास ए की आग के लिए उपयुक्त हैं जिसमें कागज, लकड़ी, पुआल, कोयला, रबर, ठोस प्लास्टिक, नरम साज-सामान, और बहुत कुछ शामिल हैं। ये अग्निशामक आग और सामग्री को पानी में भिगोकर ठंडा करते हैं। ये आग की लपटों को बुझाते हैं और जलती हुई वस्तुओं से गर्मी को अवशोषित करते हैं।

water mist Extinguishers

ये सबसे नए प्रकार के बुझानेवाले हैं और बहुत शक्तिशाली हैं लेकिन आकार में छोटे हैं। ये क्लास ए, बी, सी और एफ की आग पर उपयोग करने के लिए सुरक्षित और प्रभावी हैं। साथ ही, ये एक्सटिंगुइशर 1000 वोल्ट तक के बिजली के उपकरणों के कारण होने वाली आग के मामलों का मुकाबला कर सकते हैं। ये उपकरण आग को ठंडा करके और ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम करके काम करते हैं। ये पुनर्चक्रण योग्य होते हैं और इनमें कोई रसायन नहीं होता है, और कभी-कभी डी आग पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Water Spray Fire Extinguisher

ये बुझाने वाले तीन और छह लीटर पानी के स्प्रे टैंक में उपलब्ध हैं और लकड़ी, कपड़ा, कागज, प्लास्टिक या कोयले जैसे कार्बनिक ठोस पदार्थों को शामिल करने के लिए उपयुक्त हैं। वे आग की लपटों के आधार पर जेट का उपयोग करते हैं और आग के बुझने तक इसे लगातार और स्थिर रूप से आगे बढ़ाते हैं। यह उच्च दाब के सौजन्य से एक महीन स्प्रे बनाता है और आग को बुझा देता है।

CO2 Fire Extinguisher

इन उपकरणों में केवल दबाव वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है और जलती हुई तरल पदार्थ (कक्षा बी), और बिजली की आग से जुड़ी आग पर उपयोग के लिए उपयुक्त होती है। वे बिजली की वस्तुओं को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं या शॉर्ट सर्किट शुरू नहीं करते हैं। हालांकि, CO2 एक्सटिंगुइशर डिस्चार्ज के दौरान बहुत ठंडे हो जाते हैं और डीप फैट फ्रायर के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।

Foam Type Fire Extinguisher

ये ठोस और तरल पदार्थ (कक्षा ए, कक्षा बी) में आग को शांत करते हैं लेकिन वसा या खाना पकाने के तेल जलाने के लिए लागू नहीं होते हैं। फोम एक्सटिंगुइशर के कुछ मॉडल हैं जिनका उपयोग बिजली की आग पर किया जा सकता है। फोम एक्सटिंग्विशर को साफ करना आसान होता है और पानी के एक्सटिंग्विशर की तुलना में अधिक महंगे होते हैं।

Dry Powder Fire Extinguisher

कक्षा ए, बी और सी की आग के लिए जो ठोस, तरल और गैसों के जलने से होती है, ये बुझाने वाले सबसे अच्छे विकल्प हैं। इन्हें टाइप डी की आग से निपटने के लिए भी डिजाइन किया गया है। वे पाउडर बनाने का काम करते हैं जो आग को बुझाता है और इसे फैलने से रोकता है। ये बुझानेवाले आमतौर पर कम खर्चीले और शक्तिशाली होते हैं।

Wet Chemical Fire Extinguisher

ये बुझानेवाले पानी की धुंध छोड़ते हैं और वर्ग एफ की आग के लिए सबसे उपयुक्त हैं। ये मुख्य रूप से रसोई में व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तरह से उपयोग किए जाते हैं। आप उन्हें क्लास ए और क्लास बी की आग पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि वे इन आग पर कम प्रभावी हैं। इन उपकरणों में पानी में क्षार लवण का एक दबावयुक्त घोल होता है और एक महीन धुंध बनाता है जो आग की लपटों को शांत कर सकता है और छींटे को रोक सकता है।

“5S” Best Definition, Types & use in Hindi

5S Very Important Rule use in Industrial & Manufacturing Unit 5S is rule many benefits like 5S Rule increase manufacturing without any hazard and Tools Damaging

What are the Five S 5S ( 5s का मतलब क्या होता है)

Sorting “SEIRI”(छटनी)

छटनी से अभिप्राय: है सभी अनावश्यक उपकरण पुर्जो को हटाना | कारखाने के एक-एक पुर्जा का निरीक्षण करके उन सभी को हटाए जो आवश्यक नहीं है

Trimming refers to the removal of all unnecessary equipment parts. Inspect every part of the factory and remove all that are not needed

Setting in Order “SEITON) (क्रम निर्धारण)

हर वस्तु के लिए एक निर्धारित जगह होनी चाहिए तथा हर वस्तु अपने स्थान पर होनी चाहिए | वस्तु का स्थान उस स्थान से में नजदीक होना चाहिए जहां वस्तु का अधिकतम प्रयोग होता है मजदूरों को बार-बार उसी उपकरण को खोजने में समय व्यर्थ नहीं करना पड़े

There should be a designated place for every thing and every thing should be in its place. The location of the object should be close to the place where the object is used the most, the workers should not have to waste time searching for the same equipment again and again.

Simplifying “SEISO” (सरलीकरण)

उत्पादन की सारी प्रक्रिया सरल एवं स्पष्ट होनी चाहिए

The whole process of production should be simple and clear

Standardizing “SEIKETSU” (प्रमाणीकरण)

सभी वस्तुएं उपकरण प्रमाणित होना चाहिए सभी का स्तर एक समान हो हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी की जानकारी होनी चाहिए

All items Equipment must be certified Everyone should be of equal standard Every person should be aware of his responsibility

Self-Discipline “SHITSUKE” (स्वयं अनुशासन)

प्रमापों को निर्धारित करना और उनका अवलोकन करना | जब आप 4S का ध्यान रखते हैं तो यहां 5S वैसे ही लागू हो जाता है

Determining and observing standards. When you consider 4S, here’s how 5S applies

उपरोक्त 5S के अतिरिक्त 3S और भी हैं

  1. Safety
  2. Security
  3. Satisfaction

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NCVT MIS ITI Electrical Units and Definition

Before discussing further electricity, it is necessary that we understand electricity and all its related units correctly and to know their interpretation, this will give us more convenience in working and will help in doing the right work, so in the next chapter. Before going about this, we will discuss some important units of electricity.

विद्युत धारा (Electric current)

किसी परिपथ में इलेक्ट्रॉनों के एक ही दिशा में बहने की दर को विधुत धारा कहते हैं या किसी चालक पदार्थ में किसी दिशा में दो बिंदुओं के बीच आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते है “Flow of electron is called Electricity”

Electron and Current flow Direction

विद्युत धारा के अन्य परिभाषाएं (Other definitions of electric current ) :-

1 – किसी परिपथ में 1 सेकंड में प्रवाहित होने वाले आवेश को धारा कहते हैं |

धारा(i) = आवेश (q) / समय (t)

2 – किसी बंद परिपथ में इलेक्ट्रॉन के प्रवाह की दर को धारा कहते हैं

धारा (i) = इलेक्ट्रॉन की संख्या / समय

विद्युत धारा एक अदिश राशि होती है विद्युत धारा का एस आई मात्रक कूलाम / सेकंड या एंपियर होता है

1 एंपियर = 1 कूलाम / 1 सेकंड

यदि किसी चालक में किसी बिंदु से t सेकंड में n इलेक्ट्रॉन गुजरते हैं तो उस बिंदु से t सेकंड में गुजरने वाले कूल आवेश q=ne तथा चालक से गुजरने वाली धारा I = q/t=ne/t इलेक्ट्रान/सेकंड होती है|

विद्युत विभव (Electric Potential/Voltage)

जो बल किसी परिपथ में इलेक्ट्रॉन को बहने के लिए प्रेरित करता है विद्युत विभव कहलाता है

या

किसी एकांक धन आवेश को अनंत से किसी बिंदु तक लाने में किया गया कार्य उस बिंदु पर विद्युत विभव कहलाता है विद्युत विभव एक अदिश अदिश राशि है
इसकी इकाई वोल्ट (V )है |

V= W/q

where , W = Work , q = charge

विभवांतर (Potential Difference)

किसी बंद परिपथ में किन्हीं दो बिंदुओं के मध्य के विभव या वोल्टेज को विभवांतर कहते है इसकी इकाई वोल्ट है और इसे P.D भी कहते हैं इसे V द्वारा प्रदर्शित करते हैं |

VA – VB = W/q

वोल्ट (Volt)

वोल्ट एक इलेक्ट्रोमोटिव फोर्स या विद्युत वाहक बल का पोटेंशियल डिफरेंस है तथा वोल्टेज की इकाई है इसे V द्वारा लिखा जाता है एक ओम प्रतिरोध में से 1 एंपियर की धारा गुजारने के लिए जितने विद्युत वाहक बल की आवश्यकता होती है उसे 1 वोल्ट कहते हैं

1 वोल्ट = 1 एंपियर X एक ओम

ओम (Ohm)

जब किसी परिपथ में 1 वोल्ट के प्रभाव अधीन 1 एंपियर की धारा गुजरे तो उस परिपथ का प्रतिरोध एक ओम होगा

एक ओम = 1 वोल्ट / 1 एंपियर यह प्रतिरोध की इकाई होती है इसे Ω से लिखा जाता है |

प्रतिरोध (Resistance)

किसी चालक का वह गुण जो चालक में प्रवाहित होने वाली धारा का विरोध करता है तो उसे चालक का प्रतिरोध करते हैं इसे R से प्रदर्शित किया जाता है प्रतिरोध की इकाई ओम ( Ω ) होती है जो ग्रीक अक्षर ओमेगा (Ω) का प्रतीक है। ओम का नाम जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साइमन ओम (1784-1854) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वोल्टेज, करंट और प्रतिरोध के बीच संबंधों का अध्ययन किया था।

लोड प्रतिरोध (Load Resistance) RL

इसमें तारों का प्रतिरोध और उन तारों से जुड़े किसी भी उपकरण का प्रतिरोध शामिल है। वह स्थान जहाँ करंट जाता है और वह स्थान जहाँ करंट आता है के बीच सब कुछ लोड प्रतिरोध कहलाता है |

कूलम्ब (Coulomb)

यह इकाई चार्ज की मात्रा है जब 1 एंपियर की धारा की मात्रा 1 सेकंड में किसी परिपथ में या चालक में से गुजरती है तो एक कूलाम चार्ज गुजरता है चार्ज को Q तथा कूलाम को C द्वारा लिखा जाता है

एक कूलाम = 1 एंपियर /सेकेंड

या

एक कूलाम = 6.242x 1018 इलेक्ट्रॉन प्रति सेकंड

वोल्टेज ड्रॉप (Voltage Drop)

करंट तथा प्रतिरोध का गुणनफल वोल्टेज ड्रॉप कहलाता है उदाहरण के तौर पर जिन तारों के बलों द्वारा विद्युत सप्लाई की जाती है उनकी अपनी प्रतिरोधकता के कारण भी वोल्टेज ड्रॉप होता है विद्युत व्यवस्था को उच्च गुणवत्ता का बनाए रखने के लिए वोल्टेज ड्रॉप कम होना चाहिए

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आईटीआई इलेक्ट्रीशियन (Electrician) थ्योरी

विद्युत का परिचय (Introduction to Electricity)

विद्युत एक अदृश्य ऊर्जा है जिसे ना देखा जा सकता है और ना ही छुआ जा सकता है लेकिन इसके विभिन्न प्रभावों द्वारा जाना वह देखा जा सकता है या
इलेक्ट्रॉनों के बहाव को ही विद्युत कहते हैं| ऊष्मा का प्रभाव लैंप, हीटर
चुंबकीय प्रभाव पंखे का चलना, विद्युत घंटी आदि

विद्युत का सिद्धांत (Principle of Electricity)

अब से लगभग 2500 से 2600 वर्ष पूर्व यूनान देश के वैज्ञानिक थेल्स अंबर ने देखा कि जब अंबर नामक पदार्थ को उन से रगड़ा जाता है तो उसमें हल्की वस्तु है जैसे कागज के टुकड़े तिनके को अपनी ओर आकर्षित करने का गुणा जाता है परंतु इस सिद्धांत को कई वर्षों तक कोई महत्व नहीं दिया गया


सन 1600 में इंग्लैंड के वैज्ञानिक डॉ गिलबर्ट ने प्रयोग के द्वारा पता लगाया कि अंबर की भांति अनेक अन्य पदार्थ जैसे कांच आबनूस गंधक लाख इत्यादि भी रगड़े जाने पर हल्की वस्तुओं को अपनी ओर खींचने लगते हैं इससे स्पष्ट होता है कि यह गुण घर्षण द्वारा उत्पन्न होता है इस गुण को प्राप्त कर लेने पर पदार्थ विद्युतमय कहलाते हैं


साइमर नामक वैज्ञानिक ने 1759 में पता लगाया कि इलेक्ट्रिफिकेशन विद्युत में दो इलेक्ट्रिक फ्लूड पॉजिटिव धनात्मक व ऋणात्मक के कारण होती है जब दो पदार्थ को रगड़े जाते हैं तो एक में ऋणात्मक तथा एक में धनात्मक चले जाते हैं इससे पता चलता है कि सामान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं तथा असमान आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं

विद्युत के प्रकार (Types of Electricity)

आधारभूत रूप से विद्युत दो प्रकार की होती हैं

  1. स्थिर विद्युत
  2. गतिशील विद्युत

स्थिर विद्युत (Static Electricity)

कांच की छड़ को जब रेशम के कपड़े पर रगड़ा जाता है तो यांत्रिक ऊर्जा के साथ स्वतंत्र इलेक्ट्रान काँच की छड़ में से रेशमी कपड़े की ओर विस्थापित हो जाते हैं इलेक्ट्रॉनों पर ऋण चार्ज होता है काँच की छड़ पर इलेक्ट्रॉनों की कमी से होने होने से धन चार्ज आता है अर्थात काँच की छड़ पर धन चार्ज व रेशमी कपड़े पर ऋण चार्ज होता है इस प्रकार इलेक्ट्रॉनों का असंतुलन उत्पन्न हो जाता है जब बराबर मात्रा में धन तथा ऋण आवेश को संपर्क में लाया जाता है तो आवेश विलोपित हो जाते हैं किस प्रकार वस्तु उदासीन हो जाती है इसलिए स्थिर विद्युत का उपयोग व्यापारिक रूप से नहीं किया जा सकता है

गतिशील विद्युत (Dynamic Electricity)

जिस विधुत को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंचाया जा सके किसी चालक द्वारा उसे गतिशील विद्युत ऊर्जा कहते है उदाहरण के लिए, तांबा एक कंडक्टर है जो विद्युत ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में सहायता करता है। ऊर्जा स्रोत, जैसे अल्टरनेटर, बैटरी या जनरेटर, इलेक्ट्रॉनों को गतिमान करना शुरू कर देता है।

इलेक्ट्रॉन सिद्धांत (Electron Theory)

प्रत्येक परमाणु में एक बीच का भारी भाग होता है जिसे नाभिक कहते हैं या प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन नामक कणो से मिलकर बना होता है प्रोटॉन पर धन आवेश होता है जबकि न्यूट्रॉन पर आवेशहीन होता है इस प्रकार नाभिक धन आवेशित होता है नाभिक के चारों ओर एक तीसरे प्रकार का कण विभिन्न कक्षाओं में चक्कर लगाते रहते हैं इन कारणों को इलेक्ट्रॉन कहते हैं इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन के धन आवेश के बराबर ऋण आवेश उपस्थित होता है परमाणु में इलेक्ट्रॉन की संख्या नाभिक के प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है अतः परमाणु में धन आवेश तथा ऋण आवेश की मात्रा बराबर होती है इस प्रकार परमाणु विद्युत उदासीन होता है |

आवेश (Charge)

जब कोई वस्तु इलेक्ट्रानो का त्याग करती है अथवा इलेक्ट्रानो को ग्रहण करती है तब उसमे अतिरिक्त गुण आ जाता है अर्थात वस्तु विद्युतमय हो जाती है इसे आवेशन कहते है यह विद्युत आवेश दो प्रकार का होता है धन आवेश ऋण आवेश इलेक्ट्रॉनों को त्याग करने पर धन आवेश उत्पन्न होता है जबकि इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करने के ऋण आवेश उत्पन्न होता हैं

  1. धन तथा ऋण आवेश साथ-साथ होते हैं और परस्पर बराबर होता है
  2. सामान प्रकार के अर्थात सजातीय आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते है तथा विपरीत प्रकार के अर्थात विजातीय आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं
  3. किसी वस्तु के विद्युतीकरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक उत्तरदाई होते हैं तथा आवेशन की क्रिया इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण के फलस्वरूप होती है
  4. एक इलेक्ट्रॉन पर 1.60217662 × 10-19 coulombs आवेश होता है
  5. एक इलेक्ट्रान का द्रव्यमान 9.0 x 10 -31Kg होता है
  6. एक इलेक्ट्रान की त्रिज्या 1.9 x 10 -15 होता है |

मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electron)

किसी पदार्थ के परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभिक के समीप की कक्षाओं में होते हैं के नाभिक के धन आवेश के द्वारा प्रबल आकर्षण बल से बंधे रहते है परंतु नाभिक से दूर वाली कछाओ के इलेक्ट्रॉनों पर यह बल बहुत कम होता है अतः इन इलेक्ट्रानो को इनके स्थान से आसानी से हटाया जा सकता है निमे से अनेक इलेक्ट्रॉन अपने परमाणु से अलग होकर पूरे पदार्थ में स्वतंत्रता पूर्वक विचरण करते हैं इन्हे मुक्त इलेक्ट्रान कहते है यह इलेक्ट्रान ही आवेश को पदार्थ में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हैं अतः किसी ठोस पदार्थ की विद्युत चालकता उसमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करती है

विद्युत धारा (Electric current)

किसी परिपथ में इलेक्ट्रॉनों के एक ही दिशा में बहने की दर को विधुत धारा कहते हैं या किसी चालक पदार्थ में किसी दिशा में दो बिंदुओं के बीच आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते है “Flow of electron is called Electricity”

Electron and Current flow Direction

विद्युत धारा के अन्य परिभाषाएं (Other definitions of electric current ) :-

1 – किसी परिपथ में 1 सेकंड में प्रवाहित होने वाले आवेश को धारा कहते हैं |

धारा(i) = आवेश (q) / समय (t)

2 – किसी बंद परिपथ में इलेक्ट्रॉन के प्रवाह की दर को धारा कहते हैं

धारा (i) = इलेक्ट्रॉन की संख्या / समय

विद्युत धारा एक अदिश राशि होती है विद्युत धारा का एस आई मात्रक कूलाम / सेकंड या एंपियर होता है

1 एंपियर = 1 कूलाम / 1 सेकंड

यदि किसी चालक में किसी बिंदु से t सेकंड में n इलेक्ट्रॉन गुजरते हैं तो उस बिंदु से t सेकंड में गुजरने वाले कूल आवेश q=ne तथा चालक से गुजरने वाली धारा I = q/t=ne/t इलेक्ट्रान/सेकंड होती है|

विद्युत विभव (Electric Potential/Voltage)

जो बल किसी परिपथ में इलेक्ट्रॉन को बहने के लिए प्रेरित करता है विद्युत विभव कहलाता है

या

किसी एकांक धन आवेश को अनंत से किसी बिंदु तक लाने में किया गया कार्य उस बिंदु पर विद्युत विभव कहलाता है विद्युत विभव एक अदिश अदिश राशि है
इसकी इकाई वोल्ट (V )है |

V= W/q

where , W = Work , q = charge

विभवांतर (Potential Difference)

किसी बंद परिपथ में किन्हीं दो बिंदुओं के मध्य के विभव या वोल्टेज को विभवांतर कहते है इसकी इकाई वोल्ट है और इसे P.D भी कहते हैं इसे V द्वारा प्रदर्शित करते हैं |

VA – VB = W/q

वोल्ट (Volt)

वोल्ट एक इलेक्ट्रोमोटिव फोर्स या विद्युत वाहक बल का पोटेंशियल डिफरेंस है तथा वोल्टेज की इकाई है इसे V द्वारा लिखा जाता है एक ओम प्रतिरोध में से 1 एंपियर की धारा गुजारने के लिए जितने विद्युत वाहक बल की आवश्यकता होती है उसे 1 वोल्ट कहते हैं

1 वोल्ट = 1 एंपियर X एक ओम

ओम (Ohm)

जब किसी परिपथ में 1 वोल्ट के प्रभाव अधीन 1 एंपियर की धारा गुजरे तो उस परिपथ का प्रतिरोध एक ओम होगा

एक ओम = 1 वोल्ट / 1 एंपियर यह प्रतिरोध की इकाई होती है इसे Ω से लिखा जाता है |

प्रतिरोध (Resistance)

किसी चालक का वह गुण जो चालक में प्रवाहित होने वाली धारा का विरोध करता है तो उसे चालक का प्रतिरोध करते हैं इसे R से प्रदर्शित किया जाता है प्रतिरोध की इकाई ओम ( Ω ) होती है जो ग्रीक अक्षर ओमेगा (Ω) का प्रतीक है। ओम का नाम जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साइमन ओम (1784-1854) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वोल्टेज, करंट और प्रतिरोध के बीच संबंधों का अध्ययन किया था।

लोड प्रतिरोध (Load Resistance) RL

इसमें तारों का प्रतिरोध और उन तारों से जुड़े किसी भी उपकरण का प्रतिरोध शामिल है। वह स्थान जहाँ करंट जाता है और वह स्थान जहाँ करंट आता है के बीच सब कुछ लोड प्रतिरोध कहलाता है |

कूलम्ब (Coulomb)

यह इकाई चार्ज की मात्रा है जब 1 एंपियर की धारा की मात्रा 1 सेकंड में किसी परिपथ में या चालक में से गुजरती है तो एक कूलाम चार्ज गुजरता है चार्ज को Q तथा कूलाम को C द्वारा लिखा जाता है

एक कूलाम = 1 एंपियर /सेकेंड

या

एक कूलाम = 6.242x 1018 इलेक्ट्रॉन प्रति सेकंड

वोल्टेज ड्रॉप (Voltage Drop)

करंट तथा प्रतिरोध का गुणनफल वोल्टेज ड्रॉप कहलाता है उदाहरण के तौर पर जिन तारों के बलों द्वारा विद्युत सप्लाई की जाती है उनकी अपनी प्रतिरोधकता के कारण भी वोल्टेज ड्रॉप होता है विद्युत व्यवस्था को उच्च गुणवत्ता का बनाए रखने के लिए वोल्टेज ड्रॉप कम होना चाहिए

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ITI Electrician Important SI Units

ITI Electrician Important SI Units depend of “International Conference Of Weight and Measure”

ITI Electrician Important SI Units
Sr. No Quantity Measuring Unit Symbol
1ForceNewtonN
2AreaSquare Meterm2
3ResistanceOhmΩ
4PowerWattW
5DensityKg per cubic meterkg/m3
6VelocityMeter Per Secondm/s
7CapacitanceFaradF
8Magnetic FluxWeberWb
9InductanceHenryH
10PressureNewton per square meterN/m2
11Magnetic Flux DensityTeslaT or Wb/m2
12Angular VelocityRadian per secondrad/s
13Work, Energy, HeatJouleJ or N-m
14FrequencyHertzHz
15Magnetic Field StrenghtAmpere Per meterA/m
16Magnetic Motive ForceAmpere turnAT
17Electric Field StrengthVolt Per meterV/m
18Electric ChargeCoulombC
19Potential , Potential DifferenceVoltV
20Luminous FluxLumenlm
21IlluminationLuxlx
22AdmittanceSiemensS
23ConductanceSiemensS
24ConductivitySiemens per meterS/m
25Current DensityAmpere Per Square Meter A/m2
26Electric FluxCoulombC
27Electric Flux DensityCoulomb per Square Meter C/m2
28ImpedanceOhm Ω
29Self InductanceHenryH
30Mutual InductanceHenryH
31Change on Quantity of electricityCoulombC
32Magnetic Constant or Permeability of free spaceHenry per meterH/m
33ReactanceOhm Ω
34ReluctanceAmpere per WeberA/Wb
35ResistivityOhm meter Ωm
36SusceptanceSiemensS
37TorqueNewton meterNm
38CurrentAmpereA
39VoltageVoltV
40Heat EnergyJouleJ

For students in the ITI Electrician trade, mastering SI units is more than just passing the exam; it is a fundamental skill for workplace safety and technical accuracy. Below is a comprehensive guide to the essential SI units every electrician must know.


1. Fundamental Electrical Units

These are the “Big Four” of electricity. Understanding the relationship between these units is the cornerstone of Ohm’s Law.

QuantityUnitSymbolDescription
Electric CurrentAmpereAThe flow of electric charge per second.
Potential DifferenceVoltVThe electrical pressure or electromotive force (EMF).
ResistanceOhmΩThe opposition to the flow of current.
Electric PowerWattWThe rate at which electrical energy is consumed.

2. Electromagnetism & Inductance

Since ITI Electricians work extensively with motors, transformers, and chokes, these units are critical for understanding magnetic circuits.

  • Magnetic Flux: Measured in Weber (Wb). It represents the total magnetic field lines.
  • Magnetic Flux Density: Measured in Tesla (T) or Wb/m2
  • Inductance: Measured in Henry (H). This is the property of a coil to oppose changes in current.
  • Magnetomotive Force (MMF): Measured in Ampere-turns (AT).

3. Capacitance & Frequency

In AC circuits and panel wiring, you will frequently encounter capacitors and frequency ratings.

  • Capacitance: Measured in Farad (F). (Note: In the workshop, you will usually see Microfarads (mu $) or Picofarads (pF)).
  • Frequency: Measured in Hertz (Hz). In India, the standard power supply frequency is 50 Hz.
  • Electric Charge: Measured in Coulomb (C).

4. Energy and Work

When dealing with billing or battery capacities, these units are used:

  • Electrical Energy: The SI unit is the Joule (J), but for commercial purposes, we use Kilowatt-hour (kWh), also known as “1 Unit” of electricity.
  • Apparent Power: Measured in Volt-Ampere (VA) or kVA (commonly used for transformer and UPS ratings).
  • Reactive Power: Measured in Volt-Ampere Reactive (VAR).

5. Illumination Units

For electricians involved in house wiring and lighting design, these units are essential:

  • Luminous Intensity: Candela (cd).
  • Luminous Flux: Lumen (lm).
  • Illuminance: Lux (lx) or $lm/m^2$.

Important Conversion Factors for Exams

  • 1hp (British) = 746 Watts
  • 1hp (Metric) = 735.5 Watts
  • 1kWh = 3.6 x 106 Joules
  • 1 Megaohm = 106 Ohms

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