Most Important ITI Fitter Welding Symbols Chart

Learn Welding Symbols Chart with complete meanings, types, PDF, examples, and welding drawing symbols. Complete guide for ITI, NCVT and welding students.ITI Fitter Very Most Important Welding Symbols Chart for ITI Fitter theory and Engineering Drawing PDF for NIMI CBT Examination all Symbols are Important.

Welding Symbols

वेल्डिंग सिंबल्स क्या हैं?

वेल्डिंग सिंबल्स (Welding Symbols) वे चिन्ह होते हैं जिनका उपयोग वेल्डिंग ड्रॉइंग या इंजीनियरिंग ड्रॉइंग में किया जाता है ताकि यह बताया जा सके कि किसी जॉइंट (Joint) पर किस प्रकार की वेल्डिंग की जाएगी। इन चिन्हों की मदद से वेल्डर को यह जानकारी मिलती है कि वेल्ड की लोकेशन, प्रकार, साइज़, गहराई और कोण क्या होंगे।

उदाहरण के लिए, फिलेट वेल्ड, ग्रूव वेल्ड, बट वेल्ड आदि के लिए अलग-अलग सिंबल्स निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार वेल्डिंग सिंबल्स के माध्यम से जटिल जानकारी को आसान चिन्हों में व्यक्त किया जाता है, जिससे निर्माण कार्य में सटीकता और दक्षता बढ़ती है।

वेल्डिंग सिंबल्स की परिभाषा

वेल्डिंग सिंबल्स ऐसे मानक संकेत (Standard Symbols) हैं जिनका उपयोग वेल्डिंग जॉइंट्स को दर्शाने के लिए इंजीनियरिंग या फेब्रिकेशन ड्रॉइंग्स में किया जाता है। इनका उद्देश्य यह बताना होता है कि वेल्डिंग कहाँ, कैसे और किस तरह की करनी है।

वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग क्यों किया जाता है

वेल्डिंग सिंबल्स की मदद से ड्रॉइंग पढ़ने वाला व्यक्ति (जैसे वेल्डर या फैब्रिकेटर) को सटीक जानकारी मिलती है कि किस प्रकार का वेल्ड चाहिए, उसकी गहराई, कोण और स्थिति क्या होगी। इससे गलतियों की संभावना कम होती है और समय की बचत होती है।

वेल्डिंग सिंबल्स कहाँ उपयोग किए जाते हैं

वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग आई.टी.आई. (ITI), एन.सी.वी.टी. (NCVT), वर्कशॉप और इंडस्ट्री में व्यापक रूप से किया जाता है।
वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग इंजीनियरिंग ड्रॉइंग और तकनीकी डिज़ाइन में किया जाता है ताकि वेल्डर को यह समझाया जा सके कि वेल्ड कहाँ, किस प्रकार और कितने आकार में करना है।

मुख्य उपयोग:

  1. इंजीनियरिंग ड्रॉइंग में
    मशीन और स्ट्रक्चर की ड्रॉइंग पर वेल्ड की जानकारी देने के लिए।
  2. स्टील फैब्रिकेशन इंडस्ट्री में
    गेट, ब्रिज, बिल्डिंग फ्रेम, टॉवर आदि बनाने में।
  3. पाइपलाइन उद्योग में
    तेल, गैस और पानी की पाइप वेल्डिंग के लिए।
  4. ऑटोमोबाइल उद्योग में
    कार, ट्रक, बाइक और अन्य वाहनों के पार्ट्स जोड़ने में।
  5. शिप बिल्डिंग में
    जहाजों के विभिन्न भागों को जोड़ने में।
  6. रेलवे उद्योग में
    रेल कोच और अन्य संरचनाओं के निर्माण में।
  7. मैन्युफैक्चरिंग और मशीन निर्माण में
    मशीनों के पार्ट्स जोड़ने और निर्माण के लिए।
  8. ITI और NCVT प्रशिक्षण में
    छात्रों को वेल्डिंग ड्रॉइंग पढ़ना और समझना सिखाने के लिए।

वेल्डिंग सिंबल्स का उपयोग इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, स्टील फैब्रिकेशन, पाइपलाइन, ऑटोमोबाइल, शिप बिल्डिंग, रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों में किया जाता है। इन सिंबल्स की सहायता से वेल्डर को वेल्ड के प्रकार, स्थान और आकार की सही जानकारी मिलती है।

Fitter Welding Symbols Chart

Type WeldingSectional Representation
&
Symbol
Single Bevel Butt Weld with board Root Face
Butt Weld between flanged Plates
(Flanges melted down completely)
Single- J butt weld
Single V butt weld with board root face
Single V butt weld
Plug weld (Circular or Elongated hold, completely filled)
Square butt Weld
Spot Weld (Resistance or Arc Welding or projection weld)
Single bevel butt Weld
Flat (Flush) single-V butt weld
Fillet weld
Concave fillet weld
Backing or sealing run
Flat (Flush) single V butt weld with flat backing run
single butt weld
Convex double V butt weld
Seam weld

वेल्डिंग सिंबल्स के प्रकार, अर्थ और उपयोग

SymbolNameUseExample
Fillet weldJoining T-jointsStructural steel
VV-grooveThick platesPipe welding
UU-grooveHeavy fabricationPressure vessel
JJ-grooveSingle-side preparationIndustry use
SquareSquare grooveThin platesSheet metal

वेल्डिंग सिंबल्स कैसे पढ़ें

वेल्डिंग सिंबल्स ड्रॉइंग की भाषा होते हैं, जो वेल्डर को यह जानकारी देते हैं कि किसी जॉइंट पर किस प्रकार की वेल्ड करनी है, उसकी स्थिति क्या होगी, और उसका आकार या लंबाई कितनी होगी। वेल्डिंग ड्रॉइंग को सही तरीके से पढ़ने के लिए इन सिंबल्स की संरचना और उनके भागों को समझना आवश्यक है।

वेल्डिंग सिंबल्स मुख्यतः रेफरेंस लाइन (Reference Line)एरो (Arrow), और सिंबल (Weld Symbol) से मिलकर बनते हैं। नीचे प्रत्येक भाग का विवरण दिया गया है:

1. रेफरेंस लाइन के ऊपर का सिंबल (Symbol Above Reference Line)

जब वेल्डिंग सिंबल रेफरेंस लाइन के ऊपर दिया जाता है, तो इसका अर्थ है कि वेल्ड जॉइंट के उस हिस्से पर किया जाएगा जो एरो के विपरीत दिशा में है, यानी दूसरी ओर (Other Side) पर।
उदाहरण: यदि किसी ड्रॉइंग में ग्रूव वेल्ड सिंबल लाइन के ऊपर दिखाया गया है, तो वह वेल्ड जॉइंट की दूसरी तरफ किया जाना चाहिए।

2. रेफरेंस लाइन के नीचे का सिंबल (Symbol Below Reference Line)

यदि वेल्डिंग सिंबल रेफरेंस लाइन के नीचे बना हुआ है, तो इसका अर्थ है कि वेल्ड को एरो की दिशा वाली ओर (Arrow Side) पर करना है। यह नियम वेल्डिंग ड्रॉइंग्स में बहुत महत्त्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे यह तय होता है कि वेल्डर किस साइड पर काम करेगा।

3. एरो साइड (Arrow Side)

एरो (Arrow) वेल्डिंग सिंबल का मुख्य भाग होता है जो यह बताता है कि वेल्डिंग किस जॉइंट पर की जानी है।

  • यदि सिंबल रेफरेंस लाइन के नीचे है → वेल्ड एरो साइड पर होगा।
  • यदि सिंबल रेफरेंस लाइन के ऊपर है → वेल्ड दूसरी साइड पर होगा।

एरो किसी विशेष प्लेट, पाइप या फ्रेम के उस भाग को इंगित करता है जहाँ वेल्ड की आवश्यकता होती है।

4. दूसरी ओर (Other Side)

Other Side वह हिस्सा होता है जो एरो द्वारा इंगित दिशा के विपरीत होता है। इसका संकेतक वेल्डिंग सिंबल की स्थिति द्वारा तय होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी जॉइंट में दोनों साइड पर वेल्डिंग चाहिए, तो सिंबल को रेफरेंस लाइन के ऊपर और नीचे दोनों ओर दिखाया जाता है।

5. साइज वैल्यूज़ (Size Values)

वेल्डिंग सिंबल के पास अक्सर संख्याएं (Numbers) दी जाती हैं जो उस वेल्ड के आकार (Size) को दर्शाती हैं।
उदाहरण:

  • फिलेट वेल्ड के लिए यह साइज वेल्ड के पैर (Leg) की लंबाई को दिखाता है।
  • ग्रूव वेल्ड के लिए यह वेल्ड की गहराई या गू्रव की गहराई बताता है।

यह जानकारी वेल्डिंग की गुणवत्ता और स्ट्रेंथ दोनों के लिए बहुत आवश्यक होती है।

6. लंबाई (Length Values)

कई बार वेल्डिंग ड्रॉइंग में यह भी बताया जाता है कि वेल्ड कितनी लंबाई तक करनी है।

  • यह रेफरेंस लाइन के दाएँ हिस्से में लिखा जाता है।
  • यदि केवल आंशिक (intermittent) वेल्डिंग करनी हो, तो यह लंबाई बार-बार दोहराई जाती है।

उदाहरण:
“6 – 50” का अर्थ है — प्रत्येक 6 मिमी लंबाई के वेल्ड 50 मिमी के अंतराल पर किए जाएंगे।

7. पिच वैल्यूज़ (Pitch Values)

Pitch Value वह दूरी होती है जो दो लगातार वेल्डों के केंद्रों के बीच होती है।

  • इसे “Length” की वैल्यू के बाद दिया जाता है।
  • इससे यह तय होता है कि वेल्डिंग कहां-कहां पर दोहराई जाएगी।

उदाहरण: यदि किसी सिंबल में “10 – 50” लिखा हो, तो इसका अर्थ है कि 10 मिमी लंबाई के वेल्ड्स 50 मिमी के अंतर पर दोहराए जाएंगे।

Most Important Question Answer

वेल्डिंग सिंबल्स क्या हैं?

वेल्डिंग सिंबल्स वे मानक चिन्ह (Standard Symbols) हैं जो वेल्डिंग ड्रॉइंग में उपयोग किए जाते हैं ताकि यह बताया जा सके कि किसी जॉइंट पर किस प्रकार की वेल्डिंग की जाएगी, उसकी स्थिति, आकार और प्रकार क्या होगा।

वेल्डिंग सिंबल्स महत्त्वपूर्ण क्यों हैं? 

वेल्डिंग सिंबल्स महत्त्वपूर्ण इसलिए हैं क्योंकि:

  • ये डिजाइनर और वेल्डर के बीच स्पष्ट संचार (Clear Communication) सुनिश्चित करते हैं।
  • वेल्डिंग की सटीकता, गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाते हैं।
  • ड्रॉइंग पढ़ने में समय बचाते हैं और त्रुटियाँ कम करते हैं।

फिलेट वेल्ड सिंबल क्या होता है?

फिलेट वेल्ड सिंबल एक त्रिकोण के आकार का चिन्ह होता है जिसे दो प्लेटों के बीच कोने (Corner), टी-जॉइंट (T-Joint) या लैप जॉइंट (Lap Joint) के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग दो धातु सतहों को 90° कोण पर जोड़ने के लिए किया जाता है।

ग्रूव वेल्ड क्या है? 

ग्रूव वेल्ड वह वेल्ड होता है जिसमें दो प्लेटों के किनारों को किसी विशेष आकार (जैसे V, U, J, Bevel आदि) में काटकर जोड़ा जाता है। यह आमतौर पर मोटी प्लेटों के लिए प्रयोग किया जाता है ताकि पूर्ण पैठ (Full Penetration) प्राप्त हो सके।

एरो लाइन क्या होती है?

एरो लाइन वेल्डिंग सिंबल का वह भाग है जो यह दर्शाता है कि वेल्डिंग किस जॉइंट या भाग पर की जानी है।
यह रेफरेंस लाइन से जुड़ी होती है और जॉइंट के किसी विशेष बिंदु की ओर इशारा करती है।

रेफरेंस लाइन क्या होती है? 

रेफरेंस लाइन वेल्डिंग सिंबल का मुख्य भाग (Main Element) होती है जिसके ऊपर या नीचे वेल्ड सिंबल बनाए जाते हैं।

  • ऊपर का सिंबल (Above Line) = दूसरी साइड (Other Side) पर वेल्ड।
  • नीचे का सिंबल (Below Line) = एरो साइड (Arrow Side) पर वेल्ड।

AWS वेल्डिंग स्टैंडर्ड क्या है? 

AWS (American Welding Society) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो वेल्डिंग प्रक्रियाओं, सिंबल्स, और मानकों को परिभाषित करता है।

  • वेल्डिंग सिंबल्स के लिए मानक है: AWS A2.4 – Standard Symbols for Welding, Brazing, and Nondestructive Examination.

वेल्डिंग ब्लूप्रिंट सिंबल्स को कैसे पढ़ें? 

वेल्डिंग ब्लूप्रिंट को पढ़ते समय ध्यान दें:

  1. सिंबल की स्थिति (रेफरेंस लाइन के ऊपर या नीचे)
  2. एरो की दिशा (Arrow Side या Other Side)
  3. संख्याएं (Size, Length, Pitch Values)
  4. अतिरिक्त चिन्ह (Tail, Finish Symbols, Contour Symbols)
    इन सभी तत्वों को मिलाकर वेल्डिंग निर्देश पूरे समझे जाते हैं।

ITI परीक्षा में कौन-कौन से वेल्डिंग सिंबल्स पूछे जाते हैं?

ITI और NCVT परीक्षाओं में सामान्यत: निम्नलिखित सिंबल्स पूछे जाते हैं:

  • Fillet Weld
  • Square Butt Weld
  • Single V-Groove Weld
  • Double V-Groove Weld
  • Bevel Groove Weld
  • Plug और Slot Weld
  • Spot Weld
  • Seam Weld

  • Different Types of Drill Machine for ITI Fitter
    Drill Machine हर ITI Fitter छात्र के लिए एक बहुत ही जरूरी टूल है। जब भी किसी धातु, लकड़ी या प्लास्टिक में छेद (hole) बनाना होता है, तो ड्रिल मशीन … Read more
  • Understanding Limits Fits and Tolerances for ITI Fitter
    Basic Concepts and Practical Guide for ITI Students ITI Fitter विद्यार्थियों के लिए “Limits, Fits और Tolerances” विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि मशीन पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली में … Read more
  • 1st angle and 3rd Angle Projection आसान भाषा में
    बेसिक समझ – Orthographic Projection क्या है? किसी 3D ऑब्जेक्ट (त्रिआयामी वस्तु) को जब हम 2D (दो आयाम) में दिखाते हैं,यानि उसकी लंबाई (Length), चौड़ाई (Width) और ऊँचाई (Height) को … Read more
  • Isometric और Orthographic Projection को आसान भाषा में
    सबसे पहले समझो – ये दोनों क्या होते हैं आइसोमेट्रिक प्रोजेक्शन (Isometric Projection) और ऑर्थोग्राफिक प्रोजेक्शन (Orthographic Projection) — दोनों ही तकनीकी ड्रॉइंग में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ड्रॉइंग बनाते समय कुछ सावधानियाँ ज़रूरी … Read more
  • ITI Construction of Building and Foundation Mock Test
    ITI Draftsman Civil exams in Construction of Building and Foundation with our specialized Mock Test. Dive into comprehensive practice, refine your skills, and ensure success with our targeted questions. Get … Read more

Fitter Question Answer Measurement and Measuring Unit

ITI Fitter Question Answer in Hindi for Measurement and Measuring Unit Pdf Most Important Short Question in Hindi for ITI Fitter Candidate Online Test for CBT Examination

Fitter Question Answer

Fitter Question Answer

  • प्रश्न – माप लेने की दो विधियां कौन सी होती हैं
  • उत्तर – प्रत्यक्ष माप व अप्रत्यक्ष माप
  • प्रश्न – स्टील रूल वर्नियर कैलिपर तथा माइक्रोमीटर उपकरण है
  • उत्तर – प्रत्यक्ष माप लेने की
  • प्रश्न – आउट साइट के लिए एवं इनसाइड, कैलिपर उपकरण है
  • उत्तर – अप्रत्यक्ष माप लेने की
  • प्रश्न – रूल का प्रयोग किए होता है
  • उत्तर – किसी जॉब की लंबाई मापने में
  • प्रश्न – स्टील रूल प्रायः बनाई जाती है
  • उत्तर – stainless-steel स्प्रिंग स्टील अथवा हाई कार्बन स्टील के
  • प्रश्न – स्टील रूल का साइज निर्धारित होता है
  • उत्तर – इसकी लंबाई और इस पर अंकित इंच या सेंटीमीटर के निशान द्वारा
  • प्रश्न – स्टील रूल द्वारा लिए जाने वाले न्यूनतम माप हो सकती है
  • उत्तर – 1″/64 या 1/2 mm
  • प्रश्न – स्टील रूल जो अधिकतम प्रयोग होता है की साइज होती है
  • उत्तर – 6 इंच से 12 इंच अथवा 15 सेंटीमीटर से 30 सेंटीमीटर
  • प्रश्न – वृत्ताकार आकृति वाले कार्य की माप के लिए प्रयुक्त स्टील रूल होता है
  • उत्तर – लचकदार स्टील रूल
  • प्रश्न – लचकदार स्टील रूल बनाया जाता है
  • उत्तर – स्प्रिंग स्टील की पतली पत्ती से
  • प्रश्न – खांचे या कमजोरी नाली की माप के लिए किस रूल का प्रयोग होता है
  • उत्तर – नैरो रूल
  • प्रश्न – नैरो रूल की लंबाई प्रायः होती है
  • उत्तर – 5 मिलीमीटर
  • प्रश्न – नैरो रूल प्रयोग किए जाते हैं
  • उत्तर – प्रायः 20 से 30 सेंटीमीटर तक लंबाई के माप के लिए
  • प्रश्न – किसी खोखले पाइप या सुराख़ के अंदर के किनारों से माप लेने के लिए प्रयुक्त होता है
  • उत्तर – हुक रूल
  • प्रश्न – इनसाइड कैलिपर और डिवाइडर पर साइज को सेट करने के लिए प्रयुक्त होता है
  • उत्तर – हुक रूल
  • प्रश्न – हुक रूल का साइज प्रायः होता है
  • उत्तर – 12 या 30 सेंटीमीटर
  • प्रश्न – श्रिंक रूल का अधिकतम प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – पैटर्न मेकर द्वारा
  • प्रश्न – वर्गाकार कार्यों पर लंबाई में समांतर रेखाएं खींचने के लिए प्रयुक्त रूल कौन सी है
  • उत्तर – की सीट रूल
  • प्रश्न – श्रिंक रोल को निर्दिष्ट किया जाता है
  • उत्तर – इसकी लंबाई एवं श्रिंक अलाउंस के द्वारा
  • प्रश्न – श्रिंक रूल पर निशान बने होते हैं
  • उत्तर – 1/10″ से 1/16″ प्रति फिट, साधारण इंच से बड़े
  • प्रश्न – शाफ्ट पर चाबी धार के चिन्ह के लिए प्रयुक्त रूल है
  • उत्तर – की सीट रूल
  • प्रश्न – की सीट रूल का आकार होता है
  • उत्तर – आयरन एंगल की तरह
  • प्रश्न – एक गोल चपटे डिब्बे में फिट लचकदार रूल कहलाता है
  • उत्तर – स्टील टेप रूल
  • प्रश्न – टेढ़ी-मेढ़ी सरहो की माप के लिए प्रयुक्त रूल होता है
  • उत्तर – स्टील टेप रूल
  • प्रश्न – स्टील टेप की लंबाई होती है
  • उत्तर – 6 फीट या 2 मीटर
  • प्रश्न – कैलिपर प्रायः बनाए जाते हैं
  • उत्तर – माइल्ड स्टील या उच्च कार्बन स्टील के

  • Different Types of Drill Machine for ITI Fitter
    Drill Machine हर ITI Fitter छात्र के लिए एक बहुत ही जरूरी टूल है। जब भी किसी धातु, लकड़ी या प्लास्टिक में छेद (hole) बनाना होता है, तो ड्रिल मशीन … Read more
  • Understanding Limits Fits and Tolerances for ITI Fitter
    Basic Concepts and Practical Guide for ITI Students ITI Fitter विद्यार्थियों के लिए “Limits, Fits और Tolerances” विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि मशीन पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली में … Read more
  • 1st angle and 3rd Angle Projection आसान भाषा में
    बेसिक समझ – Orthographic Projection क्या है? किसी 3D ऑब्जेक्ट (त्रिआयामी वस्तु) को जब हम 2D (दो आयाम) में दिखाते हैं,यानि उसकी लंबाई (Length), चौड़ाई (Width) और ऊँचाई (Height) को … Read more
  • Isometric और Orthographic Projection को आसान भाषा में
    सबसे पहले समझो – ये दोनों क्या होते हैं आइसोमेट्रिक प्रोजेक्शन (Isometric Projection) और ऑर्थोग्राफिक प्रोजेक्शन (Orthographic Projection) — दोनों ही तकनीकी ड्रॉइंग में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ड्रॉइंग बनाते समय कुछ सावधानियाँ ज़रूरी … Read more
  • ITI Construction of Building and Foundation Mock Test
    ITI Draftsman Civil exams in Construction of Building and Foundation with our specialized Mock Test. Dive into comprehensive practice, refine your skills, and ensure success with our targeted questions. Get … Read more

Engineering Drawing Question Paper in Hindi

Most Important Engineering Drawing Question Paper 2022 for ITI Introduction of Engineering Drawing Question answer all Question are Important for ITI CBT Exam

Engineering Drawing Question Paper

Engineering Drawing Question Paper with Answer

  • प्रश्न – उस रेखाचित्र उपकरण का नाम बताइए जिसे स्थानांतरण माप को मापने में प्रयुक्त करते हैं
  • उत्तर – विभाजक
  • प्रश्न – इंजीनियरिंग ड्राइंग किसकी भाषा से जानी जाती है
  • उत्तर – रेखांकित तथा अभियंताओं की भाषा
  • प्रश्न – सेट स्क्वायर किन किन कोणों में पाए जाते हैं
  • उत्तर – 30° – 60° तथा 45° – 45°
  • प्रश्न – ड्राइंग की अनुकृति तैयार करने के लिए प्रयोग में लिए जाने वाले पन्ने को किस नाम से जाना जाता है
  • उत्तर – ट्रेसिंग पेपर
  • प्रश्न – ड्राइंग शीट की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात कितना होता है
  • उत्तर – 1:2
  • प्रश्न – अनुप्रस्थ समानांतर रेखाएं खींचने के लिए टीस्क्वायर के किस भाग का प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – कार्यकारी या कार्यान्वित कोर
  • प्रश्न – सेट स्क्वायर का उपयोग किस प्रकार की रेखाएं खींचने के लिए किया जाता है
  • उत्तर – क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर रेखा, वृत्त के समभागो में विभाजित करने, कोण बनाने तथा समानांतर रेखाएं खींचने में
  • प्रश्न – आईएस विशेषता के अनुसार A4 साइज के ड्राइंग शीट का अपरिष्कृत माप 240 x 330 मिलीमीटर है तो परिष्कृत बताइए
  • उत्तर – 210 मिलीमीटर x 297 मिलीमीटर
  • प्रश्न – किस पदार्थ से ड्राइंग पेंसिल बनती है
  • उत्तर – ग्रेफाइट तथा केओलिन (मिट्टी)
  • प्रश्न – HB पेंसिल में HB का क्या अर्थ है
  • उत्तर – हार्ड बांड
  • प्रश्न – 2H ग्रेड की पेंसिल किस प्रकार की रेखाएं खींचने में प्रयोग ली जाती हैं संक्षिप्त में उत्तर दें
  • उत्तर – केंद्र रेखा विच्छेद रेखा ऑब्जेक्ट रेखा
  • प्रश्न – कला एवं छायांकन कार्य हेतु किस ग्रेड की पेंसिल का उपयोग किया जाता है|
  • उत्तर – 4B – 7B
  • प्रश्न – विमा, तीर एवं अक्षराकन कार्य हेतु किस ग्रेड की पेंसिल का प्रयोग किया जाता है
  • उत्तर – H
  • प्रश्न – कठोर श्रेणी के पेंसिल कि ग्रेड लिखिए
  • उत्तर – 9H से 4H तक
  • प्रश्न – मध्यम श्रेणी की पेंसिल की ग्रेड लिखिए
  • उत्तर – 3H,2H,H,HB,B
  • प्रश्न – मृदु श्रेणी की पेंसिल की ग्रेड लिखिए
  • उत्तर – 2B – 7B
  • प्रश्न – ड्राइंग बोर्ड लकड़ी की पट्टी से क्यों बनाया जाता है संक्षिप्त में उत्तर दीजिए
  • उत्तर – मौसम की नमी के कारण बोर्ड को प्रसार या सिकुड़न से बचाने के लिए
  • प्रश्न – मिनी ड्रॉफ्टर का उपयोग लिखिए
  • उत्तर – मिनी ड्रॉफ्टर में टी -स्क्वायर सेट स्क्वायर चांदा एवं स्केल का समायोजित रुप होने के कारण इसका उपयोग ड्राइंग बनाने में किया जाता है
  • प्रश्न – ड्राइंग बनाने में कौन-कौन से उपकरण की आवश्यकता होती है
  • उत्तर – ड्राइंग बोर्ड, ड्राइंग शीट, टी स्क्वायर, सेट स्क्वायर, प्रोटेक्टर, फ्रेंच कर्व, रबड़, बोर्ड, क्लिप, डिवाइडर, पेंसिल विभिन्न ग्रेड की
  • प्रश्न – टी स्क्वायर को किस प्रकार निर्दिष्ट किया जाता है
  • उत्तर – लंबाई से जैसे – T0 – 1500MM, T1 – 1000MM, T2 – 700MM, T3 – 500MM
  • प्रश्न – लैमिनेट सतह वाले ड्राइंग बोर्ड की सतह समतलता जांच कैसे की जाती है
  • उत्तर – प्रकाश गुजार कर यदि प्रकाश बिल्कुल आरपार नहीं जाता है तो मान लिया जाता है कि सतह और समतल है
  • प्रश्न – किस मौसम में पेंसिल लीड मृदु तथा कठोर हो जाती है
  • उत्तर – मृदु – गर्मी के मौसम में, कठोर – ठंडे मौसम में
  • प्रश्न – उच्च ग्रेड वाले ड्राइंग उपकरण किस धातु के बनाए जाते हैं
  • उत्तर – निकल या पीतल के
  • प्रश्न – इंजीनियरिंग ड्राइंग पेंसिल का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल षुष्ट्भुजाकार क्यों रखा जाता है
  • उत्तर – षुष्ट्भुजाकार अनुप्रस्थ काट वाली पेंसिल को गोल घुमा कर सामान मोटाई की रेखाएं खींचने में आसानी रहती है तथा ढाल वाली सतह पर नीचे गिरने की संभावना नहीं रहती है
  • प्रश्न – ड्राइंग बोर्ड के उस भाग का नाम बताइए जिस पर टी स्क्वायर का शीर्ष सरकता है
  • उत्तर – आबुनस धार

ITI Workshop Calculation and Science Most Important Questions Answer Units

ITI Workshop Calculation and Science Most Important Short Question (One Liner) Question answer in for ITI All Trade in PDF Hindi NIMI Question Bank Paper for ITI’s Candidate

WCS Units Questions Answer Paper

  • प्रश्न – 52 किलोग्राम को पाउंड में बदलिए
  • उत्तर – 114.66 पाउंड (1 Kg = 2.205 Lbs)
  • प्रश्न – 205 लीटर को गैलन में बदलिए (NCVT 1994)
  • उत्तर – 45.10 गैलन (1लीटर = 0.22 गैलन )
  • प्रश्न – 92 डिग्री फारेनहाइट को डिग्री सेल्सियस में बदले (NCVT 1996)
  • उत्तर – 33.3 डिग्री सेल्सियस
  • प्रश्न – 32 डिग्री फारेनहाइट तथा 212 डिग्री फारेनहाइट को डिग्री सेल्सियस में बदलिए
  • उत्तर – 32 डिग्री फारेनहाइट = 0 डिग्री सेल्सियस तथा 212 डिग्री फारेनहाइट = 100 डिग्री सेल्सियस
  • प्रश्न – 35 किलोग्राम को पौंड में रूपांतरित कीजिए
  • उत्तर – 77.17 पाउंड (1 किलोग्राम =2.205 पाउंड )
  • प्रश्न – 3 घंटे 10 मिनट 4 सेकंड में रूपांतरित कीजिए
  • उत्तर – 11400 सेकंड (1 घंटे = 3600 सेकंड)
  • प्रश्न – 7 वर्ष 8 माह 23 दिनों को दिनों में रूपांतरित कीजिए
  • उत्तर – 2819 दिन
  • प्रश्न – 5 गैलन को लीटर में रूपांतरित कीजिए (NCVT 1998)
  • उत्तर – 22.73 लीटर (1 गैलन = 4.5446 लीटर)
  • प्रश्न – सेंटीग्रेड फारेनहाइट व रयूमर में संबंध लिखिए (NCVT 2008)
  • उत्तर – °C/5 = °F-32/9 = °R/4
  • प्रश्न – यदि एक गैलन तेल की कीमत 1.7 रुपए हो तो 1 लीटर तेल की कीमत ज्ञात करें
  • उत्तर – 0.35₹ or 35Paise
  • प्रश्न – निम्नलिखित केल्विन पैमाने की रीडिंग को सेंटीग्रेड पैमाने में बदलिए 273°K, 373 °K, 1200°K (Hint 1°K = °C+273° or °C =°K-273°) (NCVT 2007)
  • उत्तर – (i) 0 °C (ii) 100°K (iii) 927 °C
  • प्रश्न – ऊर्जा के मात्रक न्यूटन मीटर प्रति सेकंड तथा वाट के बीच में क्या संबंध है
  • उत्तर – न्यूटन मीटर प्रति सेकंड = वाट
  • प्रश्न – मीटर किलोग्राम सेकंड प्रणाली में यूनिट ऑफ मोमेंट को क्या कहा जाता है संक्षिप्त में उत्तर दें
  • उत्तर – किलोग्राम मीटर
  • प्रश्न – SI यूनिट में हीट की मात्रा का व्युत्पन्न यूनिट क्या है
  • उत्तर – 1 जूल
  • प्रश्न – किसी अनुप्रयोग में एक न्यूटन का बल एक बिंदु से 1 मीटर की दूरी पर तय करता है उपरोक्त कथन की एस आई इकाई को दर्शाइए
  • उत्तर – 1 जूल
  • प्रश्न – रयूमर पैमाने पर निम्न तापमान क्या होगा यदि इस बात का रंग 2282 डिग्री फारेनहाइट पर श्वेत हो जाता है
  • उत्तर – F-32/9 = R/4, 2282°F – 32°F/9 = R/4, 9R = 2250 x 4, R = 2250×4/9 = 1000°R
  • प्रश्न – 30.32 कि.जूल /सेकंड = …. न्यूटन मीटर /सेकंड
  • उत्तर – 1 जूल /सेकंड = 1 न्यूटन मीटर /सेकंड, 1 कि.जूल /सेकंड = 1000 न्यूटन मीटर /सेकंड, 32.32 कि.जूल /सेकंड = 30.32 x 1000 न्यूटन मीटर /सेकंड = 30320 न्यूटन मीटर /सेकंड
  • प्रश्न – 0.975 mA = …..μA
  • उत्तर – 0.975mA = 0.975 x 103 μA = 975 μA
  • प्रश्न – 8.7 गीगाहर्टज को मेगाहर्ट्ज में बदलिए
  • उत्तर – 8.7 GHz = 8.7 x 103 MHz = 8700 MHz
  • प्रश्न – 20 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी को वेवलेंथ में बदलिए
  • उत्तर – 20MHz = 3×108/20×106 m = 60m
  • प्रश्न – 95687 माइक्रोएम्पीयर को एंपियर में बदलें
  • उत्तर – 95678μA = 95678 x 106 Amp = 0.095678 Amp
  • प्रश्न – 0.005μF को pF में बदलिए
  • उत्तर – 0.005μF = 0.005 x 106pF = 5000pF
  • प्रश्न – 50 मीटर वेव लेंथ को किलोहर्टज फ्रीक्वेंसी में बदलिए
  • उत्तर – 50 मीटर = 3×108/50×103 = KHz = 5995.85 KHz
  • प्रश्न – 8400 पिको फैरड को एवं 0.02 मिली फैरड को माइक्रो फैरड में बदलो
  • उत्तर – 84.00pF = 8400 x 10-6 = 0.0084μF, 0.02mF = 0.02 x 103 = 20μF

Engineering Drawing MCQ Set – 3

ITI Engineering Drawing Online MCQ Mock Test is for the examination, you can successfully prepare for your upcoming knowledge in this mock test completely based on Nimi pattern ITI Engineering Drawing Online MCQ Mock Test online CBT Examination Most Important Question For CITS CTS Trades NIMI mock test engineering drawing in Hindi for ITI Engineering drawing question paper pdf engineering drawing mcq PDF mcq for engineering drawing

Engineering Drawing MCQ Set - 3
  • इस प्रश्न पत्र में कुल 25 प्रश्नों का समावेश है
  • There are total 25 questions in this question paper.
  • प्रत्येक प्रश्न के लिए एक नंबर दिए जाएंगे
  • One mark will be given for each question
  • इस प्रश्न पत्र को पूर्ण करने के लिए आपको 1/2 घंटे का समय दिया जाएगा
  • You will be given 1/2 hour to complete this question paper
  • समय पूरा होने पर टेस्ट सबमिट हो जाएगा
  • Test will be submitted on completion of time
/25

Please Login First to Start Quiz - Click Here


Engineering Drawing More MCQ Sets


NCVT MIS NIMI Mock Test ITI Question Paper 2022

NCVT MIS NIMI Online Test online test ITI Question Paper of this Year 2022 Very Most Important Previous Year Questions for ITI Candidates of All Subject NIMI Mock Test Fitter Electrician 1st Year 2nd Year Semester NCVT ONLINE NIMI MOCK TEST Bharat Skills Question Bank for ncvt online mock test In Hindi ncvt online CBT Examination Mock Test

NIMI MOCK TEST

NIMI MOCK TEST 2022

We have uploaded here important trade wise NCVT MIS ITI question paper 2022 for ITI students please choose your trade and select the set of questions. This question set has been prepared from the collection of ITI previous years question papers which are asked in the paper by clicking on the link given below we can see all the seats

ITI Question Paper 2021

If you want to see the collection of previous years questions ITI Question Paper 2021 Click Below Link ITI previous year question paper, all the questions related to the questions which were asked in the 2021 ITI exam have been included here, for this you can also join our mock test where you will get most of the questions as well Along with this you will also get questions which have been asked in ITI as well as in all types of ITI related competitive exams.

ITI Practical Important Previous Year Question Paper

ITI Electrician & Fitter Previous Year Question Paper of 2021-2022

ITI NIMI MOCK TEST Theory PDF Download

iti theory 2nd year Here we will explain to you the important theory of ITI in detail and it has been tried to explain all the facts related to it well, you can see the theory according to your trade by clicking on the link given below. You can see the questions which have appeared in the paper before, all these questions have been prepared in a very important way.

ITI NIMI Mock Test Online 2022

All ITI Students Mock Tests for Electrician, Fitter, Welder, Diesel Mechanic, Copa All Trades Available on Below Link You Can Practice Your Mock Test by Clicking the Below Link as well as you will get year wise Mock tests will be available

डीसी जनरेटर क्या है DC Generator in Hindi

डीसी जनरेटर क्या है (What is DC Generator In Hindi) ?डीसी जनरेटर कितने प्रकार के होते हैं ? वह उनका कार्य सिद्धांत क्या है ? हम इसके बारे में विस्तार से जानते हैं

डीसी जनरेटर क्या है ? (DC Generator In Hindi)

चुंबक के प्रयोग के आधार पर व फराडे के नियमों के आधार पर विद्युत उत्पन्न करने वाली मशीन विद्युतीय कार्यों के लिए बहुत उपयोगी बन गई है यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने वाली मशीन को डीसी जनरेटर कहते है यह डीसी धारा उत्पन्न करती है|

DC Generator In Hindi

डीसी जनरेटर का कार्य सिद्धांत क्या है?

डीसी जनरेटर में एक स्प्लिट रिंग लगी होती है आर्मेचर के चालको के कनेक्शन किए जाते हैं जनरेटर जिसमें स्प्लिट रिंग लगी होती है वह प्रत्यावर्ती धारा सप्लाई देता है यह ध्यान रखें कि फैराडे के नियमानुसार उत्पन्न होने वाला EMF हमेशा प्रत्यावर्ती ही होता है|

DC Generator In Hindi
चित्र 1

चित्र एक के अनुसार उत्तर (N) व दक्षिण (S) दो चुंबकत्व ध्रुवो के मध्य चालक को लूप में दिखाया गया है यदि यह चालक बाई और घूम रहा है तो स्प्लिट रिंग भी घूमती है ब्रुश व पोल स्थिर रहते हैं जब चालक जो घूमने वाला है छितिज अवस्था में है तो उत्पन्न EMF ABCD में घटक B (सेगमेंट) से धनात्मक ब्रुश से प्रवाहित होती है व ऋणात्मक ब्रुश A से लोड को ले जाती है|

चित्र 2

चित्र संख्या 2 में जब चालक इस स्थिति में घूम कर आता है कि वह ऊर्ध्वाधर स्थिति में रहे तो ब्रुश दोनों भागों को लघुपत कर देते हैं जिससे उत्पन्न EMF शुन्य हो जाता है कुछ क्षणो के लिए लगे हुए भार में धारा प्रवाहित नहीं होती है|

चित्र 3

चित्र संख्या 3 में जब चालक घूम कर चित्र की स्थिति में आता है तो चालक की भुजा AB दक्षिण ध्रुव (S) क्षेत्र में प्रवेश करती है और उत्पन्न EMF उस दिशा की तुलना में जब उत्तर (N) ध्रुव के क्षेत्र में गतिमय था तो चित्र संख्या 1 के अनुसार EMF उत्पन्न करती है लेकिन इस स्थिति में स्प्लिट रिंग A व B भी अपनी स्थितियों को परिवर्तित करते हैं क्योंकि वह चालक के साथ घूमती हैं जब चालक में AB और CD भुजाएं में EMF उत्पन्न होती है तो स्प्लिट रिंग के भागों से जुड़े संबंध एक साथ स्थिर ब्रुशों के अंतर्गत अपनी स्थितियों को परिवर्तित करते हैं इस प्रकार ब्रुशों की ध्रुवता स्थिर रहती है चित्र संख्या 1 व चित्र संख्या 3 में भार में धारा की दिशा समान रहती है|

चित्र 4

चित्र संख्या 4 के अनुसार दिष्ट धारा की उत्पत्ति को दर्शाया गया है यदि एक चालक की अपेक्षा कई चालकों से वाइंडिंग करके उसके कनेक्शन कमयुटेटर पर किए जाए तो उत्पन्न e.m.f. को बढ़ाकर स्थिर दिष्ट धारा को अच्छे रूप में प्राप्त किया जा सकता है इसके लिए क्षेत्र ध्रुवो की संख्या में वृद्धि व आर्मेचर में विभिन्न क्वाइलों के द्वारा वाइंडिंग करना अर्थात क्वायल संख्या अधिक हो तो दिष्ट धारा का उत्पादन अच्छे रूप में प्राप्त किया जा सकता है चित्र संख्या 4 में फुल वेव दिष्ट धारा दर्शाई गई है|

स्प्लिट रिंग का एक सेट चित्र 5
बाह्य वेब फॉर्म चित्र 5

चित्र संख्या 5 में दर्शाए अनुसार उत्तर व दक्षिण चुंबको के ध्रुवो के बीच चालक को घुमाया जाता है वह एक ही स्प्लिट रिंग लगाई जाती है वेबफॉर्म दिष्ट धारा चित्र में दर्शाई गई है

स्प्लिट रिंग का 2 सेट चित्र 6
बाह्य वेब फॉर्म चित्र 6

यदि दो क्वायल से वेंडिंग की जाती है और कुल घूमने वाले दो चालकों को स्प्लिट रिंग के दो सेटों से जोड़ा जाता है वह दोनों क्वाइलों में उत्पन्न EMF को स्प्लिट रिंग से कार्बन ब्रश लगाकर प्राप्त किया जाए तो चित्र संख्या 6 के अनुसार दिष्ट धारा की वेव फॉर्म बनती है

चित्र संख्या 7

एक कम्यूटेटर जिसमें कई सारी स्प्लिट रिंग (जो सेगमेंट नाम से भी जानी जाती है जो गोलाई में कमयुटेटर पर आपस में माइका द्वारा इंसुलेटेड होकर फिट होती हैं ) मैं कई क्वाइलों की वाइंडिंग के सिरों को कनेक्ट किया जाता है EMF दिष्ट धारा चित्र संख्या 7 के अनुसार वेव फॉर्म बनाते हैं

डीसी जनरेटर की बनावट व संरचना (Construction of dc generator in Hindi)

डीसी जनरेटर की रेटिंग किलो वाट में आती है यह नेम प्लेट पर कंपनी द्वारा दर्शाया जाता है नेम प्लेट जनरेटर का एक भाग होता है जिस पर यह लगी होती है वह भाग स्टेटर होता है

मुख्य रूप से डीसी जनरेटर की 2 भाग होते हैं

  1. स्टेटर
  2. रोटर

डीसी जनरेटर का स्टेटर (Stator of DC Generator)

Stator of DC Generator
डीसी जनरेटर का स्टेटर

वह भाग जो स्थिर रहता है इसमें घूमने वाला कोई अन्य भाग नहीं होता जैसा के चित्र में स्टेटर के बाहरी मुख्य भाग दिखाए गए हैं जो निम्न होते हैं

  1. लिफ्टिंग आई
  2. कास्ट आयरन की बनी बॉडी
  3. नेम प्लेट
  4. फीट
  5. फ्रेम
  6. योक
  7. टर्मिनल बॉक्स

डीसी जनरेटर के स्टेटर में आंतरिक मुख्य भाग निम्न होते हैं

  1. वाइंडिंग (शंट फील्ड वाइंडिंग या सीरीज फील्ड वाइंडिंग )
  2. इंटरपोल
  3. मेन पोल
  4. बेस प्लेट या फीट
  5. साइड कवर
  6. टर्मिनल बॉक्स

डीसी जनरेटर के मुख्य भागों के बारे में विस्तार से विवरण

योक या बॉडी (Yoke or Body)

यह कास्ट आयरन की बनी होती है यह कम किलो वाट के जरनेटर में होती है यदि अधिक किलो वाट की बड़ी जनरेटर है तो उसकी बॉडी नरम स्टील या प्लेटो को काटकर मोड़ कर वेल्डिंग करके तैयार करते हैं डी सी जनरेटर के योक या बॉडी में साइड कवर फिट होते हैं उनमें बेअरिंग का स्थान बना होता है जिससे आर्मेचर की सॉफ्ट घूम सके साइड कवर में जाली लगी होती है बॉडी के ऊपर टर्मिनल बॉक्स लगा होता है अंदर फील्ड पोल्स लगे होते हैं इन्हें बॉडी के साथ बोल्ट से कसा जाता है यह स्टेटर का मुख्य भाग है जो सारे भागों को ढक करता है|

फील्ड पोल्स (Field Pole)

DC Generator Field Pole
फील्ड पोल्स

इसके मुख्य भाग में पोल शू ,सॉलिड पोल कोर , रीविट्स आदि लगे होते हैं इन्हें बॉडी के अंदर मुख्य पोल के रूप में बोल्ट की सहायता से कसा जाता है फील्ड वाइंडिंग को इनके ऊपर ही लगाया जाता है पोल शू , पोल कोर का आगे का काट क्षेत्रफल बढ़ाते हैं वह आर्मेचर की तरह गोलाई देकर एयर गैप की मात्रा एक जैसी रखते हैं यह सिलीकान स्टील की लैमिनेटेड कोर द्वारा बनाया जाता है लैमिनेटेड कोर की मोटाई 1 मिलीमीटर से 0.2 मिली मीटर तक होती है|

रोटर या आर्मेचर (Rotor or Armature in DC Generator)

जनरेटर के घूमने वाले मुख्य भाग को आर्मेचर कहते हैं आर्मेचर के मुख्य भाग निम्न है

  1. सॉफ्ट
  2. कमयुटेटर
  3. लैमिनेटेड कोर (जिसमें स्लॉट बनी हो)
  4. बेअरिंग
  5. बेअरिंग प्लेट
  6. ब्रश होल्डर
  7. ब्रश रोकर
  8. आर्मेचर वाइंडिंग
  9. फैन ब्लेड

आर्मेचर बेलनाकार आकार की होती है इनमें एक नरम स्टील की सॉफ्ट को लेथ मशीन पर तैयार किया जाता है उस सॉफ्ट पर आर्मेचर के सारे भाग फिट किए जाते हैं व 0.064 मिली मीटर मोटी पत्तियों से गोल आकृति में लैमिनेटेड कोर को कई मात्रा में लेकर एक समूह बनाया जाता है उसके पश्चात उनमें वाइंडिंग करने के लिए खाचे बनाए जाते हैं जिन्हें स्लाइड कहते हैं आर्मेचर में की जाने वाली लेप या वेव वाइंडिंग सुपर इनिमेल तार द्वारा की जाती है

शाफ़्ट पर कम्यूटेटर फिट किया जाता है जिस पर कार्बन ब्रश, ब्रश होल्डर में फिट करके इनके संपर्क में रहते हैं इन कार्बन ब्रशके माध्यम से डीसी सप्लाई बाहर प्राप्त की जाती है आर्मेचर के घूमने के माध्यम में सहयोग भाग बेयरिंग होता है यह बाल बेयरिंग रोलर बेयरिंग के नाम से आती है इसके दोनों और बेअरिंग प्लेट लगी होती है व शाफ़्ट पर फैन ब्लेड लगी होती है आर्मेचर के घूमने के साथ यह भी घूमती है जिससे वाइंडिंग ठंडी रहती है

डीसी जनरेटर का आर्मेचर वाइंडिंग (DC Generator Armature Winding Hindi)

यह लेमिनेटेड कोर के खाँचो है जिन्हें स्लॉट कहते हैं पर की जाती है इसमें क्वायल SE तार द्वारा बनाकर डाली जाती है जिससे बाइंडिंग कहते हैं इस वाइंडिंग का कनेक्शन कम्यूटेटर के सेगमेंट पर किया जाता है यह लैप व वेब दोनों प्रकार की होती हैं लैप वाइंडिंग में जितने पोल होते हैं उतने समांतर पथ होते हैं व वेव वाइंडिंग में 2 पथ होते हैं A =2 , P = A होता है

डीसी जनरेटर का लैमिनेटेड कोर (DC Generator Laminated Core in Hindi)

इसे आर्मेचर कोर भी कहते हैं इसकी डाई द्वारा गोल आकृति में कटिंग की जाती है जिसमें से हवा गुजर सके इसके लिए वायु क्षेत्र होते हैं शाफ्ट के लिए गोल क्षेत्र व कि-वे बना होता है प्रत्येक लैमिनेटेड को आपस में इंसुलेटेड होते हैं जिससे एडी करंट या भंवर धाराएं हानि कम होती है आर्मेचर की कोर मुख्य रूप से चुंबकीय क्षेत्र को घुमावदार रखती है सूक्ष्म रेलेक्टेन्स पर चुंबकीय क्षेत्र फुलक्स का लघुपत प्रदान करता है जिससे चुंबकीय परिपथ योक एवं ध्रुव से पूर्ण होता है 0.5 मिलीमीटर मोटी सिलिकॉन स्टील की बनी लैमिनेटेड कोर होती है आर्मेचर को ठंडा रखने के लिए कोर के आर पार छिद्र किए जाते हैं लैमिनेटेड को जितनी पतली होगी उतना ही एडी करंट हानि कम होगा|

कमयुटेटर (DC Generator Commutator In Hindi)

कमयुटेटर का कार्य आर्मेचर के चालको में उत्पन्न धारा को संग्रह करने का होता है यह दिष्ट धारा देता है अर्थात फैराडे के नियम अनुसार चालकों में उत्पन्न होने वाले e.m.f. सदैव प्रत्यावर्ती धारा होता है बाहरी परिपथ के लिए कमयुटेटर दिष्ट धारा परिवर्तित करता है यह बेलनाकर होता है उच्च चालकता दृढ खींचे हुए ड्राफ फ़ोर्ज़े किए हुए तांबे (हार्ड ड्रन कॉपर) का बना होता है इसमें एक भाग को से सेगमेंट कहते हैं यह सेगमेंट आपस में अभ्रक द्वारा इंसुलेटेड रहती हैं अर्थात सेगमेंट से सेगमेंट के मध्य किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं होता है कमेंटेटर में लगने वाली प्रत्येक सेगमेंट एक दूसरे से इंसुलेटेड रहती हैं प्रत्येक सेगमेंट पर आर्मेचर में की गई वाइंडिंग के क्वाइलों के सिरे को सोल्डिंग द्वारा जोड़ा जाता है सेगमेंट की संख्या आर्मेचर क्वायल के समान होती है अभिकेंद्र बल के कारण चालकों को भागने से व सेगमेंट को भगाने से बचाने हेतु V खांचे बने होते हैं जो कोण आकार के मेकेनाईट अंगूठियों द्वारा इंसुलेटेड होता है|

फिल्ड क्वायल (DC Generator Filed Coil)

डीसी जनरेटर के स्टेटर भाग में योक या बाड़ी के आंतरिक भाग में लगे हुए ध्रुव के ऊपर सुपर इनेमल तार द्वारा पूर्ण तरह से इंसुलेटेड क्वायल सही आकृति में फर्मो पर बनाकर फिट की जाती है लैमिनेटेड पोल शु इसे रोके रखने का कार्य करते हैं क्योंकि ध्रुव के ऊपर ध्रुव शू की चौड़ाई व गोलाई इन्हे रोके रखती है डीसी जनरेटर की बनावट के आधार पर यदि श्रेणी जनरेटर है तो मोटे तार व शंट जनरेटर होंगे अतः पतले तार की क्वायल तैयार की जाती है दोनों क्वायल पर एंपायर टेप या काटन टेप से टैपिंग करके एक ही पोल पर दोनों को फिट किया जाता है यदि जनरेटर कंपाउंड जनरेटर है तो यह संभव है

  • डीसी सीरीज मोटर में फील्ड वाइंडिंग, सीरीज वाइंडिंग
  • डीसी शंट जनरेटर में शंट वाइंडिंग
  • डीसी कंपाउंड जनरेटर में सीरीज फील्ड व शंट फील्ड वाइंडिंग दोनों को फिट किया जाता है

कार्बन ब्रश (Carbon Brush)

ब्रश का मुख्य कार्य कमयुटेटर पर से धारा को एकत्रित करना होता है या कार्बन व ग्रेफाइट के बने होते हैं या आयताकार आकृति में होते हैं इनमें फ्लैक्सिबल तांबे की तार लगी होती है एक साइड में तांबे की अर्ध खुली तार लगी होती है जिससे ब्रश को होल्डर में अच्छी तरह से कसा जा सके|

ब्रश होल्डर (Brush Holder)

यह साइड कवर में लगे रोकर पर फिट होती है इसमें स्प्रिंग लगी होती है जो ब्रश पर दबाव बनाए रखती है स्प्रिंग तनाव के रूप में कमयुटेटर पर प्रेस की सही स्थिति बनाए रखती है एक नरम फ्लैक्सिबल तांबे का चालक जो धारा को ब्रश से रोकर पर लगे टर्मिनल तक लाता है वहां से धारा को टर्मिनल बॉक्स पर लगे टर्मिनलओ तक भेजा जाता है ब्रश होल्डर के निम्नलिखित भाग होते हैं

  • स्प्रिंग टेंशन एडजेस्टमेंट
  • ब्रश बॉक्स
  • कार्बन ब्रश
  • फ्लैक्सिबल लीड
  • स्पाइरल स्प्रिंग आदि

बेयरिंग (Bearing)

यह बाल या रोलर बेयरिंग के नाम से आते हैं यह प्रायः कठोर तेल से भरे होते हैं जिससे प्रक्रिया शांत हो एवं बेयरिंग का घिसना कम रहे या सॉफ्ट पर फिट होते हैं तथा आर्मेचर के घूमने पर घर्षण कम करते हैं|

टर्मिनल प्लेट (Terminal Plate)

यह टर्मिनल बॉक्स में फिट होती है यह बेकलाइट की बनी होती है इस पर पीतल के बने टर्मिनल फिट होते हैं|

इन्हें भी पढ़ें

आर्मेचर रिएक्शन क्या होता है GNA MNA

आर्मेचर रिएक्शन क्या होता है

आर्मेचर रिएक्शन क्या होता है

आर्मेचर प्रतिक्रिया मुख्य ध्रुव से उत्पन्न चुंबकीय फ्लक्स व आर्मेचर के चालकों में उत्पन्न फ्लक्स के परस्पर विरोध के परिणाम को आर्मेचर प्रतिक्रिया कहते हैं|

प्रति चुंबकीय प्रभाव क्या होता है

जब आर्मेचर चालकों मे से कम भार धारा गुजर रही होती है तो आर्मेचर के चालक द्वारा उत्पन्न EMF मुख्य फील्ड फ्लक्स के साथ इस प्रकार की प्रतिक्रिया करता है कि मुख्य फील्ड क्षेत्र अपनी स्थिति बदल लेता है ऐसे प्रति चुंबकीय प्रभाव कहते हैं

आर्मेचर रिएक्शन क्या होता है
Picture 1

इस स्थिति को जनरेटर मे लगे ब्रुशों को आर्मेचर के घूमने की दिशा में आगे बढ़ाकर सही किया जा सकता है जब जेनरेटर को ओवरलोड करते हैं अर्थात अतिभार करते हैं तो ध्रुव के सिरे संतृप्त हो जाते हैं और मुख्य चुंबकीय फ्लक्स जो मुख्य ध्रुव से बना होता है उसे अचुंबकीय करते हैं इससे उत्पन्न EMF कम हो जाता है

डीसी मशीन में GNA MNA

  • GNA Full Form : Geometrical Neutral Axis (ज्यामिति उदासीन अक्ष)
  • MNA Full Form : Magnetic Neutral Axis (चुंबकीय उदासीन अक्ष)
आर्मेचर रिएक्शन क्या होता है
Picture 2

चित्र संख्या एक में मुख्य क्षेत्र से फ्लक्स वितरण को दिखाया गया है अभी आर्मेचर चालकों में धारा नहीं है फ्लक्स समरूप है GNA व MNA एक ही लाइन पर हैं चित्र दूसरे में नियोजित चुंबकीय फ्लक्स दिखाया गया है (N)उत्तर ध्रुव के अधीन धारा दिशा को (+) चिन्ह एवं दक्षिणी ध्रुव के अधीन धारा को (.) से दर्शाया गया है आर्मेचर की चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता, आर्मेचर धारा पर निर्भर करती है|

प्रति चुंबकन प्रभाव

आर्मेचर रिएक्शन क्या होता है
Picture 3

तीसरे चित्र में मुख्य चुंबकीय क्षेत्र एवं आर्मेचर के मैग्नेटिक मोटिव फोर्स के संयुक्त प्रभाव के फलस्वरूप वितरण को दर्शाया गया है विमुख ध्रुव परिणाम में क्षेत्र वर्धित हो गया है प्राप्त होता है और शिरो पर ध्रुव क्षेत्र कमजोर हो जाता है और चुंबकीय प्रभाव के कारण MNA – GNA से आर्मेचर के घूमने की दिशा में कोण Q के अनुसार विस्थापित हो जाता है अर्थात GNA से MNA आगे हो जाता है क्योंकि मुख्य प्लक्स के बदलाव के कारण ऐसा हो रहा है|

तीसरे चित्र में सदिशों द्वारा मुख्य पर इनफ्लक्स (FF) और आर्मेचर फ्लक्स (FA) का आपसी प्रभाव दर्शाया गया है चुंबकीय उदासीन अक्ष परिणामित फ्लक्स F के लंबवत होना चाहिए|

आर्मेचर रिएक्शन के प्रभाव को कैसे कम करे

आर्मेचर रिएक्शन को कम करने के लिए हम निम्न विधि को अपना सकते हैं आइए समझते हैं

  1. आर्मेचर रिएक्शन के कारण कमयुटेटर पर स्पार्किंग होती है इस इस स्पार्किंग को कम करने हेतु कार्बन ब्रुशों को MNA की नई स्थिति तक आर्मेचर के घूमने की दिशा में घूम आना जरूरी है
  2. आर्मेचर रिएक्शन से मुख्य फील्ड कमजोर होता है अतः फील्ड वाइंडिंग की टर्न बढ़ाकर इस प्रभाव को कुछ सीमा तक कम किया जा सकता है
  3. जनरेटर के फील्ड ध्रुव की कोर पर चुंबकीय फ्लक्स के लिए रिलक्टेंस बढ़ाई जाती है
  4. मुख्य ध्रुव की कोर में ध्रुव के शू बढ़ा दिया जाता है इसे ध्रुवो की स्टैगरिंग कहते हैं
  5. अधिक किलो वाट के जेनेरेटरो में अधिक आउटपुट होता है जनरेटर की लोड धारा लगातार बदलती रहती है अतः आर्मेचर रिएक्शन के प्रभाव भी कम अधिक होता रहता है इस प्रकार के जनरेटर किए ध्रुव शू पर कंपनसेटिंग वाइंडिंग कर दी जाती है इस वाइंडिंग में धारा की दिशा आर्मेचर के चालकों की दिशा के विपरीत रखी जाती है तथा इसे आर्मेचर के श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है कंपाउंड जनरेटर में इसके कनेक्शन आर्मेचर तथा सीरीज फील्ड वाइंडिंग के मध्य किए जाते हैं आर्मेचर रिएक्शन पर नियंत्रण रखने हेतु यह एक उत्तम विधि है

इन्हें भी पढ़े

ITI Electrician Basic Electricity Important Short Questions

Boost your exam preparation with our comprehensive guide to ITI Electrician Basic Electricity short questions. Master essential concepts like Ohm’s Law, circuits, and electrical safety with expert-curated Q&A designed for NCVT/SCVT success. Perfect for quick revision and acing your technical interviews!

ITI Electrician Basic Electricity Important Short Questions

  • प्रश्न – धनावेशित वस्तु में है
  • उत्तर:- इलेक्ट्रॉनों की कमी
  • प्रश्न – दो समरूप धातु के गोले को क्रमशः +q तथा -q आवेश दिए गए हैं तो
  • उत्तर – धन आवेशित गोले का द्रव्यमान ऋणावेशित से कम होगा
  • प्रश्न – एक कूलाम आवेश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या है
  • उत्तर -1.6 x 10-19C
  • प्रश्न – निर्वात की विद्युतशीलता का एस आई मात्रक है
  • उत्तर -कूलाम2/न्यूटन मीटर2
  • प्रश्न – कुछ दूरी पर रखे दो बिंदु आवेशों को वायु के स्थान पर केरोसिन तेल में रख दें तो उन बिंदु आवेशों के बीच बल –
  • उत्तर -घटेगा
  • प्रश्न – विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है –
  • उत्तर -न्यूटन /कूलाम
  • प्रश्न – विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है –
  • उत्तर -वोल्ट /मीटर
  • प्रश्न – विद्युत क्षेत्र E¯ में P¯­­ आघूर्ण वाले द्विध्रुव पर लगने वाला बल आघूर्ण है –
  • उत्तर -P¯ x E¯
  • प्रश्न – विद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण एक वेक्टर होता है जिसकी दिशा होती है –
  • उत्तर -ऋण से धन आवेश की ओर
  • प्रश्न – दो चालक समान रुप तथा आकार के हैं परंतु उनमें एक तांबे का दूसरा एलमुनियम (जो कम चालक) का है दोनों को समान विद्युत क्षेत्र में रखा गया है एलुमिनियम में प्रेरित आवेश का परिणाम होगा –
  • उत्तर -तांबे के समान
  • प्रश्न – विद्युत रूप से उदासीन एक चालक गोले पर विचार करें एक धनात्मक बिंदु आवेश गोले के बाहर रखा जाता है तब गोले पर कुल आवेश है –
  • उत्तर -शुन्य
  • प्रश्न – ABC एक समबाहु त्रिभुज के प्रत्येक शीर्ष पर +q आवेश रखा गया है त्रिभुज के केंद्र पर विद्युत तीव्रता है –
  • उत्तर -शुन्य
  • प्रश्न – R1 व R2 दो त्रिज्याओं के दो चालक गोले के पृष्ठ पर आवेशों के पृष्ठ घनत्व बराबर है पृष्ठों पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रताओं का अनुपात है –
  • उत्तर -1:1
  • प्रश्न – आवेश का एक खोखला गोला विद्युत क्षेत्र उत्पन्न नहीं करता –
  • उत्तर -किसी आंतरिक बिंदु पर
  • प्रश्न – एक आवेशित गोलीय चालक के विद्युत क्षेत्र –
  • उत्तर -गोले के भीतर शुन्य होता है तथा गोले के बाहर दूरी के वर्ग के साथ कम होता जाता है
  • प्रश्न – यदि एक बंद पृष्ठ से गुजरने वाला नेट विद्युत फ्लक्स शुन्य है तब –
  • उत्तर -पृष्ठ के भीतर नेट आवेश शुन्य है
  • प्रश्न – यदि एक बंद पृष्ठ से गुजरने वाला नेट विद्युत फ्लक्स 0 है तब –
  • उत्तर -पृष्ठ में प्रवेश करने वाली विद्युत बल रेखाओं की संख्या पृष्ठ से बाहर निकलने वाली बल रेखाओं के बराबर है
  • प्रश्न – किसी बिंदु आवेश पर यदि विद्युत बल रेखाएं आकर मिलती है तो इस बिंदु पर आवेश की प्रकृति क्या होगी –
  • उत्तर -ऋणात्मक
  • प्रश्न – निर्वात की विद्युतशीलता (εo) तथा किसी परावैद्युत माध्यम की विद्युतशीलता (ε) में क्या संबंध है –
  • उत्तर -ε=εok
  • प्रश्न – विद्युत बल रेखाएं परस्पर कभी नहीं काटती क्यों –
  • उत्तर -यदि काटेंगे तो कटान बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दो दिशाएं होंगी जोकि असंभव है
  • प्रश्न – विद्युत बल रेखा के अनुदिश वैद्युत विभव बढ़ता है अथवा घटता है –
  • उत्तर -घटता है
  • प्रश्न – विद्युत क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन उच्च विभव की ओर गति करेगा अथवा निम्न विभव की ओर तथा प्रोटॉन –
  • उत्तर -इलेक्ट्रान उच्च विभव की ओर तथा प्रोटान निम्न विभव की ओर
  • प्रश्न – आवेश के esu, emu तथा कूलाम मात्रकों में संबंध लिखिए –
  • उत्तर -1 कूलाम = 10-1emu = 3 x 109esu
  • प्रश्न – दो आवेशित कणों के बीच की दूरी आधी करने पर उनके बीच बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा –
  • उत्तर -बल 4 गुना कम हो जाएगा
  • प्रश्न – कोई आवेशित कण एक समान विद्युत क्षेत्र में क्षेत्र के लंबवत प्रवेश करता है कण का पथ क्या होगा –
  • उत्तर -परवलयाकार
  • प्रश्न – सूत्र E= 1/4πε q/r2 द्वारा ε का मात्रक होगा
  • उत्तर -कूलाम2/न्यूटन मीटर2
  • प्रश्न – दो 1 कूलम्ब धन आवेश एक दूसरे से 1 मीटर की दूरी पर स्थित है उनके ठीक मध्य में परिणामी विद्युत क्षेत्र का मान होगा –
  • उत्तर -शुन्य
  • प्रश्न – विद्युत फ्लक्स तथा विद्युत क्षेत्र में संबंध है –
  • उत्तरE = EA
  • प्रश्न – स्थिर वैद्युतकी में गौस प्रमेय का गणितीय सूत्र है –
  • उत्तरE = q/εo
  • प्रश्न – बिंदु आवेश तथा रेखीय आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र दूरी के साथ कैसे परिवर्तित होते हैं –
  • उत्तर -E∝1/r2
  • प्रश्न – किसी चालक को पृथ्वी से संबंधित करने पर उसका विभव हो जाता है –
  • उत्तर -शुन्य
  • प्रश्न – बंद परिपथ की सीमा के अनुदिश विद्युत क्षेत्र का रेखीय समाकलन होता है –
  • उत्तर -शुन्य विभव प्रवणता की बीमा होती है
  • प्रश्न – विद्युत प्रवणता की विमा होती है –
  • उत्तर -MLT3A-1
  • प्रश्न – क्या दो समविभव पृष्ठ आपस में काट सकते हैं –
  • उत्तर -नहीं
  • प्रश्न – किसी समविभावी पृष्ठ के दो बिंदुओं के बीच 500μC आवेश को गति कराने में कितना कार्य किया जाता है –
  • उत्तर -शुन्य
  • प्रश्न – एक प्रोटोन को दूसरे प्रोटॉन की ओर लाने पर निकाय के विद्युत स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होता है –
  • उत्तर -बढ़ती है
  • प्रश्न – एक आवेशित छड़ के निकट एक अनआवेशित धातु की छड़ रखने पर प्रथम छड़ के विभव पर क्या प्रभाव पड़ेगा –
  • उत्तर -विभव घट जाएगा
  • प्रश्न – यदि आवेशित समानांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों को परस्पर निकट लाया जाए तो उनके विभवांतर पर क्या प्रभाव पड़ेगा –
  • उत्तर -विभांतर बढ़ जाएगा
  • प्रश्न – किसी आवेशित संधारित पर परिणामी आवेश कितना होता है –
  • उत्तर -0
  • प्रश्न – एक आवेशित संधारित एवं विद्युत सेल के मूल अंतर क्या है –
  • उत्तर -सेल से ली गई धारा नियत होती है
  • प्रश्न – एक चालक पर कोई आवेश नहीं होता इसकी धारिता क्या है –
  • उत्तर -0
  • प्रश्न – किसी संधारित को एक सीमा से अधिक आवेश देना संभव क्यों नहीं है क्योंकि –
  • उत्तर -प्लेटों के बीच विभवांतर बढ़ जाएगा
  • प्रश्न – ऐसा कौन सा चालक है जिसे असीमित आवेशित किया जा सकता है –
  • उत्तर -पृथ्वी
  • प्रश्न – पृथ्वी के विद्युत विभव को शून्य माना जाता है –
  • उत्तर -पृथ्वी की धारिता अनंत होने के कारण
  • प्रश्न – परावैद्युत पदार्थ है –
  • उत्तर -अभ्रक मोम कांच

NCVT MIS ITI Result 2022 हिंदी में ncvtmis.gov.in

आईटीआई परिणाम 2022 अब पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी सेमेस्टर परीक्षा के लिए परिणाम एनसीवीटी मिस आईटीआई 2021-2022 प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष वेबसाइट का सीधा लिंक @ ncvtmis.gov.in आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है

NCVT MIS ITI Result 2022 in Hindi

आईटीआई रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें:-

सबसे पहले आपको राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की आधिकारिक वेबसाइट ncvtmis.gov.in पर लॉग इन करना होगा, उसके बाद आप सत्यापन (वेरिफिकेशन)मेनू पर जाकर मार्कशीट सत्यापन (Verification)का चयन करेंगे, उसके बाद आप अपना रोल नंबर दर्ज करेंगे या पंजीकरण संख्या, अपनी परीक्षा पद्धति चुनें, चाहे वह परीक्षा प्रथम वर्ष की हो या द्वितीय वर्ष या सेमेस्टर वार यदि आपकी परीक्षा सेमेस्टर वार है तो आप सेमेस्टर का चयन करेंगे जिसमें आपको पहले सेमेस्टर दूसरे सेमेस्टर तीसरे का विकल्प मिलेगा सेमेस्टर चौथा सेमेस्टर उसके बाद आप सर्च पर क्लिक करें|

एनसीवीटी एमआईएस आईटीआई Result 2022 (रिलीज) डाउनलोड: –

एनसीवीटी एमआईएस आईटीआई सीबीटी परिणाम 2022 अब एनसीवीटी एमआईएस कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। यदि आप एनसीवीटी आईटीआई सीबीटी परीक्षा की मार्कशीट का इंतजार कर रहे हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और सभी एमआईएस परीक्षा के लिए इस पेज पर Result का पूरा लेख पढ़ें।

NCVT MIS आईटीआई परिणाम पर विवरण: –

Exam OrganizationNCVT MIS
Exam Conduct byMinistry of skill Development and Entrepreneurship
Result Out DateFeb 2022
Download ResultClick Here
Examination ModeCBT (Computer Based Test)
Exam TypeYearly / Semester Wise
Official SiteClick Here

रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें पूरी जानकारी

यदि आप आईटीआई इलेक्ट्रीशियन, फिटर और किसी अन्य आईटीआई परीक्षा के उम्मीदवार हैं तो आपको बड़ी समस्या है कि रिजल्ट या अंकपत्र कैसे डाउनलोड करें, तो अब आपको परिणाम डाउनलोड करने में कोई समस्या नहीं होगी, हम आपको इसे सबसे आसान तरीके से समझाएंगे। इस चरण का पालन करें|

  • अपना ब्राउज़र खोलें
  • एनसीवीटी एमआईएस के ऊपर दिए गए लिंक को खोलें
  • फिर आप मेन्यू ऑप्शन में जाएं
  • फिर प्रशिक्षु अनुभाग (ट्रेनी सेक्शन) चुनें
  • और ट्रेनी मार्कशीट चुनें
  • अब आपके सामने एक फिल अप फॉर्म खुलेगा
  • अपना पंजीकरण नंबर भरें (आपके आईटीआई कोलाज ने आपको एक पंजीकरण संख्या दी है)
  • और सर्च बटन पर क्लिक करें
  • परिणाम डाउनलोड करें और अंत में अपना सीबीटी आईटीआई परिणाम 2022 प्रिंट करें

राज्यवार आईटीआई परिणाम डाउनलोड

StateLink
आंध्र प्रदेशClick Here
अरुणाचल प्रदेशClick Here
असमClick Here
बिहारClick Here
छत्तीसगढClick Here
गुजरातClick Here
हिमाचल प्रदेशClick Here
हरियाणाClick Here
गोवाClick Here
जम्मू कश्मीरClick Here
झारखंडClick Here
कर्नाटकClick Here
केरलClick Here
मध्य प्रदेशClick Here
महाराष्ट्रClick Here
मणिपुरClick Here
मेघालयClick Here
मिजोरमClick Here
नागालैंडClick Here
उड़ीसाClick Here
पंजाबClick Here
राजस्थानClick Here
सिक्किमClick Here
तमिलनाडुClick Here
तेलंगानाClick Here
त्रिपुराClick Here
उत्तर प्रदेशClick Here
उत्तराखंडClick Here
पश्चिम बंगालClick Here

परिणाम पर उपलब्ध विवरण (मार्कशीट 2022)

  • प्रशिक्षु का नाम
  • आपका ट्रेड
  • आपका पंजीकरण संख्या
  • जन्मतिथि
  • आपकी परीक्षा योग्यता वर्ष
  • परीक्षा मोड (सेमेस्टर और वार्षिक)
  • आपका आईटीआई संस्थान का नाम (आपने अपना प्रशिक्षण कहाँ से प्राप्त किया)
  • सीबीटी परीक्षा वर्ष
  • आपका रोल नंबर
  • आपकी जाति श्रेणी

आपके आईटीआई परिणाम से जुड़े प्रश्न

वैसे सभी छात्रों का रिजल्ट सही समय पर आ जाता है यदि किसी कारणवश अगर किसी भी छात्र को रिजल्ट (मार्कशीट) डाउनलोड करने में कोई दिक्कत आती है तो वह अपने कॉलेज से संपर्क कर सकता है. या किसी अन्य प्रश्न के लिए एनसीवीटी एमआईएस के आधिकारिक ईमेल “support.dget@wipro.com” पर मेल भी कर सकते हैं।

आईटीआई का रिजल्ट कब जारी किया जाएगा?

जैसा कि एनसीवीटीएमआईएस ने अपने आधिकारिक नोटिस में बताया है कि आपका जो आईटीआई का परिणाम है वह 27 अगस्त 2022 को एनसीवीटी एमआईएस के अधिकारी वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा

आईटीआई का रिजल्ट हम कैसे डाउनलोड कर सकते हैं?

अपना ब्राउज़र खोलें, एनसीवीटी एमआईएस के आधिकारिक लिंक को खोलें, फिर आप मेन्यू ऑप्शन में जाएं, फिर प्रशिक्षु अनुभाग (ट्रेनी सेक्शन) चुनें, और ट्रेनी मार्कशीट चुनें, अब आपके सामने एक फिल अप फॉर्म खुलेगा, अपना पंजीकरण नंबर भरें (आपके आईटीआई कोलाज ने आपको एक पंजीकरण संख्या दी है), और सर्च बटन पर क्लिक करें, परिणाम डाउनलोड करें और अंत में अपना सीबीटी आईटीआई परिणाम 2022 प्रिंट करें|