Important MCQ questions and answers of series combination and parallel combination of DC circuit combination for the students of ITI Electrician, which are asked in all types of competition exams and for the students of ITI Electrician, what are these questions from DC circuit every year? There are all types of questions in DC circuit whether it is from series circuit or parallel circuit or mixed circuit, we are answering all types of questions in one line which is very important.
DC Circuits Question Answer
प्रश्न – एक 0.4 ओम प्रतिरोध के तार की लंबाई दोगुनी करने पर प्रतिरोध हो जाएगा
प्रश्न – कैपेसिटर में परावैद्युत हानियों का कारण होता है
उत्तर – क्षरण धारा
प्रश्न – कुंडली का Q बढ़ाने के लिए कुंडली में प्रयुक्त किया जाना चाहिए
उत्तर – मोटा तार
प्रश्न – यह नियम “डी सी परिपथ में विद्युत धारा विभवांतर तथा प्रतिरोध संबंध में स्थापित किया गया है” इस कथन में किस नियम के विषय में बताया गया है
उत्तर – ओम का नियम
प्रश्न – एक 2 पोर्ट नेटवर्क में हाइब्रिड पैरामीटर प्रदर्शित करते हैं
उत्तर – U2 तथा 11 के पदों में U1, I2 को
प्रश्न – 1 कैपेसिटर पूर्णतः आवेशित हो जाता है
उत्तर – 5T में
प्रश्न – “इस उपकरण का प्रयोग व्हीटस्टोन ब्रिज में अज्ञात महान वाले प्रतिरोध का मान ज्ञात करने के लिए किया जाता है” इस कथन में किस उपकरण की ओर संकेत किया गया है
उत्तर – पोस्ट ऑफिस बॉक्स
प्रश्न – व्हीटस्टोन ब्रिज में कितने प्रतिरोध लगाए जाते हैं
उत्तर – 4
प्रश्न – जटिल दिष्ट धारा परिपथ के लिए किस रूसी वैज्ञानिक ने 2 नियम प्रतिपादित किया
उत्तर – किरचॉफ
प्रश्न – किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई के
उत्तर – अनुक्रमानुपाती होता है
प्रश्न – विशिष्ट प्रतिरोध का विपरीत प्रभाव क्या कहलाता है
उत्तर – विशिष्ट चालकता
प्रश्न – जब किसी चालक में से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तब वह चालक
उत्तर – गर्म हो जाता है
प्रश्न – “यह किसी विद्युत उपकरण में आउटपुट का इनपुट से अनुपात होता है” इस कथन में किस पद की ओर संकेत किया गया है
उत्तर – वैद्युतिक दक्षता
प्रश्न – नॉर्टन में से प्राप्त होता है
उत्तर – धारा स्रोत एवं एक प्रतिबाधा समांतर क्रम में
प्रश्न – किसी परिपथ में अधिकतम पावर ट्रांसफर के समय पावर ट्रांसफर की दक्षता क्या होती है
उत्तर – 50%
प्रश्न – एक Constant-K के बैंड स्टाप फिल्टर में सेंट एलिमेंट होता है
उत्तर – श्रेणी परिपथ
प्रश्न – विशिष्ट प्रतिरोध किसे कहते हैं
उत्तर – किसी पदार्थ के इकाई धन आवेश के आमने-सामने के सिरे के मध्य के प्रतिरोध को उस पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध कहा जाता है इसे rho (ρ) से प्रदर्शित किया जाता है
प्रश्न – व्हीटस्टोन सेतु का उपयोग किसमें किया जाता है
उत्तर – पोस्ट ऑफिस बॉक्स में, मीटर सेतु में
प्रश्न – 1800 ओम प्रतिरोधक का प्रतिरोध मान दर्शाया जाता है
ITI Electrician 1st Year Latest NIMI Pattern Mock test for ITI Candidate all Question for best CBT Exam Skills and Practice sets Improve Your Trade Theory Knowledge
Learn Welding Symbols Chart with complete meanings, types, PDF, examples, and welding drawing symbols. Complete guide for ITI, NCVT and welding students.ITI Fitter Very Most Important Welding Symbols Chart for ITI Fitter theory and Engineering Drawing PDF for NIMI CBT Examination all Symbols are Important.
वेल्डिंग सिंबल्स (Welding Symbols) वे चिन्ह होते हैं जिनका उपयोग वेल्डिंग ड्रॉइंग या इंजीनियरिंग ड्रॉइंग में किया जाता है ताकि यह बताया जा सके कि किसी जॉइंट (Joint) पर किस प्रकार की वेल्डिंग की जाएगी। इन चिन्हों की मदद से वेल्डर को यह जानकारी मिलती है कि वेल्ड की लोकेशन, प्रकार, साइज़, गहराई और कोण क्या होंगे।
उदाहरण के लिए, फिलेट वेल्ड, ग्रूव वेल्ड, बट वेल्ड आदि के लिए अलग-अलग सिंबल्स निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार वेल्डिंग सिंबल्स के माध्यम से जटिल जानकारी को आसान चिन्हों में व्यक्त किया जाता है, जिससे निर्माण कार्य में सटीकता और दक्षता बढ़ती है।
वेल्डिंग सिंबल्स की परिभाषा
वेल्डिंग सिंबल्स ऐसे मानक संकेत (Standard Symbols) हैं जिनका उपयोग वेल्डिंग जॉइंट्स को दर्शाने के लिए इंजीनियरिंग या फेब्रिकेशन ड्रॉइंग्स में किया जाता है। इनका उद्देश्य यह बताना होता है कि वेल्डिंग कहाँ, कैसे और किस तरह की करनी है।
वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग क्यों किया जाता है
वेल्डिंग सिंबल्स की मदद से ड्रॉइंग पढ़ने वाला व्यक्ति (जैसे वेल्डर या फैब्रिकेटर) को सटीक जानकारी मिलती है कि किस प्रकार का वेल्ड चाहिए, उसकी गहराई, कोण और स्थिति क्या होगी। इससे गलतियों की संभावना कम होती है और समय की बचत होती है।
वेल्डिंग सिंबल्स कहाँ उपयोग किए जाते हैं
वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग आई.टी.आई. (ITI), एन.सी.वी.टी. (NCVT), वर्कशॉप और इंडस्ट्री में व्यापक रूप से किया जाता है। वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग इंजीनियरिंग ड्रॉइंग और तकनीकी डिज़ाइन में किया जाता है ताकि वेल्डर को यह समझाया जा सके कि वेल्ड कहाँ, किस प्रकार और कितने आकार में करना है।
मुख्य उपयोग:
इंजीनियरिंग ड्रॉइंग में मशीन और स्ट्रक्चर की ड्रॉइंग पर वेल्ड की जानकारी देने के लिए।
स्टील फैब्रिकेशन इंडस्ट्री में गेट, ब्रिज, बिल्डिंग फ्रेम, टॉवर आदि बनाने में।
पाइपलाइन उद्योग में तेल, गैस और पानी की पाइप वेल्डिंग के लिए।
ऑटोमोबाइल उद्योग में कार, ट्रक, बाइक और अन्य वाहनों के पार्ट्स जोड़ने में।
शिप बिल्डिंग में जहाजों के विभिन्न भागों को जोड़ने में।
रेलवे उद्योग में रेल कोच और अन्य संरचनाओं के निर्माण में।
मैन्युफैक्चरिंग और मशीन निर्माण में मशीनों के पार्ट्स जोड़ने और निर्माण के लिए।
ITI और NCVT प्रशिक्षण में छात्रों को वेल्डिंग ड्रॉइंग पढ़ना और समझना सिखाने के लिए।
वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, स्टील फैब्रिकेशन, पाइपलाइन, ऑटोमोबाइल, शिप बिल्डिंग, रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों में किया जाता है। इन सिंबल्स की सहायता से वेल्डर को वेल्ड के प्रकार, स्थान और आकार की सही जानकारी मिलती है।
Fitter Welding Symbols Chart
Type Welding
Sectional Representation & Symbol
Single Bevel Butt Weld with board Root Face
Butt Weld between flanged Plates (Flanges melted down completely)
Single- J butt weld
Single V butt weld with board root face
Single V butt weld
Plug weld (Circular or Elongated hold, completely filled)
Square butt Weld
Spot Weld (Resistance or Arc Welding or projection weld)
Single bevel butt Weld
Flat (Flush) single-V butt weld
Fillet weld
Concave fillet weld
Backing or sealing run
Flat (Flush) single V butt weld with flat backing run
single butt weld
Convex double V butt weld
Seam weld
वेल्डिंग सिंबल्स के प्रकार, अर्थ और उपयोग
Symbol
Name
Use
Example
△
Fillet weld
Joining T-joints
Structural steel
V
V-groove
Thick plates
Pipe welding
U
U-groove
Heavy fabrication
Pressure vessel
J
J-groove
Single-side preparation
Industry use
Square
Square groove
Thin plates
Sheet metal
वेल्डिंग सिंबल्स कैसे पढ़ें
वेल्डिंग सिंबल्स ड्रॉइंग की भाषा होते हैं, जो वेल्डर को यह जानकारी देते हैं कि किसी जॉइंट पर किस प्रकार की वेल्ड करनी है, उसकी स्थिति क्या होगी, और उसका आकार या लंबाई कितनी होगी। वेल्डिंग ड्रॉइंग को सही तरीके से पढ़ने के लिए इन सिंबल्स की संरचना और उनके भागों को समझना आवश्यक है।
वेल्डिंग सिंबल्स मुख्यतः रेफरेंस लाइन (Reference Line), एरो (Arrow), और सिंबल (Weld Symbol) से मिलकर बनते हैं। नीचे प्रत्येक भाग का विवरण दिया गया है:
1. रेफरेंस लाइन के ऊपर का सिंबल (Symbol Above Reference Line)
जब वेल्डिंग सिंबल रेफरेंस लाइन के ऊपर दिया जाता है, तो इसका अर्थ है कि वेल्ड जॉइंट के उस हिस्से पर किया जाएगा जो एरो के विपरीत दिशा में है, यानी दूसरी ओर (Other Side) पर। उदाहरण: यदि किसी ड्रॉइंग में ग्रूव वेल्ड सिंबल लाइन के ऊपर दिखाया गया है, तो वह वेल्ड जॉइंट की दूसरी तरफ किया जाना चाहिए।
2. रेफरेंस लाइन के नीचे का सिंबल (Symbol Below Reference Line)
यदि वेल्डिंग सिंबल रेफरेंस लाइन के नीचे बना हुआ है, तो इसका अर्थ है कि वेल्ड को एरो की दिशा वाली ओर (Arrow Side) पर करना है। यह नियम वेल्डिंग ड्रॉइंग्स में बहुत महत्त्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे यह तय होता है कि वेल्डर किस साइड पर काम करेगा।
3. एरो साइड (Arrow Side)
एरो (Arrow) वेल्डिंग सिंबल का मुख्य भाग होता है जो यह बताता है कि वेल्डिंग किस जॉइंट पर की जानी है।
यदि सिंबल रेफरेंस लाइन के नीचे है → वेल्ड एरो साइड पर होगा।
यदि सिंबल रेफरेंस लाइन के ऊपर है → वेल्ड दूसरी साइड पर होगा।
एरो किसी विशेष प्लेट, पाइप या फ्रेम के उस भाग को इंगित करता है जहाँ वेल्ड की आवश्यकता होती है।
4. दूसरी ओर (Other Side)
Other Side वह हिस्सा होता है जो एरो द्वारा इंगित दिशा के विपरीत होता है। इसका संकेतक वेल्डिंग सिंबल की स्थिति द्वारा तय होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी जॉइंट में दोनों साइड पर वेल्डिंग चाहिए, तो सिंबल को रेफरेंस लाइन के ऊपर और नीचे दोनों ओर दिखाया जाता है।
5. साइज वैल्यूज़ (Size Values)
वेल्डिंग सिंबल के पास अक्सर संख्याएं (Numbers) दी जाती हैं जो उस वेल्ड के आकार (Size) को दर्शाती हैं। उदाहरण:
फिलेट वेल्ड के लिए यह साइज वेल्ड के पैर (Leg) की लंबाई को दिखाता है।
ग्रूव वेल्ड के लिए यह वेल्ड की गहराई या गू्रव की गहराई बताता है।
यह जानकारी वेल्डिंग की गुणवत्ता और स्ट्रेंथ दोनों के लिए बहुत आवश्यक होती है।
6. लंबाई (Length Values)
कई बार वेल्डिंग ड्रॉइंग में यह भी बताया जाता है कि वेल्ड कितनी लंबाई तक करनी है।
यह रेफरेंस लाइन के दाएँ हिस्से में लिखा जाता है।
यदि केवल आंशिक (intermittent) वेल्डिंग करनी हो, तो यह लंबाई बार-बार दोहराई जाती है।
उदाहरण: “6 – 50” का अर्थ है — प्रत्येक 6 मिमी लंबाई के वेल्ड 50 मिमी के अंतराल पर किए जाएंगे।
7. पिच वैल्यूज़ (Pitch Values)
Pitch Value वह दूरी होती है जो दो लगातार वेल्डों के केंद्रों के बीच होती है।
इसे “Length” की वैल्यू के बाद दिया जाता है।
इससे यह तय होता है कि वेल्डिंग कहां-कहां पर दोहराई जाएगी।
उदाहरण: यदि किसी सिंबल में “10 – 50” लिखा हो, तो इसका अर्थ है कि 10 मिमी लंबाई के वेल्ड्स 50 मिमी के अंतर पर दोहराए जाएंगे।
Most Important Question Answer
वेल्डिंग सिंबल्स क्या हैं?
वेल्डिंग सिंबल्स वे मानक चिन्ह (Standard Symbols) हैं जो वेल्डिंग ड्रॉइंग में उपयोग किए जाते हैं ताकि यह बताया जा सके कि किसी जॉइंट पर किस प्रकार की वेल्डिंग की जाएगी, उसकी स्थिति, आकार और प्रकार क्या होगा।
वेल्डिंग सिंबल्स महत्त्वपूर्ण क्यों हैं?
वेल्डिंग सिंबल्स महत्त्वपूर्ण इसलिए हैं क्योंकि:
ये डिजाइनर और वेल्डर के बीच स्पष्ट संचार (Clear Communication) सुनिश्चित करते हैं।
वेल्डिंग की सटीकता, गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाते हैं।
ड्रॉइंग पढ़ने में समय बचाते हैं और त्रुटियाँ कम करते हैं।
फिलेट वेल्ड सिंबल क्या होता है?
फिलेट वेल्ड सिंबल एक त्रिकोण के आकार का चिन्ह होता है जिसे दो प्लेटों के बीच कोने (Corner), टी-जॉइंट (T-Joint) या लैप जॉइंट (Lap Joint) के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग दो धातु सतहों को 90° कोण पर जोड़ने के लिए किया जाता है।
ग्रूव वेल्ड क्या है?
ग्रूव वेल्ड वह वेल्ड होता है जिसमें दो प्लेटों के किनारों को किसी विशेष आकार (जैसे V, U, J, Bevel आदि) में काटकर जोड़ा जाता है। यह आमतौर पर मोटी प्लेटों के लिए प्रयोग किया जाता है ताकि पूर्ण पैठ (Full Penetration) प्राप्त हो सके।
एरो लाइन क्या होती है?
एरो लाइन वेल्डिंग सिंबल का वह भाग है जो यह दर्शाता है कि वेल्डिंग किस जॉइंट या भाग पर की जानी है। यह रेफरेंस लाइन से जुड़ी होती है और जॉइंट के किसी विशेष बिंदु की ओर इशारा करती है।
रेफरेंस लाइन क्या होती है?
रेफरेंस लाइन वेल्डिंग सिंबल का मुख्य भाग (Main Element) होती है जिसके ऊपर या नीचे वेल्ड सिंबल बनाए जाते हैं।
ऊपर का सिंबल (Above Line) = दूसरी साइड (Other Side) पर वेल्ड।
नीचे का सिंबल (Below Line) = एरो साइड (Arrow Side) पर वेल्ड।
AWS वेल्डिंग स्टैंडर्ड क्या है?
AWS (American Welding Society) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो वेल्डिंग प्रक्रियाओं, सिंबल्स, और मानकों को परिभाषित करता है।
वेल्डिंग सिंबल्स के लिए मानक है: AWS A2.4 – Standard Symbols for Welding, Brazing, and Nondestructive Examination.
वेल्डिंग ब्लूप्रिंट सिंबल्स को कैसे पढ़ें?
वेल्डिंग ब्लूप्रिंट को पढ़ते समय ध्यान दें:
सिंबल की स्थिति (रेफरेंस लाइन के ऊपर या नीचे)
एरो की दिशा (Arrow Side या Other Side)
संख्याएं (Size, Length, Pitch Values)
अतिरिक्त चिन्ह (Tail, Finish Symbols, Contour Symbols) इन सभी तत्वों को मिलाकर वेल्डिंग निर्देश पूरे समझे जाते हैं।
ITI परीक्षा में कौन-कौन से वेल्डिंग सिंबल्स पूछे जाते हैं?
ITI और NCVT परीक्षाओं में सामान्यत: निम्नलिखित सिंबल्स पूछे जाते हैं:
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ITI Fitter Question Answer in Hindi for Measurement and Measuring Unit Pdf Most Important Short Question in Hindi for ITI Fitter Candidate Online Test for CBT Examination
Fitter Question Answer
प्रश्न – माप लेने की दो विधियां कौन सी होती हैं
उत्तर – प्रत्यक्ष माप व अप्रत्यक्ष माप
प्रश्न – स्टील रूल वर्नियर कैलिपर तथा माइक्रोमीटर उपकरण है
उत्तर – प्रत्यक्ष माप लेने की
प्रश्न – आउट साइट के लिए एवं इनसाइड, कैलिपर उपकरण है
उत्तर – अप्रत्यक्ष माप लेने की
प्रश्न – रूल का प्रयोग किए होता है
उत्तर – किसी जॉब की लंबाई मापने में
प्रश्न – स्टील रूल प्रायः बनाई जाती है
उत्तर – stainless-steel स्प्रिंग स्टील अथवा हाई कार्बन स्टील के
प्रश्न – स्टील रूल का साइज निर्धारित होता है
उत्तर – इसकी लंबाई और इस पर अंकित इंच या सेंटीमीटर के निशान द्वारा
प्रश्न – स्टील रूल द्वारा लिए जाने वाले न्यूनतम माप हो सकती है
उत्तर – 1″/64 या 1/2 mm
प्रश्न – स्टील रूल जो अधिकतम प्रयोग होता है की साइज होती है
उत्तर – 6 इंच से 12 इंच अथवा 15 सेंटीमीटर से 30 सेंटीमीटर
प्रश्न – वृत्ताकार आकृति वाले कार्य की माप के लिए प्रयुक्त स्टील रूल होता है
उत्तर – लचकदार स्टील रूल
प्रश्न – लचकदार स्टील रूल बनाया जाता है
उत्तर – स्प्रिंग स्टील की पतली पत्ती से
प्रश्न – खांचे या कमजोरी नाली की माप के लिए किस रूल का प्रयोग होता है
उत्तर – नैरो रूल
प्रश्न – नैरो रूल की लंबाई प्रायः होती है
उत्तर – 5 मिलीमीटर
प्रश्न – नैरो रूल प्रयोग किए जाते हैं
उत्तर – प्रायः 20 से 30 सेंटीमीटर तक लंबाई के माप के लिए
प्रश्न – किसी खोखले पाइप या सुराख़ के अंदर के किनारों से माप लेने के लिए प्रयुक्त होता है
उत्तर – हुक रूल
प्रश्न – इनसाइड कैलिपर और डिवाइडर पर साइज को सेट करने के लिए प्रयुक्त होता है
उत्तर – हुक रूल
प्रश्न – हुक रूल का साइज प्रायः होता है
उत्तर – 12 या 30 सेंटीमीटर
प्रश्न – श्रिंक रूल का अधिकतम प्रयोग किया जाता है
उत्तर – पैटर्न मेकर द्वारा
प्रश्न – वर्गाकार कार्यों पर लंबाई में समांतर रेखाएं खींचने के लिए प्रयुक्त रूल कौन सी है
उत्तर – की सीट रूल
प्रश्न – श्रिंक रोल को निर्दिष्ट किया जाता है
उत्तर – इसकी लंबाई एवं श्रिंक अलाउंस के द्वारा
प्रश्न – श्रिंक रूल पर निशान बने होते हैं
उत्तर – 1/10″ से 1/16″ प्रति फिट, साधारण इंच से बड़े
प्रश्न – शाफ्ट पर चाबी धार के चिन्ह के लिए प्रयुक्त रूल है
उत्तर – की सीट रूल
प्रश्न – की सीट रूल का आकार होता है
उत्तर – आयरन एंगल की तरह
प्रश्न – एक गोल चपटे डिब्बे में फिट लचकदार रूल कहलाता है
उत्तर – स्टील टेप रूल
प्रश्न – टेढ़ी-मेढ़ी सरहो की माप के लिए प्रयुक्त रूल होता है
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Most Important Engineering Drawing Question Paper 2022 for ITI Introduction of Engineering Drawing Question answer all Question are Important for ITI CBT Exam
Engineering Drawing Question Paper with Answer
प्रश्न – उस रेखाचित्र उपकरण का नाम बताइए जिसे स्थानांतरण माप को मापने में प्रयुक्त करते हैं
उत्तर – विभाजक
प्रश्न – इंजीनियरिंग ड्राइंग किसकी भाषा से जानी जाती है
उत्तर – रेखांकित तथा अभियंताओं की भाषा
प्रश्न – सेट स्क्वायर किन किन कोणों में पाए जाते हैं
उत्तर – 30° – 60° तथा 45° – 45°
प्रश्न – ड्राइंग की अनुकृति तैयार करने के लिए प्रयोग में लिए जाने वाले पन्ने को किस नाम से जाना जाता है
उत्तर – ट्रेसिंग पेपर
प्रश्न – ड्राइंग शीट की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात कितना होता है
उत्तर – 1:√2
प्रश्न – अनुप्रस्थ समानांतर रेखाएं खींचने के लिए टी–स्क्वायर के किस भाग का प्रयोग किया जाता है
उत्तर – कार्यकारी या कार्यान्वित कोर
प्रश्न – सेट स्क्वायर का उपयोग किस प्रकार की रेखाएं खींचने के लिए किया जाता है
उत्तर – क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर रेखा, वृत्त के समभागो में विभाजित करने, कोण बनाने तथा समानांतर रेखाएं खींचने में
प्रश्न – आईएस विशेषता के अनुसार A4 साइज के ड्राइंग शीट का अपरिष्कृत माप 240 x 330 मिलीमीटर है तो परिष्कृत बताइए
उत्तर – 210 मिलीमीटर x 297 मिलीमीटर
प्रश्न – किस पदार्थ से ड्राइंग पेंसिल बनती है
उत्तर – ग्रेफाइट तथा केओलिन (मिट्टी)
प्रश्न – HB पेंसिल में HB का क्या अर्थ है
उत्तर – हार्ड बांड
प्रश्न – 2H ग्रेड की पेंसिल किस प्रकार की रेखाएं खींचने में प्रयोग ली जाती हैं संक्षिप्त में उत्तर दें
उत्तर – केंद्र रेखा विच्छेद रेखा ऑब्जेक्ट रेखा
प्रश्न – कला एवं छायांकन कार्य हेतु किस ग्रेड की पेंसिल का उपयोग किया जाता है|
उत्तर – 4B – 7B
प्रश्न – विमा, तीर एवं अक्षराकन कार्य हेतु किस ग्रेड की पेंसिल का प्रयोग किया जाता है
उत्तर – H
प्रश्न – कठोर श्रेणी के पेंसिल कि ग्रेड लिखिए
उत्तर – 9H से 4H तक
प्रश्न – मध्यम श्रेणी की पेंसिल की ग्रेड लिखिए
उत्तर – 3H,2H,H,HB,B
प्रश्न – मृदु श्रेणी की पेंसिल की ग्रेड लिखिए
उत्तर – 2B – 7B
प्रश्न – ड्राइंग बोर्ड लकड़ी की पट्टी से क्यों बनाया जाता है संक्षिप्त में उत्तर दीजिए
उत्तर – मौसम की नमी के कारण बोर्ड को प्रसार या सिकुड़न से बचाने के लिए
प्रश्न – मिनी ड्रॉफ्टर का उपयोग लिखिए
उत्तर – मिनी ड्रॉफ्टर में टी -स्क्वायर सेट स्क्वायर चांदा एवं स्केल का समायोजित रुप होने के कारण इसका उपयोग ड्राइंग बनाने में किया जाता है
प्रश्न – ड्राइंग बनाने में कौन-कौन से उपकरण की आवश्यकता होती है
उत्तर – ड्राइंग बोर्ड, ड्राइंग शीट, टी स्क्वायर, सेट स्क्वायर, प्रोटेक्टर, फ्रेंच कर्व, रबड़, बोर्ड, क्लिप, डिवाइडर, पेंसिल विभिन्न ग्रेड की
प्रश्न – टी स्क्वायर को किस प्रकार निर्दिष्ट किया जाता है
उत्तर – लंबाई से जैसे – T0 – 1500MM, T1 – 1000MM, T2 – 700MM, T3 – 500MM
प्रश्न – लैमिनेट सतह वाले ड्राइंग बोर्ड की सतह समतलता जांच कैसे की जाती है
उत्तर – प्रकाश गुजार कर यदि प्रकाश बिल्कुल आरपार नहीं जाता है तो मान लिया जाता है कि सतह और समतल है
प्रश्न – किस मौसम में पेंसिल लीड मृदु तथा कठोर हो जाती है
उत्तर – मृदु – गर्मी के मौसम में, कठोर – ठंडे मौसम में
प्रश्न – उच्च ग्रेड वाले ड्राइंग उपकरण किस धातु के बनाए जाते हैं
प्रश्न – इंजीनियरिंग ड्राइंग पेंसिल का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल षुष्ट्भुजाकार क्यों रखा जाता है
उत्तर – षुष्ट्भुजाकार अनुप्रस्थ काट वाली पेंसिल को गोल घुमा कर सामान मोटाई की रेखाएं खींचने में आसानी रहती है तथा ढाल वाली सतह पर नीचे गिरने की संभावना नहीं रहती है
प्रश्न – ड्राइंग बोर्ड के उस भाग का नाम बताइए जिस पर टी स्क्वायर का शीर्ष सरकता है
ITI Workshop Calculation and Science Most Important Short Question (One Liner) Question answer in for ITI All Trade in PDF Hindi NIMI Question Bank Paper for ITI’s Candidate
WCS Units Questions Answer Paper
प्रश्न – 52 किलोग्राम को पाउंड में बदलिए
उत्तर – 114.66 पाउंड (1 Kg = 2.205 Lbs)
प्रश्न – 205 लीटर को गैलन में बदलिए (NCVT 1994)
उत्तर – 45.10 गैलन (1लीटर = 0.22 गैलन )
प्रश्न – 92 डिग्री फारेनहाइट को डिग्री सेल्सियस में बदले (NCVT 1996)
उत्तर – 33.3 डिग्री सेल्सियस
प्रश्न – 32 डिग्री फारेनहाइट तथा 212 डिग्री फारेनहाइट को डिग्री सेल्सियस में बदलिए
उत्तर – 32 डिग्री फारेनहाइट = 0 डिग्री सेल्सियस तथा 212 डिग्री फारेनहाइट = 100 डिग्री सेल्सियस
प्रश्न – 35 किलोग्राम को पौंड में रूपांतरित कीजिए
उत्तर – 77.17 पाउंड (1 किलोग्राम =2.205 पाउंड )
प्रश्न – 3 घंटे 10 मिनट 4 सेकंड में रूपांतरित कीजिए
उत्तर – 11400 सेकंड (1 घंटे = 3600 सेकंड)
प्रश्न – 7 वर्ष 8 माह 23 दिनों को दिनों में रूपांतरित कीजिए
उत्तर – 2819 दिन
प्रश्न – 5 गैलन को लीटर में रूपांतरित कीजिए (NCVT 1998)
उत्तर – 22.73 लीटर (1 गैलन = 4.5446 लीटर)
प्रश्न – सेंटीग्रेड फारेनहाइट व रयूमर में संबंध लिखिए (NCVT 2008)
उत्तर – °C/5 = °F-32/9 = °R/4
प्रश्न – यदि एक गैलन तेल की कीमत 1.7 रुपए हो तो 1 लीटर तेल की कीमत ज्ञात करें
उत्तर – 0.35₹ or 35Paise
प्रश्न – निम्नलिखित केल्विन पैमाने की रीडिंग को सेंटीग्रेड पैमाने में बदलिए 273°K, 373 °K, 1200°K (Hint 1°K = °C+273° or °C =°K-273°) (NCVT 2007)
उत्तर – (i) 0 °C (ii) 100°K (iii) 927 °C
प्रश्न – ऊर्जा के मात्रक न्यूटन मीटर प्रति सेकंड तथा वाट के बीच में क्या संबंध है
उत्तर – न्यूटन मीटर प्रति सेकंड = वाट
प्रश्न – मीटर किलोग्राम सेकंड प्रणाली में यूनिट ऑफ मोमेंट को क्या कहा जाता है संक्षिप्त में उत्तर दें
उत्तर – किलोग्राम मीटर
प्रश्न – SI यूनिट में हीट की मात्रा का व्युत्पन्न यूनिट क्या है
उत्तर – 1 जूल
प्रश्न – किसी अनुप्रयोग में एक न्यूटन का बल एक बिंदु से 1 मीटर की दूरी पर तय करता है उपरोक्त कथन की एस आई इकाई को दर्शाइए
उत्तर – 1 जूल
प्रश्न – रयूमर पैमाने पर निम्न तापमान क्या होगा यदि इस बात का रंग 2282 डिग्री फारेनहाइट पर श्वेत हो जाता है
उत्तर – F-32/9 = R/4, 2282°F – 32°F/9 = R/4, 9R = 2250 x 4, R = 2250×4/9 = 1000°R
प्रश्न – 30.32 कि.जूल /सेकंड = …. न्यूटन मीटर /सेकंड
उत्तर – 1 जूल /सेकंड = 1 न्यूटन मीटर /सेकंड, 1 कि.जूल /सेकंड = 1000 न्यूटन मीटर /सेकंड, 32.32 कि.जूल /सेकंड = 30.32 x 1000 न्यूटन मीटर /सेकंड = 30320 न्यूटन मीटर /सेकंड
प्रश्न – 0.975 mA = …..μA
उत्तर – 0.975mA = 0.975 x 103 μA = 975 μA
प्रश्न – 8.7 गीगाहर्टज को मेगाहर्ट्ज में बदलिए
उत्तर – 8.7 GHz = 8.7 x 103 MHz = 8700 MHz
प्रश्न – 20 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी को वेवलेंथ में बदलिए
उत्तर – 20MHz = 3×108/20×106 m = 60m
प्रश्न – 95687 माइक्रोएम्पीयर को एंपियर में बदलें
उत्तर – 95678μA = 95678 x 106 Amp = 0.095678 Amp
प्रश्न – 0.005μF को pF में बदलिए
उत्तर – 0.005μF = 0.005 x 106pF = 5000pF
प्रश्न – 50 मीटर वेव लेंथ को किलोहर्टज फ्रीक्वेंसी में बदलिए
उत्तर – 50 मीटर = 3×108/50×103 = KHz = 5995.85 KHz
प्रश्न – 8400 पिको फैरड को एवं 0.02 मिली फैरड को माइक्रो फैरड में बदलो
उत्तर – 84.00pF = 8400 x 10-6 = 0.0084μF, 0.02mF = 0.02 x 103 = 20μF
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डीसी जनरेटर क्या है (What is DC Generator In Hindi) ?डीसी जनरेटर कितने प्रकार के होते हैं ? वह उनका कार्य सिद्धांत क्या है ? हम इसके बारे में विस्तार से जानते हैं
चुंबक के प्रयोग के आधार पर व फराडे के नियमों के आधार पर विद्युत उत्पन्न करने वाली मशीन विद्युतीय कार्यों के लिए बहुत उपयोगी बन गई है यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने वाली मशीन को डीसी जनरेटर कहते है यह डीसी धारा उत्पन्न करती है|
डीसी जनरेटर का कार्य सिद्धांत क्या है?
डीसी जनरेटर में एक स्प्लिट रिंग लगी होती है आर्मेचर के चालको के कनेक्शन किए जाते हैं जनरेटर जिसमें स्प्लिट रिंग लगी होती है वह प्रत्यावर्ती धारा सप्लाई देता है यह ध्यान रखें कि फैराडे के नियमानुसार उत्पन्न होने वाला EMF हमेशा प्रत्यावर्ती ही होता है|
चित्र 1
चित्र एक के अनुसार उत्तर (N) व दक्षिण (S) दो चुंबकत्व ध्रुवो के मध्य चालक को लूप में दिखाया गया है यदि यह चालक बाई और घूम रहा है तो स्प्लिट रिंग भी घूमती है ब्रुश व पोल स्थिर रहते हैं जब चालक जो घूमने वाला है छितिज अवस्था में है तो उत्पन्न EMF ABCD में घटक B (सेगमेंट) से धनात्मक ब्रुश से प्रवाहित होती है व ऋणात्मक ब्रुश A से लोड को ले जाती है|
चित्र 2
चित्र संख्या 2 में जब चालक इस स्थिति में घूम कर आता है कि वह ऊर्ध्वाधर स्थिति में रहे तो ब्रुश दोनों भागों को लघुपत कर देते हैं जिससे उत्पन्न EMF शुन्य हो जाता है कुछ क्षणो के लिए लगे हुए भार में धारा प्रवाहित नहीं होती है|
चित्र 3
चित्र संख्या 3 में जब चालक घूम कर चित्र की स्थिति में आता है तो चालक की भुजा AB दक्षिण ध्रुव (S) क्षेत्र में प्रवेश करती है और उत्पन्न EMF उस दिशा की तुलना में जब उत्तर (N) ध्रुव के क्षेत्र में गतिमय था तो चित्र संख्या 1 के अनुसार EMF उत्पन्न करती है लेकिन इस स्थिति में स्प्लिट रिंग A व B भी अपनी स्थितियों को परिवर्तित करते हैं क्योंकि वह चालक के साथ घूमती हैं जब चालक में AB और CD भुजाएं में EMF उत्पन्न होती है तो स्प्लिट रिंग के भागों से जुड़े संबंध एक साथ स्थिर ब्रुशों के अंतर्गत अपनी स्थितियों को परिवर्तित करते हैं इस प्रकार ब्रुशों की ध्रुवता स्थिर रहती है चित्र संख्या 1 व चित्र संख्या 3 में भार में धारा की दिशा समान रहती है|
चित्र 4
चित्र संख्या 4 के अनुसार दिष्ट धारा की उत्पत्ति को दर्शाया गया है यदि एक चालक की अपेक्षा कई चालकों से वाइंडिंग करके उसके कनेक्शन कमयुटेटर पर किए जाए तो उत्पन्न e.m.f. को बढ़ाकर स्थिर दिष्ट धारा को अच्छे रूप में प्राप्त किया जा सकता है इसके लिए क्षेत्र ध्रुवो की संख्या में वृद्धि व आर्मेचर में विभिन्न क्वाइलों के द्वारा वाइंडिंग करना अर्थात क्वायल संख्या अधिक हो तो दिष्ट धारा का उत्पादन अच्छे रूप में प्राप्त किया जा सकता है चित्र संख्या 4 में फुल वेव दिष्ट धारा दर्शाई गई है|
स्प्लिट रिंग का एक सेट चित्र 5
बाह्य वेब फॉर्म चित्र 5
चित्र संख्या 5 में दर्शाए अनुसार उत्तर व दक्षिण चुंबको के ध्रुवो के बीच चालक को घुमाया जाता है वह एक ही स्प्लिट रिंग लगाई जाती है वेबफॉर्म दिष्ट धारा चित्र में दर्शाई गई है
स्प्लिट रिंग का 2 सेट चित्र 6
बाह्य वेब फॉर्म चित्र 6
यदि दो क्वायल से वेंडिंग की जाती है और कुल घूमने वाले दो चालकों को स्प्लिट रिंग के दो सेटों से जोड़ा जाता है वह दोनों क्वाइलों में उत्पन्न EMF को स्प्लिट रिंग से कार्बन ब्रश लगाकर प्राप्त किया जाए तो चित्र संख्या 6 के अनुसार दिष्ट धारा की वेव फॉर्म बनती है
चित्र संख्या 7
एक कम्यूटेटर जिसमें कई सारी स्प्लिट रिंग (जो सेगमेंट नाम से भी जानी जाती है जो गोलाई में कमयुटेटर पर आपस में माइका द्वारा इंसुलेटेड होकर फिट होती हैं ) मैं कई क्वाइलों की वाइंडिंग के सिरों को कनेक्ट किया जाता है EMF दिष्ट धारा चित्र संख्या 7 के अनुसार वेव फॉर्म बनाते हैं
डीसी जनरेटर की बनावट व संरचना (Construction of dc generator in Hindi)
डीसी जनरेटर की रेटिंग किलो वाट में आती है यह नेम प्लेट पर कंपनी द्वारा दर्शाया जाता है नेम प्लेट जनरेटर का एक भाग होता है जिस पर यह लगी होती है वह भाग स्टेटर होता है
मुख्य रूप से डीसी जनरेटर की 2 भाग होते हैं
स्टेटर
रोटर
डीसी जनरेटर का स्टेटर (Stator of DC Generator)
डीसी जनरेटर का स्टेटर
वह भाग जो स्थिर रहता है इसमें घूमने वाला कोई अन्य भाग नहीं होता जैसा के चित्र में स्टेटर के बाहरी मुख्य भाग दिखाए गए हैं जो निम्न होते हैं
लिफ्टिंग आई
कास्ट आयरन की बनी बॉडी
नेम प्लेट
फीट
फ्रेम
योक
टर्मिनल बॉक्स
डीसी जनरेटर के स्टेटर में आंतरिक मुख्य भाग निम्न होते हैं
वाइंडिंग (शंट फील्ड वाइंडिंग या सीरीज फील्ड वाइंडिंग )
इंटरपोल
मेन पोल
बेस प्लेट या फीट
साइड कवर
टर्मिनल बॉक्स
डीसी जनरेटर के मुख्य भागों के बारे में विस्तार से विवरण
योक या बॉडी (Yoke or Body)
यह कास्ट आयरन की बनी होती है यह कम किलो वाट के जरनेटर में होती है यदि अधिक किलो वाट की बड़ी जनरेटर है तो उसकी बॉडी नरम स्टील या प्लेटो को काटकर मोड़ कर वेल्डिंग करके तैयार करते हैं डी सी जनरेटर के योक या बॉडी में साइड कवर फिट होते हैं उनमें बेअरिंग का स्थान बना होता है जिससे आर्मेचर की सॉफ्ट घूम सके साइड कवर में जाली लगी होती है बॉडी के ऊपर टर्मिनल बॉक्स लगा होता है अंदर फील्ड पोल्स लगे होते हैं इन्हें बॉडी के साथ बोल्ट से कसा जाता है यह स्टेटर का मुख्य भाग है जो सारे भागों को ढक करता है|
फील्ड पोल्स (Field Pole)
फील्ड पोल्स
इसके मुख्य भाग में पोल शू ,सॉलिड पोल कोर , रीविट्स आदि लगे होते हैं इन्हें बॉडी के अंदर मुख्य पोल के रूप में बोल्ट की सहायता से कसा जाता है फील्ड वाइंडिंग को इनके ऊपर ही लगाया जाता है पोल शू , पोल कोर का आगे का काट क्षेत्रफल बढ़ाते हैं वह आर्मेचर की तरह गोलाई देकर एयर गैप की मात्रा एक जैसी रखते हैं यह सिलीकान स्टील की लैमिनेटेड कोर द्वारा बनाया जाता है लैमिनेटेड कोर की मोटाई 1 मिलीमीटर से 0.2 मिली मीटर तक होती है|
रोटर या आर्मेचर (Rotor or Armature in DC Generator)
जनरेटर के घूमने वाले मुख्य भाग को आर्मेचर कहते हैं आर्मेचर के मुख्य भाग निम्न है
सॉफ्ट
कमयुटेटर
लैमिनेटेड कोर (जिसमें स्लॉट बनी हो)
बेअरिंग
बेअरिंग प्लेट
ब्रश होल्डर
ब्रश रोकर
आर्मेचर वाइंडिंग
फैन ब्लेड
आर्मेचर बेलनाकार आकार की होती है इनमें एक नरम स्टील की सॉफ्ट को लेथ मशीन पर तैयार किया जाता है उस सॉफ्ट पर आर्मेचर के सारे भाग फिट किए जाते हैं व 0.064 मिली मीटर मोटी पत्तियों से गोल आकृति में लैमिनेटेड कोर को कई मात्रा में लेकर एक समूह बनाया जाता है उसके पश्चात उनमें वाइंडिंग करने के लिए खाचे बनाए जाते हैं जिन्हें स्लाइड कहते हैं आर्मेचर में की जाने वाली लेप या वेव वाइंडिंग सुपर इनिमेल तार द्वारा की जाती है
शाफ़्ट पर कम्यूटेटर फिट किया जाता है जिस पर कार्बन ब्रश, ब्रश होल्डर में फिट करके इनके संपर्क में रहते हैं इन कार्बन ब्रशके माध्यम से डीसी सप्लाई बाहर प्राप्त की जाती है आर्मेचर के घूमने के माध्यम में सहयोग भाग बेयरिंग होता है यह बाल बेयरिंग रोलर बेयरिंग के नाम से आती है इसके दोनों और बेअरिंग प्लेट लगी होती है व शाफ़्ट पर फैन ब्लेड लगी होती है आर्मेचर के घूमने के साथ यह भी घूमती है जिससे वाइंडिंग ठंडी रहती है
डीसी जनरेटर का आर्मेचर वाइंडिंग (DC Generator Armature Winding Hindi)
यह लेमिनेटेड कोर के खाँचो है जिन्हें स्लॉट कहते हैं पर की जाती है इसमें क्वायल SE तार द्वारा बनाकर डाली जाती है जिससे बाइंडिंग कहते हैं इस वाइंडिंग का कनेक्शन कम्यूटेटर के सेगमेंट पर किया जाता है यह लैप व वेब दोनों प्रकार की होती हैं लैप वाइंडिंग में जितने पोल होते हैं उतने समांतर पथ होते हैं व वेव वाइंडिंग में 2 पथ होते हैं A =2 , P = A होता है
डीसी जनरेटर का लैमिनेटेड कोर (DC Generator Laminated Core in Hindi)
इसे आर्मेचर कोर भी कहते हैं इसकी डाई द्वारा गोल आकृति में कटिंग की जाती है जिसमें से हवा गुजर सके इसके लिए वायु क्षेत्र होते हैं शाफ्ट के लिए गोल क्षेत्र व कि-वे बना होता है प्रत्येक लैमिनेटेड को आपस में इंसुलेटेड होते हैं जिससे एडी करंट या भंवर धाराएं हानि कम होती है आर्मेचर की कोर मुख्य रूप से चुंबकीय क्षेत्र को घुमावदार रखती है सूक्ष्म रेलेक्टेन्स पर चुंबकीय क्षेत्र फुलक्स का लघुपत प्रदान करता है जिससे चुंबकीय परिपथ योक एवं ध्रुव से पूर्ण होता है 0.5 मिलीमीटर मोटी सिलिकॉन स्टील की बनी लैमिनेटेड कोर होती है आर्मेचर को ठंडा रखने के लिए कोर के आर पार छिद्र किए जाते हैं लैमिनेटेड को जितनी पतली होगी उतना ही एडी करंट हानि कम होगा|
कमयुटेटर (DC Generator Commutator In Hindi)
कमयुटेटर का कार्य आर्मेचर के चालको में उत्पन्न धारा को संग्रह करने का होता है यह दिष्ट धारा देता है अर्थात फैराडे के नियम अनुसार चालकों में उत्पन्न होने वाले e.m.f. सदैव प्रत्यावर्ती धारा होता है बाहरी परिपथ के लिए कमयुटेटर दिष्ट धारा परिवर्तित करता है यह बेलनाकर होता है उच्च चालकता दृढ खींचे हुए ड्राफ फ़ोर्ज़े किए हुए तांबे (हार्ड ड्रन कॉपर) का बना होता है इसमें एक भाग को से सेगमेंट कहते हैं यह सेगमेंट आपस में अभ्रक द्वारा इंसुलेटेड रहती हैं अर्थात सेगमेंट से सेगमेंट के मध्य किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं होता है कमेंटेटर में लगने वाली प्रत्येक सेगमेंट एक दूसरे से इंसुलेटेड रहती हैं प्रत्येक सेगमेंट पर आर्मेचर में की गई वाइंडिंग के क्वाइलों के सिरे को सोल्डिंग द्वारा जोड़ा जाता है सेगमेंट की संख्या आर्मेचर क्वायल के समान होती है अभिकेंद्र बल के कारण चालकों को भागने से व सेगमेंट को भगाने से बचाने हेतु V खांचे बने होते हैं जो कोण आकार के मेकेनाईट अंगूठियों द्वारा इंसुलेटेड होता है|
फिल्ड क्वायल (DC Generator Filed Coil)
डीसी जनरेटर के स्टेटर भाग में योक या बाड़ी के आंतरिक भाग में लगे हुए ध्रुव के ऊपर सुपर इनेमल तार द्वारा पूर्ण तरह से इंसुलेटेड क्वायल सही आकृति में फर्मो पर बनाकर फिट की जाती है लैमिनेटेड पोल शु इसे रोके रखने का कार्य करते हैं क्योंकि ध्रुव के ऊपर ध्रुव शू की चौड़ाई व गोलाई इन्हे रोके रखती है डीसी जनरेटर की बनावट के आधार पर यदि श्रेणी जनरेटर है तो मोटे तार व शंट जनरेटर होंगे अतः पतले तार की क्वायल तैयार की जाती है दोनों क्वायल पर एंपायर टेप या काटन टेप से टैपिंग करके एक ही पोल पर दोनों को फिट किया जाता है यदि जनरेटर कंपाउंड जनरेटर है तो यह संभव है
डीसी सीरीज मोटर में फील्ड वाइंडिंग, सीरीज वाइंडिंग
डीसी शंट जनरेटर में शंट वाइंडिंग
डीसी कंपाउंड जनरेटर में सीरीज फील्ड व शंट फील्ड वाइंडिंग दोनों को फिट किया जाता है
कार्बन ब्रश (Carbon Brush)
ब्रश का मुख्य कार्य कमयुटेटर पर से धारा को एकत्रित करना होता है या कार्बन व ग्रेफाइट के बने होते हैं या आयताकार आकृति में होते हैं इनमें फ्लैक्सिबल तांबे की तार लगी होती है एक साइड में तांबे की अर्ध खुली तार लगी होती है जिससे ब्रश को होल्डर में अच्छी तरह से कसा जा सके|
ब्रश होल्डर (Brush Holder)
यह साइड कवर में लगे रोकर पर फिट होती है इसमें स्प्रिंग लगी होती है जो ब्रश पर दबाव बनाए रखती है स्प्रिंग तनाव के रूप में कमयुटेटर पर प्रेस की सही स्थिति बनाए रखती है एक नरम फ्लैक्सिबल तांबे का चालक जो धारा को ब्रश से रोकर पर लगे टर्मिनल तक लाता है वहां से धारा को टर्मिनल बॉक्स पर लगे टर्मिनलओ तक भेजा जाता है ब्रश होल्डर के निम्नलिखित भाग होते हैं
स्प्रिंग टेंशन एडजेस्टमेंट
ब्रश बॉक्स
कार्बन ब्रश
फ्लैक्सिबल लीड
स्पाइरल स्प्रिंग आदि
बेयरिंग (Bearing)
यह बाल या रोलर बेयरिंग के नाम से आते हैं यह प्रायः कठोर तेल से भरे होते हैं जिससे प्रक्रिया शांत हो एवं बेयरिंग का घिसना कम रहे या सॉफ्ट पर फिट होते हैं तथा आर्मेचर के घूमने पर घर्षण कम करते हैं|
टर्मिनल प्लेट (Terminal Plate)
यह टर्मिनल बॉक्स में फिट होती है यह बेकलाइट की बनी होती है इस पर पीतल के बने टर्मिनल फिट होते हैं|
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